वाराणसी में गणेश चतुर्थी के अवसर पर चाइनीज मांझे के खिलाफ उठाई आवाज, की ये अपील

वाराणसी : गणेश चतुर्थी के अवसर पर उत्तर प्रदेश भाईचारा कमेटी ने चाइनीज मांझे के खिलाफ अपनी आवाज उठाई. इस अवसर पर समस्त काशी वासियों और देशवासियों को गणेश चतुर्थी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी गई और जान लेवा मांझे का बहिष्कार करने की अपील की गई.
कार्यक्रम में आकाश त्रिपाठी, जो एक साड़ी व्यवसायी और काशी तीर्थ पुरोहित महासभा के सदस्य हैं, ने कहा कि हम समस्त काशी वासियों से अपील करते हैं कि वे चाइनीज मांझे का पूर्ण रूप से बहिष्कार करें और भारतीय मांझे का प्रयोग करें. उन्होंने यह भी बताया कि चाइनीज मांझा न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि यह लोगों के जीवन के लिए भी खतरा बन सकता है. उन्होंने कहा, इससे किसी की भी जान-माल की क्षति नहीं होगी और हम सब मिलकर मकर संक्रांति का पर्व हर्षोल्लास के साथ मना सकेंगे.
कहा कि भारतीय मांझा न केवल सुरक्षित है, बल्कि यह हमारे सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतीक है. उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे अपने त्योहारों को सुरक्षित और पारंपरिक तरीके से मनाएं. उन्होंने यह भी कहा कि चाइनीज मांझे के उपयोग से कई दुर्घटनाएं होती हैं, जो कि हमारे समाज के लिए चिंता का विषय है.
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कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इसका समर्थन किया और चाइनीज मांझे के बहिष्कार का संकल्प लिया. इस अवसर पर कई अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे और भारतीय उत्पादों के उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया. इस प्रकार, वाराणसी में गणेश चतुर्थी के अवसर पर चाइनीज मांझे के खिलाफ उठाई गई आवाज ने एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है. यह न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक जागरूकता का विषय बन गया है. सभी को मिलकर इस दिशा में प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि हम अपने त्योहारों को सुरक्षित और आनंदमय बना सकें.



