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कांग्रेसियों ने राजीव गांधी की पुण्‍यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, लिया यह संकल्‍प

कांग्रेसियों ने राजीव गांधी की पुण्‍यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, लिया यह संकल्‍प
May 21, 2026, 08:40 AM
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Posted By Preeti Kumari

Congressmen paid tribute to Rajiv Gandhi on his death anniversary and took this pledge.


वाराणसी: जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में आज गुरुवार को मैदागिन स्थित राजीव चौक पर भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई. प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी कांग्रेसजनों ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल एवं संयोजन महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने किया.


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निकाली गई राजीव गांधी नमन पदयात्रा


महानगर कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में महानगर के अंर्तगत आने वाले 100 वार्डो में राजीव गांधी नमन पदयात्रा निकाली गई. सर्वप्रथम मध्यमेश्वर वार्ड में पार्षद प्रत्याशी अनिल पटेल को राजीव जी का छायाचित्र सौप कर यात्रा को जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल व प्रभारी दक्षिण विधानसभा राजेश गुप्ता ने आरम्भ किया. यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए पराड़कर भवन स्थित महान पत्रकार स्व.बाबूराव विष्णु पराड़कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर समाप्त हुई. इसी क्रम में महानगर के 100 वार्डो में वार्ड अध्यक्ष , प्रभारी ,महानगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों व पार्षद प्रत्याशियों ने राजीव गांधी पदयात्रा निकाल कर राजीव जी को नमन किया.


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भारत रत्न राजीव गांधी आधुनिक भारत के निर्माण के महान शिल्पकार


इस अवसर पर जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल एवं महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने संयुक्त रूप से कहा की भारत रत्न राजीव गांधी आधुनिक भारत के निर्माण के महान शिल्पकार थे. उन्होंने देश को 21वीं सदी की सोच दी और भारत को तकनीकी, संचार एवं कंप्यूटर क्रांति की दिशा में आगे बढ़ाने का ऐतिहासिक कार्य किया. आज देश में सूचना तकनीक, दूरसंचार और डिजिटल व्यवस्था जिस स्वरूप में दिखाई देती है, उसकी मजबूत नींव राजीव गांधी ने ही रखी थी.


राजीव गांधी ने युवाओं को राजनीति और राष्ट्र निर्माण में भागीदारी देने का कार्य किया. पंचायतों एवं स्थानीय निकायों को मजबूत बनाने की दिशा में उनके प्रयासों ने लोकतंत्र को गांव-गांव तक पहुंचाने का काम किया. उन्होंने शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और रोजगार के क्षेत्र में दूरदर्शी नीतियां बनाकर भारत को नई दिशा दी. राजीव गांधी जी सदैव देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द के पक्षधर रहे. कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेसजनों ने राजीव गांधी के आदर्शों पर चलने तथा लोकतंत्र एवं संविधान की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया.


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कार्यक्रम में फसाहत हुसैन बाबू, गुलशन अली, डॉ राजेश गुप्ता, सतनाम सिंह, प्रवीन प्रकाश, सैयद हसन, सुनील श्रीवास्तव, विनोद सिंह, वकील अंसारी, राज खां, राजू राम, संतोष मौर्य, संतोष चौरसिया, अशलम खां, अब्दुल हमीद, प्रमोद वर्मा, मनोज वर्मा, आकाश त्रिपाठी, डॉ मनोज,आनन्द चौबे,अनिल पटेल,पारश नाथ यादव,अनिल केशरी,मिठुन सरकार, प्रमोद यादव, रामजी गुप्ता, शशि सोनकर, साबिर, विशाल तिवारी, विकास, किशन समेत सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे.


जन्‍मदिन के अगले दिन बुझ गया घर का चिराग, जनरल स्टोर में हुए विस्फोट से घायल मासूम की हुई मौत
जन्‍मदिन के अगले दिन बुझ गया घर का चिराग, जनरल स्टोर में हुए विस्फोट से घायल मासूम की हुई मौत
वाराणसी : कपसेठी बाजार में शनिवार को एक जनरल स्टोर में रखे पटाखों में अचानक विस्फोट से घायल पांच साल के मासूम कार्तिक जायसवाल की मौत हो गई. विस्फोट इतना जबरदस्‍त रहा कि बारजा ढह गया. दुकान के दरवाजे, खिड़की और दीवार की रेलिंग टूट गई. बाजार से लगभग 200 मीटर दूर तक धमाके से ग्रामीण दहल गए. मासूम घर का इकलौता चिराग था.भदवर स्थित हेरिटेज मेडिकल कॉलेज से बच्चे के शव को पुलिस ने पंचायतनामा के बाद परिजनों को सौंप दिया. सूचना के बाद गोमती जोन के अधिकारियों ने घटना की जानकारी ली. कार्तिक माता-पिता का इकलौता बेटा था. शुक्रवार को कार्तिक का पांचवां जन्मदिन था. ननिहाल से कार्तिक रात में ही घर लौटा था. खिलौने आदि भी ननिहाल से उपहार में कार्तिक को मिले थे. खिलौने लेकर वह तीसरी मंजिल पर गया था. अचानक फुलझड़ी जलाने के दौरान ही तेज धमाका हो गया. इकलौते बेटे की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया. पिता आशीष और मां का रो-रोकर हाल खराब हो गया.कपसेठी थाना क्षेत्र के स्थानीय बाजार में आशीष जायसवाल का मकान है. मकान में ही जायसवाल जनरल स्टोर संचालित है. सुबह लगभग 8 बजे के बाद आशीष का बेटा कार्तिक जायसवाल खेलते हुए तीसरी मंजिल की दुकान पर जा पहुंचा. इस बीच वह फुलझड़ी जलाने का प्रयास कर रहा था कि अचानक एक बोरे में तेज धमाका हो गया. धमाके की गूंज से मकान समेत बाजार दहल उठा. तीसरे तल के आगे का बारजा ढह गया. दुकान की रेलिंग, खिड़की-दरवाजे भी क्षतिग्रस्त हो गए.ALSO READ : एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...कार्तिक जायसवाल लहूलुहान होकर अचेत हो गया. परिजन तुरंत उसे लेकर कपसेठी चौराहे स्थित शर्मा क्लिनिक पर गए, जहां हालत गंभीर होता देख चिकित्सकों ने हेरिटेज अस्पताल में रेफर किया. उपचार के दौरान मौत हो गई. वहीं, स्थानीय लोगों को कहना है कि एक माह बाद ही दशहरा और दिवाली है. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पटाखों का अवैध भंडारण किया जा रहा है.
एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...
एयरपोर्ट विस्तार का मुआवजा उड़ाया, एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख की साइबर ठगी...
वाराणसी: बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तार के लिए मिले मुआवजे की रकम पर साइबर ठगों के सेंध लगाने का मामला सामने आया है. फूलपुर थाना क्षेत्र के मंगारी गांव निवासी अंजू देवी के संयुक्त बैंक खाते से ठगों ने एपीके फाइल के जरिये 6.64 लाख रुपये उड़ा लिए. मामले में साइबर क्राइम पुलिस थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस जांच में जुट गई है.अंजू देवी ने पुलिस को बताया कि उनका और उनके पति मनोज पटेल का सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में संयुक्त बचत खाता है. इसी खाते में बाबतपुर एयरपोर्ट विस्तार के मुआवजे के रूप में 9.03 लाख रुपये आए थे. 20 अगस्त से 31 अगस्त के बीच उनके संयुक्त खाते से अलग-अलग माध्यमों से 6,51,783 रुपये निकल गए.इसके अलावा बैंक की मंगारी शाखा स्थित एक अन्य खाते से भी 13 हजार रुपये निकाल लिए गए. कुल 6,64,783 रुपये की साइबर ठगी हुई. पीड़िता के मुताबिक, उनके वाट्सएप पर एक मोबाइल नंबर से एपीके फाइल भेजी गई थी. फाइल पर क्लिक करते ही साइबर अपराधियों ने मोबाइल और खाते से संबंधित जानकारी तक पहुंच हासिल कर ली. इसके बाद खाते से रकम निकलती चली गई. खाते से रकम कटने की जानकारी होने पर पीड़िता ने साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत की.ALSO READ: दूध प्रोटीन-एलोवेरा एंटासिड टैबलेट को भारतीय पेटेंट, बीएचयू की शोध टीम की बड़ी उपलब्धिसाइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच निरीक्षक ओम प्रकाश सरोज को सौंपी गई है. पुलिस लेनदेन से जुड़े विवरण और एपीके फाइल भेजने वाले मोबाइल नंबर की जांच कर रही है. पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की है. थाना प्रभारी ने कहा कि वाट्सएप या एसएमएस पर अनजान नंबरों से आने वाली किसी भी एपीके फाइल पर क्लिक न करें. संदिग्ध लिंक खोलने से भी बचें. ऐसी फाइलें मोबाइल में सेंध लगाकर बैंक खाते तक पहुंच बनाने का माध्यम बन सकती हैं. साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं.
पितृपक्ष 27 सितंबर से, इस बार 14 दिनों त‍क म‍िलेगी पितरों की कृपा
पितृपक्ष 27 सितंबर से, इस बार 14 दिनों त‍क म‍िलेगी पितरों की कृपा
वाराणसी : इस वर्ष पितृपक्ष का आरंभ 27 सितंबर से होगा और यह 10 अक्टूबर तक मनाया जाएगा. यानी पितरों की कृपा पाने का पक्ष इस बार 14 दिनों का होगा. साथ ही षष्ठी और सप्तमी तिथि एक ही दिन पड़ने के कारण पितृपक्ष की अवधि कम हो रही है. जिनके पिता की मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई है, वे 26 सितंबर को पितृ श्राद्ध करेंगे. ख्यात ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार, 27 सितंबर को आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से पितृ पक्ष की शुरुआत होगी. 2 अक्टूबर को षष्ठी और सप्तमी तिथि एक साथ आने के कारण पितृपक्ष की अवधि में कमी आ रही है. जिनके पिता की मृत्यु शस्त्र या विष से हुई हो, उनका श्राद्ध चतुर्दशी को किया जाता है.वहीं, जिनके पिता की स्वाभाविक मृत्यु चतुर्दशी को हुई हो, वे द्वादशी तिथि को श्राद्ध करेंगे. माता की मृत्यु किसी भी तिथि पर हुई हो, उनका श्राद्ध नवमी (मातृ नवमी) को करना चाहिए. इस वर्ष मातृ नवमी 4 अक्टूबर को है. पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालुओं को अपने पितरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करने का अवसर मिलता है. यह समय परिवार के सदस्यों के लिए एकत्रित होने और अपने पूर्वजों की याद में श्रद्धांजलि अर्पित करने का होता है. पितृपक्ष के दौरान किए गए अनुष्ठान से पितरों की कृपा प्राप्त करने की मान्यता है. इस समय श्रद्धालु अपने पितरों के लिए विशेष भोजन तैयार करते हैं और उन्हें अर्पित करते हैं. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसे धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है.आनलाइन पिंडदान के लिए कर रहे संपर्कपितृपक्ष पर काशी में ई-पिंडदान कराने के लिए कर्मकांडी ब्राह्मण पैकेज दे रहे हैं. विदेशों में बैठे आस्थावानों ने अपने पितरों का श्राद्ध करने के लिए इन पुरोहितों से संपर्क करना शुरू कर दिया हैं. ब्राह्मणों ने सोशल मीडिया पर इसका प्रचार प्रसार भी शुरू कर दिया है. बता दें कि पिंडदान, तर्पण और त्रिपिंडी श्राद्ध के लिए व्यक्तिगत रूप से आने में असमर्थ आस्थावान आनलाइन अनुष्ठान कराते हैं. हाल ही में रूस की महिला ने अपने पिता और भाई का आनलाइन पिंडदान कराया था.ALSO READ : दूध प्रोटीन-एलोवेरा एंटासिड टैबलेट को भारतीय पेटेंट, बीएचयू की शोध टीम की बड़ी उपलब्धि