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बंगाल लौटने वाले प्रवासी मजदूरों को मिलेगा 5000 रुपये महीना, ममता बनर्जी का ऐलान

बंगाल लौटने वाले प्रवासी मजदूरों को मिलेगा 5000 रुपये महीना, ममता बनर्जी का ऐलान
Aug 18, 2025, 12:12 PM
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Posted By Gaandiv

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रवासी बंगाली मजदूरों के लिए एक बड़ी योजना की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि जिन मजदूरों को दूसरे राज्यों में उत्पीड़न झेलना पड़ रहा है, वे अपने राज्य लौट आएं. सरकार उन्हें ‘श्रमोश्री योजना’ के तहत आर्थिक सहायता देगी.


क्या है योजना?


इस योजना के तहत वापस आने वाले हर प्रवासी मजदूर को एक साल तक हर महीने 5000 रुपये दिए जाएंगे.यह राशि मुफ्त यात्रा भत्ता के रूप में होगी और आईटीआई व श्रम विभाग की ओर से वितरित की जाएगी.

प्रवासी मजदूरों को जॉब कार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें राज्य में रोजगार पाने में आसानी होगी.योजना का लाभ केवल उन्हीं को मिलेगा जो बंगाली प्रवासी मजदूर हैं और अब बंगाल लौट रहे हैं.



ममता बनर्जी का बयान


मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन राज्यों में ‘डबल इंजन सरकार’ है, वहां बंगाली भाषी लोगों को लगातार परेशान किया जा रहा है. राज्य सरकार के अनुसार, ऐसे मजदूरों की संख्या करीब 22 लाख है .ममता ने उनसे आग्रह किया है कि वे अपने गृह राज्य वापस आएं. उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 2870 परिवार और 10 हजार से ज्यादा मजदूर विभिन्न राज्यों से बंगाल लौट चुके हैं. जो लोग वापस आना चाहते हैं, वे प्रवासी मजदूर कल्याण संघ से संपर्क कर सकते हैं.

कैबिनेट की मंजूरी


राज्य कैबिनेट ने इस योजना को हरी झंडी दे दी है. साथ ही ताजपुर बंदरगाह के लिए नए टेंडर को भी मंजूरी प्रदान की गई.


राजनीतिक संकेत


राजनीतिक जानकारों के अनुसार, ममता का यह ऐलान आगामी 2026 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर किया गया है. हाल ही में बिहार में हुई SIR प्रक्रिया का ममता बनर्जी ने कड़ा विरोध किया है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल अभी इसके लिए तैयार नहीं है और इस पूरी प्रक्रिया पर कई सवाल उठाए.


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पीएम मोदी की रैली पर चुप्पी


22 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बंगाल रैली को लेकर जब मुख्यमंत्री से उनकी भागीदारी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और सवाल को टाल दिया. माना जा रहा है कि प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर उठाए गए इस कदम के चलते ममता पीएम की रैली से दूरी बना सकती हैं.

BHU अस्‍पताल में जूनियर डाक्‍टरों की हड़ताल से तंग हुए मरीज, सीनियरों ने संभाला कामकाज
BHU अस्‍पताल में जूनियर डाक्‍टरों की हड़ताल से तंग हुए मरीज, सीनियरों ने संभाला कामकाज
वाराणसी: बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में जूनियर डाक्‍टरों (जेआर1) की हड़ताल से कामकाज प्रभावित होने लगा है. जिससे मरीजों और तीतारदारों को इलाज में दुश्‍वारियों का सामना करना पड़ रहा है. जूनियर डाक्टरों ने अपनी हड़ताल का कारण एक महिला रेजिडेंट की आत्महत्या की कोशिश का विरोध बताया है. वहीं सीनियर रेजिडेंट ने मोर्चा संभाला लिया है. वहीं जूनियर डाक्‍टर अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं. धरने पर बैठे डा. अंबुज ने आरोप लगाया कि इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक प्रशासन की ओर से संतोषजनक कदम नहीं उठाए जाते, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.आरोपित चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाईडाक्टरों की प्रमुख मांगों में जूनियर रेजिडेंट्स के लिए निश्चित ड्यूटी आवर तय करना, अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुचारु करना और महिला जूनियर डाक्टर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपित चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है. इस बीच, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज प्रशासन का कहना है कि जांच समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. सर सुंदरलाल अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट डाक्टरों की हड़ताल के कारण अस्पताल के करीब 28 वार्डों में तैनात लगभग 85 जूनियर रेजिडेंट्स ने कामकाज ठप कर दिया है, जिससे मरीजों को इलाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.धरना पर बैठा जूनियर रेजिडेंटों का समूह जूनियर रेजिडेंटों का एक समूह इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के मुख्य द्वार पर धरना दे रहा है. उनका कहना है कि प्रशासन को मामले में की गई कार्रवाई को लेकर लिखित रूप से स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए. डा. अंबुज ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक वे अपनी हड़ताल जारी रखेंगे. वहीं इस मामले में आईएमएस निदेशक ने कहा है कि पूरे मामले की जांच के लिए गठित कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी.यह भी पढ़ें: BHU में अब चार वर्षीय B.Ed कोर्स, 12वीं के बाद शिक्षक बनने का सुनहरा मौकारिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस स्थिति के चलते मरीजों को इलाज में हो रही परेशानियों को देखते हुए प्रशासन को जल्द से जल्द समाधान निकालने की कोश‍िश कर रहा है. इस हड़ताल ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को चुनौती दी है और मरीजों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है. हालांकि सीनियर डाक्‍टरों ने कामकाज संभाल रखा है.
BHU में अब चार वर्षीय B.Ed कोर्स, 12वीं के बाद शिक्षक बनने का सुनहरा मौका
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वाराणसी: बीएचयू ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों को लागू करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है. शिक्षा संकाय ने शैक्षणिक सत्र 2026-2027 से एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (आइटीईपी) अंतर्गत चार वर्षीय बीए बीएड (सेकेंडरी स्टेज) डिग्री कोर्स शुरू करने की घोषणा की है. अब तक की पारंपरिक व्यवस्था में छात्र पहले तीन साल की ग्रेजुएशन (बीए, बीएससी या बीकाम) करते थे और फिर दो साल का बीएड करते, यानी शिक्षक बनने के लिए कुल पांच साल लगते थे लेकिन बीएचयू में शुरू किए जा रहे इस एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम के बाद समीकरण पूरी तरह बदल जाएगा.आठ सेमेस्टर में विभाजित कार्यक्रम यह कार्यक्रम आठ सेमेस्टर में विभाजित किया गया है, जिसमें कुल 180 क्रेडिट होंगे. इस पाठ्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी ड्यूल-मेजर व्यवस्था है. प्रथम मेजर (शिक्षा) में कुल 96 क्रेडिट होंगे, जो छात्र को पेशेवर शिक्षक के रूप में तैयार करेंगे. द्वितीय मेजर (विषय) में कला या सामाजिक विज्ञान के किसी एक विषय में 84 क्रेडिट अर्जित करने होंगे. यह कार्यक्रम शिक्षा संकाय द्वारा कला और सामाजिक विज्ञान संकाय के सहयोग से संचालित किया जाएगा.शिक्षा संकाय के वरिष्ठ प्रोफेसर सुनील सिंह ने बताया कि अभी तक यह व्यवस्था वसंत कालेज फार विमेन राजघाट और आर्य महिला पीजी कालेज चेतगंज में प्रभावी की जा रही है लेकिन भविष्य की नीतिगत स्थिति के अनुसार मुख्य कैंपस में भी लागू किया जा सकता है. दोनों कालेजों में कुल सौ सीटों पर प्रवेश होगा. खास बात यह है कि विषय संबंधी पाठ्यक्रम वही होंगे, जो विश्वविद्यालय के अन्य स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों में लागू हैं ताकि शैक्षणिक गुणवत्ता और मानकों में एकरूपता बनी रहे. ऐसे में छात्रों का समय बचेगा, चार साल के भीतर ही स्नातक और बीएड दोनों की डिग्री हासिल कर सकेंगे.यह भी पढ़ें: अस्सी घाट पर गंगा आरती कर्मियों पर हमला, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तारमल्टीपल एंट्री-एग्जिट की व्यवस्था होगी, इस कोर्स में बीच में पढ़ाई छोड़ने या पुनः जुड़ने का विकल्प भी उपलब्ध होगा, इसे विशेष तौर से माध्यमिक स्तर के शिक्षकों को तैयार करने के लिए डिजाइन किया गया है. यह अध्यादेश भारत सरकार के गजट नोटिफिकेशन और एनसीटीई के मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है, जो आने वाले समय में देश को उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षक प्रदान करेगा.इस पाठ्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसका समानांतर ढांचा है, जहां पुराने ढर्रे में छात्र पहले विषय पढ़ते थे और फिर शिक्षण सीखते थे लेकिन विवि का यह नया माडल दोनों को साथ लेकर चलेगा. इस कोर्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छात्र अपनी विषय विशेषज्ञता व शिक्षक प्रशिक्षण में संतुलन बना सके. इनका विस्तार प्रथम छह सेमेस्टर (तीन वर्ष) तक रहेगा. यानी छात्र अपने चुने हुए विषय (जैसे इतिहास, भूगोल, या राजनीति शास्त्र) की गहराई को शुरुआती तीन सालों में ही आत्मसात कर लेगा. शिक्षा शास्त्र पूरे आठ सेमेस्टर (4 वर्ष) तक चलेगा.
अस्सी घाट पर गंगा आरती कर्मियों पर हमला, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार
अस्सी घाट पर गंगा आरती कर्मियों पर हमला, पुलिस ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार
वाराणसी: अस्सी घाट गंगा आरती से जुड़े कर्मियों पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. घटना सोमवार देर रात की बताई जा रही है, जब आरती संपन्न होने के बाद लौटते समय चाय की दुकान पर एक युवक पर दबंगों ने हमला कर दिया. घटना के पीछे दो पहिया गाडी पर बैठने को लेकर विवाद बताया जा रहा है.अस्सी घाट गंगा आरती में सहयोग मिली जानकारी के अनुसार, चित्रकूट निवासी यश द्विवेदी, जो वाराणसी में रहकर पढ़ाई के साथ अस्सी घाट गंगा आरती में सहयोग करते हैं, आरती के बाद मछली बंदर मठ के पास एक चाय की दुकान पर मौजूद थे. इसी दौरान गाडी पर बैठने को लेकर विवाद हुआ. कहासुनी चल रही थी कि तभी देखते ही देखते आरोपी हमलावर हो गए.यह भी पढ़ें: चैत्र नवरात्री पर वाराणसी में मीट-मछली की दुकानें रहेंगी बंद, नगर निगम का बड़ा फैसलाआरोप है कि हमलावरों ने युवक को लात-घूसों से पीटा और एक आरोपी ने बाइक की चाबी से सिर पर वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया. घायल अवस्था में युवक ने पुलिस चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी आयुष को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान अन्य आरोपियों की पहचान भी हुई है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है.एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं. पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.