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आईआईटी, बीएचयू और 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर के बीच एमओयू, अकादमिक-रक्षा सहयोग को करेंगे सुदृढ़

आईआईटी, बीएचयू और 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर के बीच एमओयू, अकादमिक-रक्षा सहयोग को करेंगे सुदृढ़
Oct 22, 2025, 09:44 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: अकादमिक जगत और सशस्त्र बलों के बीच समन्वय को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) एवं 39 गोरखा ट्रेनिंग सेंटर वाराणसी के बीच पारस्परिक सहयोग, ज्ञान आदान-प्रदान और राष्ट्रीय महत्व की संयुक्त पहलों को प्रोत्साहित करने के लिए एक सहमतिपत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए.


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यह एमओयू प्रो. राजेश कुमार, डीन (अनुसंधान एवं विकास), आईआईटी एवं ब्रिगेडियर अनिर्बन दत्ता, एसएम, कमांडेंट, 39 जीटीसी द्वारा हस्ताक्षरित किया गया. हस्ताक्षर समारोह की गरिमा में प्रो. अमित पात्रा, निदेशक, आईआईटी, प्रो. सुशांत कुमार श्रीवास्तव, इंचार्ज (उद्योग से संपर्क); प्रो. श्याम कमल, सुश्री स्वाति बिस्वास, संयुक्त रजिस्ट्रार एवं डॉ. देवेंद्र प्रताप, उप-रजिस्ट्रार एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं संकाय सदस्य उपस्थित रहे. 39 जीटीसी की ओर से समारोह में मेजर जनरल अमित सिंह सोहल, वीएसएम**, जीओसी, पूर्व उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश सब एरिया, प्रयागराज; कर्नल प्रदीप बेहेरा, डिप्टी कमांडेंट; कर्नल टी.बी. छेत्री, ट्रेनिंग बटालियन कमांडर; कर्नल विजय कटोच, एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. कार्यक्रम का संचालन प्रो. आभा मिश्रा, एसोसिएट डीन (अनुसंधान एवं विकास) द्वारा किया गया.


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इस अवसर पर निदेशक, आईआईटी प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि यह साझेदारी राष्ट्र की सामरिक और तकनीकी प्रगति में योगदान देने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है. अकादमिक नवाचार को सैन्य अनुशासन और अनुभव के साथ जोड़कर हम ऐसे समाधान विकसित करना चाहते हैं जो देश की सेवा करें और आत्मनिर्भरता की भावना को सशक्त बनाए. यह एमओयू अकादमिक संस्थानों और सशस्त्र बलों के बीच सहयोग का एक नया अध्याय है — नवाचार, दृढ़ता और राष्ट्रीय विकास की दिशा में आत्मनिर्भर भारत की भावना के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम है.


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मेजर जनरल अमित सिंह सोहल, वीएसएम**, जीओसी, पूर्व उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश सब एरिया, प्रयागराज ने अपने संबोधन में इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आईआईटी (बीएचयू) और 39 जीटीसी के मध्य यह सहयोग अकादमिक उत्कृष्टता और सैन्य पेशेवरता के सम्मिलन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है. इस प्रकार की साझेदारियाँ न केवल तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करती हैं, बल्कि रक्षा बलों द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों की गहन समझ को भी बढ़ाती हैं. इस एमओयू के तहत प्रस्तावित ज्ञान आदान-प्रदान से राष्ट्र की स्वदेशी क्षमताओं को सशक्त करने में सहायता मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत के विजन को गति मिलेगी.


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सहयोग के विवरण साझा करते हुए प्रो. राजेश कुमार ने बताया कि इस एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थान अपने-अपने क्षेत्रीय विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करेंगे, साथ ही यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी गोपनीय या प्रतिबंधित जानकारी अथवा मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) साझा न की जाए. यह सहयोग तकनीकी, शैक्षणिक और अनुसंधान संबंधों को सुदृढ़ करने का उद्देश्य रखता है, जिसमें ज्ञान विनिमय, सुविधाओं का उपयोग और संयुक्त पहल शामिल हैं. आईआईटी (बीएचयू) रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित अनुसंधान परियोजनाओं या अध्ययनों के लिए 39 जीटीसी की सैन्य विशेषज्ञता का लाभ उठा सकता है, जबकि 39 जीटीसी विशेष तकनीकी और शैक्षणिक विषयों पर आईआईटी (बीएचयू) के संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों से परामर्श और तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेगा.


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सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में स्थल भ्रमण, प्रदर्शन एवं परीक्षण, परियोजनाओं का डिजाइन एवं विकास, विद्यार्थियों के प्रेरक भ्रमण, तकनीकी महोत्सवों एवं अन्य आयोजनों में विशेषज्ञता का आदान-प्रदान, संकाय विकास कार्यक्रम (क्यूआईपी), अल्पावधि पाठ्यक्रम एवं कार्यशालाएँ, उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान नामांकन के अवसर, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, तथा पर्यावरण एवं सामाजिक पहलों को शामिल किया गया है.

इसके अतिरिक्त, यह साझेदारी संसाधनों के पारस्परिक उपयोग को भी प्रोत्साहित करती है — 39 जीटीसी के अधिकारी एवं कर्मी आईआईटी के पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला सुविधाओं का उपयोग कर सकेंगे, जबकि आईआईटी के सदस्य 39 जीटीसी के खेल सुविधाओं, बाधा कोर्स एवं प्रशिक्षण अवसंरचना का उपयोग कर सकेंगे.

दिल्ली के इस इमारत में भीषण आग, नौ लोगों को रेस्क्यू करने में जुटी फायर ब्रिगेड
दिल्ली के इस इमारत में भीषण आग, नौ लोगों को रेस्क्यू करने में जुटी फायर ब्रिगेड
राजधानी दिल्ली में साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के साध नगर इलाके में आज सुबह भीषण आग लग गई. जिसके चलते इलाके में हंगामा मच गया. ये आग साध नगर इलाके में स्थित एक इमारत में लगी है, जहां देखते ही देखते आग ने भयानक रूप ले लिया. जिससे चारों तरफ आग की लपटे तेजी से फैल गई. इसी के चलते एक ही परिवार के 9 लोग बुरी तरह से फंस गए हैं.घटना मामले की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस संग दमकल विभाग ने घटनास्थल का जायजा लिया और बिल्डिंग के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत बचाव अभियान चलाया. इसी के साथ ही फायर ब्रिग्रेड की गाड़ियों ने आग बुझाने में जुट गई, लेकिन कई घंटों के बाद भी आग को बुझाया नहीं जा सका, क्योंकि भयकंर तरीके से लगी आग ने विकराल रूप ले लिया था, जिस पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी.आग पर काबू पाने की कोशिश मामले की जांच-पड़ताल में जुटी पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग में लगी आग ने भयानक रूप ले लिया, जिसके धुंए का गुब्बारा आसमान में उठने लगा. जिसकी भनक लगते ही लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया, ग्रामीणों की सूचना मिलते ही दमकल विभाग द्वारा आग पर काबू पाने की कोशिश की गई.पहले भी झुलस चुका है दिल्ली की ये इलाका दिल्ली के इलाके में लगी ये आग का कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी हूबहू ऐसा ही मामला देखने को मिला, जी हां, बीते 6 दिन पहले उत्तम नगर के मछली मंडी इलाके में भी भयानक आग ने तबाही मचा रखी थी, जहां दुकानें और झुग्गी-झोपड़ियों को आग ने अपनी चपेट में ले लिया था, जब तक दमकल विभाग पहुंचा तब-तक काफी कुछ जल कर राख हो चुका था.यह भी पढ़ें: योगी सरकार के नौ साल पूरे, स्टाम्प मंत्री ने गिनाई कई उपलब्धियां...मगर देर से पहुंची बचाव दल ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जबकि नुकसान का सही आंकलन अब तक सामने नहीं आ पाया है. हालांकि इस दौरान 300 से 400 झुग्गियां जलकर खाक हो गईं. मटियाला के पास स्थित इस घनी बस्ती में गर्मी के चलते आग तेजी से फैली और पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया, जबकि आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है.
स्कूल संचालक के साथ जमकर मारपीट, अटेंडेंस को लेकर छिड़ा विवाद
स्कूल संचालक के साथ जमकर मारपीट, अटेंडेंस को लेकर छिड़ा विवाद
वाराणसी: राजातालाब थाना क्षेत्र के पयागपुर मातलदेई स्थित एक इंटर कॉलेज परिसर में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अटेंडेंस को लेकर चल रहे विवाद के बीच कई लोग लाठी-डंडा और असलहे के साथ विद्यालय में घुस आए और संचालक व उनके पिता के साथ मारपीट कर दी. घटना के बाद विद्यालय परिसर में दहशत का माहौल बन गया.घायल युवक ने दी पुलिस को तहरीर घायल प्रकाश सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि विकास यादव,अजय यादव,अमित कुमार यादव,अगनू यादव,गब्बर यादव,आनंद कुमार यादव समेत 8-10 अज्ञात लोग पहले से साजिश के तहत एकजुट होकर विद्यालय पहुंचे थे. सभी के हाथों में लाठी-डंडे और असलहे थे. आरोप है कि पहुंचते ही इन लोगों ने उनके पिता केशव से छात्र की उपस्थिति बढ़ाने को लेकर विवाद शुरू कर दिया और देखते ही देखते गाली-गलौज के बाद मारपीट पर उतर आए.बीच बचाव में बुलाई गई पुलिस शोर-शराबा सुनकर जब प्रकाश सिंह, उनकी माता विमला देवी, अखिलेश कुमार समेत अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो हमलावरों ने उन्हें भी निशाना बना लिया. हमलावरों ने घेरकर लाठी-डंडों व लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई की. इस दौरान प्रकाश सिंह के सिर पर गंभीर चोट लगी, जिससे उनका सिर फट गया ,उनके पिता को भी इस हमले में गंभीर चोटें आई हैं. कॉलेज के अन्य स्टाफ ने बीच बचाव कर पुलिस बुलाई.यह भी पढ़ें: योगी सरकार के नौ साल पूरे, स्टाम्प मंत्री ने गिनाई कई उपलब्धियां...पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और नामजद व अज्ञात आरोपियों की तलाश की जा रही है. एसीपी राजातालाब का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है. हीं छात्र पक्ष का कहना है कि कक्षा 9 का एक छात्र पिछले डेढ़ महीने से बीमार होने के कारण स्कूल नहीं आ पा रहा था. उसके साथ बंद कमरे में मारपीटकी गई ,जब वह परिजनों के साथ विद्यालय पहुंचा तो पुनः उसके साथ और उसके परिवार के साथ मारपीट की गई.
 योगी सरकार के नौ साल पूरे, स्टाम्प मंत्री ने गिनाई कई उपलब्धियां...
योगी सरकार के नौ साल पूरे, स्टाम्प मंत्री ने गिनाई कई उपलब्धियां...
वाराणसी: योगी सरकार के नौ साल होने पर प्रदेश सरकार के स्टाम्प और न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने आज बुधवार को चौकाघाट स्थित गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित विकास प्रदर्शनी एवं कार्यक्रम का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने सरकार की 9 वर्षों की उपलब्धियों पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने "विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश" के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के विकास की चर्चा की.करोड़ों की लागत से पूरी हुई 486 परियोजनाएंमंत्री ने बताया कि काशी में नौ वर्षों में 35,156 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 486 परियोजनाएं पूरी की गई हैं, जिनमें मार्ग, सेतु, पेयजल, सीवरेज, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन, नगर विकास और पुलिस कल्याण शामिल हैं. इसके अलावा, 17,915 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं.127 परियोजनाएं हुई पुरी उन्होंने कहा कि जनपद में 22,829 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 127 परियोजनाएं पूर्ण की गई हैं. इसके अतिरिक्त, 5,813 करोड़ रुपये से अधिक लागत की सड़कों और सेतुओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है. रेलवे, एयरपोर्ट और जलमार्ग के निर्माण में 1,529 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है. स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत 877.65 करोड़ रुपये की लागत से 34 परियोजनाएं पूरी की गई हैं.यह भी पढ़ें: रेलवे कॉलोनियों में मिलेगी पाइप्ड नेचुरल गैस, गेल आपूर्ति पर हुआ समझौतामंत्री ने विद्युत सुधार कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 1,100 करोड़ रुपये की लागत से शहरी विद्युत सुधार कार्य, 3722 मजरों में विद्युतीकरण और 220 केवी विद्युत उपकेंद्र का निर्माण किया गया है. स्वास्थ्य क्षेत्र में 1,870.36 करोड़ रुपये की लागत से 43 परियोजनाएं पूर्ण की गई हैं.उन्होंने बताया कि 6,760 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया है और 78,492 बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से लाभान्वित किया गया है.जनपद में 12,34,995 व्यक्तियों के आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं. मंत्री ने कहा कि जनपद में 194 एमओयू हुए हैं, जिनमें प्रस्तावित निवेश राशि 21,566.72 करोड़ रुपये है. पिछले 9 वर्षों में 30 नए डिग्री कॉलेज और 20 नए आईटीआई खोले गए हैं. इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, एमएलसी धर्मेंद्र राय, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे.