Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

महाशिवरात्रि - नवग्रहों की मौजूदगी में शिव-पार्वती का विवाहोत्‍सव, विशेष काष्ठपीठिका पर बाबा का आसन

महाशिवरात्रि - नवग्रहों की मौजूदगी में शिव-पार्वती का विवाहोत्‍सव, विशेष काष्ठपीठिका पर बाबा का आसन
Feb 11, 2026, 08:57 AM
|
Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : काशी पुराधिपति महादेव भगवान शिव के विवाहोत्सव की तैयारियां जोरशोर से चल रही है. इस अवसर का साक्षी नवग्रह भी बनेंगे. इस बार बाबा विश्वनाथ नौग्रहों के प्रतिनिधि काष्ठ सहित कुल 11 प्रकार काष्ठ से निर्मित काष्ठपीठिका पर बैठकर मां गौरा संग ब्याह रचाएंगे. पूर्व महंत आवास पर होने वाले इस अनूठे आयोजन के लोकाचारों की श्रृंखला हल्दी के साथ 13 फरवरी शुक्रवार से आरंभ होगी. बाबा को हल्दी भी इसी काष्ठपीठिका पर लगाई जाएगी. इस बार नासिक से खास हल्‍दी आई है.


पवित्र वृक्षों व वनस्पतियों की लकड़ियों की पीढ़ा


बाबा विश्वनाथ व मां गौरा के लिए इस विशेष काष्ठपीठिका (पीढ़ा) का निर्माण नवग्रहों से संबंधित पवित्र वृक्षों व वनस्पतियों की लकड़ियों से किया गया है. धार्मिक मान्यता है कि इन काष्ठों का प्रयोग ग्रहदोष शांति, सकारात्मक ऊर्जा और लोककल्याण का प्रतीक होता है।इनमें सूर्य के लिए अर्क (मदार), चंद्र के लिए पलाश (ढाक), मंगल के लिए खदिर (खैर), बुध के लिए अपामार्ग (लटजीरा), गुरु के लिए पीपल, शुक्र के लिए औदुंबर (गूलर), शनि के लिए शमी, राहु के लिए दुर्वा और केतु के लिए कुशा का चयन किया गया है. इसके साथ ही अक्षोड (अखरोट) और शाक (सागवान) की लकड़ी को सम्मिलित कर कुल 11 प्रकार के पावन काष्ठों से यह काष्ठपट्ट तैयार किया गया है.

पूर्व महंत डा. कुलपति तिवारी के सुपुत्र पं. वाचस्पति तिवारी ने बताया कि काशी की परंपरा में बाबा विश्वनाथ के प्रत्येक लोकाचार में शास्त्र, प्रकृति और लोकजीवन का गहरा अंतरसंबंध दिखाई देता है. इसी भाव के साथ इस वर्ष विशेष काष्ठपीठिका का निर्माण नौ ग्रहों से संबंधित पवित्र वृक्षों और वनस्पतियों की लकड़ियों से किया गया है. धार्मिक मान्यता है कि इन काष्ठों का प्रयोग ग्रहदोष शांति, सकारात्मक ऊर्जा और लोककल्याण का प्रतीक होता है.


देशभर के शिवभक्तों की श्रद्धा से सजी काष्ठपीठिका


पं. वाचस्पति तिवारी ने बताया इस विशेष काष्ठपट्ट के निर्माण में केवल काशी ही नहीं, देश के विभिन्न हिस्सों की आस्था भी जुड़ी है. उत्तर प्रदेश के साथ-साथ राजस्थान, कश्मीर, उत्तराखंड, बिहार और असम से इन पवित्र लकड़ियों को एकत्र किया गया. शिवभक्तों ने श्रद्धा भाव से इन लकड़ियों को महंत आवास तक पहुंचाया, जिसके बाद पारंपरिक विधि से काष्ठपीठिका का निर्माण कराया गया.

पूर्व महंत आवास पर इसे धार्मिक मर्यादाओं और लोकाचार के अनुरूप अंतिम रूप दिया जा रहा है. इसमें किसी प्रकार की आधुनिक सजावट के बजाय शास्त्रीय परंपराओं और काशी की लोकसंस्कृति का विशेष ध्यान रखा गया है.

वाराणसी - काशी पुराधिपति महादेव भगवान शिव के विवाहोत्सव की तैयारियां जोरशोर से चल रही है. इस अवसर का साक्षी नवग्रह भी बनेंगे. इस बार बाबा विश्वनाथ नौग्रहों के प्रतिनिधि काष्ठ सहित कुल 11 प्रकार काष्ठ से निर्मित काष्ठपीठिका पर बैठकर मां गौरा संग ब्याह रचाएंगे. पूर्व महंत आवास पर होने वाले इस अनूठे आयोजन के लोकाचारों की श्रृंखला हल्दी के साथ 13 फरवरी शुक्रवार से आरंभ होगी. बाबा को हल्दी भी इसी काष्ठपीठिका पर लगाई जाएगी. इस बार नासिक से खास हल्‍दी आई है.


पवित्र वृक्षों व वनस्पतियों की लकड़ियों की पीढ़ा


बाबा विश्वनाथ व मां गौरा के लिए इस विशेष काष्ठपीठिका (पीढ़ा) का निर्माण नवग्रहों से संबंधित पवित्र वृक्षों व वनस्पतियों की लकड़ियों से किया गया है. धार्मिक मान्यता है कि इन काष्ठों का प्रयोग ग्रहदोष शांति, सकारात्मक ऊर्जा और लोककल्याण का प्रतीक होता है।इनमें सूर्य के लिए अर्क (मदार), चंद्र के लिए पलाश (ढाक), मंगल के लिए खदिर (खैर), बुध के लिए अपामार्ग (लटजीरा), गुरु के लिए पीपल, शुक्र के लिए औदुंबर (गूलर), शनि के लिए शमी, राहु के लिए दुर्वा और केतु के लिए कुशा का चयन किया गया है. इसके साथ ही अक्षोड (अखरोट) और शाक (सागवान) की लकड़ी को सम्मिलित कर कुल 11 प्रकार के पावन काष्ठों से यह काष्ठपट्ट तैयार किया गया है.

पूर्व महंत डा. कुलपति तिवारी के सुपुत्र पं. वाचस्पति तिवारी ने बताया कि काशी की परंपरा में बाबा विश्वनाथ के प्रत्येक लोकाचार में शास्त्र, प्रकृति और लोकजीवन का गहरा अंतरसंबंध दिखाई देता है. इसी भाव के साथ इस वर्ष विशेष काष्ठपीठिका का निर्माण नौ ग्रहों से संबंधित पवित्र वृक्षों और वनस्पतियों की लकड़ियों से किया गया है. धार्मिक मान्यता है कि इन काष्ठों का प्रयोग ग्रहदोष शांति, सकारात्मक ऊर्जा और लोककल्याण का प्रतीक होता है.


देशभर के शिवभक्तों की श्रद्धा से सजी काष्ठपीठिका


पं. वाचस्पति तिवारी ने बताया इस विशेष काष्ठपट्ट के निर्माण में केवल काशी ही नहीं, देश के विभिन्न हिस्सों की आस्था भी जुड़ी है. उत्तर प्रदेश के साथ-साथ राजस्थान, कश्मीर, उत्तराखंड, बिहार और असम से इन पवित्र लकड़ियों को एकत्र किया गया. शिवभक्तों ने श्रद्धा भाव से इन लकड़ियों को महंत आवास तक पहुंचाया, जिसके बाद पारंपरिक विधि से काष्ठपीठिका का निर्माण कराया गया.

ALSO READ:बीएचयू में पांच दिनी अंतर संकाय युवा महोत्‍सव, दो हजार से अधिक विद्यार्थी होंगे शामिल



पूर्व महंत आवास पर इसे धार्मिक मर्यादाओं और लोकाचार के अनुरूप अंतिम रूप दिया जा रहा है. इसमें किसी प्रकार की आधुनिक सजावट के बजाय शास्त्रीय परंपराओं और काशी की लोकसंस्कृति का विशेष ध्यान रखा गया है.

काशी में एयर शो को लेकर उत्साह, आठ पॉइंट पर स्वागत की तैयारी
काशी में एयर शो को लेकर उत्साह, आठ पॉइंट पर स्वागत की तैयारी
वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो को लेकर उत्साह का माहौल रहा। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए शहर में भाजपा की ओर से आठ पॉइंट बनाए गए। इन स्थानों पर पार्टी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रविंद्र जायसवाल, महापौर अशोक कुमार तिवारी और भाजपा नेता प्रदीप जायसवाल ने एयर शो को काशी के लिए गौरव का अवसर बताया।विधायक रविंद्र जायसवाल ने कहा कि पूरे काशी में अद्भुत रोमांच और उत्साह है। लोग छतों और चौराहों पर पहुंचकर प्रधानमंत्री का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक समय देश में हथियारों की कमी थी, लेकिन आज रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भारत आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर में रक्षा उपकरणों का निर्माण देश की सामरिक क्षमता और गौरव को दर्शाता है। उन्होंने विपक्ष की ओर से प्रचार-प्रसार को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी।महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री जब भी काशी आते हैं, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि उनका स्वागत-अभिनंदन करते हैं। उनके आगमन पर शहर में उत्साह रहता है और विकास कार्यों की सौगात मिलती है। उन्होंने एयर शो को काशी के लिए ऐसा आयोजन बताया, जिसकी पहले कल्पना करना भी मुश्किल था। महापौर ने अरविंद मिल के शुरू होने का भी जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से काशी में नई संभावनाएं सामने आ रही हैं।ALSO READ : एयर शो पास पर भाजपा विधायकों की तस्‍वीरों के मामले ने तूल पकड़ा, कोतवाली में तहरीर दीवहीं, भाजपा नेता प्रदीप अग्रहरी ने बताया कि प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए शहर में आठ पॉइंट बनाए गए हैं, जबकि नमो घाट पर भी व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने कहा कि एयर शो के जरिए काशीवासियों को भारतीय वायुसेना के शौर्य और पराक्रम को करीब से देखने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया।काशी में एयर शो को लेकर जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं में उत्साह दिखा। स्वागत स्थलों पर भाजपा के नेता और कार्यकर्ता प्रधानमंत्री के आगमन के इंतजार में मौजूद रहे।
एयर शो पास पर भाजपा विधायकों की तस्‍वीरों के मामले ने तूल पकड़ा, कोतवाली में तहरीर दी
एयर शो पास पर भाजपा विधायकों की तस्‍वीरों के मामले ने तूल पकड़ा, कोतवाली में तहरीर दी
वाराणसी : गंगा किनारे नमो घाट पर आयोजित भारतीय वायुसेना के एयर शो के लिए भाजपा विधायकों की तस्वीरों वाले पास जारी किए जाने का मामला तूल पकड़ने लगा है. इसे लेकर कांग्रेस ने भाजपा के जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध जताया है. शनिवार शाम महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने शहर कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी और संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि एयर शो जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के तहत पास जारी किए जाने की प्रक्रिया निर्धारित थी. इसके बावजूद भाजपा के विधायकों और नेताओं ने अपनी तस्वीरों वाले पास जारी किए. इन पासों पर घाटों के नाम भी अंकित किए गए, जिससे आम जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. कांग्रेस ने इन पासों को अनधिकृत बताते हुए भारतीय वायुसेना के नाम के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया.पास जारी करने की प्रक्रिया की जांच की मांगमहानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि भारतीय वायुसेना के एयर शो जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था और नियमों का पालन सर्वोपरि होना चाहिए. ऐसे आयोजन में जनप्रतिनिधियों की तस्वीरों वाले पास जारी किए जाने का मामला गंभीर है. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और स्पष्ट किया जाए कि पास किसने तैयार किए, किसके निर्देश पर उनका वितरण हुआ तथा क्या इन्हें सक्षम प्रशासनिक प्राधिकारी से अधिकृत कराया गया था.उन्होंने कहा कि यह मामला केवल पास पर तस्वीर लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक आयोजन की गरिमा, सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन से भी जुड़ा है. यदि जांच में नियमों के उल्लंघन या धोखाधड़ी की पुष्टि होती है तो संबंधित जनप्रतिनिधियों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए.जनप्रतिनिधियों के आचरण पर उठाए सवालराघवेंद्र चौबे ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी जनता की समस्याओं को उठाना, उनका समाधान कराना और क्षेत्र के विकास के लिए काम करना है. सार्वजनिक आयोजनों में अपनी तस्वीरों के माध्यम से राजनीतिक प्रचार करना उचित नहीं है. उन्होंने पुलिस प्रशासन से पासों के नमूनों, उनके वितरण और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की.ALSO READ : BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.शहर कोतवाली में दी गई तहरीर के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. हालांकि, मामले में पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज किए जाने अथवा आरोपों की पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है. इस दौरान पूर्व आईएएस प्रवीण प्रकाश, डॉ. राजेश गुप्ता, सतनाम सिंह, रमजान अली, अरुण सोनी, वकील अंसारी, संतोष चौरसिया, अब्दुल हमीद डोडे, अनिल पटेल, मिथुन सरकार, बदरे आलम, किशन यादव, शमशाद, गोपाल चौबे, मोहम्मद उज्जैर और रामजी गुप्ता सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे.
BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.
BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर छात्र आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। शनिवार को विश्वविद्यालय के कला संकाय लॉन में आयोजित छात्र महापंचायत में छात्रसंघ बहाली और लोकतांत्रिक छात्र अधिकारों को लेकर चर्चा हुई। महापंचायत में शामिल छात्र-छात्राओं ने सर्वसम्मति से 29 अक्टूबर को छात्र मार्च निकालने और इसके बाद अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया।छात्र महापंचायत में तय किया गया कि 29 अक्टूबर को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से छात्रसंघ भवन तक मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर धरना शुरू किया जाएगा। छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन को संगठित और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।महापंचायत में छात्रों ने कहा कि छात्रसंघ विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने और उनके अधिकारों की आवाज उठाने के लिए एक मंच मिलता है। छात्रों के मुताबिक, लंबे समय से विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग उठाई जा रही है। अब इस मांग को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।छात्रों ने विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों से 29 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उनका कहना है कि छात्र एकजुट होकर छात्रसंघ की बहाली की मांग को प्रभावी तरीके से उठा सकते हैं।ALSO READ : वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शवछात्र महापंचायत के इस फैसले के बाद बीएचयू में छात्रसंघ बहाली का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब 29 अक्टूबर को प्रस्तावित छात्र मार्च और उसके बाद शुरू होने वाले धरने पर सबकी नजर रहेगी।