प्रदेश के लाखों शिक्षकों को मिलने लगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा, मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ...

वाराणसी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी से प्रदेश के शिक्षकों व उनके परिजनों को मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना का उपहार दिया. पंडित दीनदयाल हस्तकला संकुल बड़ालालपुर में सुबह 10 बजे से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इसकी शुरूआत की. मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के लागू होने के साथ ही प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों और उनके परिवारों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी. योजना में नियमित शिक्षकों के साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के पात्र कार्मिकों को भी शामिल किया गया है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कैशलेस चिकित्सा संबंधित प्रतीकात्मक कार्ड भी 25 लोगों को सौंपा.

सीएम योगी ने योजना का शुभारंभ करने के साथ ही माध्यममिक शिक्षा और बेसिक शिक्षा के सभी शिक्षकों और बच्चों को हृदय से बधाई दी. कहा कि तीन योजनाएं हैं, कैशलेस चिकित्सा, डिबीटी, सामाजिक सुरक्षा की गारंटी. आपने मांगा नहीं लेकिन आपने स्वास्थ्य की चिंता हमें है. इसमें 12 लाख शिक्षक लाभान्वित हो रहे हैं, सबको बधाई देते हुए आपका अभिनंदन भी करता हूं. बेसिक शिक्षा परिषद के बच्चों को जो धनराशि हस्तांतरित की जा रही है प्रत्येक छात्र 1200 रुपये दिया जा रहा है. हमारा दायित्व है कि विद्यालय अच्छा हो, स्वच्छ हो, आंतरिक अनुशासन बनाए. छात्र पूरी यूनिफॉर्म में आएं, इसके लिए अभिभावकों से बात करें. सीएम ने कहा कि कल बारिश हुई तो बच्चे उसी में नहा रहे थे, अभिभावकों को उन्हें समझाना चाहिए, बच्चे अबोध हैं. आज 1320 करोड़ रुपये भेजे गए. नागरिक के अलावा शिक्षकों का दायित्व है कि हर बच्चे को स्कूल पहुंचाएं. निपुण भारत के तहत हर बच्चे योग्य बनाए जाएं, ये पीएम मोदी का विजन है.

सीएम ने कहा कि आज एक एमओयू स्टेट बैंक के साथ किया. इसमें सामाजिक सुरक्षा कि गारंटी है, अस्थायी शिक्षक जिनका वेतन 10,000 है को 10 लाख का रिस्क कवर दिया जा रहा है. इसमें पढ़ाई, विवाह, एक्सीडेंटल, फिजिकल डैमेज क्लेम कवर होगा. पहले लोग मानते थे कि शिक्षक अमर हो गया है, ऐसी सुविधा देश में सबसे पहले यूपी में लागू हो रही है. कैशलेस सुविधा के बदले में सरकार आपसे कुछ नहीं चाहती, सिर्फ एक चीज मांगती है कि बच्चों कि पढ़ाई पर ध्यान दें. स्कूल में स्वछता, पढ़ाई, और बच्चों के विकास पर काम हो। अरुणाचल प्रदेश में हर व्यक्ति हिंदी बोलता है, वहां के सांसद ने बताया कि जितने शिक्षक हमारे यहां हैं सब यूपी से हैं. एमपी में भी भारी संख्या में लोग यूपी से हैं.
अब यूपी के लोग पहचान के संकट से नहीं गुजरते
सीएम योगी ने कहा कि यूपी बीमारू राज्य, आठ साल पहले लोग बाहर राज्यों में भटकते थे. आज ऐसा नहीं है, आज लोग पहचान के संकट से नहीं गुजरते। शिक्षा के उन्नयन हुआ तो प्रदेश के विकास ने रफ्तार पकड़ ली. पहले माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परिक्षा तीन महीना चलती थी जिसका कोई मतलब नहीं था, मैं शिक्षकों को धन्यवाद दूंगा, जिनकी बदौलत आज 15 दिन में परीक्षा हो ही रही है, परिणाम भी घोषित हो रहे हैं.
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1.10 करोड़ बच्चों के अभिभावकों के खाते में हस्तांतरित की गई धनराशि
इस कार्यक्रम में प्रदेश के लगभग 1.10 करोड़ बच्चों के अभिभावकों के बैंक खातों में यूनिफॉर्म, जूते, मोजे, स्वेटर, स्टेशनरी आदि के लिए 1200 रुपये डीबीटी के माध्यम से धनराशि भी हस्तांतरित की गई. कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा विभाग (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा विभाग (स्वतंत्र प्रभार) की मंत्री गुलाब देवी उपस्थित रहीं. कार्यक्रम में 10 लाख शिक्षकों व संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. इससे पात्र कार्मिकों को अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाएगी. मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ व हरित विद्यालयों के 12 प्रधानाचार्यों को सम्मानित भी किया.



