राष्ट्रीय ओरल हाइजीन डे पर बीएचयू में जागरूकता कार्यक्रम, दंत रोगों से बचाव के बताए उपाय

वाराणसी: राष्ट्रीय ओरल हाइजीन डे के अवसर पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के दंत चिकित्सा संकाय में सोमवार को विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को मौखिक स्वच्छता के प्रति जागरूक करना तथा दांतों और मसूड़ों से संबंधित बीमारियों की रोकथाम के प्रभावी उपायों की जानकारी देना था। इस दौरान दंत चिकित्सकों ने संकाय में उपचार के लिए आए मरीजों को ओरल हाइजीन के महत्व, दांतों की नियमित देखभाल और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने बताया कि दांतों की नियमित और सही तरीके से सफाई, दिन में दो बार ब्रश करना, संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेना तथा समय-समय पर दंत चिकित्सक से जांच कराना दांतों और मसूड़ों की अधिकांश समस्याओं से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी लापरवाहियां आगे चलकर दांतों में सड़न, मसूड़ों की बीमारी, मुंह की दुर्गंध और अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी दैनिक दिनचर्या में मौखिक स्वच्छता को प्राथमिकता देनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान मरीजों को सही ब्रशिंग तकनीक का भी प्रदर्शन कर समझाया गया। साथ ही उन्हें तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए इनसे दूर रहने की सलाह दी गई। चिकित्सकों ने कहा कि स्वस्थ दांत न केवल बेहतर स्वास्थ्य का आधार हैं, बल्कि आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाते हैं।
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कार्यक्रम का संचालन डॉ. सरिता परिहार ने किया। इस अवसर पर दंत चिकित्सा संकाय के संकाय प्रमुख डॉ. एच. सी. बरनवाल, वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. टी. पी. चतुर्वेदी, डॉ. अदित, डॉ. अंजू, डॉ. अजित सहित संकाय के शिक्षक, छात्र एवं बड़ी संख्या में मरीज उपस्थित रहे।



