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पुलिस आयुक्त सख्त: खराब प्रदर्शन पर SOG-2 खत्म, थाना प्रभारियों के तबादले...

पुलिस आयुक्त सख्त: खराब प्रदर्शन पर SOG-2 खत्म, थाना प्रभारियों के तबादले...
May 17, 2026, 06:37 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : कमिश्नरेट पुलिस में शनिवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया. पुलिस आयुक्त की अपराध समीक्षा बैठक के बाद निष्क्रिय मानी जा रही SOG-2 (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप-2) को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया। टीम से जुड़े निरीक्षक और पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया.

अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग व्यवस्था को लेकर की गई समीक्षा के बाद कई थाना प्रभारियों के तबादले और लाइन हाजिर की कार्रवाई भी की गई

कार्रवाई के तहत मिर्जामुराद थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पांडेय को लाइन हाजिर कर दिया गया. उनकी जगह साइबर क्राइम थाना से निरीक्षक गोपाल जी कुशवाहा को मिर्जामुराद थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

वहीं कैंट थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा का तबादला कर उन्हें सिगरा थाना भेजा गया है. सिगरा थाना प्रभारी संजय कुमार मिश्रा को अब रामनगर थाना का प्रभारी बनाया गया है. रामनगर के प्रभारी राजकिशोर पांडेय को कैंट थाना भेजा गया है.

इसके अलावा रोडवेज चौकी प्रभारी कुमार गौरव सिंह को भी पुलिस लाइन भेज दिया गया, जबकि पुलिस आयुक्त कार्यालय में PRO रहे विकास सिंह को रोडवेज चौकी का नया प्रभारी बनाया गया है.


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सूत्रों के मुताबिक अपराध नियंत्रण, जनसुनवाई और विवेचना में अपेक्षित प्रदर्शन न होने पर यह सख्त कदम उठाया गया। समीक्षा बैठक में पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनता की शिकायतों के त्वरित निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.

बैठक में नए भर्ती आरक्षियों के प्रशिक्षण, सोशल मीडिया नीति के पालन, यातायात व्यवस्था सुधार और अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट व गुंडा एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए.

पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई को कमिश्नरेट में जवाबदेही तय करने और पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की बड़ी पहल माना जा रहा है.

BHU में आधी रात हंगामा, कमरे में खाना बनाने पर छिड़ा विवाद
BHU में आधी रात हंगामा, कमरे में खाना बनाने पर छिड़ा विवाद
Midnight commotion at BHU, controversy erupts over cooking in a roomवाराणसी: बीएचयू के बाल गंगाधर तिलक हास्‍टल में बुधवार की रात छात्र और छात्रावास प्रशासन आमने सामने हो गए. छात्रावास परिसर में करीब आधी रात तक हंगामे की स्थिति रही. छात्रों का आरोप है कि एक छात्र के साथ वार्डेन ने अभद्र व्यवहार किया, उसका कॉलर पकड़कर धक्का-मुक्की की और कमरे में बनाया गया भोजन फेंकवा दिया. घटना के बाद छात्रों में नाराजगी फैल गई और बड़ी संख्या में छात्र छात्रावास परिसर में इकट्ठा हो गए.मेस की व्‍यवस्‍था पर सवालजानकारी के अनुसार, मामला कृषी विज्ञान संस्‍थान के एमएससी द्वितीय वर्ष के छात्र कुमार सौरभ से जुड़ा है. छात्र ने विश्वविद्यालय प्रशासन को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि छात्रावास की मेस व्यवस्था लंबे समय से ठीक ढंग से संचालित नहीं हो रही है. भोजन की गुणवत्ता खराब होने और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण वह रात में अपने कमरे में खाना बना रहा था.छात्र का कहना है कि इसी दौरान छात्रावास के वार्डेन कुछ सुरक्षा कर्मियों के साथ उसके कमरे में पहुंचे. आरोप है कि वार्डेन ने छात्र के साथ सख्त और अपमानजनक व्यवहार किया. छात्र द्वारा तैयार भोजन को डस्टबिन में फेंकवा दिया गया तथा खाना बनाने में उपयोग हो रहे सामान को जब्त कर लिया गया. इतना ही नहीं, छात्र को कमरे से बाहर निकालकर कमरे में ताला लगा दिया गया.छात्रावास में माहौल गरमा गयापीड़ित छात्र ने आरोप लगाया कि उसे पूरी रात छात्रावास परिसर के मैदान में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा. घटना की जानकारी अन्य छात्रों को मिलने के बाद छात्रावास में माहौल गरमा गया. बड़ी संख्या में छात्रों ने परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. स्थिति बिगड़ती देख विश्वविद्यालय के प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया. काफी देर तक चली वार्ता के बाद मामला अस्थायी रूप से शांत हुआ, लेकिन छात्रों में अब भी नाराजगी बनी हुई है.यह भी पढ़ें: कांग्रेसियों ने राजीव गांधी की पुण्‍यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, लिया यह संकल्‍पछात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. साथ ही उन्होंने छात्रावासों में मेस संचालन की व्यवस्था सुधारने, भोजन की गुणवत्ता बेहतर करने और छात्रों की मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई है. घटना के बाद छात्रावास प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर छात्रों के बीच चर्चा तेज हो गई है. फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.https://www.youtube.com/watch?v=ywDGTZkXzk8
कांग्रेसियों ने राजीव गांधी की पुण्‍यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, लिया यह संकल्‍प
कांग्रेसियों ने राजीव गांधी की पुण्‍यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, लिया यह संकल्‍प
Congressmen paid tribute to Rajiv Gandhi on his death anniversary and took this pledge.वाराणसी: जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में आज गुरुवार को मैदागिन स्थित राजीव चौक पर भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई. प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी कांग्रेसजनों ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल एवं संयोजन महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने किया.निकाली गई राजीव गांधी नमन पदयात्रा महानगर कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में महानगर के अंर्तगत आने वाले 100 वार्डो में राजीव गांधी नमन पदयात्रा निकाली गई. सर्वप्रथम मध्यमेश्वर वार्ड में पार्षद प्रत्याशी अनिल पटेल को राजीव जी का छायाचित्र सौप कर यात्रा को जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल व प्रभारी दक्षिण विधानसभा राजेश गुप्ता ने आरम्भ किया. यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए पराड़कर भवन स्थित महान पत्रकार स्व.बाबूराव विष्णु पराड़कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर समाप्त हुई. इसी क्रम में महानगर के 100 वार्डो में वार्ड अध्यक्ष , प्रभारी ,महानगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों व पार्षद प्रत्याशियों ने राजीव गांधी पदयात्रा निकाल कर राजीव जी को नमन किया.भारत रत्न राजीव गांधी आधुनिक भारत के निर्माण के महान शिल्पकारइस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल एवं महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने संयुक्त रूप से कहा की भारत रत्न राजीव गांधी आधुनिक भारत के निर्माण के महान शिल्पकार थे. उन्होंने देश को 21वीं सदी की सोच दी और भारत को तकनीकी, संचार एवं कंप्यूटर क्रांति की दिशा में आगे बढ़ाने का ऐतिहासिक कार्य किया. आज देश में सूचना तकनीक, दूरसंचार और डिजिटल व्यवस्था जिस स्वरूप में दिखाई देती है, उसकी मजबूत नींव राजीव गांधी ने ही रखी थी.राजीव गांधी ने युवाओं को राजनीति और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी देने का कार्य किया. पंचायतों एवं स्थानीय निकायों को मजबूत बनाने की दिशा में उनके प्रयासों ने लोकतंत्र को गांव-गांव तक पहुंचाने का काम किया. उन्होंने शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और रोजगार के क्षेत्र में दूरदर्शी नीतियां बनाकर भारत को नई दिशा दी. राजीव गांधी जी सदैव देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द के पक्षधर रहे. कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेसजनों ने राजीव गांधी के आदर्शों पर चलने तथा लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया.यह भी पढ़ें: BHU में PHD प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव, साल में दो बार होगा दाखिलाकार्यक्रम में फसाहत हुसैन बाबू, गुलशन अली, डॉ राजेश गुप्ता, सतनाम सिंह, प्रवीन प्रकाश, सैयद हसन, सुनील श्रीवास्तव, विनोद सिंह, वकील अंसारी, राज खां, राजू राम, संतोष मौर्य, संतोष चौरसिया, अशलम खां, अब्दुल हमीद, प्रमोद वर्मा, मनोज वर्मा, आकाश त्रिपाठी, डॉ मनोज,आनन्द चौबे,अनिल पटेल,पारश नाथ यादव,अनिल केशरी,मिठुन सरकार, प्रमोद यादव, रामजी गुप्ता, शशि सोनकर, साबिर, विशाल तिवारी, विकास, किशन समेत सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे.https://www.youtube.com/watch?v=ywDGTZkXzk8
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Major changes in BHU's PhD admission process, admissions will be done twice a yearवाराणसी: बीएचयू की विद्वत परिषद की बैठक में अहम प्रस्‍ताव सामने आए. कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई इस बैठक में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और विद्यार्थी‑अनुकूल बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए. बैठक में प्रवेश प्रक्रिया को वर्ष में दो बार आयोजित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई. कुलपति ने कहा कि पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी तथा पेशेवर ढंग से संपन्न कराना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है और इस संबंध में विश्वविद्यालय निरंतर प्रयासरत है.पारित प्रस्ताव के अंतर्गत सभी विभागों को यह स्वतंत्रता दी जाएगी कि वे पीएचडी प्रवेश हेतु साक्षात्कार से पहले यदि आवश्यकता हो तो, स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित कर सकें. अभी तक सभी अर्ह अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया जा सकता है. अब विभाग यह तय कर सकेंगे कि एक स्क्रीनिंग टेस्ट के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को ही साक्षात्कार के लिए बुलाया जाए.इस स्क्रीनिंग परीक्षा के स्वरूप तथा अन्य पक्षों पर निर्णय विश्वविद्यालय स्तर की एक समिति करेगी, जिसके गठन को विद्वत परिषद् द्वारा मंजूरी प्रदान कर दी गई है. एक अन्य प्रस्ताव के अनुसार अब पीएचडी प्रवेश के लिए विभागों में मुख्य विषय और संबद्ध विषयों की एक समावेशित मेरिट सूची तैयार की जाएगी. इस सूची में स्थान पाने वाले अभ्यर्थियों को संबंधित विभाग में प्रवेश प्रदान किया जाएगा.ऐसा करने से मुख्य विषय तथा संबद्ध विषय का भेद समाप्त हो सकेगा, प्रवेश प्रक्रिया की जटिलता को दूर करने में मदद मिलेगी. विद्वत परिषद ने मुख्य परिसर, महिला महाविद्यालय, दक्षिणी परिसर, संबद्ध महाविद्यालय आदि सभी को मिलाकर आरक्षित सीटों की गणना विभाग की कुल सीटों के आधार पर करने, सभी श्रेणियों की सीटों की सूचना प्रवेश पूर्व ही अभ्यर्थियों देने तथा इसके बाद संबंधित इकाइयों में आरक्षित श्रेणियों के अभ्यर्थियों का आवंटन उसी श्रेणी के अनुरूप करने का भी प्रस्ताव पारित किया, ताकि किसी भी वर्ग के अभ्यर्थी को हानि न हो और प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़े.यह भी पढ़ें: राहुल गांधी के बयान पर भाजपाइयों का विरोध प्रदर्शन, फूंका पुतलाइस बैठक में लिए गए निर्णयों से देश भर से प्रतिभावान विद्यार्थी विश्वविद्यालय की ओर तो आकर्षित होंगे ही, साथ ही प्रवेश प्रक्रिया को समयबद्ध तरीक़े से अल्प अवधि में पूर्ण भी किया जा सकेगा. पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया समय से पूरा होने से शैक्षणिक कैलेंडर का प्रभावी रूप से संचालन संभव हो सकेगा और विद्यार्थियों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा.https://www.youtube.com/watch?v=ywDGTZkXzk8