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वीडीए में नोटिस सुनवाई एवं मानचित्र निस्तारण कैम्प का आयोजन

वीडीए में नोटिस सुनवाई एवं मानचित्र निस्तारण कैम्प का आयोजन
Dec 11, 2025, 12:46 PM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी । विकास प्राधिकरण के सभागार में उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में “नोटिस सुनवाई एवं मानचित्र निस्तारण कैम्प” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया. कैम्प का उद्देश्य भवन स्वामियों से प्राप्त मानचित्रों, नोटिसों तथा शमन से संबंधित प्रकरणों का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना था.


उपाध्यक्ष द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी अनुभाग ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से प्राप्त मानचित्रों एवं प्रार्थना-पत्रों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें. साथ ही यह भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिन मानचित्रों को तकनीकी कारणों अथवा नियमों के अनुपालन न होने के कारण अस्वीकृत किया गया है, उन पर संबंधित प्रवर्तन टीम द्वारा आवश्यक विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए.

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कैम्प में की गई प्रमुख कार्यवाहियाँ


* *कैम्प में कुल 100 प्रकरण सुनवाई हेतु प्रस्तुत हुए.*


* *नियोजन अनुभाग द्वारा 08 प्रकरणों का निस्तारण किया गया.*


* *15 प्रकरणों को अस्वीकृत / स्क्रूटनी हेतु सम्मनित किया गया.*


* *मानचित्र एवं नोटिस से संबंधित सुनवाई में कुल 83 भवन स्वामी उपस्थित हुए.*


इस व्यापक जनसुनवाई अभियान में नगर नियोजक प्रभात कुमार, सहायक नगर नियोजक सौरभ जोशी, पाँचों जोनों के जोनल अधिकारी, अवर अभियंता, लिपिकगण, तथा नियोजन, आवाप्ति, सीलिंग एवं विधि अनुभाग के समस्त कार्मिक उपस्थित रहे और सभी ने अपने-अपने स्तर से कार्यवाही को सुचारू रूप देकर कैम्प को सफल बनाया.


प्राधिकरण द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मानचित्रों एवं नोटिसों के निस्तारण की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ एवं त्वरित बनाया जाए। इसी क्रम में निर्णय लिया गया है कि हर गुरुवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण सभागार में नियमित रूप से “नोटिस सुनवाई एवं मानचित्र निस्तारण कैम्प” का आयोजन किया जाएगा* , जिससे भवन स्वामियों को एक ही स्थान पर पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध समाधान उपलब्ध हो सके तथा शहर के सुव्यवस्थित शहरी विकास को प्रोत्साहन मिल सके.


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350 रुपए के पार पहुचा पेट्रोल, इस देश में मचा हाहाकार
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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से पाकिस्तान ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 20% की बढ़ोतरी की है. मतलब साफ है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपए (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है. इन बढ़ते दामों की वजह कुछ और नहीं बल्कि अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के साथ-साथ मिडिल ईस्ट का बढ़ता तनाव है. जिसकी वजह से पाकिस्तान में पेट्रोल- डीजल के तेलों की कीमतों में आग लग गई है. इन दामों को देख सबसे ज्यादा कोई परेशान है तो वो है पेट्रोल-डीजल खरीदने वाले ग्राहक जिनकी जेब पर अब हद से ज्यादा बोझ पड़ने लगा है. यहीं कारण है कि ईरान-इजरायल युद्ध से चिंतित लोगों को अब इस बात की चिंता सताने लगी है कि आखिर कब तक इस बढ़ती महंगाई का दिन देखना पड़ेगा.फ्यूल खरीदने वालों को डराने लगे पेट्रोल-डीजल के दामदरअसल, पाकिस्तान में बढ़ते पेट्रोल और डीजल के दाम अब रिटेल फ्यूल खरीदने वाले लोगों को डराने लगे है. इन बढ़ते दामों से पहले पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 266 (दो सौ छियासठ).17 रुपये थी, जो अब बढ़कर 321.17 रुपये (105.62) प्रति लीटर हो गई है. वहीं हाई स्पीड वाला डीजल जो अब लोगों के लिए लो होने का एहसास कराने लगा है, इसके दाम पहले 280.86 रुपये बेचा जा रहा था, जो अब बढ़कर 335.86 (छियासी) (110) रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है. इन दामों को देख रिटेल फ्यूल खरीदने वाले लोग इसलिए टेंशन में आ गये है क्योंकि भारत की तुलना में अब ये कीमतें तीन गुना से ज्यादा रफ्तार पकड़ चुकी हैं. दिल्ली में पेट्रोल 94 चौरानबे.72 बहत्तर रुपये और डीजल 87सत्तासी.62 बासठ रुपये बेचा जा रहा है. ऐसे में अब आलम ये है कि, खरीदने से पहले लोग ये तक सोचने लगे है कि अगर इतने का पेट्रोल और डीजल खरीदेंगे तो खाएंगे क्या.पाक पीएम ने लोगों को दी चेतावनीअमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज आठवां दिन है. जहां ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध की वजह से तेल की इन बढ़ती कीमतों ने लोगों के रातों की नींद उड़ा दी है. पाक पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर रिटेल फ्यूल कीमतों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की जानकारी दी है, जहां उन्होंने बताया कि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को इस तरह का फैसला मजबूरी में लेना पड़ा है, क्योंकि, वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम की कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी का असर पाकिस्तान पर भी पड़ा है. हालांकि, पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे पाकिस्तान को मिडिल ईस्ट ने और भी मुश्किलों बढ़ा दी है. जिससे गरीब आवाम को सबसे ज्यादा जूझना पड़ेगा. मगर हमारी पाकिस्तान सरकार के पास इसके सिवा और कोई चारा नहीं बचा है.यह भी पढ़ें: क्या था रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड, जिसमें 24 साल बाद बरी हुए राम रहीम...गजब की बात तो यह रही कि, पाक सरकार की तरफ से फ्यूल के रेट बढ़ाए जाने के ऐलान से पहले लाहौर और कराची जैसे बड़े शहरों में पेट्रोल पंपों पर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं. इस स्थिति को देखते हुए पीएम शहबाज शरीफ ने लोगों को फ्यूल की जमाखोरी के खिलाफ पहले ही चेतावनी दे दी है. उन्होंने साफ तौर पर कह दिया है कि जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, सरकार कह रही है कि उनके पास पर्याप्त पेट्रोल है. लेकिन वह चाहती है कि फ्यूल का इस्तेमाल ज्यादा समय तक किया जा सके. क्योंकि मिडिल ईस्ट का संकट कब तक चलेगा, ये किसी को भी नहीं पता.
क्या था रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड, जिसमें 24 साल बाद बरी हुए राम रहीम...
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रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने आज डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम को 24 साल पुराने हत्याकांड में बरी कर दिया है. हाईकोर्ट ने सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले में बदलाव करते हुए राम रहीम को इस मामले में बरी कर दिया. हालांकि हाईकोर्ट ने इस केस में दोषी ठहराए गए तीन अन्य आरोपियों कुलदीप, निर्मल और किशन लाल की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है.अक्टूबर 2002 में हुई थी हत्या...बता दें कि, सिरसा में एक स्थानीय समाचार पत्र चलाने वाले रामचंद्र छत्रपति की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड ने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा क्यूंकि, पत्रकार ने डेरा सच्चा सौदा के खिलाफ सम्बंधित आरोपों के खिलाफ रिपोर्ट प्रकाशित की थी. इन रिपोर्ट में पत्रकार ने डेरा प्रमुख के खिलाफ यौन संबंध के मामले में आरोप लगाए थे. मामले में जांच शुरू हुई और मामले को CBI को दे दिया गया.यह भी पढ़ें: UP को वन ट्रिलियन डालर की आर्थिक शक्ति बनाने में कृषि की होगी बड़ी भूमिकाहाईकोर्ट ने राम रहीम को किया बरीबता दें कि आरोपियों ने सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ दायर की थीं. हाई कोर्ट ने मामले से जुड़े सबूतों और दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान से सुनने के बाद यह निर्णय दिया. हाईकोर्ट ने कहा कि राम रहीम के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले. इसलिए उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी किया जाता है. वहीं बाकी तीन आरोपियों के खिलाफ मौजूद साक्ष्यों को अदालत ने पर्याप्त माना. कोर्ट ने इन दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा.