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माघ पूर्णिमा पर पुष्य नक्षत्र में श्रद्धालु गंगा में लगाएंगे डुबकी, सात साल बाद महायोग

माघ पूर्णिमा पर पुष्य नक्षत्र में श्रद्धालु गंगा में लगाएंगे डुबकी, सात साल बाद महायोग
Jan 31, 2026, 08:56 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : माघी पूर्णिमा पर एक फरवरी को पुष्‍य नक्षत्र में लाखों श्रद्धालु गंगा में डूबकी लगाकर पूण्‍य कमाएंगे. सात साल बाद एक साथ सात योग लग रहे हैं. इनमें प्रीति योग, आयुष्मान, रवि, पुष्य, सर्वार्थ सिद्धि, श्रीवत्स योग समेत सात उत्तम योग बन रहे. स्नान-दान के लिए श्रद्धालुओं को करीब 16 घंटे तक मिल रहे हैं. इस मास में स्नान-दान, भगवान श्रीहरि विष्णु के पूजन अर्चन और कथा श्रवण करने से श्रद्धालुओं को करोड़ों गुना पुण्यफल मिलेंगे. वाराणसी में सभी घाटों पर स्नान के लिए पूर्वांचल के अलावा अन्य प्रांतों से बडी संख्‍या में श्रद्धालु आएंगे.


माघ पूर्णिमा का वर्णन प्राचीन ग्रंथों में मिलता है. इस मास में व्रत, स्नान-दान, नारायण के पूजन और कल्पवास का विधान है. सतयुग से कलयुग तक सभी युगों में माघ मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व है. इस मास में श्रीहरि जल में निवास करते हैं. माघ पूर्णिमा के दिन देवलोक से देवता भी पृथ्वी पर आकर पवित्र नदियों और संगम में स्नान करते हैं. इस दिन चन्द्रमा पूर्ण अवस्था में होता है.

मान्यता है कि सूर्योदय के समय स्नान करने से रोग और पाप दोनों से मुक्ति मिलती है. जो पूरे माघ महीने में स्नान नहीं कर पाते हैं, वह पूर्णिमा तिथि को स्वच्छ जल, सरोवर या गंगा स्नान कर सूर्यदेव को जल अर्पित कर लेते हैं तो उन्हें माघ स्नान का फल मिल जाता है. पूर्णिमा तिथि चन्द्रमा को अतिप्रिय है. पूर्णिमा तिथि के दिन चन्द्रमा की पूजा करने पर सुख-सौभाग्य और अभीष्ट योग रहता है. भगवान श्री सत्यनारायण भगवान की पूजा-अर्चना, व्रता एवं कथा का विधान है.



ज्योतिषाचार्यों के अनुसार माघ पूर्णिमा तिथि एक फरवरी को सुबह 05:19 बजे से अगले दिन दो को भोर में 03:46 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के आधार पर माघ पूर्णिमा का स्नान एक को ही होगा. इस बार माघ पूर्णिमा खास है, क्योंकि दिन रविवार पड़ रहा है. रविवार सूर्यदेव का दिन है. शास्त्रों में सूर्यदेव को उत्तरायण को देवताओं का काल बताया गया है.


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स्नान-दान के 3 शुभ मुहूर्त


माघी पूर्णिमा स्नान के लिए तीन शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:24 से सुबह 06:17 बजे तक, रवि पुष्य योग सुबह 07:09 से रात 11:58 बजे तक, मीन लग्न मुहूर्त सुबह 8:47 से 10:15 बजे तक है. व्रत का संकल्प लें और विधिवत पूजा आरंभ करें. भगवान गणेश की आराधना कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें. शाम को चंद्रदेव का पूजन करें. सत्यनारायण भगवान की कथा का पाठ करें. सामर्थ्य के अनुसार, गरीबों, जरूरतमंदों में दान-दक्षिणा, कम्बल, गुड़, तिल, घी, अन्न, खाद्य सामग्री दान करें.

महिला से मंगलसूत्र छीनने के मामले का खुलासा, आरोपी माल समेत गिरफ्तार...
महिला से मंगलसूत्र छीनने के मामले का खुलासा, आरोपी माल समेत गिरफ्तार...
वाराणसी : शिवपुर थाना क्षेत्र में महिला के गले से मंगलसूत्र छीनने की घटना का पुलिस ने एक सप्‍ताह बाद खुलासा किया है. स्नेचिंग करने वाले की पहचान अरविंद पाल (24) निवासी होलापुर, शिवपुर के तौर पर हुई. आरोपी को पुलिस ने शुक्रवार की शाम काशीराम आवास के आगे पुलिया के पास से गिरफ्तार किया. उसके पास से मंगलसूत्र बरामद हुआ है. 24 अप्रैल को छतरीपुर की गायत्री धाम कॉलोनी फेज-1 निवासी चंदगीराम यादव ने थाना शिवपुर में तहरीर दी थी.बताया कि उनकी पत्नी आशा यादव बाजार से सब्जी लेकर घर लौट रही थीं, तभी घर के पास पीछे से बाइक सवार एक बदमाश ने झपट्टा मारकर गले से मंगलसूत्र छीन लिया. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने 24 अप्रैल की शाम महिला को रोककर मंगलसूत्र छीना था.विरोध करने पर उसने महिला को धमकाया और फिर मंगलसूत्र लेकर भाग गया. वह लूटे गए मंगलसूत्र को बेचने की फिराक में था, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया. थाना प्रभारी अजीत वर्मा ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया.ALSO READ : कफ सिरप प्रकरण में शुभम समेत नौ आरोपियों पर गैंगस्‍टर, भोला प्रसाद गैंग लीडर घोषित...दरवाजे पर बैठी महिला से चेन छीनने की कोशिशवाराणसी मिर्जामुराद क्षेत्र के कल्लीपुर गांव में शुक्रवार शाम मंजू देवी घर के बाहर बैठी थीं तभी उनके गले से उचक्के ने चेन छीनने की कोशिश की. छीनाझपटी के दौरान चेन टूट कर जमीन पर गिर गई, जबकि आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला. मलाड ईस्ट मुंबई निवासी मंजू देवी (55) एक सप्ताह पहले अपने मायके कल्लीपुर आई थीं. वह घर के दरवाजे पर बैठी थीं. इस दौरान घटना हुई. सूचना के बाद डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की निशानदेही पर एक संदिग्ध को पकड़ लिया. थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
कफ सिरप प्रकरण में शुभम समेत नौ आरोपियों पर गैंगस्‍टर, भोला प्रसाद गैंग लीडर घोषित...
कफ सिरप प्रकरण में शुभम समेत नौ आरोपियों पर गैंगस्‍टर, भोला प्रसाद गैंग लीडर घोषित...
वाराणसी : अरबों के कफ सीरप तस्करी प्रकरण में रोहनिया पुलिस ने कायस्थ टोला प्रह्लाद घाट थाना आदमपुर निवासी शुभम जायसवाल और उसके गिरोह के नौ सदस्यों को गैंगस्‍टर एक्ट में निरुद्ध किया है. पुलिस ने शुभम के पिता भोला प्रसाद को गैंग का लीडर घोषित किया है. गैंगस्‍टर एक्ट के नए मुकदमे का आरोपितों को न सिर्फ सामना करना पड़ेगा, बल्कि पुलिस गिरोह के एक-एक सदस्य की बची-कुची संपत्ति भी धारा 14 (3) में सीज करेगी. रोहनिया पुलिस ने बीते 19 नवंबर को भदवर स्थित जिम के तहखाने में छिपा कर रखे गए 500 पेटी से ज्यादा कफ सीरप की बरामदगी मामले में तस्करों का नेटवर्क सामने आने के बाद गैंगस्‍टर एक्ट लगाया है.इस मामले में सभी नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पहले से ही लग चुकी है. रोहनिया पुलिस ने भदवर स्थित जिम में बरामद 18,600 सीसी फेंसाडिल और 75,150 सीसी स्कफ सीरप की जांच शुरू की तो आरोपितों के तार गाजियाबाद, त्रिपुरा तक फैला मिला. इंस्पेक्टर राजू सिंह ने जांच शुरू की तो जिम के तहखाने से एक ई-वेबिल मिला. जिसकी जांच में पता चला कि कफ सीरप गाजियाबाद की दवा फर्म आरएस फार्मा ने चंदौली के सिंह मोडिकोज को भेजा था.ई-वेबिल से उस ट्रक नंबर का पता चला, जिसके कफ सीरप ढोया गया था. जांच आगे बढ़ी तो गाजियाबाद निवासी आरएस फार्मा का मालिक सौरभ त्यागी, शिवाकांत उर्फ शिवा, कृष्णा नगर चंधासी थाना मुगलसराय चंदौली निवासी व सिंह मेडिकोज के मालिक स्वप्निल केसरी, सप्तसागर मैदागिन थाना कोतवाली निवासी दिनेश यादव, ईश्वरगंगी थाना जैतपुरा निवासी आशीष यादव का नाम सामने आया था.एसीपी संजीव शर्मा ने बताया कि सौरभ त्यागी और शिवाकांत उर्फ शिवा ने आरएस फार्मा से कफ सीरप स्वप्निल केसरी के फर्म को भेजा था. स्वप्निल केसरी ने पूछताछ में शुभम जायसवाल के करीब दिनेश यादव व आशीष यादव की संलिप्तता बताई. उधर, बरामद फैंसाडील के बैच नंबर के आधार पर कफ सीरप बनाने वाली कंपनी एबाट से रिपोर्ट मांगी गई तो पता चला कि उसने शुभम के पिता भोला प्रसाद की फर्म शैली ट्रेडर्स को आपूर्ति की की थी.जबकि 19 नवंबर को कफ सीरप बरामदगी के शुभम, महेश सिंह (भदवर के ग्राम प्रधान के पति महेश जिसके तहखाने में कफ सीरप बरामद था.) और रमाकान्त नगर सिगरा के आजाद जायसवाल के खिलाफ नामजद केस दर्ज था. इस तरह पुलिस ने सभी नौ आरोपियों का गिरोह सामने आने पर गैंगस्‍टर एक्ट में निरुद्ध किया गया.कफ सिरप प्रकरण में कब क्‍या हुआ19 नवंबर 2025 को रोहनिया पुलिस ने 500 पेटी से ज्यादा कफ सीरप बरामदगी का केस किया.22 जनवरी को गैर जमानती वारंट जारी हुआ.24 फरवरी को कुर्की पूर्व का उद्घोषणा नोटिस जारी हुआ.26 फरवरी को नोटिस सहजदृश्य स्थान पर नोटिस चस्पा किया.27 फरवरी को विभिन्न अखबारों में इश्तेहार प्रकाशित कराए गए.30 मार्च को अदालत ने उपस्थित होने का अंतिम अवसर मिला.01 अप्रैल को कोतवाली पुलिस ने कोर्ट में पेश न होने का केस दर्ज किया।05 अप्रैल को पुलिस की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया.01 मई को गैंगस्‍टर एक्ट की कार्रवाई हुई.also read:ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर गेरुआ पेंटिंग को लेकर विवाद, शहर मुफ्ती ने किया विरोधकोतवाली और सारनाथ पुलिस भी गैंगस्‍टर लगाने की तैयारी मेंवाराणसी में कोतवाली और सारनाथ पुलिस भी शुभम, भोला और अन्य आरोपितों के खिलाफ गैंगस्‍टर लगाने की तैयारी में हैं. पुलिस एक- एक तस्कर की कुंडली तैयार कर रही है. पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है. डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि गैंगस्‍टर की धारा 14 (1) में संपत्ति जब्त करने का प्रविधान है. गैंगस्‍टर लगने के साथ ही पुलिस आगे के प्रयास में जुट गई है. सारनाथ पुलिस भी तेजी से जांच कर रही है.
ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर गेरुआ पेंटिंग को लेकर विवाद, शहर मुफ्ती ने किया विरोध
ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर गेरुआ पेंटिंग को लेकर विवाद, शहर मुफ्ती ने किया विरोध
Controversy erupts over saffron painting on the wall of Gyanvapi Mosque, city Mufti protestsवाराणसी: अति संवेदनशील ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर गेरुआ रंग से की गई पेंटिंग को लेकर विवाद सामने आया है. शहर मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी साहब ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि मस्जिद की दीवार पर इस तरह की पेंटिंग धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ है. उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि इसे नहीं हटाया गया, तो विरोध जारी रहेगा. शर मुफ्ती ने इसे परंपराओं के खिलाफ बताया. कहा कि पहले भी विरोध किया गया था. वहीं नमाज़ अदा करके निकले स्थानीय शकील अहमद ‘जादूगर’ ने इस मामले में अलग राय रखते हुए कहा कि उन्हें इस पेंटिंग से कोई आपत्ति नहीं है. उन्होंने कहा कि आमतौर पर मस्जिदों का रंग सफेद या हरा होता है, जबकि गेरुआ रंग मंदिरों से जुड़ा माना जाता है. ऐसे में धार्मिक स्थलों की परंपरा और पहचान का ध्यान रखना जरूरी है.वहीं, जुमे की नमाज को देखते हुए शुक्रवार को वाराणसी में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया. काशी विश्वनाथ मंदिर–ज्ञानवापी क्षेत्र सहित संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई. एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि नमाज़ के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो.इस पूरे मामले पर प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल जुम्मे की नमाज़ को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना रही. वहीं पुलिस अधिकारियों से इस मुद्दे पर पूछे जाने पर वे खुलकर कुछ कहने से बचते नजर आए और सुरक्षा व्यवस्था पर ही जोर देते रहे. इधर, सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी और एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 पर भारी पुलिस बल तैनात रहा.Also Read: विश्‍व मजदूर दिवस पर पीएम आदर्श गांव में बुलंद की आवाज, मजदूरी बढ़ाने की उठाई मांगमौके पर डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, एडीसीपी काशी वैभव बाँगर और अन्य अधिकारी मौजूद रहे और लगातार निगरानी करते दिखे. फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य है, लेकिन संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह के विवाद को बढ़ने से रोका जा सके.https://www.youtube.com/watch?v=yk_vEG6WMTk