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मालगोदाम की जमीन पर विकसित होगा नमो बनारस केंद्र, इन कारोबारियों को मिलेंगी दुकानें

मालगोदाम की जमीन पर विकसित होगा नमो बनारस केंद्र, इन कारोबारियों को मिलेंगी दुकानें
Apr 14, 2026, 06:47 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: धर्म और अध्‍यात्‍म की नगरी काशी अब आधुनिक व्यापारिक सुविधाओं और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के एक नए युग में प्रवेश कर रही है. वहीं नगर निगम भी शहरी क्षेत्र के खाली भू-भागों का व्यावसायिक उपयोग कर अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ शहर को नई पहचान देने में जुटा हुआ है. इस क्रम में निगम कैंट स्थित मालगोदाम की बेशकीमती भूमि पर नमो: बनारस केंद्र विकसित करते का निर्णय लिया है. यह केंद्र न केवल वाराणसी के पारंपरिक बुनकरों और व्यापारियों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि शहर के आर्थिक ढांचे को भी मजबूती प्रदान करेगा.


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145 करोड़ की लागत से जी-प्लस सिक्स कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनेंगे


महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सोमवार को निगम के सभागार में हुई कार्यकारिणी की बैठक में नमो: बनारस केंद्र प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई.​ नगर निगम की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कुल 0.82 हेक्टेयर भू-भाग पर 145.36 करोड़ रुपये की लागत से जी-प्लस 6 मल्टीस्टोरी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा. इस कॉम्प्लेक्स का कुल निर्माण क्षेत्रफल 48365.10 वर्ग मीटर होगा, जिसमें छोटे-बड़े कुल 844 आधुनिक दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव है.


व्यापारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसमें 155 वर्ग फीट से लेकर 655 वर्ग फीट तक की दुकानें उपलब्ध होंगी. परियोजना के वित्तपोषण के लिए निगम ने एक मॉडल तैयार किया है, जिसके तहत व्यापारियों के माध्यम से करीब 100 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि शेष 45.36 करोड़ रुपये की धनराशि निगम राज्य वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान की बचत से खर्च करेगा. यह केंद्र बनारसी साड़ी उद्योग और सप्तसागर दवा मंडी के व्यवसायियों को आवंटित किया जाएगा.


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अस्‍पतालों में भी मिलेगी मुफ्त वाई फाई सेवा


काशी को स्मार्ट सिटी के मानकों पर खरा उतारने के लिए डिजिटल कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. इस क्रम में दशाश्वमेघ और अस्सी जैसे प्रमुख घाटों के बाद निगम अब दूसरे चरण में शहर के महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्रों को मुफ्त वाई-फाई की सुविधा से जोड़ा जाएगा. इसके तहत ट्रॉमा सेंटर, बीएचयू अस्पताल और कैंसर अस्पताल परिसर में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को मुफ्त वाई-फाई सेवा उपलब्ध कराई जाएगी. यह कदम उन हजारों लोगों के लिए राहत भरा होगा जो दूर-दराज से इलाज के लिए यहां आते हैं.


प्रवर्तन दल को और प्रभावी बनाने का लिया निर्णय


​वहीं दूसरी ओर, शहर की यातायात व्यवस्था और सुंदरता को बिगाड़ने वाले अतिक्रमणकारियों पर लगाम कसने के लिए प्रवर्तन दल को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया है. आउटसोर्सिंग के माध्यम से 19 नए जवानों की नियुक्ति की जाएगी, जिससे प्रवर्तन दल के जवानों की संख्या 21 से बढ़कर 40 हो जाएगी. इसके साथ ही श्रमिकों की संख्या भी 25 से बढ़ाकर 40 करने का निर्णय लिया गया है. अब शहर के हर जोन में कम से कम चार श्रमिक तैनात रहेंगे जो प्रवर्तन दल के साथ मिलकर अतिक्रमण हटाने और अन्य कार्यों में सहयोग करेंगे.


इसके अलावा, कार्यकारिणी ने मैदागिन स्थित पेट्रोल पंप के पट्टे का नवीनीकरण करते हुए 55,000 रुपये मासिक किराया निर्धारित कर दिया है और होम स्टे, पेईंग गेस्ट हाउस के लिए 1500 रुपये वार्षिक लाइसेंस शुल्क को भी हरी झंडी दी है. साथ ही विभिन्न श्रेणियों के भवनों और केंद्रों के नियमावली सरलीकरण को भी मंजूरी दी गई है.


अनुपयोगी 83 वाहन होंगे नीलाम


बैठक में उप सभापति नरसिंह दास की अध्यक्षता वाली समिति की संस्तुति पर 83 अनुपयोगी वाहनों की नीलामी को भी हरी झंडी दी गई. हालांकि, चार साल पहले सीएसआर फंड से मिले ई-गार्बेज वाहनों सहित 31 वाहनों की नीलामी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है, जिनकी विस्तृत जांच के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा.


बैठक के दौरान विकास कार्यों की जमीनी हकीकत को लेकर महापौर काफी सख्त नजर आए। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद गलियों, सड़कों, सीवर और पेयजल पाइप लाइन बिछाने के कार्यों में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने ने स्पष्ट किया कि जनता की सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लेट-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कार्यकारिणी ने आदेश दिया कि अब से टेंडर जारी होने के ठीक एक सप्ताह के भीतर संबंधित ठेकेदार के साथ अनिवार्य रूप से अनुबंध की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि कार्य तत्काल शुरू हो सके.


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पावर हाउस निर्माण हेतु भूमि आवंटन को मंजूरी


नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि निर्माण कार्य केवल समय सीमा के भीतर ही नहीं, बल्कि पूरी तरह से गुणवत्तापूर्ण होने चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में कार्यों की गुणवत्ता में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी. बैठक में अधिनियम-1959 की धारा-91 (1) के तहत राजस्व विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर विचार करते हुए कार्यकारिणी ने सलरपुर और पहाड़िया क्षेत्र में नए विद्युत उपकेन्द्रों (पावर हाउस) के निर्माण हेतु भूमि आवंटन को मंजूरी दे दी है. इस महत्वपूर्ण विकास कार्य के पीछे पार्षद हनुमान प्रसाद के निरंतर प्रयासों की बड़ी भूमिका रही है. ​प्रस्ताव के अनुसार, सलारपुर वार्ड संख्या-5 के पार्षद हनुमान प्रसाद ने स्थानीय जनता की बिजली संबंधी समस्याओं को देखते हुए नगर आयुक्त को प्रार्थना-पत्र दिया था. उन्होंने मौजा सलरपुर (परगना-शिवपुर, तहसील सदर) की आराजी संख्या 612 की नवीन परती भूमि, जिसका क्षेत्रफल लगभग 0.040 हेक्टेयर है, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था.


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बैठक में उपसभापति नरसिंह दास, कार्यकारिणी सदस्य अमरदेव यादव, प्रमोद राय, मदन मोहन, हनुमान प्रसाद, सुशील गुप्ता योगी, प्रवीन राय, अशोक मौर्या, माधुरी सिंह, सुशीला देवी और राजकुमार चौधरी उपस्थित रहे, इसके अलावा नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, अमित कुमार, संगम लाल, , विनोद कुमार गुप्ता, संयुक्ती नगर आयुक्तय कृष्ण चंद्र, सहायक नगर आयुक्तम अनिल कुमार यादव, नगर स्वारस्य्संय अधिकारी डा. एसके चौधरी, मुख्य नगर लेखा परीक्षक संजय प्रताप सिंह, मुख्य अभियंता रवींद्र कुमार सिंह,, जलकल के महाप्रबंधक अनूप सिंह, उद्यान अधीक्षक डा. वीके सिंह, पशु चिकित्साधिकारी डा. संतोष पाल, विभागाध्क्षल शिखा मौर्या सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे.


वरुणा नदी के कायाकल्प का रोडमैप तैयार, रिवरफ्रंट संवारने को VDA-ONGC में समझौता...
वरुणा नदी के कायाकल्प का रोडमैप तैयार, रिवरफ्रंट संवारने को VDA-ONGC में समझौता...
वाराणसी : काशी की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय पहचान से जुड़ी वरुणा नदी के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. वरुणा रिवरफ्रंट विकास परियोजना के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) और ओएनजीसी के बीच 260.61 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए. ओएनजीसी अपनी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) निधि से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का वित्तपोषण करेगी. इससे वरुणा नदी के तटों का सुनियोजित विकास होने के साथ काशी में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं को नया आयाम मिलेगा.वीडीए सभागार में पिछले दिनों आयोजित कार्यक्रम में वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा और ओएनजीसी के सीएसआर प्रमुख नीरज कुमार बंसल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य वरुणा नदी को केवल स्वच्छ और संरक्षित बनाना ही नहीं, बल्कि इसे आधुनिक रिवरफ्रंट के रूप में विकसित करना भी है. इसके तहत नदी तटों को हरित क्षेत्रों, पैदल पथ, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाओं, सार्वजनिक उपयोग के खुले स्थलों और अन्य आधुनिक शहरी सुविधाओं से विकसित किया जाएगा.परियोजना मंडलायुक्त एवं वीडीए अध्यक्ष एस. राजलिंगम के मार्गदर्शन में तैयार की गई है. वहीं, ओएनजीसी के महाप्रबंधक अटल श्रीवास्तव ने इसे अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह परियोजना भारत सरकार के जल निकाय पुनर्जीवन मिशन की अवधारणा के अनुरूप है. इससे जल संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधुनिक सुविधाओं से युक्त काशी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नदी संरक्षण एवं शहरी विकास की प्राथमिकताओं को भी गति देगी.नदी तट का विकासपरियोजना के मुख्य उद्देश्य यह परियोजना काशी के शहरी सुंदरीकरण, पर्यावरण संरक्षण और नदी तट विकास पर केंद्रित है. इसका लक्ष्य पर्यटन संवर्धन और जनसुविधाओं का विस्तार करना भी है. ओएनजीसी सीएसआर से इस परियोजना को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. इसका उद्देश्य वाराणसी को एक आधुनिक, स्वच्छ और हरित नगर के रूप में स्थापित करना है.परियोजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से लेकर निर्माण कार्य तक सभी चरण तय समयबद्ध योजना के अनुसार पूरे किए जाएंगे.ALSO READ:काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...वरुणा नदी काशी की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है. लंबे समय से इसके संरक्षण और विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. यह परियोजना नदी के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए उसके किनारों को व्यवस्थित और आकर्षक बनाएगी. - पुर्ण बोरा, वीडीए उपाध्यक्ष
काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...
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वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हॉस्‍टल के कमरों पर अवैध कब्‍जा खाली कराने मामला गरम हो गया है. बुधवार को छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने का विरोध करते हुए कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्‍यागी और अन्य अधिकारियों का घेराव किया. इस दौरान परिसर में काफी गहमागहमी का माहौल बना रहा. हंगामे की स्थिति को देखते हुए परिसर में पुलिस तैनात की गई है.छात्रों का आरोप है कि उन्हें हॉस्टल से जबरन बाहर निकाला गया है. वे इस कार्रवाई को गलत और अन्यायपूर्ण बता रहे हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई. मौके पर पुलिस प्रशासन भी पहुंच गया. पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया. कुलपति ने इस संबंध में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हॉस्टल में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को हटाया जा रहा है. कुलपति ने यह भी स्वीकार किया कि कोई भी काम सौ फीसदी सही नहीं होता है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों को परेशानी आ रही है, उनकी जांच की जाएगी. उचित कार्रवाई करके समस्या का समाधान किया जाएगा.ALSO READ:पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया. उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के बाहर किया गया. छात्रों ने इसे मनमाना और अन्यायपूर्ण कदम बताया. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी. छात्रों ने हॉस्टल में रहने के अपने अधिकार पर जोर दिया. फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर अडे हुए हैं. कुलपति ने हॉस्टल खाली कराने की कार्रवाई को वैध ठहराया. उन्होंने बताया कि केवल उन लोगों को हटाया जा रहा है जो अवैध रूप से रह रहे हैं. कुलपति ने कहा कि यह व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है. उन्होंने प्रभावित छात्रों की शिकायतों की जांच का भरोसा दिया. कुलपति ने कहा कि उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.
पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...
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वाराणसी : लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में सत्यम नगर कॉलोनी में एक महिला से पता पूछने के बहाने सोने का टप्स झपटकर फरार हुए दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने 16 जून को महिला से घर के बाहर पता पूछने के बहाने बातचीत की और मौका पाकर कान से सोने का टप्स झपटकर फरार हो गए थे. घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.फाइनेंस कंपनी में बेच दिया था टप्सपुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आराेपियों ने लूटा गया सोने का टप्स एक फाइनेंस कंपनी को बेच दिया था. बिक्री से मिले पैसों में से बचे हुए 8 हजार रुपये पुलिस ने बरामद किए हैं.पुलिस ने नकद के अलावा आरोपियों के कब्‍जे से दो मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है. लालपुर-पांडेयपुर पुलिस की कार्रवाई से झपटमारी की इस घटना का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.ALSO READ : कांग्रेस ने एसआईटी पर उठाए सवाल, जिला मुख्‍यालय पर गेट बंद करने को लेकर हुआ हंगामा...लूट के मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर कुंदन गौड़ को पुलिस ने लूट के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. आरोपी मुकदमा अपराध संख्या 458/2019 में धारा 392, 411 व 414 आईपीसी के तहत वांछित चल रहा था. पुलिस के अनुसार बुधवार लहरतारा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक प्रवीण सचान ने टीम के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया. आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया.