ओपी राजभर के सामने रोती-बिलखती रहीं महिलाएं, कुछ कहने के बजाय मंत्री ने साधी चुप्पी

Women wept in front of OP Rajbhar, but the minister remained silent.
मुख्यमंत्री योगी सरकार में मंत्री ओपी राजभर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वायरल वीडियो में ये साफ देखा जा सकता है कि, एक महिला अपनी समस्या और न्याय की मांग करते हुए काफी भावुक नजर आ रही है. हैरानी इस बात की है कि, महिला द्वारा बताई जा रही दुख भरे दर्द के दौरान मंत्री के बैठने का तरीका इतना खराब है कि उससे ये अंदाजा लग रहा है कि मंत्री को महिला की आपबीती से जरा भी फर्क नहीं पड़ रहा है. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

जानें क्या है पूरा मामला
दरअसल,सीएम योगी के मंत्री ओपी राजभर तीन दिन पहले जौनपुर जा पहुंच थे, जहां उन्होंने बिजली के खंभे की चपेट में आने से मृत युवकों के परिजनों से मुलाकात की थी, इसी मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा. जिसमें ये साफ दिख रहा है कि, कुर्सी पर बैठे ओपी राजभर के सामने कुछ महिलाएं अपनी आपबीती बताते हुए रोती-बिलखती नजर आ रही है, ऐसी स्थिती देखने के बाद भी एक मंत्री होने के नाते ओपी राजभर चुप्पी साधे बैठे रहे, इस हरकत से नाराज हुए लोगों का कहना है कि, मंत्री जैसा पद हासिल करने के बाद भी आम जनता के दर्द का हल ना निकाल सके तो ऐसे इंसान को मंत्री की कुर्सी पर बैठने का कोई भी अधिकार नहीं है. जनता के प्रति ओपी राजभर की ऐसी हरकत को देखकर ये समझ नहीं आता कि इन्हें मंत्री पद कैसे मिल गया. आखिर ये किस बात के मंत्री है, जब जनता के दर्द को ना समझ सकेे तो इस कुर्सी को छोड़ देनी चाहिए.

अपने वादे से मुकरे ओपी रोजभर
इस मामले पर ग्रामीणों ने बताया कि, 6 मई की रात सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के भकुरा गांव निवासी 24 वर्षीय शनि राजभर बिजली के खंभे के नीचे दब गया था, जिसके चलते युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. पर अफसोस की उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी. मामले की भनक पाते ही सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पंचायती राज विभाग के ओपी राजभर मृतक के घर पहुंचे और उसकी मां ओमती देवी, नानी दुलारी से मुलाकात कर घटना की जानकारी भी ली. करीब 40 मिनट तक चली इस बातचीत के दौरान उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया और प्रशासनिक स्तर पर हर संभव मदद दिलाने का भरोसा तक दिया. उसके बाद भी उन्होंने अपने द्वारा किए गए वादे को पूरा नहीं किया, क्या हीं एक मंत्री का फर्ज है.
महिला ने की कार्रवाई की मांग
वहीं पीड़ित परिजनों ने कहा कि, आते सब लोग हैं और भरोसा देकर चले जाते हैं कुछ करते नहीं. इस दौरान ओपी राजभर ने सदर उप जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता कर पीड़ित परिवार को दुर्घटना सहायता राशि उपलब्ध कराने का भरोसा दिया, वापस जाते समय मृतक की मां मंत्री के वाहन के आगे लेट गई, ठोस कार्रवाई की मांग की, हालांकि लोगों ने समझाकर मामला शांत कराया.

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हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वीडियो कब और कहां का है तथा महिला किस मामले में मंत्री से गुहार लगाने पहुंची थी, मामले को लेकर अभी तक मंत्री या उनके कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो ने जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद तथा संवेदनशील व्यवहार को लेकर बहस जरूर तेज कर दी है. अब लोगों की नजर इस पर है कि मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं.



