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देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में सुरक्षा सबसे तगड़ी, वैष्‍णव और योगी दिखाएंगे झंडी

देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस में सुरक्षा सबसे तगड़ी, वैष्‍णव और योगी दिखाएंगे झंडी
Oct 31, 2026, 06:42 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा सबसे बडी चिंता रही है. इसे रेलवे ने दूर करते हुए जिस ट्रेन की संकल्‍पना को पटर‍ियों पर उतारा है वह वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस है. शनिवार की शाम बनारस स्टेशन से इसे हरी झंडी दिखाई जाएगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम साढ़े तीन बजे वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के साथ प्रयागराज रामबाग-बनारस मेमू और वाराणसी सिटी-राजातालाब मेमू को रवाना करेंगे. बताते चलें क‍ि देश की पहली स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस गुवाहाटी (कामाख्या) से हावड़ा (कोलकाता) के बीच 17 जनवरी 2026 को शुरू की गई थी. रेलमंत्री हरी झंडी दिखाने के लिए वाराणसी प्रस्‍थान कर चुके हैं.


ट्रेन का समय और ठहराव


वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस (27421) रात 8.50 बजे वाराणसी जंक्शन से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचेगी. इसका संचालन शुक्रवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन किया जाएगा. यह ट्रेन नई दिल्ली से (27422) से रात रात 9:40 बजे चलेगी और अगली सुबह 7:10 बजे वाराणसी जंक्शन रेलवे स्टेशन पहुंचेगी. यह ट्रेन प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद स्टेशनों पर रुकेगी.


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ट्रेन में मनमानी पर भी नकेल


स्‍लीपर वंदे भारत ट्रेन की गत‍ि 180 किमी प्रति घंटे की गत‍ि के ल‍िए डिजाइन की गई है. इसका ट्रायल पहले ही हो चुका है और ट्रेन को अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के अनुसार तैयार किया गया है. यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी कोचों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. अब चोर उचक्‍कों की इंट्री होगी तो उनकी तस्‍वीर भी होगी, ट्रेन में दूसरे की सीट कब्‍जा करने सह‍ित छेड़खानी और बवाल की सूरत में सीसीटीवी की फुटेज अपराध पर लगाम भी लगाएगी.


इस पूरी ट्रेन में 11 थर्ड एसी, 4 सेकंड एसी और 1 फर्स्ट एसी कोच हैं, जनरल बोगी इसमें नहीं है. जबक‍ि ट्रेन में एक बार में लगभग 823 यात्री यात्रा कर सकेंगे. ट्रेन में नई तकनीक वाला सस्पेंशन लगाया गया है, जिससे यात्रा के दौरान झटके और शोर कम करने में मदद मिलेगी. इस ट्रेन के दरवाजे अपने आप खुलेंगे और अपने आप ही बंद होंगे. किसी आपात स्थिति में यात्री ट्रेन के कर्मचारियों से सीधे संपर्क कर सकेंगे. इसके लिए विशेष इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम दिया गया है.


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सुरक्षा के ल‍िहाज से ट्रेन में कवच प्रणाली लगाई गई है, जो ट्रेन की सुरक्षित आवाजाही में मदद करती है. आग का पता लगाने और उसे बुझाने के लिए विशेष प्रणाली लगाई गई है. किसी आपात स्थिति में यात्री ट्रेन मैनेजर या लोको पायलट से संपर्क कर सकेंगे. दिव्यांग यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है. लोको पायलट के लिए आधुनिक नियंत्रण उपकरण और सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध हैं.


13 सदस्यीय क्रू में सात महिलाएं


देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत कई मायनों में खास होने जा रही है. इस बार ट्रेन के संचालन और यात्रियों की सेवा की जिम्मेदारी संभालने वाले 13 सदस्यीय क्रू में सात महिलाएं शामिल होंगी. खास बात यह है कि पहली बार महिला गार्ड देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगी.

इसके अलावा ट्रेन में तैनात टीटीई स्टाफ में पांच महिलाएं होंगी. वहीं, महिला सहायक लोको पायलट श्रीनी श्रीवास्तव और गार्ड की जिम्मेदारी ज्योति संभालेंगी. इस तरह आधुनिक रेल सेवा के साथ रेलवे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भी देखने को मिलेगी. हालांकि, मुख्य लोको पायलट की जिम्मेदारी 50 वर्षीय हरिशंकर यादव संभालेंगे. वह मूल रूप से जौनपुर के रहने वाले हैं. उनके साथ महिला सहायक लोको पायलट ट्रेन को निर्धारित मार्ग पर संचालित करने में सहयोग करेंगी.


तीन क्लास और उनका किराया भी अलग-अलग होगा


थर्ड एसी (3AC)- कुल 11 कोच (क्षमता 611), किराया 1,819.20 रुपये.

सेकंड एसी (2AC)- कुल 4 कोच (क्षमता 188), किराया 2,349.80 रुपये

फर्स्ट एसी (1AC)- कुल 1 कोच (क्षमता 24), किराया 2,880.40 रुपये

इन टिकटों के किराए पर जीएसटी (GST) का भुगतान अलग से देना होगा. यात्रियों को लंबी यात्रा के दौरान थकान न हो, इसके लिए कोचों में बेहतर कुशन वाली आरामदायक बर्थ और आधुनिक सस्पेंशन प्रणाली लगाई गई है, जिससे झटके और शोर न्यूनतम स्तर पर रहते हैं.

कुर्सी पर बैठकर नहीं चलेगी पुलिसिंग, हर मोर्चे पर देनी होगी जवाबदेही...
कुर्सी पर बैठकर नहीं चलेगी पुलिसिंग, हर मोर्चे पर देनी होगी जवाबदेही...
वाराणसी : पुलिस कमिश्नरेट में पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने और कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मातहतों की चुडी कसी है. राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक में जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण, रात्रि गश्त, यातायात व्यवस्था और लंबित विवेचनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए गए. कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वालों पैदल कर दिए जाएंगे.जनता की शिकायतों पर लापरवाही बर्दाश्त नहींपुलिस कमिश्नर ने जनसुनवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय पर कार्यालयों में उपस्थित रहने और फरियादियों की शिकायतें गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुनने के निर्देश दिए. आईजीआरएस, मुख्यमंत्री संदर्भ, पीजी पोर्टल और अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के साथ शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने पर भी जोर दिया गया.हर थाने से 25 प्रतिशत पुलिस बल रात में निकलेगा गश्त परअपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस कमिश्नर ने महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक थाने में उपलब्ध पुलिस बल का न्यूनतम 25 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से रात्रि गश्त पर निकलेगा. शाम के समय प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया.चेन स्नेचिंग, छेड़खानी और चोरी पर विशेष नजरजीरो टॉलरेंस अगेंस्ट क्राइम की नीति के तहत चेन स्नेचिंग, छेड़खानी, चोरी और नकबजनी जैसी घटनाओं में त्वरित विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए. आदतन और सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने तथा अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने को कहा गया.जाम और अतिक्रमण पर भी पुलिस का फोकसशहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात पुलिस एवं थाना पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए. यातायात बाधित करने वाले अवैध अतिक्रमण के खिलाफ संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्रवाई करने को कहा गया.ALSO READ : हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जताया शोक, धाम की मर्यादा रक्षा के लिए कड़े कदमों की मांग60 और 90 दिनों में निपटानी होंगी लंबित विवेचनाएंलंबित मामलों की समीक्षा करते हुए पुलिस कमिश्नर ने विवेचनाओं का निर्धारित 60 एवं 90 दिनों की समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. साक्ष्य संकलन और कानूनी औपचारिकताओं में अनावश्यक देरी नहीं करने तथा विवेचकों के कामकाज की नियमित मॉनिटरिंग करने पर भी जोर दिया गया.बैठक में भूमि विवादों और स्थानीय संवेदनशील मामलों में समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई करने तथा यक्ष एप पर दर्ज बीट सूचनाओं के विश्लेषण के आधार पर संभावित विवादों की पहचान करने के निर्देश भी दिए गए.
हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जताया शोक, धाम की मर्यादा रक्षा के लिए कड़े कदमों की मांग
हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जताया शोक, धाम की मर्यादा रक्षा के लिए कड़े कदमों की मांग
वाराणसी: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बदरीनाथ धाम के दर्शन कर लौट रहे कर्नाटक के छह श्रद्धालुओं की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई मृत्यु पर दुःख और संवेदना व्यक्त की है. मौसम की खराबी अथवा तकनीकी खामी के कारण हुए इस भीषण हादसे से उनका मन अत्यंत व्यथित और विचलित है. उन्‍होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों को इस अपार दुःख को सहने के लिए संबल प्रदान करने की कामना की है.तीर्थक्षेत्र की पवित्रता और सांस्कृतिक मर्यादा पर जोरबदरीनाथ धाम की प्राचीन परंपरा, उसकी पवित्रता और आध्यात्मिक मर्यादा को हर हाल में बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि धाम परिसर एवं पवित्र यात्रा मार्ग पर अनधिकृत मानवीय गतिविधियां, जैसे डीजे बजाना, नाच-गाना और अन्य मनोरंजन या कमर्शियल कार्यक्रमों का आयोजन करना इस महान तीर्थ स्थल की गरिमा के सर्वथा विपरीत है. सनातन धर्मशास्त्रों और लोक आस्था के अनुसार, देवभूमि में धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन करने से दैवीय शक्तियों का असंतोष और प्रकोप उत्पन्न होता है. इसलिए, यह अत्यंत आवश्यक है कि चारधाम की मौलिक, पवित्र और आध्यात्मिक प्रकृति को सुरक्षित रखा जाए ताकि इसकी गरिमा पर कोई आंच न आए.उत्तराखंड सरकार और प्रशासन के समक्ष रखी प्रमुख मांगेंइस दुखद घटना और धाम की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए, उन्‍होंने उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री से तत्काल प्रभाव से निम्नलिखित गंभीर बिंदुओं पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है:उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच: बदरीनाथ क्षेत्र में हुई इस हेलीकॉप्टर दुर्घटना के पीछे की वास्तविक वजहों—चाहे वह कोई तकनीकी खामी रही हो, मौसम की अनदेखी हो या फिर व्यावसायिक आपाधापी—की गहन और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके.सख्त उड्डयन नीतियां: भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए विमानन और उड्डयन सुरक्षा मानकों को बेहद कड़ा किया जाए ताकि श्रद्धालुओं की जान सुरक्षित रह सके.अमर्यादित गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध: धाम क्षेत्र और यात्रा मार्ग पर धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रकार के डीजे, संगीत, नाच-गाना या व्यावसायिक आयोजनों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए स्पष्ट और कठोर नीतियां बनाई जाएं.ALSO READ : वाराणसी में प्रेक्षक के खिलाफ प्रदर्शन से भाजपा ने झाड़ा पल्ला, मतगणना पर जताया संतोषइस पूरे घटनाक्रम और शंकराचार्य जी के संदेश की जानकारी देते हुए उनके मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि देवभूमि की पवित्रता की रक्षा और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है.
वाराणसी में प्रेक्षक के खिलाफ प्रदर्शन से भाजपा ने झाड़ा पल्ला, मतगणना पर जताया संतोष
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वाराणसी : विधान परिषद की वाराणसी खंड स्नातक सीट की मतगणना के दौरान चुनाव आयोग के प्रेक्षक प्रांजल यादव के खिलाफ हुए हंगामे से भाजपा ने असहमति जताई है. पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने कहा कि विरोध प्रदर्शन पार्टी की गाइडलाइन के अनुरूप नहीं था. भाजपा मतगणना की पूरी प्रक्रिया से संतुष्ट है.काशी क्षेत्र अध्‍यक्ष अशोक चौरसिया ने कहा कि मौके पर कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन क्यों किया, इसकी जानकारी नहीं है. पार्टी इस प्रदर्शन से सहमत नहीं है. उन्होंने कहा कि आयोग ने सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना कराई. ऐसे में गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं थी.ALSO READ :नमो ब्रिज के नाम से जाना जाएगा काशी में बनने वाला सिग्नेचर ब्रिज, रेल मंत्री ने किया एलानबतादें कि वाराणसी खंड स्नातक सीट की मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह और उनके समर्थकों ने मंडी समिति परिसर में हंगामा किया था. उन्होंने प्रेक्षक प्रांजल यादव पर मतगणना में धांधली कराने का आरोप लगाया था. जबकि प्रांजल यादव शिक्षक सीट के पर्यवेक्षक थे.