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बाबा दरबार में नवंबर में पांच दिनों तक सुगम दर्शन और मंगला आरती की ऑनलाइन बुकिंग बंद

बाबा दरबार में नवंबर में पांच दिनों तक सुगम दर्शन और मंगला आरती की ऑनलाइन बुकिंग बंद
Oct 31, 2026, 08:44 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में नवंबर में पांच दिनों तक सुगम दर्शन और मंगला आरती की ऑनलाइन टिकट बुकिंग नहीं होगी. आगामी त्योहारों पर श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने 7 से 10 नवंबर और 24 नवंबर को ऑनलाइन टिकटों की बिक्री पर रोक लगा दी है. इन तारीखों पर मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से टिकट बुक नहीं किए जा सकेंगे. हालांकि, अन्य दिनों के लिए ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी.


मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर टिकट बुकिंग के दौरान श्रद्धालुओं को इसकी सूचना भी दी जा रही है. नवंबर में दीपावली, अन्नकूट और देव दीपावली जैसे प्रमुख पर्व होने के कारण काशी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. आठ नवंबर को दीपावली और नौ नवंबर को अन्नकूट पूजा है. वहीं, 24 नवंबर को देव दीपावली का आयोजन होगा. इन पर्वों पर काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है.


हालांकि, नवंबर के बाकी दिनों में सुगम दर्शन के टिकटों की बुकिंग की जा सकती है. 22 और 23 नवंबर के साथ ही 25 से 30 नवंबर तक प्रत्येक स्लॉट के लिए टिकट उपलब्ध हैं. श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार इन तारीखों में दर्शन के लिए ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं.


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दूसरी ओर, मंगला आरती के सामान्य टिकटों की बुकिंग में भी फिलहाल उपलब्धता नहीं दिख रही है. हालांकि, मंदिर प्रशासन की वेबसाइट पर प्रतिदिन सुबह 11 बजे तत्काल टिकट बुकिंग का विकल्प उपलब्ध कराया जाता है. इसके तहत हर दिन 100 तत्काल टिकटों की बुकिंग की व्यवस्था है. श्रद्धालु तत्काल कोटे के तहत टिकट प्राप्त करने का प्रयास कर सकते हैं.


श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के उप जिलाधिकारी शंभू शरण ने बताया कि श्रद्धालुओं की भीड़ और परिस्थितियों को देखते हुए मंदिर में दर्शन-पूजन की व्यवस्था तय की जाती है. त्योहारों के दौरान जब श्रद्धालुओं का दबाव अधिक होगा, तब सामान्य भक्तों को अधिक से अधिक संख्या में दर्शन कराने को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं.

कुर्सी पर बैठकर नहीं चलेगी पुलिसिंग, हर मोर्चे पर देनी होगी जवाबदेही...
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वाराणसी : पुलिस कमिश्नरेट में पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने और कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने मातहतों की चुडी कसी है. राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक में जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण, रात्रि गश्त, यातायात व्यवस्था और लंबित विवेचनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए गए. कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वालों पैदल कर दिए जाएंगे.जनता की शिकायतों पर लापरवाही बर्दाश्त नहींपुलिस कमिश्नर ने जनसुनवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय पर कार्यालयों में उपस्थित रहने और फरियादियों की शिकायतें गंभीरता एवं संवेदनशीलता से सुनने के निर्देश दिए. आईजीआरएस, मुख्यमंत्री संदर्भ, पीजी पोर्टल और अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के साथ शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने पर भी जोर दिया गया.हर थाने से 25 प्रतिशत पुलिस बल रात में निकलेगा गश्त परअपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस कमिश्नर ने महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक थाने में उपलब्ध पुलिस बल का न्यूनतम 25 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से रात्रि गश्त पर निकलेगा. शाम के समय प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की पर्याप्त मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया.चेन स्नेचिंग, छेड़खानी और चोरी पर विशेष नजरजीरो टॉलरेंस अगेंस्ट क्राइम की नीति के तहत चेन स्नेचिंग, छेड़खानी, चोरी और नकबजनी जैसी घटनाओं में त्वरित विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए. आदतन और सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने तथा अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने को कहा गया.जाम और अतिक्रमण पर भी पुलिस का फोकसशहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में यातायात पुलिस एवं थाना पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए. यातायात बाधित करने वाले अवैध अतिक्रमण के खिलाफ संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्रवाई करने को कहा गया.ALSO READ : हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जताया शोक, धाम की मर्यादा रक्षा के लिए कड़े कदमों की मांग60 और 90 दिनों में निपटानी होंगी लंबित विवेचनाएंलंबित मामलों की समीक्षा करते हुए पुलिस कमिश्नर ने विवेचनाओं का निर्धारित 60 एवं 90 दिनों की समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. साक्ष्य संकलन और कानूनी औपचारिकताओं में अनावश्यक देरी नहीं करने तथा विवेचकों के कामकाज की नियमित मॉनिटरिंग करने पर भी जोर दिया गया.बैठक में भूमि विवादों और स्थानीय संवेदनशील मामलों में समय रहते निरोधात्मक कार्रवाई करने तथा यक्ष एप पर दर्ज बीट सूचनाओं के विश्लेषण के आधार पर संभावित विवादों की पहचान करने के निर्देश भी दिए गए.
हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जताया शोक, धाम की मर्यादा रक्षा के लिए कड़े कदमों की मांग
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वाराणसी: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बदरीनाथ धाम के दर्शन कर लौट रहे कर्नाटक के छह श्रद्धालुओं की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई मृत्यु पर दुःख और संवेदना व्यक्त की है. मौसम की खराबी अथवा तकनीकी खामी के कारण हुए इस भीषण हादसे से उनका मन अत्यंत व्यथित और विचलित है. उन्‍होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों को इस अपार दुःख को सहने के लिए संबल प्रदान करने की कामना की है.तीर्थक्षेत्र की पवित्रता और सांस्कृतिक मर्यादा पर जोरबदरीनाथ धाम की प्राचीन परंपरा, उसकी पवित्रता और आध्यात्मिक मर्यादा को हर हाल में बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि धाम परिसर एवं पवित्र यात्रा मार्ग पर अनधिकृत मानवीय गतिविधियां, जैसे डीजे बजाना, नाच-गाना और अन्य मनोरंजन या कमर्शियल कार्यक्रमों का आयोजन करना इस महान तीर्थ स्थल की गरिमा के सर्वथा विपरीत है. सनातन धर्मशास्त्रों और लोक आस्था के अनुसार, देवभूमि में धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन करने से दैवीय शक्तियों का असंतोष और प्रकोप उत्पन्न होता है. इसलिए, यह अत्यंत आवश्यक है कि चारधाम की मौलिक, पवित्र और आध्यात्मिक प्रकृति को सुरक्षित रखा जाए ताकि इसकी गरिमा पर कोई आंच न आए.उत्तराखंड सरकार और प्रशासन के समक्ष रखी प्रमुख मांगेंइस दुखद घटना और धाम की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए, उन्‍होंने उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री से तत्काल प्रभाव से निम्नलिखित गंभीर बिंदुओं पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है:उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच: बदरीनाथ क्षेत्र में हुई इस हेलीकॉप्टर दुर्घटना के पीछे की वास्तविक वजहों—चाहे वह कोई तकनीकी खामी रही हो, मौसम की अनदेखी हो या फिर व्यावसायिक आपाधापी—की गहन और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके.सख्त उड्डयन नीतियां: भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए विमानन और उड्डयन सुरक्षा मानकों को बेहद कड़ा किया जाए ताकि श्रद्धालुओं की जान सुरक्षित रह सके.अमर्यादित गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध: धाम क्षेत्र और यात्रा मार्ग पर धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रकार के डीजे, संगीत, नाच-गाना या व्यावसायिक आयोजनों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए स्पष्ट और कठोर नीतियां बनाई जाएं.ALSO READ : वाराणसी में प्रेक्षक के खिलाफ प्रदर्शन से भाजपा ने झाड़ा पल्ला, मतगणना पर जताया संतोषइस पूरे घटनाक्रम और शंकराचार्य जी के संदेश की जानकारी देते हुए उनके मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि देवभूमि की पवित्रता की रक्षा और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है.
वाराणसी में प्रेक्षक के खिलाफ प्रदर्शन से भाजपा ने झाड़ा पल्ला, मतगणना पर जताया संतोष
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वाराणसी : विधान परिषद की वाराणसी खंड स्नातक सीट की मतगणना के दौरान चुनाव आयोग के प्रेक्षक प्रांजल यादव के खिलाफ हुए हंगामे से भाजपा ने असहमति जताई है. पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने कहा कि विरोध प्रदर्शन पार्टी की गाइडलाइन के अनुरूप नहीं था. भाजपा मतगणना की पूरी प्रक्रिया से संतुष्ट है.काशी क्षेत्र अध्‍यक्ष अशोक चौरसिया ने कहा कि मौके पर कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन क्यों किया, इसकी जानकारी नहीं है. पार्टी इस प्रदर्शन से सहमत नहीं है. उन्होंने कहा कि आयोग ने सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना कराई. ऐसे में गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं थी.ALSO READ :नमो ब्रिज के नाम से जाना जाएगा काशी में बनने वाला सिग्नेचर ब्रिज, रेल मंत्री ने किया एलानबतादें कि वाराणसी खंड स्नातक सीट की मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह और उनके समर्थकों ने मंडी समिति परिसर में हंगामा किया था. उन्होंने प्रेक्षक प्रांजल यादव पर मतगणना में धांधली कराने का आरोप लगाया था. जबकि प्रांजल यादव शिक्षक सीट के पर्यवेक्षक थे.