सिगरा स्टेडियम पहुंचे सांसद मनोज तिवारी, 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह

वाराणसी : भोजपुरी सुपरस्टार एवं सांसद मनोज तिवारी आज वाराणसी स्थित सिगरा स्टेडियम पहुंचे, जहां उन्होंने 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में भाग ले रहे खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया. इस दौरान उन्होंने स्टेडियम की आधुनिक सुविधाओं का अवलोकन किया और खिलाड़ियों से मुलाकात की. मनोज तिवारी ने कहा कि आज बनारस उन्हें बिल्कुल नया लग रहा है.उन्होंने कहा, “ऐसा महसूस हो रहा है जैसे मैं पहली बार बनारस आया हूं, जबकि मेरा जन्म इसी शहर में हुआ है.

मेरा गांव भले ही बिहार में है, लेकिन मेरी पढ़ाई, खेल और जीवन का बड़ा हिस्सा यहीं बीता है. मनोज तिवारी ने सिगरा स्टेडियम के बदले हुए स्वरूप की जमकर सराहना की, उन्होंने कहा कि पहले यहां सीमित संसाधनों में काम चलाया जाता था, लेकिन अब अलग-अलग खेलों के लिए अलग-अलग कोर्ट, आधुनिक स्टेडियम और पूरी तरह एयर कंडीशन हॉल जैसी सुविधाएं खिलाड़ियों को मिल रही हैं.उन्होंने कहा कि यह बदलाव “न्यू काशी” की पहचान है.

उन्होंने इस परिवर्तन का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देते हुए कहा कि यह मोदी जी की दूरदर्शिता का परिणाम है और योगी जी के कुशल क्रियान्वयन से यह संभव हो पाया है. मनोज तिवारी ने वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी का भी आभार जताया, जिनके प्रयासों से इतने बड़े स्तर पर 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन संभव हो सका. मनोज तिवारी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले शासन का ध्यान सिर्फ अपने लोगों को आगे बढ़ाने तक सीमित रहता था, जबकि वर्तमान नेतृत्व का फोकस देश और समाज के समग्र विकास पर है. उन्होंने 2014 का उदाहरण देते हुए कहा कि जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे थे, तब उनकी माता ने उन्हें सिर्फ 100 रुपये दिए थे, जो उनके मूल्यों और ईमानदारी को दर्शाता है.

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उन्होंने कहा कि आज काशी सिर्फ सांस्कृतिक राजधानी ही नहीं रह गई है, बल्कि अब यह खेल, व्यापार और पर्यटन की भी राजधानी बनती जा रही है। मनोज तिवारी ने कहा कि महापौर अशोक तिवारी ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि जब बुनियादी ढांचा मौजूद है, तो उसका अधिकतम उपयोग कर काशी को खेलों का बड़ा केंद्र बनाया जाए। अंत में उन्होंने कहा कि यह आयोजन न सिर्फ खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि पूरे देश को यह संदेश देता है कि वाराणसी अब हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है.



