साइबर अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा: एक साल में 58 गैंग ध्वस्त, 277 शातिर गिरफ्तार, 25 करोड़ की ठगी की रकम होल्ड...

वाराणसी :कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। रविवार को पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल ने साइबर थाना और साइबर सेल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न साइबर पोर्टलों, शिकायत रजिस्टर और लंबित मामलों की प्रगति की गहन समीक्षा की।
पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि साइबर शिकायतों का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से किया जाए। पीड़ितों को थाने पर भटकना न पड़े, इसके लिए Dedicated Help Desk स्थापित करने का आदेश दिया गया है। इस हेल्प डेस्क पर तैनात पुलिसकर्मी पीड़ितों को शिकायत दर्ज करने से लेकर कानूनी और तकनीकी मदद तक मुहैया कराएंगे।
डीजीपी के निर्देशन में एक साल में रिकॉर्ड कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कृष्ण के मार्गदर्शन और पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल के निर्देशन में, DCP (अपराध) सुश्री नीतू कादयान के कुशल नेतृत्व में साइबर क्राइम पुलिस वाराणसी ने पिछले एक साल में साइबर माफियाओं की कमर तोड़ दी है। ADCP अपराध श्री नृपेन्द्र के पर्यवेक्षण और ACP साइबर विदुष सक्सेना, विनय द्विवेदी, अपूर्व पाण्डेय तथा इंस्पेक्टर उदयवीर सिंह और मनोज तिवारी की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ये कार्रवाईयां की हैं।
एक साल की 9 बड़ी उपलब्धियां:
1. साइबर गैंग पर वार: 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश कर सरगना समेत 277 अपराधियों को जेल भेजा गया।
2. डिजिटल अरेस्ट का खौफ खत्म:डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले 5 गैंग के 36 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से ₹1.20 करोड़ कैश, लग्जरी कारें और मोबाइल फोन बरामद हुए।
3. फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़:15 अवैध कॉल सेंटर पकड़े गए, 175 ठग गिरफ्तार। ये गैंग निवेश में मोटे मुनाफे, अमेजन-फ्लिपकार्ट की PPC सर्विस और नौकरी के नाम पर GST, रजिस्ट्रेशन फीस वसूल कर ठगी करते थे। विदेशियों को खुद को Federal Officer बताकर डराते थे।
4. पीड़ितों को राहत:16,982 NCRP शिकायतों का निस्तारण किया गया। तत्परता दिखाते हुए ₹25 करोड़ की ठगी की रकम को होल्ड कराया गया और ₹4.5 करोड़ की रकम पीड़ितों के खातों में वापस कराई गई।

5. अपराधियों की सिम-फोन ब्लॉक: अपराध में इस्तेमाल हुए 10,176 मोबाइल नंबर और 8,262 मोबाइल के IMEI नंबर ब्लॉक कराए गए, ताकि दोबारा इस्तेमाल न हो सके।
6. गैंगस्टर एक्ट:21 शातिर साइबर अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया।
7. 550 लोगों का रेस्क्यू: MLM और पिरामिड स्कीम में फंसाए गए 550 लोगों को साइबर अपराधियों के चंगुल से छुड़ाया गया।
8. 17 लग्जरी गाड़ियां बरामद: ठगी के पैसों से खरीदी गई 17 चार पहिया गाड़ियां जब्त की गईं।
9. 25 हजार लोगों को किया जागरूक: स्कूल, कॉलेज, चौराहों और कैंप लगाकर 25,000 से ज्यादा लोगों को साइबर ठगी के तरीकों और बचाव के उपायों के बारे में बताया गया। पम्पलेट और पुस्तिकाएं भी बांटी गईं।
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पुलिस आयुक्त की जनता से अपील -
पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल ने आमजन से अपील की है कि:
- अपना ATM PIN, CVV, OTP किसी को न बताएं।
- "घर बैठे लाखों कमाएं, बिना परीक्षा सीधी भर्ती" जैसे लालच में न आएं।
- MLM कंपनी में पैसा लगाने से पहले MCA पोर्टल पर जांच कर लें।
- अनजान लिंक, APK फाइल, SMS Forwarder App कभी डाउनलोड न करें।
- ऑनलाइन सट्टा-जुआ वाले ऐप से दूर रहें।
- ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.inपर शिकायत करें। जितनी जल्दी शिकायत करेंगे, पैसा वापस आने की संभावना उतनी ज्यादा होगी।



