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नवरात्रि के पहले दिन से ललिता घाट पर गंगा आरती का शुभारंभ, मंदिर न्‍यास द्वारा किया जाएगा संचालन

नवरात्रि के पहले दिन से ललिता घाट पर गंगा आरती का शुभारंभ, मंदिर न्‍यास द्वारा किया जाएगा संचालन
Mar 18, 2026, 11:03 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: गंगा आरती के प्रति श्रद्धालुओं और पर्यटकों में खासा उत्‍साह देखा जा रहा है. इसको देखते हुए गंगा आरती अब ललिता घाट पर भी आयोजित की जाएगी. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा संचालित गंगा आरती का शुभारंभ कल यानी नवरात्रि के पहले दिन से होने जा रहा है. इस पावन आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखने को मिल रहा है. ललिता घाट पर गंगा आरती की तैयारियों को देखकर देश-विदेश से आए भक्त विशेष रूप से आनंदित हैं. अनेक श्रद्धालु अपने अनुभव साझा करते हुए इस दिव्य आयोजन का भाग बनने को सौभाग्य मान रहे हैं.


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नवरात्रि में होगा गंगा आरती का शुभारंभ


गंगा आरती का शुभारंभ नवरात्रि के पहले द‍िन से शाम छह बजे से होगा. मंदिर न्यास ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पूर्ण कर ली हैं. यह सुनिश्चित किया गया है कि श्रद्धालुओं को आरती दर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो. श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन एक अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगा, जिसमें वे गंगा नदी के तट पर एकत्रित होकर आरती में भाग लेंगे.


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मंदिर न्यास ने सभी श्रद्धालुओं से अनुशासन बनाए रखने तथा व्यवस्था में सहयोग करने का अनुरोध किया है, जिससे यह आध्यात्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके. श्रद्धालुओं को यह भी सलाह दी गई है कि वे समय से पहुँचें ताकि आरती में भाग लेने का अवसर प्राप्त कर सकें.


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आयोजन की तैयारी में मंदिर न्यास


इस आयोजन की तैयारी में मंदिर न्यास ने सुरक्षा और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं. गंगा आरती के दौरान भक्तजन दीप जलाकर गंगा माता की आराधना करेंगे, जो एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करेगा. गंगा आरती का आयोजन अस्‍सी, दशाश्‍वमेध और नमो घाट पर किया जा रहा है. यह न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह समाज में एकता और भाईचारे को भी बढ़ावा देता है.

 योगी सरकार के नौ साल पूरे, स्टाम्प मंत्री ने गिनाई कई उपलब्धियां...
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वाराणसी: योगी सरकार के नौ साल होने पर प्रदेश सरकार के स्टाम्प और न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने आज बुधवार को चौकाघाट स्थित गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में आयोजित विकास प्रदर्शनी एवं कार्यक्रम का उद्घाटन किया. इस अवसर पर उन्होंने सरकार की 9 वर्षों की उपलब्धियों पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने "विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश" के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के विकास की चर्चा की.करोड़ों की लागत से पूरी हुई 486 परियोजनाएंमंत्री ने बताया कि काशी में नौ वर्षों में 35,156 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 486 परियोजनाएं पूरी की गई हैं, जिनमें मार्ग, सेतु, पेयजल, सीवरेज, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन, नगर विकास और पुलिस कल्याण शामिल हैं. इसके अलावा, 17,915 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं.127 परियोजनाएं हुई पुरी उन्होंने कहा कि जनपद में 22,829 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 127 परियोजनाएं पूर्ण की गई हैं. इसके अतिरिक्त, 5,813 करोड़ रुपये से अधिक लागत की सड़कों और सेतुओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है. रेलवे, एयरपोर्ट और जलमार्ग के निर्माण में 1,529 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है. स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत 877.65 करोड़ रुपये की लागत से 34 परियोजनाएं पूरी की गई हैं.यह भी पढ़ें: रेलवे कॉलोनियों में मिलेगी पाइप्ड नेचुरल गैस, गेल आपूर्ति पर हुआ समझौतामंत्री ने विद्युत सुधार कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 1,100 करोड़ रुपये की लागत से शहरी विद्युत सुधार कार्य, 3722 मजरों में विद्युतीकरण और 220 केवी विद्युत उपकेंद्र का निर्माण किया गया है. स्वास्थ्य क्षेत्र में 1,870.36 करोड़ रुपये की लागत से 43 परियोजनाएं पूर्ण की गई हैं.उन्होंने बताया कि 6,760 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया है और 78,492 बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से लाभान्वित किया गया है.जनपद में 12,34,995 व्यक्तियों के आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं. मंत्री ने कहा कि जनपद में 194 एमओयू हुए हैं, जिनमें प्रस्तावित निवेश राशि 21,566.72 करोड़ रुपये है. पिछले 9 वर्षों में 30 नए डिग्री कॉलेज और 20 नए आईटीआई खोले गए हैं. इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, एमएलसी धर्मेंद्र राय, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे.
रेलवे कॉलोनियों में मिलेगी पाइप्ड नेचुरल गैस, गेल आपूर्ति पर हुआ समझौता
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वाराणसी: ईस्ट सेंट्रल रेलवे के पं. दीन दयाल उपाध्याय मंडल और गेल गैस लिमिटेड के बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. इस समझौते के तहत रेलवे कॉलोनियों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, जिससे रेलवे कर्मचारियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक ईंधन उपलब्ध हो सकेगा. इस योजना के अंतर्गत पं. दीन दयाल उपाध्याय नगर में लगभग 4000 रेलवे आवासों में पीएनजी सप्लाई शुरू की जाएगी. साथ ही सभी रनिंग रूम में भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. इसके अतिरिक्त डीडीयू जंक्शन पर कार्यरत वेंडरों एवं रेलवे वर्कशॉप में भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा, जिससे उनके कार्य में सुविधा, सुरक्षा और दक्षता बढ़ेगी.सीनियर मैनेजर श्रीकांत राउत कार्यक्रम में शामिलइस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना की गरिमामयी उपस्थिति रही. कार्यक्रम में सूरज कुमार (वरीय मंडल अभियंता-समन्वय, डीडीयू), अजय कुमार (मंडल अभियंता- मुख्यालय, डीडीयू) तथा गेल गैस लिमिटेड के डिप्टी जनरल मैनेजर एवं ऑफिसर इनचार्ज रणधीर कुमार मिश्रा उपस्थित रहे. साथ ही गेल गैस लिमिटेड की ओर से चीफ मैनेजर अजय सेठी एवं सीनियर मैनेजर श्रीकांत राउत (गेल गैस/डीडीयू) भी कार्यक्रम में शामिल हुए.रेलवे कॉलोनियों में आधुनिक सुविधाओं को बढ़ावा अधिकारियों ने बताया कि यह पहल रेलवे कॉलोनियों में आधुनिक सुविधाओं को बढ़ावा देने और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. पीएनजी (PNG) कनेक्शन से न केवल रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि यह पारंपरिक ईंधनों की तुलना में अधिक सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण के लिए बेहतर भी साबित होगा.यह भी पढ़ें: हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 का शुभारंभ, कलश स्थापना संग नौ दिवसीय व्रत रखेंविशेष रूप से यह जानकारी दी गई कि रेलवे कर्मचारियों से पीएनजी (PNG) कनेक्शन हेतु कोई रजिस्ट्रेशन शुल्क नहीं लिया जाएगा. गेल गैस के अधिकारियों द्वारा यह भी बताया गया कि परियोजना का प्रथम चरण जून माह के द्वितीय सप्ताह तक कार्यरत होने की संभावना है.
हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 का शुभारंभ, कलश स्थापना संग नौ दिवसीय व्रत रखें
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वाराणसी: मां आदिशक्ति की आराधना, साधना, उपासना और व्रत कर शक्ति संचयन करने का महापर्व वासंतिक नवरात्रि 19 मार्च से आरंभ हो रहा है. इस बार उदयातिथि में अमावस्या होने के कारण चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि का क्षय है. हालांकि सूर्योदय के कुछ देर पश्चात ही प्रतिपदा आरंभ हो जाएगी फिर भी भारतीय कालगणना पद्धति के अनुसार पूरे दिन प्रतिपदा होने के बाद भी अमावस्या तिथि ही मानी जाएगी.घर-घर में होगा कलश स्थापना इस प्रकार इस बार अमावस्या तिथि में उपस्थित प्रतिपदा में ही घर-घर में कलश स्थापना होगी. इसके साथ ही नौ दिवसीय व्रत, अनुष्ठान आरंभ हो जाएंगे. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होने वाला हिंदू नववर्ष भी इसी तरह पिछले संवत्सर की अमावस्या में आरंभ होगा. बीएचयू के ज्योतिष विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि प्रतिपदा का क्षय होने के बाद भी नवरात्र पूरे नौ दिनों का है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष चैत्र कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 19 मार्च गुरुवार को प्रातः 6:41 बजे तक है.इसके पश्चात प्रतिपदा लग जा रही है जो 20 मार्च को प्रातः सूर्योदय के पूर्व ही 5:30 बजे तक रहेगी. इसलिए उदयातिथि में अमावस्या रहते हुए भी पूरे दिन प्रतिपदा का मान व्याप्त रहेगा. इसलिए वासंतिक नवरात्र व्रत का आरंभ 19 मार्च से ही होगा तथा हवन पूजन के साथ पूर्णाहुति 27 मार्च को मध्याह्न 12:27 तक किया जा सकेगा. देवी के नौ स्वरूपों का दर्शन 19 मार्च से आरंभ 27 मार्च तक प्रतिदिन नौ दिनों में क्रमशः किया जाएगा.दोपहर तक की जा सकेगी कलश स्थापनाइस वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि में चित्रा नक्षत्र तथा वैधृति योग न होने के कारण प्रातः काल से आरंभ कर दोपहर 12:25 तक कलश स्थापन शुभ होगा. किसी कारणवश जो लोग उक्त काल में कलश स्थापन न कर सकें वे उसके बाद भी रात्रिपर्यंत कलश स्थापन कर सकते हैं. इसी बीच चैत्र छठ करने वाली माताएं चौबीस मार्च को सूर्यषष्ठी व्रत करेंगी तथा 25 को प्रातः काल सूर्यार्घ्य देने के पश्चात पारणा करेंगी. उन्होंने बताया कि महानिशा पूजा 25 की रात्रि में की जाएगी तथा उसी दिन काशी में अन्नपूर्णा परिक्रमा सायं 4:54 से आरंभ होकर 26 को अपराह्न 2:32 तक किया जाएगा.यह भी पढ़ें: गैस किल्‍लत पर सपा महिला सभा का प्रदर्शन, खाली सिलेंडर और बर्तन लेकर सड़क पर उतरींज्योतिर्विद पं. ऋषि द्विवेदी बताते हैं कि केवल प्रथम और अंतिम व्रत करने वाले साधक अंतिम नवरात्र का व्रत महाअष्टमी तिथि में 26 मार्च गुरुवार को करेंगे और 27 मार्च को पारण करेंगे. जबकि महानवमी का व्रत 27 मार्च को रखा जाएगा पाठ तथा हवन की पूर्णाहुति उसी दिन दाेपहर में 12:30 बजे तक कर लेना होगा. व्रत का पारण अगले दिन 28 की प्रातः 10:30 तक किया जा सकेगा. नवसंवत्‍सर के अभिनंदन के लिए शहर में और श्रीकाशी विश्‍वनाथ मंदिर में विविध आयोजन भी किए जा रहे हैं.27 को मनेगी श्रीरामनवमी27 मार्च को ही पूरे देश में श्रीरामनवमी का उत्सव मनाया जाएगा. दोपहर 12 बजे मंदिरों में विशेष झांकियां सजाई जाएंगी, प्रभु की आरती होगी, घरों में मंगलाचार, सोहर होंगे और प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव में सनातन धर्मावलंबी डूब जाएंगे.चैत्र नवरा: प्रमुख तिथियां और मुहूर्तघट स्थापना : 19 मार्च चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 6:42 बजे से मध्याह्न 12:25 बजे तकसूर्य षष्ठी व्रत : 24 मार्च से आरंभ, 25 मार्च की प्रात: सूर्यार्घ्य पश्चात पारणमहानिशा पूजा : महासप्तमी में 25 मार्च की रात्रिअन्नपूर्णा परिक्रमा : 25 मार्च की सायं 4:54 से 26 मार्च को अपराह्न 2:32 बजे तकमहाष्टमी व्रत : 26 मार्च से आरंभ, 27 मार्च को पारणमहानवमी व्रत : 27 मार्च संपूर्ण दिवसपाठ-अनुष्ठान पूर्णाहुति : 27 मार्च, दोपहर 12:30 बजे तकनवरात्र व्रत पारण : 27 मार्च की दोपहर बाद से 28 की प्रात: 10:30 बजे तक.