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रमना में प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क के संबंध में बैठक

 रमना में प्रस्तावित टेक्सटाइल पार्क के संबंध में बैठक
Jan 11, 2026, 05:23 AM
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Posted By Anurag Sachan

वाराणसी। हथकरघा एवं वस्त्र विभाग, उत्तर प्रदेश विभाग द्वारा वाराणसी स्थित सर्किट हाउस में दिनांक को 10 जनवरी, 2026 रमना, वाराणसी में प्रस्तावित सिल्क पार्क के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता हथकरघा एवं वस्त्रोधोग विभाग, उत्तर प्रदेश के आयुक्त एवं निदेशक, कानपुर द्वारा की गई। कार्यक्रम में वाराणसी मंडल के आयुक्त, जिलाधिकारी वाराणसी, संयुक्त आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग कानपुर, सहायक आयुक्त हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, संयुक्त आयुक्त उद्योग तथा विभिन्न वस्त्र संगठनों के प्रमुख एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान आयुक्त एवं निदेशक, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग ने सभी हितधारकों से संवाद किया तथा उनके द्वारा उठाए गए प्रश्नों एवं सुझावों का संतोषजनक उत्तर दिया। विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी बात रखी।


भारतीय उद्योग संगठन (IIA) के प्रतिनिधि आर के चौधरी ने वस्त्र नीति-2022 से संबंधित लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया तथा लघु उद्योग प्राधिकरण की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में लगभग 97 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योग हैं, जिनमें से 87 प्रतिशत सूक्ष्म इकाइयाँ हैं। स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधि राजेश भाटिया ने सिल्क पार्क में कॉरुगेटेड बॉक्स फैक्ट्री की स्थापना का सुझाव दिया ताकि उत्पादों की पैकेजिंग आकर्षक बनाई जा सके। बनारसी वस्त्रोद्योग संघ के प्रतिनिधि देवेंद्र मोहन पाठक ने वाराणसी में टेक्सटाइल पार्क स्थापित किए जाने के लिए आभार व्यक्त किया। एस०एन०डी० के प्रतिनिधि भरत शाह ने शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया ताकि उद्योग शीघ्र प्रारंभ किया जा सके। पूर्वांचल उद्योग निर्यात संघ के प्रतिनिधि श्री अमिताभ ने अपने 25 वर्षों के निर्यात अनुभव के आधार पर सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया तथा हथकरघा एवं वस्त्र दोनों को समान रूप से शामिल किए जाने की मांग रखी।


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बनारसी वस्त्रोद्योग संघ द्वारा एक PPT की प्रस्तुति की गई जिसमें विभिन्न मांगें और प्रश्न शामिल थे जैसे कि पार्क के प्रारंभ की समय-सीमा, भूमि आवंटन का आकार, शेड की ऊँचाई, बहुमंजिला भवन की अनुमति, भुगतान की प्रक्रिया, रोजगार लक्ष्य, उच्च गति वाली मशीनों की अनुमति, जीएसटी की व्यवस्था, सीएनजी उपलब्धता आदि। लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधि श्री राजेश सिंह ने सिल्क स्टोरेज सुविधा एवं नकली धागे पर नियंत्रण का सुझाव दिया। सहकार भारती के प्रतिनिधि शैलेश सिंह ने नई पीढ़ी को हथकरघा उद्योग से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया तथा पार्क में जरी उद्योग, अनुसंधान एवं विकास केंद्र (R&D Centre) तथा प्राकृतिक रेशों के उपयोग की अनुशंसा की। हिंदू बुनकर कल्याण समिति के मनोज कुमार ने कढ़ाई इकाई स्थापित करने का सुझाव दिया।


बुनकर स्टूडियो के श्री यासीन अंसारी ने सिल्क उत्पादों में पॉलीस्टर के उपयोग पर प्रतिबंध एवं केवल प्राकृतिक यार्न (लिनन/कॉटन) के उपयोग का सुझाव दिया। उन्होंने प्रिंटिंग एवं कढ़ाई को मूल्य संवर्धन परियोजनाओं में सम्मिलित करने की अनुशंसा की। बनारसी वस्त्रोद्योग बुनकर संघ के राकेश कांत राय ने जिपर, बटन एवं संबद्ध उद्योगों को पार्क में शामिल करने, आवासीय व छात्रावास सुविधाएं, छोटे आकार की डाइंग इकाइयां तथा यार्न बैंक स्थापित करने की मांग की। होली वीव के प्रतिनिधि उमंग जी ने हथकरघा एवं वस्त्र दोनों को समान प्राथमिकता देने तथा पार्क से सरकारी क्रय सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। रिलायंस के प्रतिनिधि ने वस्त्र उत्पादन बढ़ाने व उसे परिधान निर्माण से जोड़ने तथा सिंगल विंडो सुविधा उपलब्ध कराने पर बल दिया। रीधी जी ने आधुनिक कपड़ों के उपयोग की अनुशंसा की।


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इस अवसर पर जिलाधिकारी वाराणसी सत्येंद्र कुमार द्वारा अवगत कराया गया कि विकास प्राधिकरण द्वारा जो जमीन अधिग्रहित की जाएगी उसमे से कुछ जमीन को परिवर्तित कर उद्योग हेतु उपलब्ध कराया जाएगा। रॉ मटेरियल बैंक एवं यार्न बैंक की सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी। निफ्ट एवं भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान के साथ रिसर्च एवं डेवलपमेंट का कार्य कार्य जाए। बुनकर सेवा केंद्र को उसी परिसर में स्थापित किया जाए जिससे बुनकरों को लाभ मिले साथ ही जरी एवं इंब्राइडरी उद्योग की स्थापना की जाए तथा प्रोसेसिंग यूनिट डाईंग यूनिट की भी स्थापना हो, टेक्सटाइल पार्क की ब्रांडिंग कराई जाय। सिल्क उत्पादों की प्रमाणीकरण के लिए सिल्क मार्क एवं जी०आई० टैग लगाएं जाए। बनारसी साड़ी के लिए एक ऐसा प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाय जहाँ उत्पादन एवं विपणन साथ-साथ हो रहा हो जिससे खरीदार को ओरिजन हैण्डलूम उत्पादो के प्रति आश्वश्त हो सके उनका हैण्डलूम पर विश्वास बना रहें और जो प्रमाणित हो। साथ ही प्रधानमंत्री जी एवं मुख्यमंत्री का बहुत बहुत धन्यवाद की प्रदेश में 10 टेक्सटाइल पार्क में पहला वाराणसी जनपद में स्थापित होगा ।


मंडलायुक्त वाराणसी एस राजलिंगम ने भी अवगत कराया कि टेक्सटाइल पार्क की स्थापना के सम्बन्ध में लगभग दो वर्ष पूर्व पीयूष गोयल कैबिनेट मंत्री भारत सरकार ने अपने विचार रखे थे की टेक्सटाइल पार्क की स्थापना वाराणसी में की जाय जिसके लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया था। बनारसी ब्राण्ड को प्रमोट किया जाय। टी०एफ०सी० में भी दरी उत्पादन का डेमो प्रदर्शित किया गया है उसी की भाँति बनारसी साड़ी का उत्पादन का डेमो किया जाये तथा साड़ी व्यापारियों से भी अनुरोध किया कि टी०एफ०सी० में अपनी दुकाने लगाकर प्रदर्शन एवं बिकी करें। आयुक्त एवं निदेशक, हथकरघा एवं वस्त्र विभाग, उत्तर प्रदेश कानपुर ने विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए हितधारकों को विभागीय सहयोग का आश्वासन दिया तथा टेक्निकल टेक्सटाइल की भी पालिसी से भी लाभान्वित कराया जाये। निट्रा द्वारा फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है तथा डी०पी०आर० भी 90 दिनों के भीतर तैयार होकर प्राप्त हो जायेगा लगभग 01 वर्ष में टेक्सटाइल पार्क को प्रारम्भ कर दिया जायेगा।


वाराणसी की खोई हुयी साख एवं विरासत को पुनः सवारा जायेगा तथा जिलाधिकारी एवं मण्डलायुक्त सहित समस्त उद्यमियों का धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद प्रस्ताव में पी०सी० ठाकुर, संयुक्त आयुक्त, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग द्वारा समस्त अधिकारियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद व्यक्त किया तथा अरुण कुमार कुरील, सहायक आयुक्त, हथकरघा एवं उनके पूरी टीम को बैठक को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने हेतु धन्यवाद दिया।

वाराणसी में सर्वर ने डाला खलल, दो घंटे देरी से शुरू हुई CUET परीक्षा, अभ्‍यर्थी परेशान
वाराणसी में सर्वर ने डाला खलल, दो घंटे देरी से शुरू हुई CUET परीक्षा, अभ्‍यर्थी परेशान
वाराणसी: सर्वर में समस्‍या के कारण शनिवार को लोहता स्थित शीतला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में सीयूईटी 2026 की परीक्षा दो घंटे देरी से शुरू हुई. यहां परीक्षा का केंद्र बनाया गया था. परीक्षा सुबह 9:00 बजे से शुरू होकर 10:00 बजे तक समाप्त होनी थी, लेकिन 10:50 बजे तक परीक्षा शुरू नहीं हो सकी थी. परीक्षार्थियों को बताया गया कि सर्वर में समस्या होने के कारण परीक्षा शुरू नहीं हो सकी. हालांक‍ि 11 बजे परीक्षा शुरू हुई तो अभ्‍यर्थ‍ियों ने राहत की सांस ली.सर्वर डाउन होने के कारण 11 बजे से शुरू परीक्षापरीक्षा देने दूर-दराज से पहुंचे अभ्यर्थियों के सामने परीक्षा होने या न होने या टालने संबंधी कोई भी प्रश्न का जवाब समय से न मिलने की वजह से वे काफी देर तक असमंजस में रहे. हालाँकि सुबह 11 बजे से परीक्षा शुरू करा दी गई और दो घंटे विलंब से चली परीक्षा 12 बजे खत्म होने के बाद अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली. कई अभ्यर्थी और अभिभावक समय से परीक्षा शुरू नहीं होने की वजह से काफी परेशान रहे. सीयूईटी की परीक्षा सुबह नौ बजे से आज होनी थी लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण यह परीक्षा 11 बजे से शुरू हुई. इस परीक्षा को लेकर अभिभावकों ने बड़ी चिंता जाहिर की है कि इसमें भी गोलमाल होगा.परीक्षा के ल‍िए केंद्र ने शुरू की तैयार‍ियां हालांकि परीक्षा कराने वाली संस्थाओं का कहना है कि यह सिर्फ बनारस में नहीं, पूरे प्रदेश में सर्वर डाउन के कारण हुआ है. हालांक‍ि दूसरी पाली की परीक्षा तीन बजे से होनी है ज‍िसके ल‍िए अभ्‍यर्थी समय से पहुंच गए और परीक्षा के ल‍िए केंद्र ने तैयार‍ियां भी शुरू कर दी. परीक्षा केंद्र पर उपस्थित अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्हें सुबह से ही परीक्षा का इंतजार था, लेकिन जब समय पर परीक्षा शुरू नहीं हुई तो वे चिंतित हो गए.Also Read: छींटाकशी को लेकर हुई युवक की हत्‍या में दो आरोपी गिरफ्तार, ईंट और छड़ बरामदकई अभ्यर्थियों ने कहा कि वे दूर-दूर से आए हैं और इस स्थिति ने उन्हें मानसिक तनाव में डाल दिया. अभिभावकों ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई और कहा कि इस तरह की तकनीकी समस्याएं परीक्षा के महत्व को कम कर देती हैं. अभ्‍यर्थ‍ियों की भीड़ और रोष को देखते हुए परीक्षा केंद्र पर उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि सर्वर में तकनीकी समस्या के कारण देरी हुई है और इसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा.
छींटाकशी को लेकर हुई युवक की हत्‍या में दो आरोपी गिरफ्तार, ईंट और छड़ बरामद
छींटाकशी को लेकर हुई युवक की हत्‍या में दो आरोपी गिरफ्तार, ईंट और छड़ बरामद
Two accused arrested in the murder of a youth over teasing, brick and rod recoveredवाराणसी: सारनाथ सिंहपुर में गुरुवार को युवती पर छीटाकशी करने के आरोप में युवक की पिटाई के दौरान हुई मौत के मामले में सारनाथ पुलिस ने सिंहपुर रिंगरोड के पास हाई टेक अस्पताल के निकट से आरोपी युवती सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है. उनके पास हत्या में प्रयुक्त दो छड़ और ईंट बरामद की गई. इस मामले में हत्‍या का मामला दर्ज कराया गया था.थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि सिंहपुर में युवती पर छींटाकशी के मामले में युवक मनोज पटेल की पिटाई के दौरान हुई मौत के मामले में मुखबिर की सूचना के आधार पर उपनिरीक्षक सौरभ पति त्रिपाठी सहित पुलिस टीम ने सिंहपुर रिंगरोड हाई टेक अस्पताल के पास से युवती अर्चना पटेल और इंद्रपुर शिवपुर निवासी प्रिंस पटेल को गिरफ्तार किया.पूछताछ के बाद हत्या में प्रयुक्त छड़इनसे पूछताछ के बाद हत्या में प्रयुक्त छड़ और ईंट मकान के बाथरूम की छत से बरामद की गई. पुलिस के अनुसार, मनोज पटेल हमेशा युवती अर्चना को परेशान करता था. घटना वाले दिन भी उसने सुबह अर्चना पर छीटाकशी की, जिसे उसने अपनी बहन ममता के बेटे प्रिंस को बताया. इसके बाद अर्चना और प्रिंस ने मनोज के आने का इंतजार किया. जब मनोज वहां पहुंचा, तो दोनों ने उसे पकड़कर छड़ और ईंट से पिटाई कर दी.कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एक्शन में पुलिस इसके बाद मनोज अपने घर चला गया और घर में किसी को बिना कुछ बताए सो गया. बाद में परिजन उसे उठाने पहुंचे तो पता चला कि उसकी मौत हो गई. पुलिस ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है. साथ ही, पुलिस ने यह भी कहा कि इस घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है. सारनाथ पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस तत्पर है.Also Read: वाराणसी में बहुरेंगे शहीद उद्यान के दिन, करोड़ों की लागत से होगा कायाकल्‍प
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The days of Shaheed Udyan in Varanasi will be revived, with renovations costing crores.वाराणसी: स्‍मार्ट सिटी की दिशा में नगर निगम लगातार कदम बढ़ा रहा है. शहर के पार्कों के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण अभियान के तहत सिगरा स्थित प्रसिद्ध 'शहीद उद्यान' को अब आधुनिक और हाईटेक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है. शहीद उद्यान के चल रहे पुनर्विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए शुक्रवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पार्क का औचक स्थलीय निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने काम की गति और गुणवत्ता को देखा तथा अधिकारियों व कार्यदायी संस्था को सख्त हिदायत दी कि आगामी दो महीने के भीतर जीर्णोद्धार का सारा कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाए, ताकि काशीवासियों को जल्द से जल्द इस सुंदर पार्क की सौगात मिल सके.नगर निगम वाराणसीनगर निगम वाराणसी द्वारा शहीद उद्यान के इस भव्य कायाकल्प पर लगभग 8.5 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. इस बजट से पार्क को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है. पार्क के भीतर अत्याधुनिक किड्स ज़ोन: बच्चों के मनोरंजन के लिए पार्क में मॉडर्न और सुरक्षित झूले लगाए जा रहे हैं. आकर्षक फव्वारे और पाथवे: पार्क के सौंदर्य को बढ़ाने के लिए रंग-बिरंगे फव्वारे (फाउंटेन) और सुबह-शाम टहलने वालों के लिए एक विशेष वॉक-वे/पाथवे का निर्माण किया जा रहा है. पूरे परिसर को रोशनी से जगमगाने के लिए आधुनिक डेकोरेटिव लाइटिंग और आगंतुकों के बैठने के लिए उत्तम बेंच व शेड्स की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है.1.5 करोड़ की हाईटेक डिजिटल लाइब्रेरीशहीद उद्यान के इस प्रोजेक्ट का सबसे मुख्य आकर्षण यहाँ बनने वाली डिजिटल लाइब्रेरी है. पार्क परिसर के भीतर 1.5 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है.यह डिजिटल लाइब्रेरी शहर के छात्रों, शोधकर्ताओं और पुस्तक प्रेमियों के लिए बेहद मददगार साबित होगी. यहाँ युवाओं को पढ़ाई के लिए एक शांत, हरा-भरा और पूरी तरह से हाईटेक (इंटरनेट व कंप्यूटर से लैस) वातावरण मिलेगा, जहाँ वे अपनी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे.Also Read: दालमंडी में फिर से चला हथौड़ा, 18 मकानों को तोड़ने का काम शुरू