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वाराणसी में गणेश चतुर्थी के अवसर पर चाइनीज मांझे के खिलाफ उठाई आवाज, की ये अपील

वाराणसी में गणेश चतुर्थी के अवसर पर चाइनीज मांझे के खिलाफ उठाई आवाज, की ये अपील
Jan 06, 2026, 09:02 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : गणेश चतुर्थी के अवसर पर उत्तर प्रदेश भाईचारा कमेटी ने चाइनीज मांझे के खिलाफ अपनी आवाज उठाई. इस अवसर पर समस्त काशी वासियों और देशवासियों को गणेश चतुर्थी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी गई और जान लेवा मांझे का बहिष्‍कार करने की अपील की गई.


कार्यक्रम में आकाश त्रिपाठी, जो एक साड़ी व्यवसायी और काशी तीर्थ पुरोहित महासभा के सदस्य हैं, ने कहा कि हम समस्त काशी वासियों से अपील करते हैं कि वे चाइनीज मांझे का पूर्ण रूप से बहिष्कार करें और भारतीय मांझे का प्रयोग करें. उन्होंने यह भी बताया कि चाइनीज मांझा न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि यह लोगों के जीवन के लिए भी खतरा बन सकता है. उन्होंने कहा, इससे किसी की भी जान-माल की क्षति नहीं होगी और हम सब मिलकर मकर संक्रांति का पर्व हर्षोल्लास के साथ मना सकेंगे.


कहा कि भारतीय मांझा न केवल सुरक्षित है, बल्कि यह हमारे सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतीक है. उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे अपने त्योहारों को सुरक्षित और पारंपरिक तरीके से मनाएं. उन्होंने यह भी कहा कि चाइनीज मांझे के उपयोग से कई दुर्घटनाएं होती हैं, जो कि हमारे समाज के लिए चिंता का विषय है.


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कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इसका समर्थन किया और चाइनीज मांझे के बहिष्कार का संकल्प लिया. इस अवसर पर कई अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे और भारतीय उत्पादों के उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया. इस प्रकार, वाराणसी में गणेश चतुर्थी के अवसर पर चाइनीज मांझे के खिलाफ उठाई गई आवाज ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है. यह न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक जागरूकता का विषय बन गया है. सभी को मिलकर इस दिशा में प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि हम अपने त्योहारों को सुरक्षित और आनंदमय बना सकें.

खेत की ओर निकली महिला का गोमती नदी में मिला शव, पुलिस जांच में जुटी
खेत की ओर निकली महिला का गोमती नदी में मिला शव, पुलिस जांच में जुटी
वाराणसी : चौबेपुर थाना क्षेत्र के धरहरा में खेत की ओर निकली एक महिला का शव बुधवार को गोमती नदी में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. शव देखते ही ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई, क्योंकि मृतका गांव की बुजुर्ग महिला निकली, जो मानसिक रूप से विक्षिप्त थी. सूचना मिलते ही परिवार के लोग अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए, लेकिन इसी बीच किसी ग्रामीण ने स्थानीय चौकी पर इसकी सूचना दी. सूचना के बाद चौकी इंचार्ज पवन राय मौके पर पहुँचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.जानकारी के अनुसार, धरहरा गांव निवासी शीला देवी पति भैया लाल प्रतिदिन की तरह सुबह घर से खेत की ओर निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं. इसके बाद परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चल सका. इस बीच जब ग्रामीण नदी किनारे गए तो उन्होंने शव को पानी में उतराया देखा. तुरंत परिजनों को इसकी सूचना दी गई. पुलिस ने शव की पहचान के बाद उसे कब्जे में लिया. फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्टीकरण हो पाएगा. पुलिस ने बताया कि मामले की हर पहलू से जाँच की जा रही है.ALSO READ : आर्य महिला कॉलेज में गूंजा राष्ट्रप्रेम, छात्राओं ने तिरंगा थाम लिया देशभक्ति का संकल्पवरुणा नदी में युवक डूबा, तलाश जारीशिवपुर के पिसौर में राम-जानकी मंदिर के पास मंगलवार शाम वरुणा नदी में नहाने गया जहांगीर गहरे पानी में जाने से डूब गया. पुलिस और ग्रामीणों ने देर शाम तक उसकी तलाश की, लेकिन तेज बहाव और अधिक जलस्तर के कारण सफलता नहीं मिली. एनडीआरएफ की टीम सर्च ऑपरेशन चला रही है. जहांगीर मंगलवार शाम पांच बजे नदी में नहाते समय अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा. पास में मछली पकड़ रहे एक ग्रामीण ने उसे डूबता देखकर शोर मचाया और गांव के लोगों को सूचना दी. डायल 112 पर पुलिस को जानकारी दी गई. जहांगीर सैलून में काम करता है. पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर था. पत्नी के अलावा एक बेटा और एक बेटी है.
आर्य महिला कॉलेज में गूंजा राष्ट्रप्रेम, छात्राओं ने तिरंगा थाम लिया देशभक्ति का संकल्प
आर्य महिला कॉलेज में गूंजा राष्ट्रप्रेम, छात्राओं ने तिरंगा थाम लिया देशभक्ति का संकल्प
वाराणसी : आर्य महिला कॉलेज में बुधवार को ‘हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा एवं हर मन तिरंगा’ अभियान के तहत भव्य तिरंगा वितरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं और युवाओं में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता तथा तिरंगे के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना रहा. छात्राओं, शिक्षकों और एनसीसी कैडेट्स ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया.कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि रहे. कॉलेज पहुंचने पर एनसीसी कैडेट्स ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया. उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों को तिरंगा वितरित कर स्वतंत्रता दिवस पर अपने घरों में ध्वज फहराने और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का संकल्प लेने का आह्वान किया.प्रदीप अग्रहरि ने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता, शौर्य, शांति, समृद्धि और वीर शहीदों के बलिदान का प्रतीक है. उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया.उन्होंने बताया कि 9 से 17 अगस्त तक देशभर में ‘हर घर तिरंगा’ और तिरंगा यात्रा अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में 13 अगस्त को वाराणसी में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी. यात्रा दोपहर तीन बजे महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गेट नंबर तीन से शुरू होकर लहुराबीर होते हुए संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय पहुंचेगी. यात्रा के मुख्य अतिथि जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह होंगे.कार्यक्रम में छात्राओं ने भगवान शिव के आह्वान के साथ देश के विभिन्न प्रांतों की शास्त्रीय नृत्य परंपराओं पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियां दीं. एनसीसी कैडेट्स की अनुशासित परेड और विद्यालय बैंड की राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत धुनों ने माहौल को देशभक्ति से भर दिया.ALSO READ : गंगा एक स्थान पर, भागवत सर्वत्र कोने-कोने में मिलती है : अभिराम दास जी महाराजकार्यक्रम का संचालन डीन ऑफ एकेडमिक्स दीपा जोशी ने किया. प्रधानाचार्या अंजना दीक्षित ने अतिथियों, शिक्षकों, छात्राओं और आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार जताया. इस दौरान मुख्य अतिथि समेत विशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया. पूर्व महानगर महामंत्री चंद्रशेखर उपाध्याय, क्षेत्रीय मंत्री महिला मोर्चा पूजा दीक्षित और महानगर मीडिया से प्रमील पाण्डेय सहित अन्य लोग मौजूद रहे.कार्यक्रम के अंत में युवाओं ने राष्ट्र निर्माण, देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय उत्सव में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया.
गंगा एक स्थान पर, भागवत सर्वत्र कोने-कोने में मिलती है : अभिराम दास जी महाराज
गंगा एक स्थान पर, भागवत सर्वत्र कोने-कोने में मिलती है : अभिराम दास जी महाराज
वाराणसी : राजघाट-भदऊ चुंगी स्थित श्री साईं धाम अपार्टमेंट के बेसमेंट में श्री काशी विश्वनाथ भगवान के तत्वावधान में 6 से 12 अगस्त तक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा रस महोत्सव का बुधवार को समापन हुआ. सात दिवसीय कथा के समापन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और अतिथियों ने प्रसाद ग्रहण किया.कथा शुरू होने से पहले मुख्य यजमान प्रदीप मिश्रा ने श्रीमद्भागवत पोथी की विधिवत पूजा-अर्चना की. इसके बाद कथावाचक वृंदावन धाम से पधारे अभिराम दास जी महाराज का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया.समापन अवसर पर कथा व्यास अभिराम दास जी महाराज ने कहा कि “गंगा दो है, एक के लिए उस स्थान पर जाना होगा, दूसरा भागवत है, जो सर्वत्र कोने-कोने में मिलती है.” उन्होंने कहा कि भगवत भक्ति एक भाव है और भागवत स्वयं गंगा के समान है। गंगा के दर्शन के लिए हरिद्वार, प्रयागराज और काशी जैसे तीर्थों पर जाना पड़ता है, लेकिन श्रीमद्भागवत की महिमा ऐसी है कि इसका श्रवण हर स्थान पर किया जा सकता है.उन्होंने कहा कि लक्ष्मी भगवान की शक्ति हैं और उनके पति श्रीनारायण हैं. भगवान द्वारिकाधीश के स्वरूप में भी लक्ष्मी का विशेष महत्व है. लक्ष्मी के बिना श्रीनारायण का स्वरूप पूर्ण नहीं माना जाता.कथा के अंतिम दिन सुदामा चरित्र का भावपूर्ण मंचन किया गया. सुदामा चरित्र के माध्यम से श्रद्धालुओं को मित्रता, सरलता, संतोष और भगवान के प्रति अटूट भक्ति का संदेश दिया गया. कथा के दौरान उपस्थित श्रोतागण भावविभोर नजर आएश्रीमद्भागवत कथा रस महोत्सव में शहर दक्षिणी विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विश्वनाथ धाम के पं. श्रीकांत मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. कैलाश सिंह विकास, सुरेश पाण्डेय, दिनेश पाण्डेय, भजन गायक राकेश तिवारी और विकास प्राधिकरण सदस्य अम्बरीष सिंह भोला सहित अन्य विशिष्ट लोग मौजूद रहे.ALSO READ : वाराणसी बना यूपी का एकमात्र ‘सक्षम’ जिला, नाको की डीडीजी ने किया एचआईवी कार्यक्रम का निरीक्षणकथा श्रवण करने वालों में डॉली मिश्रा, प्रदीप कुमार मिश्र, पूजा मिश्रा, रीता मिश्रा, रुद्र मिश्र, सिद्धांत मिश्र, सचिन मिश्र, मुकुंद लाल शर्मा, मयंक शर्मा, शुचि शर्मा, आशीष मिश्रा और रिया मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे। कथा के समापन के बाद आयोजित भंडारे में सभी ने प्रसाद ग्रहण किया.