अयोध्या में अजय राय को नजरबंद करने का विरोध, वाराणसी में कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन...

वाराणसी : बड़ागांव खंड विकास कार्यालय परिसर में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को नजरबंद किए जाने के खिलाफ तथा क्षेत्र की प्रमुख जनसमस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन किया. उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को सरकार द्वारा अयोध्या में नजरबंद किए जाने को असंवैधानिक बताते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की. इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक खण्ड विकास अधिकारी बड़ागांव के अनुपस्थित में एडीओ एसटी आर के श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा गया.
कांग्रेस नेताओं ने बड़ागांव बाजार के वर्षों पुराने नाले के निर्माण न होने, जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों के कारण कई गांवों में अब तक पेयजल न पहुंचने, और बरसात में जलभराव से जनता को हो रही भारी परेशानी के मुद्दे भी उठाए. इसके साथ ही बिजली, जर्जर सड़कों, गौशालाओं की बदहाल व्यवस्था और बड़े मंदिर में कथित अनियमितताओं की जांच की भी मांग की गई. कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते जन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
इस धरना-प्रदर्शन में ब्लॉक अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह, जिला उपाध्यक्ष राजू राम, श्रीप्रकाश सिंह, आशीष दुबे, सुरेंद्र जायसवाल, कमलेश मिश्रा, रिशु सिंह, राजू तिवारी, सुजीत सिंह, संजय मौर्य सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संघर्ष करते रहेंगे. उनका यह प्रदर्शन न केवल अजय राय की नजरबंदी के खिलाफ था, बल्कि क्षेत्र की जनसमस्याओं को उजागर करने का एक प्रयास भी था.
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अजय राय की पत्नी ने जताई चिंता
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की पत्नी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पति की जान को खतरा है. उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में राम मंदिर प्रकरण को लेकर अपनी बात रखने से पहले ही पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया. यह लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है.
उन्होंने कहा कि अजय राय अयोध्या पहुंचे थे और प्रभु श्रीराम के दर्शन के बाद राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर अपनी बात रखने वाले थे. आरोप है कि सोमवार देर रात पुलिस उनके ठहरने के स्थान पर पहुंची और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया. इससे साफ है कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है. उन्होंने सरकार से अजय राय की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर जनप्रतिनिधि को अपनी बात रखने का अधिकार है. यदि सरकार सवालों से बचने के लिए इस तरह की कार्रवाई करेगी तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है.



