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आईआईटी (बीएचयू) और मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के बीच एमओयू, तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान को मिलेगा नया आयाम

आईआईटी (बीएचयू) और मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के बीच एमओयू, तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान को मिलेगा नया आयाम
Aug 04, 2026, 10:46 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) ने मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के साथ विज्ञान, इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। भोपाल स्थित आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में आयोजित समारोह में मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में यह समझौता संपन्न हुआ।


एमओयू पर आईआईटी (बीएचयू) की ओर से डीन (अनुसंधान एवं विकास) प्रो. राजेश कुमार तथा मध्य प्रदेश शासन की ओर से उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिपाहा ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।


इस समझौते के तहत मध्य प्रदेश के 30 उच्च शिक्षण संस्थानों को आईआईटी (बीएचयू) की शैक्षणिक विशेषज्ञता, अनुसंधान सुविधाओं और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का लाभ मिलेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान, कौशल विकास, नवाचार और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।


दोनों संस्थान कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्री 4.0, क्वांटम तकनीक, ड्रोन, स्मार्ट सिटी और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, कार्यशालाएं और तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। विद्यार्थियों और शिक्षकों को अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा।


समझौते के तहत स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी (बीएचयू) के सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (सीआईआईई) के माध्यम से इन्क्यूबेशन, पेटेंट, तकनीकी हस्तांतरण और प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण में सहयोग दिया जाएगा। साथ ही हरित ऊर्जा, हाइड्रोजन तकनीक, बैटरी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, स्मार्ट ग्रिड, नैनो प्रौद्योगिकी और जलवायु-अनुकूल इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान भी किया जाएगा।


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आईआईटी (बीएचयू) के निदेशक प्रो. अमित पत्रा ने कहा कि यह साझेदारी उच्च शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस सहयोग से विद्यार्थियों और शिक्षकों को नए अवसर मिलेंगे तथा विकसित भारत के लक्ष्य को गति मिलेगी।


दोनों संस्थानों के बीच यह एमओयू प्रारंभिक रूप से पांच वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा। इसके क्रियान्वयन की निगरानी और समीक्षा के लिए संयुक्त समन्वय समिति का गठन किया जाएगा। इससे मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता, अनुसंधान और नवाचार को नई गति मिलने की उम्मीद है।

नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, नगर आयुक्त ने परखी तैयारियां
नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, नगर आयुक्त ने परखी तैयारियां
वाराणसी : नागपंचमी पर्व को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जैतपुरा स्थित ऐतिहासिक नागकुआं क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर मेला क्षेत्र में सफाई, प्रकाश, जल निकासी और पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए नागरिक सुविधाओं में किसी भी तरह की कमी न रहे।नगर आयुक्त ने पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए निर्बाध स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के निर्देश दिए। उन्होंने जलकल और सिविल विभाग के जेई को व्यवस्थाओं को समय से दुरुस्त करने को कहा।ALSO READ: कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथनागकुआं के निरीक्षण के बाद नगर आयुक्त ने औसानगंज वार्ड का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में सफाई समेत अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागपंचमी के मेला क्षेत्र और आसपास के वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद, जलकल विभाग के जेई, सिविल विभाग के जेई, सफाई निरीक्षक अवनीश दुबे समेत नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथ
कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथ
वाराणसीः बीएचयू में पालतू कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल 11 साल के अभिनव से चार दिन बाद रविवार को मिलने प्रो. श्रद्धा सिंह अपने पति के साथ ट्रामा सेंटर पहुंचीं. उन्होंने बच्चे के माता-पिता से हाथ जोड़कर माफी मांगी और भविष्य में कुत्ता नहीं रखने की बात कही. हालांकि बच्चे के माता-पिता ने उनसे नाराजगी जताई. मां ने तो सीधे सवाल कर दिया कि अब क्यों आईं हैं. पिता ने शिकायत किया कि बच्चा अब भी बोल नहीं पा रहा है.ALSO READ: BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकालाप्रोफेसर और उनके पति ने कुत्ते के टीकाकरण का कार्ड दिखाया. साथ ही कहा कि भविष्य में कुत्ता घर में नहीं रखने की बात भी कही। बता दें कि बीते 13 अगस्त की सुबह बीएचयू ट्रामा सेंटर में सीनियर नर्सिंग आफिसर प्रेमाराम दोनों बेटों 11 वर्षीय अभिनव और 13 वर्षीय हर्ष के साथ बीएचयू परिसर में मार्निंग वाक पर निकले थे. वापस लौटने के दौरान कुछ दूर निकल चुके बड़े बेटे को लेने के लिए आगे बढ़ गए. वहीं छोटा बेटा परिसर की ही जोधपुर कालोनी स्थित घर की ओर अकेला जाने लगा. इसी दौरान हिंदी विभाग की प्रो. श्रद्धा सिंह के पालतू कुत्ते ने अभिनव पर हमला कर दिया. वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह से बच्चे को कुत्ते से बचाया. गंभीर हालत में उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया. बच्चे को कुत्ते ने इतनी बुरी तरह से काटा था कि उसके सिर व चेहरे पर 50 टांके लगाने पड़े. वहीं आरोप है कि प्रो. श्रद्धा सिंह बच्चे की मदद करने की बजाय वहां से चली गईं. उन्होंने बच्चे पर कुत्ते द्वारा हमले से भी इनकार किया था. वहीं बीएचयू प्रशासन ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था.
BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकाला
BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकाला
वाराणसी : बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के नवनियुक्त प्रभारी पर 11 साल से तैनात केयरटेकर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। केयर टेकर का आरोप है कि मुझ पर कुछ कर्मचारियों के खिलाफ गलत रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाया गया।केयर टेकर ने दावा किया कि दबाव में काम करने से इनकार कर दिया। इसके बाद 28 जुलाई को कुलपति से शिकायत की। इसके अगले ही दिन मुझे ट्रॉमा सेंटर आने से रोक दिया गया। उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी शोकॉज नोटिस के काम से हटा दिया गया।मामले में केयर टेकर ने कुलपति को ई-मेल के जरिए शिकायत करने के साथ सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में भी शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर प्रभारी बदलाव के लिए आए थे, लेकिन उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है।ट्रामा सेंटर प्रभारी पर कर्मचारी ने लगाए आरोप।ट्रामा सेंटर प्रभारी पर कर्मचारी ने लगाए आरोप।गलत रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाने का आरोपBHU ट्रॉमा सेंटर में 2014 से केयरटेकर के पद पर तैनात सुनील यादव ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है। कहा- 20 जुलाई को नए प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. अजीत कुमार के आने के बाद से मुझे परेशान किया जा रहा था।सुनील ने कहा- कुछ कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखने के लिए मुझ पर दबाव बनाया जा रहा था। लिखना था कि वे समय पर ड्यूटी नहीं आते और काम नहीं करते, जबकि कर्मचारी नियमित रूप से काम कर रहे थे।ALSO READ: बीएचयू शिक्षा संकाय का 109वां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया गयासुनील यादव BHU ट्रामा सेंटर में साल 2014 से तैनात हैं।सुनील यादव BHU ट्रामा सेंटर में साल 2014 से तैनात हैं।मना किया तो ट्रामा में प्रवेश पर रोक लगा दीसुनील ने बताया कि उन्होंने ऐसा लिखने से इनकार किया तो उन पर दबाव बनाया गया और कहा गया कि वह सौरभ सिंह के आदमी हैं। इसके बाद उन्होंने 28 जुलाई को पत्र के माध्यम से कुलपति से शिकायत की। उनका आरोप है कि 29 जुलाई को जब वह ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और बताया कि उनके प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।सुनील का कहना है कि उन्हें काम से हटाने से पहले कोई शो-कॉज नोटिस नहीं दिया गया। उन्हें सीधे कहा गया कि वह अगले दिन से काम पर न आएं। उन्होंने इस कार्रवाई को नियमों के खिलाफ बताते हुए मामले में शिकायत की है।सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में शिकायतसुनील यादव ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर ई-मेल के जरिए कुलपति से शिकायत की। इसके बाद जनसुनवाई, सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में भी शिकायत दर्ज कराई है।उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर में वर्चस्व की लड़ाई के चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। सुनील के मुताबिक, वह 11 साल से काम कर रहे हैं और उन्हें बदले की भावना से हटाया गया है, जिससे उन पर मानसिक दबाव बना हुआ है।सुनील ने दावा किया कि जब उन्होंने कार्रवाई का कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि वीसी ने निर्देश दिया है कि जो भी गलत दिखाई दे, उसे हटा दिया जाए।