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वाराणसी में स्‍पा सेंटर की आड़ में देह व्‍यापार का खुलासा, चार गिरफ्तार

वाराणसी में स्‍पा सेंटर की आड़ में देह व्‍यापार का खुलासा, चार गिरफ्तार
Jan 15, 2026, 08:51 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : कैंट थाना क्षेत्र में स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार का कैंट पुलिस ने खुलासा किया है. मकबूल आलम रोड स्थित एक पांच मंजिला मकान में पति-पत्नी कथित तौर पर यह धंधा चला रहे थे. बुधवार देर रात एसीपी कैंट नितिन तनेजा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी पति मौके से फरार हो गया, जबकि उसकी पत्नी समेत दो महिलाएं और दो पुरुष गिरफ्तार किए गए.


पुलिस के अनुसार छापेमारी के समय अफरा-तफरी मच गई. दो कमरों के दरवाजे तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया, जहां कुछ युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत में मिले. कमरों से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है. स्पा सेंटर पुलिस अफसरों की कॉलोनी से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित बताया जा रहा है.


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जांच में सामने आया है कि आजाद नगर कॉलोनी निवासी सैयद समीर (32) अपने परिवार के साथ इसी मकान में रहता था और बाहर “एसके इंटरप्राइजेज” के नाम से बोर्ड लगाकर स्पा सेंटर संचालित कर रहा था. आरोप है कि पिछले करीब दो वर्षों से यहां देह व्यापार चल रहा था. इस गतिविधि में उसकी पत्नी तरन्नुम (30) भी शामिल थी. मकान के एक हिस्से में किरायेदार भी रहते थे.

करीब दो महीने पहले मोहल्ले के लोगों ने संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत पुलिस से की थी. इसके बाद पुलिस ने रेकी कर पुख्ता सूचना जुटाई और कार्रवाई की. फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है तथा उनके आपराधिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं. फरार आरोपी की तलाश में दबिशें दी जा रही है.

विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती की शुरू नई व्यवस्था, 90 दिनों तक बाबा के नहीं होंगे दर्शन
विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती की शुरू नई व्यवस्था, 90 दिनों तक बाबा के नहीं होंगे दर्शन
New arrangements for Mangala Aarti begin at Vishwanath Temple; Baba will not be seen for 90 daysVaranasi News: वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर को लेकर लोगों की भक्ती और आस्था गजब की है, ये मंदिर अपनी संस्कृति और भव्य सुंदरती के लिए बड़ा ही लोकप्रिय हैं. भोल की नगरी में बसा ये विशाल मंदिर की अद्भुत परंपरा है. कहते है महादेव के इस मंदिर में माथा टेकने से उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है. इसी मंदिर में मंगला आरती के दर्शन को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी गई है. जी हां, अब कोई भी भक्त एक बार मंगला आरती का दर्शन करने के बाद 90 दिन तक दोबारा बुकिंग नहीं कर सकेगा. इस तरह का निर्णय लेने के पीछे मंदिर प्रशासन का यह उद्देश्य है कि, मंदिर व्यवस्थाओं को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने और ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को दर्शन देने का अवसर देने के लिए यह कदम उठाया गया है.जानें मंदिर परिसर ने क्यों लिया ये निर्णयजानकारी के मुताबिक, विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती दर्शन करने के लिए लागू हुई नई व्यवस्था में एक आधार नंबर दिया जाएगा, जिसमें टिकट बुक करने के बाद 90 दिन तक दोबारा बुकिंग नहीं होगी, टिकट संख्या 200-300 से बढ़ाकर 700-800 कर दी गई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी, दलालों पर रोक लगेगी और अधिक श्रद्धालुओं को अवसर मिलेगा, मतलब साफ है कि, इस आधार नंबर की मदद से अब कोई भी दुबारा से मंगला आरती का दर्शन नहीं कर सकेगा. जिससे दूसरे श्रद्धालुओं को भी आरती का दर्शन करने का मौका मिल सकेगा.बिना दर्शन घर नहीं लौटेंगे श्रद्धालुदरअसल, इस फैसले से पहले मंगला आरती के टिकटों की बुकिंग में अनियमितताओं की शिकायतें मिलती रही हैं, एक ही आधार नंबर से कई बार टिकट बुक कर लिए जाते थे, जिससे आम श्रद्धालुओं को टिकट नहीं मिल पाता था और उन्हें निराश होकर वापस अपने घर लौटना पड़ जाता था. इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए अब एक आधार नंबर से एक बार टिकट बुक होने के बाद अगली बुकिंग तीन महीने बाद ही संभव होगी.Also Read: इस सेंट्रल जेल में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू, अब रिहाई करना हुआ आसान
इस सेंट्रल जेल में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू, अब रिहाई करना हुआ आसान
इस सेंट्रल जेल में ई-ऑफिस व्यवस्था लागू, अब रिहाई करना हुआ आसान
E-office system implemented in this central jail, now release has become easierVaranasi News: उत्तर-प्रदेश के वाराणसी जिले की सेंट्रल जेल में प्रशासनिक कार्यों की रफ्तार के लिए ई-ऑफिस व्यवस्था लागू कर दी गई है. इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद सरकारी दस्तावेजों, प्रशासनिक आदेश और बंदियों से जुड़े कई मामलों का निस्तारण पहले की तुलना में अब और भी पारदर्शिता तरीके से हो सकेगा, जिसके लिए ऑनलाइन माध्यम जैसी सुविधा दी गई है, इसके जरिए अब अधिकारी इस डिजिटली सुविधा की मदद से अपने कार्य को और भी तेजी के साथ निपटा सकेंगे. इतना ही नहीं, इस डिजिटल माध्यम के जरिए किसी भी दस्तावेजों को तुरंत देखा जा सकता है.जेल प्रशासन को मिली डिजिटल की सुविधा बता दें, इस डिजिटली माध्यम की सुविधा से पहले जेल प्रशासन को किसी भी सरकारी आदेश, निर्देश या पत्र के लिए पारंपरिक डाक व्यवस्था या कर्मचारियों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिसमें कई बार आदेशों के पहुंचने और उस पर कार्रवाई होने में अनावश्यक देरी हो जाती थी, विशेष रूप से बंदियों की रिहाई से जुड़े आदेशों में विलंब होने से परेशानी उत्पन्न होती थी. मगर अब उन्हें इन सभी झंझटों से हटकर इस आसान सुविधा का लाभ मिल सका है. जिसका सहीं तरीके से लाभ उठाना चाहिए. ताकि किसी भी कठिन से कठिन काम को आसानी से निपटा सकें.ऑनलाइन माध्यम बना ई-ऑफिस प्रणाली जानकारी के मुताबिक, ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने के बाद सभी आवश्यक दस्तावेज और आदेश ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध रहेंगे, जहां, अधिकारी एक क्लिक पर संबंधित फाइलों को देख सकेंगे और तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर पाएंगे. इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी बनेगी. इस मामले को मद्देनजर रखते हुए सेंट्रल जेल के अधीक्षक राधा कृष्ण मिश्रा ने बताया कि इस डिजिटल व्यवस्था से रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और दस्तावेजों की निगरानी करना आसान होगा, साथ ही कई कार्यों की ऑनलाइन ट्रैकिंग भी संभव हो सकेगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों में वृद्धि होगी. इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से बंदियों से जुड़े मामलों, विशेषकर रिहाई से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और समय पर निर्णय लिया जा सकेगा.Also Read: पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सिगरा और भेलूपुर थाने का किया निरीक्षण, नव आरक्षियों को दिए ये निर्देशवहीं, इस मामले में जेल प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि शासन-प्रशासन के निर्देशों का पालन भी समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जा सकेगा, यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो भविष्य में अन्य जेलों के लिए भी उदाहरण बन सकता है.https://www.youtube.com/watch?v=cXbiN13VBxk
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सिगरा और भेलूपुर थाने का किया निरीक्षण, नव आरक्षियों को दिए ये निर्देश
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सिगरा और भेलूपुर थाने का किया निरीक्षण, नव आरक्षियों को दिए ये निर्देश
Police Commissioner Mohit Agarwal inspected Sigra and Bhelupur police stations and gave these instructions to the new constables.Varanasi News: वाराणसी के पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट मोहित अग्रवाल द्वारा थाना सिगरा और भेलूपुर का निरीक्षण किया गया. इस दौरान थानों पर तैनात नवआगंतुक रिक्रूट आरक्षियों से संवाद स्थापित कर उनके आवास, भोजन, शुद्ध पेयजल तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए, सभी नव नियुक्त रिक्रूट आरक्षियों को अनुभवी कर्मचारियों के साथ जोड़ते हुए बीट का शत-प्रतिशत आवंटन सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें क्षेत्रीय कार्य का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो तथा कार्य निष्पादन में दक्षता विकसित हो सके. इसी के साथ ही सभी नव नियुक्त आरक्षियों को आधुनिक तकनीकों में दक्ष (टेक-सैवी) बनाने हेतु नियमित प्रशिक्षण, प्रायोगिक अभ्यास, डिजिटल उपकरणों का उपयोग तथा वरिष्ठों के मार्गदर्शन से कार्यकुशलता में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित भी किया जाए.संबंधित अधिकारियों को दिए गए ये निर्देश वहीं, पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा संबंधित अधिकारियों को ये निर्देशित किया गया कि, नव नियुक्त आरक्षियों को प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी क्षमताओं का विकास किया जाए तथा अनुशासन, दक्षता, समर्पण एवं तकनीकी ज्ञान को सुदृढ़ करते हुए उन्हें विभाग के लिए एक महत्वपूर्ण एसेट के रूप में तैयार किया जाए, नए आरक्षियों को ऑपरेशन चक्रव्यूह, यक्ष ऐप एवं RTC (Reducing Traffic Congestion) प्रणाली का प्रभावी प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि तकनीक आधारित सतर्कता के माध्यम से अपराध नियंत्रण एवं यातायात प्रबंधन को अधिक सशक्त बनाया जा सके, प्रत्येक नए आरक्षी को सीसीटीएनएस प्रणाली, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज निरीक्षण तथा डीवीआर संचालन की विस्तृत जानकारी देकर उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष और आधुनिक पुलिसिंग के अनुरूप सक्षम बनाया जाए.ई-साक्ष्य और ई-समन प्रणाली की समुचित जानकारी पुलिस अधिकारियों के निर्देश में ये भी कहा गया कि, ई-साक्ष्य एवं ई-समन प्रणाली की समुचित जानकारी व प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे वे डिजिटल साक्ष्यों के संग्रह, संरक्षण व प्रस्तुतिकरण तथा समन के ऑनलाइन निर्गत एवं तामिला कार्य को शीघ्र, सटीक एवं प्रभावी ढंग से पूर्ण कर सकें, नए आरक्षियों को प्रारंभिक चरण में कार्यालयी कार्य से दूर रखते हुए उन्हें वरिष्ठ कर्मचारियों के साथ फील्ड ड्यूटी पर लगाया जाए. निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त महोदय ने SID Creation की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रत्येक मुकदमे में शत प्रतिशत यूनिक SID बनाने हेतु निर्देश दिए, निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त महोदय ने विवेचना रजिस्टर की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि कोई भी विवेचना 60 दिवस से अधिक लंबित न रहे तथा सभी प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए.Also Read: मनीष सिंह के हत्यारों को शरण देने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने खोली पोलइस निरीक्षण के दौरान एसआईडी निर्माण की प्रगति एवं विवेचना रजिस्टर की समीक्षा करते हुए प्रत्येक मुकदमे में शत-प्रतिशत यूनिक एसआईडी तथा 60 दिवस के भीतर गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, इस दौरान पुलिस उपायुक्त काशी जोन श्री गौरव बंशवाल, अपर पुलिस उपायुक्त श्री वैभव बांगर सहित संबंधित सहायक पुलिस, थाना प्रभारी व अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे.https://www.youtube.com/watch?v=cXbiN13VBxk