Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

एनजीटी का बड़ा फैसला: बीएचयू में अवैध रुप से पेड़ों को काटने पर 2.65 करोड़ का मुआवजा वसूलनें को कहा

एनजीटी का बड़ा फैसला:
बीएचयू में अवैध रुप से पेड़ों को काटने पर 2.65 करोड़  का  मुआवजा वसूलनें को कहा
Jul 09, 2026, 03:58 PM
|
Posted By Diksha Mishra





वाराणसी: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बीएचयू परिसर में 33 पेड़ों जिसमें 7 चंदन के पेड़ भी शामिल हैं की अवैध कटाई के लिए विश्वविद्यालय से ₹2.65 करोड़ का पर्यावरणीय मुआवजा वसूलने और इस प्रक्रिया को तीन महीने के भीतर अंतिम रूप देने का निर्देश दिया है.

यह आदेश एनजीटी प्रधान पीठ नई दिल्ली के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य डॉ. अफरोज़ अहमद की पीठ ने 7 जुलाई 2026 को हुई सुनवाई के दौरान जारी किया.0आदेश कि कापी को 9 जुलाई को अपलोड किया गया.

एनजीटी, याचिकाकर्ता सौरभ तिवारी द्वारा दायर एक निष्पादन याचिका पर सुनवाई कर रही थी. जिसमें ट्रिब्यूनल के पिछले आदेश दिनांक 11 अगस्त 2025 के आदेश का पालन कराने की मांग की गई थी. अपने पिछले आदेश में एनजीटी ने पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि तय करने व उसकी वसूली 3 माह में करनें का आदेश पारित किया था. पिछले आदेश का पालन नहीं होनें पर विधि संकाय बीएचयू के पूर्व छात्र एवं अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने निष्पादन याचिका (अनुपालन याचिका ) एनजीटी के समक्ष इस वर्ष मार्च माह में दाखिल किया था.


परिसर में काटे गए थे 33 पेड़


यह पूरा मामला अधिवक्ता सौरभ तिवारी द्वारा दायर याचिका से शुरू हुआ था, जिसमें बीएचयू परिसर के भीतर अवैध रूप से विभिन्न प्रजाति के पेड़ जिसमें चन्दन भी शामिल है के अवैध रूप से काटे जाने का मुद्दा उठाया गया था. एनजीटी द्वारा गठित एक संयुक्त समिति की जांच में यह पुष्टि हुई थी कि परिसर में बिना अनुमति के 33 पेड़ काटे गए थे. इन पेड़ों में आम, महुआ, गुलमोहर (गोल्ड मोहर), सागौन, कटहल और 7 मूल्यवान सफेद चंदन के पेड़ शामिल थे.

11 अगस्त 2025 को पारित अपने मुख्य आदेश में, एनजीटी ने बीएचयू पर दोहरी कार्रवाई का निर्देश दिया था:

1. काटे गए प्रत्येक पेड़ के बदले कम से कम 20 पेड़ लगाए जाएं.

2. यूपीपीसीबी (उत्तर प्रदेश प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड ) द्वारा पर्यावरणीय मुआवजा तय करके बीएचयू से तीन माह में वसूली किया जाय.

निष्पादन याचिका पर सुनवाई के दौरान, संभागीय वनाधिकारी (डीएफओ), वाराणसी के वकील ने अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की। 4 जुलाई 2026 के एक हलफनामे के अनुसार, क्षेत्रीय वन अधिकारी मोहम्मद इब्राहिम के नेतृत्व में एक 6-सदस्यीय संयुक्त समिति ने 29 जून 2026 को साइट का निरीक्षण किया था.हलफनामें के अनुसार निरीक्षण में पाया गया कि बीएचयू ने वर्ष 2025 में विभिन्न प्रजातियों के 978 पौधे लगाए थे. इनमें से 859 पेड़ सुरक्षित और जीवित पाए गए। ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में माना कि जीवित पेड़ों की यह संख्या कानून के तहत अनिवार्य 20 गुना क्षतिपूर्ति वनीकरण के लक्ष्य को पूरा करती है.

पर्यावरणीय जुर्माना: ₹2.65 करोड़ (2 करोड़ 65 लाख 6 हजार 877 रूपए 8 पैसा ) की तीन माह में वसूली का आदेश.

भले ही बीएचयू ने वृक्षारोपण का काम पूरा कर लिया हो, लेकिन पारिस्थितिक नुकसान के लिए उसे भारी वित्तीय दंड का सामना करना पड़ रहा है. यूपीपीसीबी ने डीएफओ की रिपोर्ट के आधार पर तने के क्षेत्र , प्रजाति कारक , स्थिति कारक , और स्थान कारक के आधार पर एक विस्तृत गणना रिपोर्ट पेश की. इसके तहत कुल पर्यावरणीय मुआवजा ₹2,65,26,877.08 (दो करोड़ पेंसठ लाख छब्बीस हजार आठ सौ सतहत्तर रुपये और आठ पैसे) तय किया गया है.

प्रमुख पेड़ों के मूल्यांकन का विवरण:

गणितीय मूल्यांकन के आधार पर परिपक्व और मूल्यवान पेड़ों पर भारी जुर्माना लगाया गया है:

• महुआ के पेड़: कुछ पेड़ों के लिए व्यक्तिगत जुर्माना ₹31.39 लाख प्रति पेड़ तक आंका गया।

• आम के पेड़: इनके लिए जुर्माना ₹18.57 लाख से ₹28.22 लाख प्रति पेड़ के बीच तय किया गया।

• गुलमोहर (गोल्ड मोहर) के पेड़: इनका मूल्यांकन ₹21.46 लाख प्रति पेड़ तक किया गया।

• सागौन और चंदन: कई सागौन और चंदन के पेड़ों के तनों के व्यवस्थित मूल्यांकन के कारण कुल जुर्माने में लाखों रुपये की राशि जोड़ी गई।

एनजीटी ने यूपीपीसीबी को दी अंतिम मोहलत


ALSO READ: नर्सिंग कॉलेज की छात्रा की मौत मामले में आरोपित की जमानत अर्जी निरस्त



हालांकि यूपीपीसीबी ने स्वीकार किया कि 2025 में दिए गए शुरुआती तीन महीने के समय के भीतर कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी थी, लेकिन ट्रिब्यूनल ने परिस्थितियों को देखते हुए समय सीमा को आगे बढ़ा दिया है.

एनजीटी बेंच ने आदेश दिया, "हालांकि यूपीपीसीबी ने पिछले आदेश की तारीख से तीन महीने के भीतर कार्यवाही पूरी करने के ट्रिब्यूनल के निर्देश का पालन नहीं किया था, लेकिन सामने आई परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, हम समय को आगे बढ़ाते हैं और यूपीपीसीबी को पर्यावरणीय मुआवजे की वसूली से संबंधित कार्यवाही तीन महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश देते हैं.

इन निर्देशों के साथ, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने निष्पादन आवेदन का निपटारा कर दिया और मुआवजे की वसूली प्रक्रिया को अक्टूबर 2026 तक पूरा करने की जिम्मेदारी यूपीपीसीबी को सौंप दी है.

आँसुओं, आक्रोश के बाद खुले आसमान के नीचे दालमंडी
आँसुओं, आक्रोश के बाद खुले आसमान के नीचे दालमंडी
वाराणसी: आठ महीने पहले तक कुछ फीट चौडी दालमंडी की गली से आसमान नजर नहीं आता था। अब यह 17.5 मीटर चौड़ी हो गई है। आज भूमि पूजन के साथ इसके रोड बनने की शुरुआत भी हो गई। लेकिन यह बदलाव यूं ही नहीं हो गया। इस गली में बसे सैकड़ों लोगों के मकान दुकान टूटे, इस दर्द में उनके आंसु बहे। समय समय पर उनका आक्रोश भी झलका अरसे तक जिंदगी खाना बदोश भी रही।कभी तंग गलियों, भीड़ और दुकानों से गुलजार रहने वाली वाराणसी की दालमंडी अब एक नए रूप में नजर आएगी. लंबे समय से चल रहे चौड़ीकरण और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद रविवार को यहां मॉडल सड़क के निर्माण की शुरुआत हो गई. चौक थाने के पास भूमि पूजन के साथ पीडब्ल्यूडी ने सड़क निर्माण का काम शुरू किया.भूमि पूजन विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने किया. करीब 650 मीटर लंबी दालमंडी की सड़क को 17.5 मीटर यानी करीब 60 फीट चौड़ा किया जाएगा. पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के मुताबिक करीब तीन महीने में सड़क का निर्माण पूरा कर इसे जनता को सौंपने का लक्ष्य रखा गया है.वर्षों पुरानी तस्वीर अब बदलने की तैयारीदालमंडी सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि काशी की पुरानी पहचान का हिस्सा रही है. यहां की गलियों में वर्षों से कारोबार करने वाले दुकानदारों और रहने वाले परिवारों की यादें जुड़ी हैं. चौड़ीकरण की कार्रवाई के दौरान कई घर और दुकानें टूट गईं. कहीं लोगों ने अपनी आंखों के सामने पुश्तैनी मकानों को गिरते देखा तो कहीं दुकानों के टूटने के साथ वर्षों पुराना कारोबार भी खत्म हुआ.प्रशासन के मुताबिक चौड़ीकरण की जद में आए 181 मकानों में से करीब 150 मकानों को गिराया जा चुका है. बाकी मकानों पर भी कार्रवाई चल रही है. इसके अलावा 6 मस्जिदों के वे हिस्से भी हटाए गए जो सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे थे.अब इन्हीं टूटे हुए हिस्सों के बीच से एक नई सड़क का निर्माण शुरू हो रहा है. यानी जिस जगह कुछ समय पहले तक मलबा और टूटे मकान दिखाई दे रहे थे वहां आने वाले दिनों में एक चौड़ी और व्यवस्थित सड़क नजर आएगी.also read: कांवड़ मार्ग पर पुलिस कमिश्नर का औचक निरीक्षण, अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर सख्ती.109 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजाचौड़ीकरण की कार्रवाई के तहत प्रभावित मकानों और धार्मिक स्थलों के लिए मुआवजे का प्रावधान किया गया. पीडब्ल्यूडी की ओर से अब तक 109 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिए जाने की बात सामने आई है. परियोजना के लिए कुल 215.88 करोड़ रुपये का पुनरीक्षित बजट स्वीकृत किया गया है.अधिकारियों ने प्रत्येक मकान की नापी निर्माण और सड़क की जद का आकलन करने के बाद मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की. रजिस्ट्री के बाद धीरे-धीरे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ी.जुलाई 2025 से शुरू हुई थी प्रक्रियादालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को जुलाई 2025 में कैबिनेट की मंजूरी मिली थी. इसके बाद 23 जुलाई से मकानों की नापी शुरू हुई. नापी के बाद मकानों का मूल्यांकन और मुआवजा तय किया गया. अंतिम नापी के बाद संबंधित मकानों पर लाल निशान लगाए गए और फिर रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरू हुई.स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए चौक थाने में पीडब्ल्यूडी का कैंप कार्यालय भी बनाया गया, जहां लोगों को दस्तावेज और रजिस्ट्री से जुड़ी जानकारी दी गई.29 अक्टूबर 2025 से शुरू हुआ था ध्वस्तीकरणदालमंडी में ध्वस्तीकरण की पहली कार्रवाई 29 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई थी. शुरुआत में हथौड़े से मकान और दुकानें तोड़ी गईं. बाद में जनवरी 2026 में बुलडोजर की मदद से कार्रवाई तेज की गई.9 फरवरी को जर्जर बताए गए मकानों और दुकानों पर भी कार्रवाई हुई. उस दौरान विरोध के बीच एक व्यापारी ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की चेतावनी तक दे दी थी और अपनी दुकान में आग लगा दी थी. इस घटना ने चौड़ीकरण के दौरान लोगों की भावनाओं और उनके वर्षों पुराने आशियाने-कारोबार से जुड़े दर्द को सामने ला दिया था.पोकलैंड आने के बाद तेज हुई कार्रवाई8 जून 2026 को दालमंडी में पोकलैंड मशीन पहुंची. अगले दिन से मशीनों के जरिए ध्वस्तीकरण तेज कर दिया गया. जिन मकानों को हाथ से तोड़ने में मुश्किल हो रही थी, उन्हें मशीनों की मदद से जमींदोज किया गया.इसके बाद मस्जिदों के चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्सों को भी संबंधित कमेटियों की सहमति से हटाया गया. जुलाई में खुदा बक्श उर्फ लंगड़े हाफिज मस्जिद के जद में आने वाले हिस्से को भी हटाने का काम शुरू हुआ. यहां मस्जिद से जुड़ी करीब 24 दुकानें भी हटाई गईं.अब मलबे की जगह दिखेगी नई सड़कध्वस्तीकरण के बाद अब दालमंडी से मलबा हटाने का काम चल रहा है. भूमि पूजन के साथ सड़क निर्माण की शुरुआत हो गई है. नई सड़क के दोनों तरफ पटरी बनाई जाएगी. सड़क के नीचे बिजली, पानी और सीवर की व्यवस्था करने की योजना है. इससे वर्षों से दिखाई देने वाला तारों का जंजाल भी हटाया जाएगा.नई सड़क नई व्यवस्था की शुरुआत जरूर है, लेकिन इसके साथ दालमंडी के लोगों की पुरानी यादें भी जुड़ी हैं. जिन घरों में पीढ़ियां बीतीं, जिन दुकानों से परिवारों की रोजी-रोटी चली और जिन गलियों में लोगों ने अपना पूरा जीवन देखा, अब वहां एक नई तस्वीर बनने जा रही है.प्रशासन इसे काशी की आधुनिक और व्यवस्थित सड़क के रूप में देख रहा है, जबकि स्थानीय लोगों के लिए यह बदलाव उनकी पुरानी पहचान और नई उम्मीदों के बीच का सफर है.अब देखना होगा कि अगले तीन महीनों में दालमंडी की यह पुरानी तस्वीर किस तरह एक नई और आधुनिक सड़क में बदलती है.
कांवड़ मार्ग पर पुलिस कमिश्नर का औचक निरीक्षण, अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर सख्ती.
कांवड़ मार्ग पर पुलिस कमिश्नर का औचक निरीक्षण, अतिक्रमण और अवैध पार्किंग पर सख्ती.
वाराणसी: श्रावण मास में कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन और शहर में बेहतर यातायात व्यवस्था बनाए रखने को लेकर वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट पूरी तरह अलर्ट है. इसी क्रम में पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल ने शनिवार को मंडुवाडीह से गोदौलिया तक शहरी कांवड़ मार्ग का आकस्मिक स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों का जायजा लिया.पुलिस आयुक्त ने कांवड़ मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर रुककर व्यवस्थाओं को देखा और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा इंतजामों की जानकारी ली. उन्होंने यह भी देखा कि कांवड़ यात्रियों के आवागमन के दौरान किसी तरह की बाधा तो नहीं आ रही है. निरीक्षण के दौरान उन्होंने मार्ग में बनाए गए विश्राम स्थलों का भी जायजा लिया और वहां मौजूद कांवड़ यात्रियों से सीधे संवाद कर सुविधाओं की जानकारी ली.कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ मार्ग पर यातायात व्यवस्था को हर हाल में सुचारु रखा जाए. मार्ग पर किसी भी तरह का अतिक्रमण और अवैध पार्किंग कांवड़ यात्रियों के आवागमन में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सड़क और कांवड़ मार्ग से अतिक्रमण को तत्काल हटाने तथा अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के सख्त निर्देश दिए.उन्होंने कहा कि श्रावण मास के दौरान कांवड़ मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। ऐसे में यातायात व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए. पुलिसकर्मी लगातार मार्ग पर मौजूद रहकर यातायात का संचालन करें और भीड़ बढ़ने की स्थिति में तत्काल प्रभावी कदम उठाएं.पुलिस आयुक्त ने संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार पैदल गश्त करने के निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह स्वयं भी क्षेत्र में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करें और किसी भी तरह की समस्या सामने आने पर तत्काल उसका समाधान कराएं.निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. मार्ग में संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए.also read:छात्राओं पर अश्लील इशारे और फब्तियां कसने वाला युवक गिरफ्तार...पुलिस प्रशासन की ओर से श्रावण मास को देखते हुए कांवड़ मार्ग पर लगातार निगरानी की जा रही है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कांवड़ यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो और यात्रा के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित रहे.
छात्राओं पर अश्लील इशारे और फब्तियां कसने वाला युवक गिरफ्तार...
छात्राओं पर अश्लील इशारे और फब्तियां कसने वाला युवक गिरफ्तार...
वाराणसी: मिर्जामुराद थाना क्षेत्र में महिलाओं और छात्राओं पर अश्लील इशारे करने और फब्तियां कसकर परेशान करने के आरोप में मिशन शक्ति/एंटी रोमियो टीम ने एक युवक को गिरफ्तार किया है.पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है.पुलिस के अनुसार मिशन शक्ति/एंटी रोमियो टीम क्षेत्र में भ्रमण और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी. इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मोहली बीर बाबा मंदिर के पास एक युवक आने-जाने वाली महिलाओं और छात्राओं पर अशोभनीय इशारे कर रहा है और अभद्र टिप्पणियां कर उन्हें परेशान कर रहा है.सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में ले लिया पूछताछ में उसकी पहचान अभिषेक कुमार (20), पुत्र पारसनाथ बिंद, निवासी ग्राम डौमेला, थाना मिर्जामुरादपुलिस ने मामले में मु0अ0सं0 0230/2026, धारा 296 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर मिशन शक्ति/एंटी रोमियो टीम की ओर से लगातार अभियान चलाया जा रहा है.कार्रवाई करने वाली टीम में मिशन शक्ति प्रभारी म0उ0नि0 अनुजा गोस्वामी, रिक्रूट महिला कांस्टेबल पूनम और रिक्रूट कांस्टेबल विवेक कुमार सिंह शामिल रहे.