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ऑनलाइन प्‍लेटफार्म पर सामान बेचने का झांसा देकर करता था ठगी, पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

ऑनलाइन प्‍लेटफार्म पर सामान बेचने का झांसा देकर करता था ठगी, पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
May 15, 2026, 11:54 AM
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Posted By Preeti Kumari

The accused was arrested for allegedly cheating people by promising to sell goods on an online platform.


वाराणसी: कामर्शियल वेबसाइट लोगों की सुविधा का माध्यम बन रहे हैं वहीं साइबर अपराधी भी इन्हीं सुविधाओं का फायदा उठाकर आम लोगों की मेहनत की कमाई को निशाना बनाने के नए तरीके अपना रहे हैं. ऐसे ही एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क की कड़ी का राजफाश करते हुए पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर सेल टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है. ओएलएक्स जैसे लोकप्रिय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को सामान बेचने का झांसा देकर बड़ी रकम की साइबर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.


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पीड़ित ठगी का शिकार हो जाते थे


एसीपी साइबर क्राइम विदुष सक्‍सेना के अनुसार आरोपी बेहद योजनाबद्ध तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाता था. वह ओएलएक्स पर आकर्षक और लुभावने विज्ञापन पोस्ट करता था जिसमें कम कीमत पर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान बेचने का दावा किया जाता था. विज्ञापन देखने के बाद जब लोग संपर्क करते थे तो आरोपी उन्हें भरोसे में लेकर ऑनलाइन भुगतान करने के लिए प्रेरित करता था. जैसे ही भुगतान हो जाता था वह मोबाइल नंबर बंद कर संपर्क खत्म कर देता था और पीड़ित ठगी का शिकार हो जाते थे.


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मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल टीम लंबे समय से इस नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी. तकनीकी सर्विलांस, डिजिटल ट्रैकिंग और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों और लोकेशन का पता लगाया. इसके बाद थाना सिगरा क्षेत्र स्थित एक होटल में दबिश देकर आरोपी जलादी नागराजु निवासी गुंटूर आंध्र प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ और जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए.


आरोपी के खिलाफ शिकायतें दर्ज


साइबर सेल की जांच में आरोपी के खिलाफ देश के अलग अलग राज्यों से ऑनलाइन ठगी की तिहत्तर शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. शुरुआती जांच में ही करीब एक करोड़ पच्चीस लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है. पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने के साथ ठगी की रकम और प्रभावित लोगों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है.


तकनीक के सहारे छिपाता था पहचान


पुलिस के अनुसार आरोपी तकनीक का इस्तेमाल काफी सावधानी से करता था. वह लगातार मोबाइल नंबर और सिम कार्ड बदलता रहता था ताकि उसकी पहचान आसानी से न हो सके. अलग अलग बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों के जरिए वह ठगी की रकम को कई हिस्सों में ट्रांसफर करता था ताकि निगरानी से बचा जा सके. हालांकि इस बार साइबर सेल की रणनीति और डिजिटल जांच तकनीक के सामने उसकी कोशिशें ज्यादा देर तक सफल नहीं हो सकीं.


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गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक कीपैड मोबाइल, छह सिम कार्ड, दो एटीएम कार्ड, यस बैंक की चेकबुक, क्यूआर कोड कार्ड और नकदी बरामद हुए. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि बरामद किए गए उपकरणों से कई और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है और अन्य साइबर अपराधियों या नेटवर्क से जुड़े सुराग भी मिल सकते हैं.

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वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हॉस्‍टल के कमरों पर अवैध कब्‍जा खाली कराने मामला गरम हो गया है. बुधवार को छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने का विरोध करते हुए कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्‍यागी और अन्य अधिकारियों का घेराव किया. इस दौरान परिसर में काफी गहमागहमी का माहौल बना रहा. हंगामे की स्थिति को देखते हुए परिसर में पुलिस तैनात की गई है.छात्रों का आरोप है कि उन्हें हॉस्टल से जबरन बाहर निकाला गया है. वे इस कार्रवाई को गलत और अन्यायपूर्ण बता रहे हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई. मौके पर पुलिस प्रशासन भी पहुंच गया. पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया. कुलपति ने इस संबंध में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हॉस्टल में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को हटाया जा रहा है. कुलपति ने यह भी स्वीकार किया कि कोई भी काम सौ फीसदी सही नहीं होता है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों को परेशानी आ रही है, उनकी जांच की जाएगी. उचित कार्रवाई करके समस्या का समाधान किया जाएगा.ALSO READ:पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया. उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के बाहर किया गया. छात्रों ने इसे मनमाना और अन्यायपूर्ण कदम बताया. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी. छात्रों ने हॉस्टल में रहने के अपने अधिकार पर जोर दिया. फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर अडे हुए हैं. कुलपति ने हॉस्टल खाली कराने की कार्रवाई को वैध ठहराया. उन्होंने बताया कि केवल उन लोगों को हटाया जा रहा है जो अवैध रूप से रह रहे हैं. कुलपति ने कहा कि यह व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है. उन्होंने प्रभावित छात्रों की शिकायतों की जांच का भरोसा दिया. कुलपति ने कहा कि उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.
पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...
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वाराणसी : लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में सत्यम नगर कॉलोनी में एक महिला से पता पूछने के बहाने सोने का टप्स झपटकर फरार हुए दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने 16 जून को महिला से घर के बाहर पता पूछने के बहाने बातचीत की और मौका पाकर कान से सोने का टप्स झपटकर फरार हो गए थे. घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.फाइनेंस कंपनी में बेच दिया था टप्सपुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आराेपियों ने लूटा गया सोने का टप्स एक फाइनेंस कंपनी को बेच दिया था. बिक्री से मिले पैसों में से बचे हुए 8 हजार रुपये पुलिस ने बरामद किए हैं.पुलिस ने नकद के अलावा आरोपियों के कब्‍जे से दो मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है. लालपुर-पांडेयपुर पुलिस की कार्रवाई से झपटमारी की इस घटना का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.ALSO READ : कांग्रेस ने एसआईटी पर उठाए सवाल, जिला मुख्‍यालय पर गेट बंद करने को लेकर हुआ हंगामा...लूट के मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर कुंदन गौड़ को पुलिस ने लूट के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. आरोपी मुकदमा अपराध संख्या 458/2019 में धारा 392, 411 व 414 आईपीसी के तहत वांछित चल रहा था. पुलिस के अनुसार बुधवार लहरतारा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक प्रवीण सचान ने टीम के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया. आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया.