कफ सिरप तस्करी मामले में सरगना शुभम के खिलाफ नोटिस चस्पा, 27 मार्च तक पेश होने का आदेश

वाराणसी: करीब 2000 करोड़ रुपये के कफ सीरप तस्करी प्रकरण में फरार चल रहे सरगना शुभम जायसवाल के खिलाफ अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है. अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी (14वां वित्त आयोग) मनोज कुमार द्वितीय ने मंगलवार को कुर्की पूर्व की उद्घोषणा जारी करते हुए उसे 27 अप्रैल तक उपस्थित होने का आदेश दिया है. यह आदेश नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (एनडीपीएस) के तहत दर्ज मामले में 23 फरवरी को जारी गैर-जमानती वारंट के बावजूद अदालत में उपस्थित नहीं होने पर दिया गया.

विवेचक एवं सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी के आवेदन पर अदालत ने निर्देश दिया है कि उद्घोषणा आरोपित के निवास स्थान पर चस्पा की जाए और सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाई जाए, ताकि उसे न्यायालय में पेश होने की जानकारी मिल सके.

कफ सिरप का गैर चिकित्सकीय उपयोग
पिछले साल 18 दिसंबर को औषधि निरीक्षक जुनाब अली ने सारनाथ स्थित पीडी फार्मा के संचालक विष्णु पांडेय के खिलाफ कोडीनयुक्त कफ सीरप के गैर-चिकित्सीय उपयोग का मुकदमा दर्ज कराया था. पुलिस जांच में इस अवैध कारोबार के तार कानपुर और प्रयागराज तक जुड़े मिले. छानबीन में शुभम जायसवाल को सरगना के रूप में चिह्नित किया गया, जबकि उसके पिता भोला प्रसाद समेत कई अन्य आरोपितों के नाम भी सामने आए.

शुभम को छोड़कर सभी आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं. पुलिस ने शुभम को छोड़कर अन्य आरोपितों के खिलाफ 23 मार्च को कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर दिया है, जिससे उनके खिलाफ ट्रायल का रास्ता साफ हो गया है. शुभम परिवार के साथ दुबई फरार हो चुका है और पुलिस उसके प्रत्यर्पण के लिए प्रयास कर रही है. यदि तय तारीख तक वह न्यायालय में उपस्थित नहीं होता है तो उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि कफ सिरप तस्करी प्रकरण को लेकर पुलिस जीरो टालरेंस की नीति पर काम कर रही है.



