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पीएम मोदी ने नगर निगम से जुड़ी करोड़ों रुपये की परियोजनाओं की दी सौगाात

पीएम मोदी ने नगर निगम से जुड़ी करोड़ों रुपये की परियोजनाओं की दी सौगाात
Apr 29, 2026, 06:22 AM
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Posted By Preeti Kumari

PM Modi gave the gift of projects worth crores of rupees related to the Municipal Corporation.


वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दो दिवसीय काशी दौरे के दौरान शहर को विकास की नई दिशा दी. इस दौरान बरेका में महिला सम्मेलन को संबोधित करने के साथ ही शहर को विकास की अरबों रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी. इसमें नगर निगम से जुड़ी कुल 196.50 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया. इसमें 182.23 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास और 14.27 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण भी शामिल है. बरेका से वर्चअल माध्यम से प्रधानमंत्री ने बहुप्रतीक्षित नगर निगम सदन भवन की नींव भी रखी . प्रधानमंत्री ने 96.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस आधुनिक भवन का शिलान्यास किया. यह भवन भविष्य में निगम के प्रशासनिक कार्यों और जनसुनवाई को और अधिक व्यवस्थित एवं सुलभ बनाएगा. ऐसे में नगर निगम सदन भवन' का निर्माण अब जल्द धरातल पर उतरेगा.


गकदत


​​कुंडों और तालाबों का होगा कायाकल्प


काशी के पौराणिक कुंडों और तालाबों के संरक्षण पर भी जोर दिया गया है. नगर निगम सीमा में 05 कुंडों और 08 तालाबों के जलशोधन और कायाकल्प के लिए 21.33 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 08 अन्य तालाबों/कुंडों के जीर्णोद्धार पर 2.72 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसके अलावा शहर के सौंदर्यीकरण के लिए भोजूबीर तिराहा स्थित कांजी हाउस स्थल पर 3.98 करोड़ रुपये की लागत से कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा.


करहगत

स्वच्छता के लिए बढ़े कदम


नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग को मजबूती प्रदान करने के लिए लीगेसी वेस्ट के निस्तारण कार्य के लिए 53.15 करोड़ और शहर में छह नए ट्रांसफर स्टेशनों के निर्माण के लिए 22.27 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू की गई हैं. साथ ही, शहर के नव-विस्तारित 25 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान के लिए 150 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया. इन वाहनों के माध्यम से नव-विस्तारित 25 वार्डों में अब डोर-टू-डोर कूड़ा उठान की प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित होगी. इसके साथ ही, पिसौर में 4.70 करोड़ रुपये की लागत से बने कल्याण मंडप का भी लोकार्पण किया गया, जो स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी सुविधा साबित होगा.


जतदक


​प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास (182.23 करोड़)


नगर निगम कार्यालय भवन का निर्माण: 96.99 करोड़ रुपये

लीगेसी वेस्ट का निस्तारण: 53.15 करोड़ रुपये

05 कुंडों और 08 तालाबों का कायाकल्प: 21.33 करोड़ रुपये

सिगरा में को-वर्किंग स्पेस कम ऑफिस: 4.67 करोड़ रुपये

भोजूबीर कांजी हाउस स्थल पर कॉम्प्लेक्स: 3.98 करोड़ रुपये

​08 तालाबों/कुंडों का जीर्णोद्धार: 2.72 करोड़ रुपये

शहर में छह नए ट्रांसफर स्टेशन: 2.27 करोड़ रुपये

​परियोजनाओं का प्रधानमंत्री ने लोकार्पण

कल्याण मंडप (पिसौर): 4.70 करोड़ रुपये

150 नए वाहन और नए ट्रांसफर स्टेशन कार्य का शुभारंभ. इन वाहनों के माध्यम से नव-विस्तारित 25 वार्डों में अब डोर-टू-डोर कूड़ा उठाव की प्रक्रिया सुगम होगी.


दकगरह


वाराणसी में सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप, अवैध प्लाटिंग को लेकर जांच की मांग...
वाराणसी में सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप, अवैध प्लाटिंग को लेकर जांच की मांग...
वाराणसी : लोहता थाना क्षेत्र स्थित हरपालपुर ग्राम सभा में ग्राम सभा की भूमि, तालाब और चकमार्ग पर कथित अतिक्रमण एवं अवैध प्लाटिंग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. ग्राम प्रधान मोहम्द असलम ने प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच, भूमि का सीमांकन और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. ग्राम प्रधान का आरोप है कि ग्राम सभा तथा उत्तर प्रदेश सरकार के नाम दर्ज कई आराजियों पर कब्जा कर प्लाटिंग की जा रही है.उन्होंने बताया कि आराजी संख्या 503, 502, 530, 541, 518, 510 एवं 507 समेत अन्य भूमि, जो राजस्व अभिलेखों में ग्राम सभा, तालाब और सार्वजनिक उपयोग की जमीन के रूप में दर्ज है, उस पर अतिक्रमण किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं.उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो ग्राम सभा की महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्तियों पर स्थायी कब्जे का खतरा उत्पन्न हो सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल सरकारी भूमि संरक्षण व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि सार्वजनिक संसाधनों के अस्तित्व पर भी संकट खड़ा कर रही हैं. ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में कुछ स्थानीय लोगों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए. उनका कहना है कि ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं की ओर से कई बार राजस्व विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है. इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है.also read:काशी रेलवे स्टेशन अब होने जा रहा स्मार्ट, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होगी मौजूद...ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी भूमि, तालाब और चकमार्ग पर अतिक्रमण के आरोप सही हैं तो मामले की तत्काल जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है. ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी तथा राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मौके पर भूमि का सीमांकन कराने, कथित अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है.
काशी रेलवे स्टेशन अब होने जा रहा स्मार्ट, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होगी मौजूद...
काशी रेलवे स्टेशन अब होने जा रहा स्मार्ट, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होगी मौजूद...
वाराणसी : काशी स्टेशन की होगा कायाकल्प एयरपोर्ट की तरह अपडेट होगा. रेल प्रशासन ने इसके लिये काशी स्टेशन पर 100दिनों का मेगा ब्लाक ( 6 जून से 13 सितंबर तक ) लिया है इस फ़ैसले के बाद सिर्फ दो प्लेटफॉर्म से ही ट्रेन का आवा गवन चालू है प्लेटफॉर्म एक और दो गुजारी जाने लगी हैं, जबकि तीन और चार की रेल लाइनों तोड़ी जा रही हैं. वहीं कई ट्रेनो को रद्द कर दिया गया है और कई रेल को पंडित दीनदयाल जंक्शन से किया जा रहा है.काशी रेलवे स्टेशन बनेगा कैंट का सैटेलाइट स्टेशनकाशी जहां विश्व में अपनी एक पहचान बना रहा है. वहीं काशी स्टेशन विदेश की तरह बनाने की योजना 2023 में तैयार की गई थी. इसे एयर पोर्ट की तरह विकसित किया जाएगा और सार्वजानिक भवन बनाया जाना है. इसका पहला और दूसरा एंड्री गेट को भवन के छतों को एक दूसरे से जोड़ा जाएगा.इसके साथ ट्रेनों का इंतजार यात्री प्रथम तल पर करेंगे. जहां सारी सुविधा मौजूद होगी. इस समय दोनों प्रवेश द्वारों पर तीन मंजिल का भवन तैयार है जिसके लिए मेगा ब्लाक लिया गया है.भविष्य को देखते हुए बन रहा है स्टेशन 2050 के दृष्टिगत और भविष्य को देखते हुए काशी रेलवे स्टेशन को बनाया जा रहा है.यात्री की पहुंच बढ़ाने के लिये राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जाएगा. आगे जा के यह कैंट रेलवे स्टेशन का सैटलाइट स्टेशन होगा. यहां ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी तो लोग यही से ट्रेन पकड़ेंगे .ALSO READ : मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की परखी हकीकत, सीएचसी में गर्भवतियों से सीएमओ हुए रूबरू...स्टेशन के पास ही नामो घाट मौजूद है जिसे पर्यटक के दृष्टि से बनाया गया है इसके लिए काशी स्टेशन टूरिस्ट व टूरिज्म के बहुत महत्वपूर्ण होगा यह कि स्टेशन शहर के बाहरी राजमार्ग से जुड़ा हुआ है.स्टेशन को मालवीय पुल से आपस में जोड़ा जाएगाकाशी रेलवे स्टेशन के पुन निर्माण के बाद कुल 10 ट्रैक होगे.सभी रेल ट्रैक राजघाट पुल से जुड़े होगे. 1200 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे राजघाट का निर्माण 2029 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है वहीं वर्ष 2027 में स्टेशन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की परखी हकीकत, सीएचसी में गर्भवतियों से सीएमओ हुए रूबरू...
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वाराणसी: प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस के अवसर पर मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शिवपुर का निरीक्षण कर गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने गर्भवतियों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल जाना तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की विशेष निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने प्रसव पूर्व जांच, प्रयोगशाला सेवाओं, दवा वितरण व्यवस्था और अन्य चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया. उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद लाभार्थियों से बातचीत कर उपचार, जांच और परामर्श संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की. साथ ही चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक गर्भवती महिला को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं.ALSO READ:वाराणसी में पेंटिंग ठेकेदार ने खुद को गोली मारकर दी जान, जांच में जुटी पुलिस...डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की समय पर पहचान और नियमित फॉलोअप बेहद आवश्यक है. उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को ऐसे मामलों की लगातार निगरानी रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. अभियान के तहत बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई. उन्हें संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संस्थागत प्रसव और टीकाकरण के प्रति जागरूक भी किया गया.स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुरक्षित मातृत्व से जुड़ी विभिन्न जानकारियां साझा कर महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी. इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज दुबे, स्टाफ नर्स, एएनएम तथा आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं. सीएमओ ने अभियान के सफल संचालन में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका की सराहना करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया.