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मुख्‍यमंत्री ने ‘काशी कोतवाल’ और बाबा विश्‍वनाथ के किए दर्शन, दुकानदारों से की बातचीत

मुख्‍यमंत्री ने ‘काशी कोतवाल’ और बाबा विश्‍वनाथ के किए दर्शन, दुकानदारों से की बातचीत
Apr 04, 2026, 10:18 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह काशी विश्वनाथ मंदिर एवं काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन किया. मुख्यमंत्री ने यहां से निकलकर आसपास के दुकानदारों और बच्चों से बातचीत कीऔर उनका कुशलक्षेम जाना. मुख्यमंत्री ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद भी दिया. मुख्यमंत्री शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर काशी पहुंचे थे. शनिवार सुबह उन्होंने बाबा काल भैरव के दरबार में पहुंचकर माथा टेका और आरती कर श्रद्धा निवेदित की.


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लोगों का दिल जीता


यहां से निकलते समय सीएम योगी ने आसपास के दुकानदारों व बच्चों से संवाद किया. सभी ने प्रणाम कर अपने प्रिय मुख्यमंत्री का अभिवादन किया. सीएम का आत्मीय व्यवहार देखकर सभी प्रसन्न नजर आए. कहा सीएम ने दिल जीत लिया. मुख्यमंत्री श्रीकाशी विश्वनाथ धाम भी पहुंचे. गर्भगृह में प्रवेश कर उन्होंने लोक मंगल की कामना के साथ बाबा विश्वनाथ का षोडशोपचार पूजन-अभिषेक किया और आरती की. मुख्यमंत्री ने यहां से प्रस्थान करते समय श्रद्धालुओं का अभिवादन भी किया.


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इस पर मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” के जयकारे लगाए. मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, अनिल राजभर, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, राज्यमंत्री संदीप सिंह, विधायक नीलकंठ तिवारी, सुशील सिंह, अवधेश सिंह आदि ने भी दर्शन-पूजन किया.


एमची के सीएम ने कचौडी जलेबी का लिया स्‍वाद


मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को स्थानीय खान-पान का आनंद लिया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला जब एयरपोर्ट की ओर जा रहा था, तभी वे मिंट हाउस स्थित श्रीराम भंडार पर रुके. यहां उन्होंने कचौड़ी, पूरी-राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया.


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इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के हर प्रांत और शहर की अपनी विशिष्ट खान-पान संस्कृति होती है, जो वहां की पहचान को दर्शाती है. स्थानीय स्वाद और पारंपरिक व्यंजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. स्थानीय लोगों ने भी उनसे मुलाकात कर बातचीत की. उन्होंने लोगों को सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य कार्यक्रम देखने के लिए प्रेरित किया.

घर में लंबे समय तक चावल को ऐसे रखे स्टोर,  नहीं पड़ेगे घुन या कीड़े
घर में लंबे समय तक चावल को ऐसे रखे स्टोर, नहीं पड़ेगे घुन या कीड़े
लाइफस्टाइल: अक्सर लोग अपने घरों में चावल को स्टोर करते है. चावल को स्टोर करना इतना आसान नहीं होता हैु. ये बेहद चुनौतीपूर्ण काम होता है. जी हां, नमी या घुन के कारण अक्सर चावल में काले और सफेद कीड़े लगने लगते हैं. जिससे न सिर्फ स्वाद बिगड़ता है बल्कि अनाज की पौष्टिकता भी खत्म हो जाती है. बाजार में मिलने वाली कीटनाशक गोलियां सेहत के लिए जोखिम भरी हो सकती हैं. लेकिन आप चावल को स्टोर करने के लिए प्राकृतिक तरीका भी आजमा सकते हैं. जिसे लेकर आज हम आपको बताएंगे.घरेलू नुस्खा बहुत से होते है. पर जो हम बताने जा रहे है वो काफी अलग और आसान भी है. इसके लिए आपको ज्यादा कुछ करने की जरूरत भी नहीं है. जो चावल को स्टोर करने में पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार है. उनके अनुसार, अगर आप चावल के डिब्बे में तेजपत्ता और सूखी लाल मिर्च को लेयरिंग तरीके से रखते हैं, तो इनकी तीखी गंध कीड़ों को पास फटकने भी नहीं देगी. रसोई में मौजूद इन दोनों चीजों का इस्तेमाल कैसे करना है इसकी सही जानकारी होना भी जरूरी है.एयरटाइट कंटेनर का चुनावचावल को स्टोर करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है, सबसे पहला और जरूरी काम एक सही डिब्बे का चुनाव करना होगा. जो चावल को सुरक्षित रखेगा. हमेशा एक साफ और सूखा एयरटाइट कंटेनर ही लें. अगर डिब्बे में थोड़ी भी नमी होगी, तो कीड़े बहुत जल्दी पनपेंगे. स्टील या अच्छी गुणवत्ता वाले प्लास्टिक के डिब्बे, जिनमें हवा ना आए, चावल स्टोर करके लिए अच्छे माने जाते हैं.तेजपत्ता और लाल मिर्च का मिश्रण​तेजपत्ता और सूखी लाल मिर्च में एक खास तरह की तीखी गंध होती है, जो कीड़ों को नापसंद होती है. लाल मिर्च में मौजूद 'कैप्साइसिन' और तेजपत्ते की खुशबू प्राकृतिक कीटनाशक का काम करती है. यह बिना किसी केमिकल के चावल को सुरक्षित रखने का सबसे प्रभावी तरीका है. इसे इस्तेमाल करने के लिए डिब्बे की तली में सबसे पहले 2-3 तेजपत्ते और 2 सूखी लाल मिर्च रखें.लेयरिंग तकनीककुसुम भट्ट एक विशेष लेयरिंग तकनीक की सलाह देती हैं. डिब्बे को एक साथ पूरा न भरें. सबसे पहले तली में मसाले डालें, फिर डिब्बे को आधा चावल से भरें. इसके बाद बीच में फिर से 2 तेजपत्ते और 2 सूखी लाल मिर्च डालें. आखिरी में बाकी चावल भरकर ऊपर से फिर से मसाले रखें. इस तरह मसालों की खुशबू पूरे डिब्बे में समान रूप से फैल जाती है.नमी से बचाव चावल में कीड़े लगने का मुख्य कारण नमी होती है. चावल को स्टोर करने से पहले सुनिश्चित कर लें कि वे पूरी तरह सूखे हुए हों, अगर संभव हो, तो चावल को डिब्बे में भरने से पहले एक दिन की धूप दिखा दें. इसके अलावा, जिस जगह पर आप डिब्बा रख रहे हैं, वह जगह भी सूखी और ठंडी होनी चाहिए, सिंक के पास या गीली जगहों पर अनाज रखने से बचें.प्राकृतिक गंध का प्रभावबाजार में मिलने वाली कीटनाशक गोलियां चावल के स्वाद को प्रभावित कर सकती हैं और धोने के बाद भी उनका अंश रह सकता है. ऐसे में तेजपत्ता और सूखी लाल मिर्च प्राकृतिक हैं. इनकी गंध से कीड़े तो दूर रहते हैं, लेकिन पकाते समय चावल के स्वाद या सुगंध पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है.खराब होने से चावल को ऐसे बचाए भले ही आपने मसाले डाल दिए हों, लेकिन हर 15-20 दिनों में एक बार चावल के डिब्बे को खोलकर जरूर चेक करें. अगर आपको लगे कि लाल मिर्च का रंग बहुत हल्का पड़ गया है या तेजपत्ते की खुशबू खत्म हो गई है, तो उन्हें बदलकर नए मसाले डाल दें. समय-समय पर चावल को ऊपर-नीचे करने से हवा का संचार बना रहता है और अनाज ताजा रहता है.
गुमशुदा पायलट के तलाश में ईरान और अमेरिका की होड़
गुमशुदा पायलट के तलाश में ईरान और अमेरिका की होड़
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जबरदस्त युद्ध छिड़ा हुआ है. अमेरिका ने ईरान से इस कदर दुश्मनी निभा रखी है मानों, युद्ध को समाप्त करने की तमन्ना ही खत्म हो चुकी है. पायलटों की तलाश में ईरान के खिलाफ अमेरिका अब सर्च ऑपरेशन भी चलाने को तैयार बैठा है. ये वहीं अभियान है जिसमें एक अमेरिकी अधिकारी ने लड़ाकू विमान को मार गिराने की पुष्टि की है.जाने क्या है पूरा मामला दरअसल, कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के खिलाफ युद्ध जारी है. जिसमें दोनों देशों की सेनाएं लापता हुए एक अमेरिकी पायलट को तलाशने में जुटी हैं. लेकिन गजब की बात तो यह है कि इस खोज में तलाश कम और एक-दूसरें को पछाड़ने की होड़ ज्यादा नजर आ रही हैं. ईरानी अधिकारियों ने लोगों से अपील कर कहा कि, वे अमेरिकी पायलट को खोजने में उनकी मदद करें. ताकि हम डोनाल्ड ट्रंप को उनके किये का पछतावा और सबक सिखाने में कोई कसर बाकी ना रखे. उधर अमेरिका ने भी अपने पायलट की खोजबीन शुरू कर दी है.ईरानी हमले की चपेट में अमेरिकी सेना के दो हेलिकॉप्टरईरान में चल रहे जंग के बीच अमेरिकी सेना को उस वक्त एक बड़ा झटका लगा, जब ईरान की तरफ से चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना के दो हेलिकॉप्टर ईरानी हमले की चपेट में आ गए. ये हेलिकॉप्टर एक अमेरिकी लड़ाकू विमान के गिराए जाने के बाद से उसके गुमशुदा हुए पायलटों की तलाश में लगे हुए थे. हालांकि, अमेरिका ने अपने एक पायलट का रेस्क्यू सफलतापूर्वक कर लिया है.लेकिन दूसरा पायलट अब भी लापता है. उसकी तलाश के लिए अमेरिकी सेना रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने की कार्रवाई में जुटी हुई है.एक ओर जहां अमेरिका अपने दूसरे पायलट को सुरक्षित लाने में जुटा हुआ है तो ईरान के सैनिक भी इस मंशा से उसे खोजने में लगे हुए है कि ट्रंप कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सकें. वहीं ईरान की रेवॉल्यूशनरी गार्ड कोर ने कहा कि देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में जहां अमेरिकी विमान गिरा, उस इलाके को खंगाला जा रहा है. खबरों के मुताबिक, ईरानी सेना ने इस गुमशुदा पायलट को खोजने पर इनाम की भी घोषणा की है.कुवैत के दावे को ईरान ने किया झूठा साबित अमेरिकी सेनिक की खोजबीन के बीच अमेरिका ने ईरान के एक बड़े पुल को नष्ट कर दिया है, इससे भी ट्रंप को संतुष्टि नहीं मिली तो ईरान के नागरिक सुविधाओं और बिजली संयंत्रों पर हमला करने का संकल्प ले बैठे. ईरान ने इसे युद्ध अपराध बताते हुए पलटवार किया, जिस पर कुवैत ने कहा है कि ईरान ने एक वॉटर प्लांट को निशाना बनाते हुए एक तेल रिफाइनरी पर हमला किया है, जिसके चलते अन्य खाड़ी देशों को उस हमले का सामना करना पड़ रहा है. कुवैत के इस दावे को झूठा साबित कर दिया है.यह भी पढ़ें: पूर्वांचल के तीसरे बड़े एयरपोर्ट के निर्माण का मार्ग प्रशस्‍त, करोड़ों रुपये जारीवहीं, ईरान ने बीते शुक्रवार को इजरायल पर भी मिसाइल हमले किए हैं. ईरान के पूर्व विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने ईरान से जीत की घोषणा करने की अपील करते हुए इसको समाप्त करने को कहा है. दुख की बात तो यह है कि अब तक इस युद्ध में कम से कम 2,076 लोग मारे गए हैं. इनमें 26,500 घायल हुए हैं.
पूर्वांचल के तीसरे बड़े एयरपोर्ट के निर्माण का मार्ग प्रशस्‍त, करोड़ों रुपये जारी
पूर्वांचल के तीसरे बड़े एयरपोर्ट के निर्माण का मार्ग प्रशस्‍त, करोड़ों रुपये जारी
वाराणसी: पूर्वांचल के तीसरे सबसे बड़े एयरपोर्ट निर्माण का मार्ग प्रशस्‍त हो चुका है. सोनभद्र के म्योरपुर में बनने वाले एयरपोर्ट के लिए शासन की ओर से 23 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है. निर्माण शुरू करने के लिए कागजी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं. इसी महीने से निर्माण शुरू होने के आसार हैं. इस एयरपोर्ट का निर्माण आजमगढ़ एयरपोर्ट की तर्ज पर होगा. यहां से क्षेत्रीय और नॉन कनेक्टिंग विमानों का संचालन होगा. सोनभद्र के म्योरपुर में एयरपोर्ट का निर्माण साल 2022 से कराया जा रहा है. पूर्व में यहां पार्किंग के लिए चिह्नित जमीन पर विवाद के कारण स्टे लग गया था. दिसंबर 2025 में हाईकोर्ट ने इस जमीन से स्टे हटा लिया. यही नहीं शासन की ओर से इस एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 23 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया गया है.नॉन कनेक्टिंग फ्लाइट्स का संचालनवाराणसी एयरपोर्ट के अधिकारियों की निगरानी में यहां काम कराया जाएगा. यहां से क्षेत्रीय विमान और नॉन कनेक्टिंग फ्लाइट्स का संचालन होगा. सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद इसी महीने से निर्माण कार्य शुरू होने के आसार हैं. एयरपोर्ट का निर्माण करीब 70 एकड़ जमीन पर होगा. रनवे की लंबाई 2000 मीटर होगी. आजमगढ़ एयरपोर्ट की तर्ज पर यहां छोटा टर्मिनल भवन, वीआईपी लाउंज, पार्किंग, सुरक्षा और चेक-इन काउंटर बनाए जाएंगे. लगेज के लिए विशेष कन्वेयर सिस्टम होगा, जो विमान से आगमन हॉल में यात्रियों तक चेक किए गए सामान को पहुंचाने के लिए लगाया जाएगा.वाराणसी समेत 10 जिलों से होगा सोनभद्र एयरपोर्ट का जुड़ावम्योरपुर एयरपोर्ट का जुड़ाव वाराणसी समेत आसपास के 10 जिलों से होगा. इसमें आजमगढ़, प्रयागराज, अयोध्या, कुशीनगर, गोरखपुर, लखनऊ जैसे जिले शामिल हैं. उड़ान योजना के तहत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए इस एयरपोर्ट से क्षेत्रीय उड़ानें अधिक होंगी. इनके अलावा सोनभद्र व आसपास के क्षेत्र बड़ा औद्योगिक हब होने के कारण यहां से कुछ प्रमुख शहरों के लिए नॉन कनेक्टिंग विमान भी संचालित किए जाएंगे.यह भी पढ़ें: मुख्‍यमंत्री ने ‘काशी कोतवाल’ और बाबा विश्‍वनाथ के किए दर्शन, दुकानदारों से की बातचीतलाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि सोनभद्र के म्योरपुर में एयरपोर्ट बनाने के लिए बजट जारी कर दिया गया है. आजमगढ़ एयरपोर्ट की तर्ज पर इसका निर्माण होगा. यहां से क्षेत्रीय और नॉन कनेक्टिंग विमान संचालित होंगे. इसका निर्माण जल्द ही शुरू होगा.