रामनगर पुलिस ने साइबर ठगों के चंगुल से वापस कराए 97 हजार रुपये

वाराणसी: रामनगर पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क की सक्रियता के चलते साइबर ठगी के शिकार एक युवक को उसके 97,250 रुपये वापस मिल गए हैं. पुलिस के अनुसार, रामनगर थाना क्षेत्र निवासी विकास यादव से साइबर ठगों ने बीते एक जुलाई को साइबर जालसाजों का शिकार हो गए थे. ठगों ने उनके बैंक खाते से 97,250 रुपये उड़ा लिए. जैसे ही विकास को पैसे कटने का पता चला, उन्होंने बिना कोई देरी किए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई.
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ठगी गई पूरी रकम बैंक स्तर पर ही होल्ड हो गई. पैसे होल्ड होने के बाद विकास यादव ने रामनगर थाने पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक संजय मिश्रा से मुलाकात की और अपनी पूरी समस्या बताई. मामले की गंभीरता को समझते हुए एसएचओ संजय मिश्रा ने त्वरित संज्ञान लेकर रामनगर थाने की साइबर हेल्प डेस्क टीम को मामले में लगाया जिसपर पुलिस टीम ने पीड़ित की सहायता करते हुए कानूनी प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया. रामनगर पुलिस की इस कुशल और त्वरित पैरवी के परिणामस्वरूप, पीड़ित के खाते से कटे पूरे 97,250 रुपये सफलतापूर्वक उनके बैंक खाते में वापस आ गए. ठगी गई रकम वापस पाकर विकास यादव का चेहरा खुशी से खिल उठा. उन्होंने इस सराहनीय कार्य और त्वरित मदद के लिए प्रभारी निरीक्षक संजय मिश्रा, साइबर हेल्प डेस्क टीम और पूरी वाराणसी पुलिस को धन्यवाद दिया है. प्रभारी निरीक्षक रामनगर संजय मिश्रा ने अपील किया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल 1930 पर कॉल करें. समय से की गई शिकायत से रुपये वापस मिलने की संभावना काफी अधिक होती है, जैसा कि विकास यादव के मामले में साबित हुआ.



