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हिंदू सेवा सदन अस्पताल के मरीजों को मिली ई एंबुलेंस की सौगात...

हिंदू सेवा सदन अस्पताल के मरीजों को मिली ई एंबुलेंस की सौगात...
Jun 27, 2026, 06:15 AM
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Posted By Isha Yadav

वाराणसी : हिन्दू सेवा सदन अस्पताल (बांसफाटक) में अब मरीजों की बेहतर सहूलियत के लिए ई-रिक्शा एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध हो गई है. रोटरी क्लब वाराणसी रॉयल द्वारा शुक्रवार को चांदपुर स्थित बनारस बीड्स लिमिटेड के प्रांगण में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में इस ई-एंबुलेंस को अस्पताल प्रबंधन को सौंप दिया गया.


अस्पताल प्रबंध समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि बांसफाटक की संकरी और तंग गलियों में पारंपरिक एंबुलेंस के लिए पहुँचना बेहद मुश्किल होता है. ऐसे में यह ई-रिक्शा एंबुलेंस वृद्धों, असक्तजनों, गर्भवती महिलाओं एवं अन्य गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुँचाने में बेहद उपयोगी साबित होगी. उन्होंने रोटरी क्लब का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सुविधा अस्पताल के लिए बहुत आवश्यक थी.


रोटरी क्लब के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर आशुतोष अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि रोटरी का मूल उद्देश्य ही मानवता की सेवा करना है. समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचकर उसे मदद प्रदान करना रोटरी परिवार का ध्येय है. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह ई-एंबुलेंस क्षेत्र के हजारों मरीजों को लाभ पहुँचाएगी.


अस्पताल के सचिव राजेन्द्र मोहन साह ने वाहन की विशेषताओं की जानकारी देते हुए बताया कि यह आधुनिक ई-एंबुलेंस कोलकाता से विशेष रूप से बनाकर लाया गया है. इसमें एक स्ट्रेचर, ऑक्सीजन सिलेंडर, प्राथमिक उपचार किट, पंखा और मरीज के साथ आने वाले परिजनों के बैठने की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सेवा का लाभ मरीजों को पूरी तरह निःशुल्क मिलेगा.


कार्यक्रम संयोजक उत्तम अग्रवाल ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की. इस अवसर पर व्याख्या के अध्यक्ष वरुण मुंदड़ा, शशांक अग्रवाल, कौशिक सेलर, अभिनय पाण्डेय, उमाशंकर पोद्दार, अनिल सराफ, नरेंद्र भुरारिया सहित कई प्रमुख रोटेरियन और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे.


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यह पहल स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है.रोटरी क्लब वाराणसी रॉयल भविष्य में भी ऐसी सामाजिक पहल जारी रखने का संकल्प ले चुका है.

वाराणसी नगर निगम का 88 प्रतिशत नाला सफाई का दावा, जमीनी हकीकत कुछ और...
वाराणसी नगर निगम का 88 प्रतिशत नाला सफाई का दावा, जमीनी हकीकत कुछ और...
वाराणसी : मानसून की दस्तक के बीच नगर निगम ने शहर के 128 बड़े और छोटे नालों में से 88 प्रतिशत नालों की सफाई पूरी होने का दावा किया है. हालांकि कई इलाकों में जमीनी स्थिति इस दावे से अलग नजर आ रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर केवल नालों के ऊपर से कचरा हटाया गया है, जबकि अंदर जमी गाद अब भी नहीं निकाली गई है.ऐसे में हल्की बारिश में भी जलभराव की आशंका बनी हुई है.नगर निगम के अनुसार, शहर में करीब 15 लाख आबादी के लिए 258 छोटे और 128 बड़े नालों की नियमित सफाई कराई जा रही है.अधिकारियों का दावा है कि छोटे नालों की 88 प्रतिशत से अधिक सफाई पूरी हो चुकी है, लेकिन कई मोहल्लों में नालों की स्थिति लोगों की परेशानी बढ़ा रही है.लक्ष्मी नगर और चरण नगर के बीच स्थित नाले में सफाई अधूरी होने की शिकायत सामने आई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऊपर से कचरा हटाने के बावजूद नाले के भीतर गाद जमा है, जिससे पानी का बहाव प्रभावित हो रहा है.घोसाबाद की ओर से आने वाले नाले और उससे जुड़े मुख्य नाले की भी यही स्थिति बताई जा रही है.लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पूरी तरह सफाई नहीं हुई तो बारिश के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर हो सकती है.नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अब तक नालों की तीन बार सफाई कराई जा चुकी है और अभियान लगातार जारी है. विभाग का दावा है कि जहां भी शिकायतें मिल रही हैं, वहां टीम भेजकर दोबारा सफाई कराई जा रही है.नगर निगम का यह भी कहना है कि नालों पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण सफाई कार्य में सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं, जिससे कई स्थानों पर मशीनें और सफाई कर्मी पूरी तरह काम नहीं कर पा रहे हैं.ALSO READ : वाराणसी में मुहर्रम जुलूस के दौरान दो गुट भिड़े, पुलिस ने लाठी भांजकर किया नियंत्रित...स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम केवल कागजी दावों तक सीमित न रहे, बल्कि संवेदनशील क्षेत्रों में नालों की पूरी तरह सफाई कराकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करे, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े.
वाराणसी में मुहर्रम जुलूस के दौरान दो गुट भिड़े, पुलिस ने लाठी भांजकर किया नियंत्रित...
वाराणसी में मुहर्रम जुलूस के दौरान दो गुट भिड़े, पुलिस ने लाठी भांजकर किया नियंत्रित...
वाराणसी : मुहर्रम के अवसर पर शनिवार को नई सड़क-औरंगाबाद मार्ग पर निकाले जा रहे एक ताजिया जुलूस के दौरान दो गुट भिड़ गए. देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोग जुट गए, जिससे कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया. मामला चेतगंज और लक्सा थाना क्षेत्र की सीमा का होने के कारण दोनों थानों की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने पर जुलूस के आयोजकों और समुदाय के मानिंद लोगों ने आगे आकर दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया. पुलिस अधिकारियों ने भी लोगों से संयम बनाए रखने और जुलूस को शांतिपूर्वक आगे बढ़ाने की अपील की. हालांकि कुछ लोग हंगामा करते रहे, जिसके चलते भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी भांजनी पडी.पुलिस ने विवाद कर रहे लोगों को मौके से हटाया और भीड़ को तितर-बितर किया. इसके बाद स्थिति सामान्य हुई और ताजिया जुलूस अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ गया. घटना के दौरान किसी गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है. इस बीच, घटनास्थल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में पुलिस कुछ लोगों को हटाते और बल प्रयोग करती दिखाई दे रही है. भगदड के बाद एक बारगी चौराहा खाली हो गया. वीडियो वायरल होने के बाद घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं.ALSO READ :घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे तथा हालात का जायजा लिया. अधिकारियों ने जुलूस आयोजकों और स्थानीय लोगों से बातचीत कर शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की. पुलिस का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है. यदि किसी ने कानून-व्यवस्था भंग करने का प्रयास किया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. घटना के बाद नई सड़क-औरंगाबाद मार्ग पर कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा, जिसे बाद में पुलिस ने सामान्य करा दिया. पूरे क्षेत्र में एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि मुहर्रम के अन्य कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें.
वाराणसी में पुलिस अधिकारियों के आवास की समस्‍या होगी दूर, करोड़ों की लागत से बनेंगे 32 आवास...
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वाराणसी : पुलिस कमिश्नरेट में तैनात अधिकारियों की लंबे समय से चली आ रही आवास समस्या अब जल्द ही समाप्त होने वाली है. उत्तर प्रदेश सरकार ने 32 उच्चस्तरीय आवास बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कुल 34 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पुलिस निर्माण निगम को पहले चरण में 12 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी गई है.पुलिस लाइन क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर भूमि चिह्नित कर ली गई है, जहां निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होने वाला है. परियोजना के तहत टाइप-5 श्रेणी के 7 आवास और टाइप-4 श्रेणी के 25 आवास बनाए जाएंगे. टाइप-5 आवासों में तीन बेडरूम, एक ड्राइंग रूम, डाइनिंग रूम तथा अन्य आधुनिक सुविधाएं होंगी, जबकि टाइप-4 में दो बेडरूम, ड्राइंग और डाइनिंग रूम की व्यवस्था रहेगी.बता दें कि वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट का गठन 25 मार्च 2021 को किया गया था. गठन के बाद यहां पुलिस अधिकारियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई. वर्तमान में लगभग 12 आईपीएस अधिकारी विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर तैनात हैं. लेकिन पर्याप्त आवासीय सुविधाओं के अभाव में अधिकारियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. कई अधिकारी किराए के मकानों या अन्य व्यवस्थाओं पर निर्भर है, जिससे उनके कार्य निष्पादन पर भी असर पड़ता है.उपायुक्त पुलिसलाइंस प्रमोद कुमार ने बताया, “कार्यदायी संस्था को इस परियोजना को एक वर्ष के अंदर पूरा करने का समय दिया गया है. भूमि उपलब्ध करा दी गई है और बजट भी मिल गया है. निर्माण कार्य शुरू होते ही आवास की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी.”ALSO READ : वाराणसी में पहलवानी का अभ्‍यास करते समय करेंट लगने से युवक की मौत, परिवार में मातम...सरकार का यह कदम न केवल पुलिस अधिकारियों के लिए राहत भरा है बल्कि शहर की कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पुलिस लाइन वाराणसी एक बेहतर आवासीय परिसर के रूप में विकसित हो जाएगा.