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रोजाना कॉफी पीने वालों को डिमेंशिया का खतरा, जानें क्यों

रोजाना कॉफी पीने वालों को डिमेंशिया का खतरा, जानें क्यों
May 15, 2026, 12:41 PM
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Posted By Preeti Kumari

People who drink coffee daily are at risk of dementia, find out why.


लाइफस्टाइल: हम में से बहुत से लोगों के दिन की शुरुआत एक गरमा-गरम एस्प्रेसो या कैपेचीनो से होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह रोजाना की आदत आपको एक बहुत बड़ी बीमारी से बचा सकती है. जी हां, हाल ही में सामने आए एक अध्ययन से यह पता चला है कि रोजाना दो से तीन कप कॉफी पीने से उम्र बढ़ने के साथ डिमेंशिया का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है.


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कैसे काम करती है कॉफी


शोधकर्ताओं के अनुसार, कॉफी में मौजूद कैफीन हमारे दिमाग की कोशिकाओं को सक्रिय रखने में बेहद मददगार है. इतना ही नहीं, यह अल्जाइमर से जुड़ी सूजन और दिमाग में जमा होने वाले हानिकारक प्लाक को भी कम करने में सहायता करता है. इसका मतलब यह है कि रोजाना कॉफी पीने की आदत आपको सिर्फ ताजगी और ऊर्जा ही नहीं देती, बल्कि आपके दिमाग की रक्षा भी करती है.


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इस शोध में हुआ बड़ा खुलासा


इस बात को साबित करने के लिए अमेरिका में एक बहुत बड़ा शोध किया गया। इस शोध में 1,31,821 नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों को शामिल किया गया, इन सभी लोगों पर पूरे 43 सालों तक नजर रखी गई. जब यह अध्ययन शुरू हुआ, तब प्रतिभागियों की उम्र 40 वर्ष के आसपास थी. अध्ययन के दौरान लगभग 11,033 लोगों (यानी कुल लोगों का 8 प्रतिशत) में डिमेंशिया की समस्या देखी गई. हालांकि, शोधकर्ताओं ने एक बहुत ही दिलचस्प बात नोटिस की, जो लोग नियमित रूप से कैफीनयुक्त कॉफी या चाय का सेवन करते थे, उनमें डिमेंशिया विकसित होने की संभावना काफी कम थी. इस आदत का सबसे अधिक फायदा 75 वर्ष और उससे कम आयु के वयस्कों में देखा गया.


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हर चीज की बुरी है अति


विज्ञानियों ने इसके फायदों के साथ-साथ एक जरूरी सलाह भी दी है. उनका कहना है कि मध्यम मात्रा में कॉफी या चाय पीना ही फायदेमंद है, अगर आप यह सोचकर बहुत ज्यादा कॉफी पीने लगेंगे कि इससे ज्यादा फायदा होगा, तो यह गलत है, हद से ज्यादा कॉफी पीने से इसका यह सुरक्षात्मक प्रभाव कम होने लगता है.


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अग्निकांड के बाद सख्‍ती : वाराणसी में 35 कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी सील, 20 को नोटिस...
अग्निकांड के बाद सख्‍ती : वाराणसी में 35 कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी सील, 20 को नोटिस...
वाराणसी : लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड के बाद वाराणसी प्रशासन सख्‍ती के मोड में है. विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने शहरभर में विशेष अभियान चलाकर भवन मानकों, मानचित्र स्वीकृति और अग्नि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले 35 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को सील कर दिया. वहीं 20 अन्य संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं. सील किए गए सभी संस्थानों को पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है. अब तक की यह सबसे बडी कार्रवाई बताई जा रही है.वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के निर्देश पर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत शहर को पांच जोनों में विभाजित कर व्यापक जांच की गई. निरीक्षण के दौरान कई संस्थान बिना स्वीकृत मानचित्र, आवश्यक अनुमति और फायर सेफ्टी मानकों का पालन किए संचालित होते पाए गए. अधिकारियों ने इसे विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया.वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जिन संस्थानों को पहले नोटिस जारी किए गए थे और जिन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर नियमों का पालन नहीं किया, उनके विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई की गई है.उन्होंने कहा कि सभी कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी संचालकों को भवन निर्माण मानकों, स्वीकृत मानचित्र और अग्नि सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा. उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की गई है और भविष्य में भी अभियान लगातार जारी रहेगा. वीडीए की टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की.जोन आधारित कार्रवाईजोन-1 (पांडेयपुर, भरलाई, टैगोर टाउन): रैंकर्स कोचिंग, ट्राइस क्लासेज, एपिस ट्यूटोरियल्स, कौटिल्य एकेडमी, मोमेंटम कैरियर क्लासेज समेत कई संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई.जोन-2 (सारनाथ, आशापुर): बिना निर्धारित मानकों के संचालित एक कोचिंग संस्थान और एक लाइब्रेरी को सील किया गया.जोन-3 (सिगरा, महमूरगंज): कई प्रशिक्षण केंद्रों और कोचिंग संस्थानों के पास आवश्यक स्वीकृतियां नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई.जोन-4 (दुर्गाकुंड, संकटमोचन): इसरो कोचिंग, इंडिविजुअल कोचिंग, अड्डा कोचिंग और माइक्रोटेक कोचिंग को सील किया गया.जोन-5 (रामनगर, कटेसर, साहित्यनाका, कैलाशपुरी, नई बस्ती): सबसे अधिक कार्रवाई (Varanasi) करते हुए कई कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को बंद कराया गया.फायर विभाग की जांच में भी सामने आईं गंभीर कमियांमुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत के नेतृत्व में फायर विभाग ने भी लगभग 20 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया. जांच में कई गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आईं. भोजूबीर स्थित पीडब्ल्यू विद्यापीठ में मुख्य सीढ़ी बाधित मिली, जिससे आपातकालीन निकासी प्रभावित हो सकती थी. वहीं कौटिल्य कोचिंग सेंटर और मोमेंटम कोचिंग सेंटर में सीढ़ियों के पास एयर कंडीशनर की बाहरी यूनिट लगी मिलीं, जो फायर सेफ्टी मानकों के विपरीत हैं. पांडेयपुर स्थित लक्ष्य कोचिंग सेंटर निरीक्षण के दौरान बंद मिला. फायर विभाग ने संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं.ALSO READ : वाराणसी में चार साइबर प्रभारी लाइन हाजिर, दो विवेचक निलंबित, सामने आई यह वजह...सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताअधिकारियों का कहना है कि प्रतिदिन हजारों छात्र-छात्राएं कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में अध्ययन के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में भवन की संरचनात्मक मजबूती, अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, स्वीकृत मानचित्र और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है. प्रशासन का मानना है कि इन नियमों की अनदेखी भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. वीडीए और अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया है कि संयुक्त निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा. जो भी संस्थान नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ बिना किसी रियायत के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही सभी कोचिंग संचालकों से आवश्यक अनुमति, फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की गई है.
वाराणसी में चार साइबर प्रभारी लाइन हाजिर, दो विवेचक निलंबित, सामने आई यह वजह...
वाराणसी में चार साइबर प्रभारी लाइन हाजिर, दो विवेचक निलंबित, सामने आई यह वजह...
वाराणसी : पुलिस आयुक्‍त मोहित अग्रवाल ने बुधवार को साइबर सेल एवं जनपद के समस्त थानों के साइबर हेल्प डेस्क प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक की. जिसमें साइबर अपराध नियंत्रण, तकनीकी जांच एवं शिकायतों के निस्तारण की विस्तृत समीक्षा की गई. इस दौरान शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही एवं अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर चार साइबर प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया तथा विवेचनाओं को 60 दिवस से अधिक समय तक लंबित रखने पर 02 विवेचकों को निलंबित किया गया.6 करोड़ होल्‍ड बैठक में साइबर अपराधों में प्रयुक्त बैंक खातों, म्यूल अकाउंट, फर्जी सिम कार्ड, संदिग्ध खाताधारकों एवं अपराधियों के नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई पर विशेष बल दिया गया. वर्ष 2026 में अब तक लगभग 06 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की धनराशि होल्ड/फ्रीज कराई गई है, 3198 मोबाइल नंबर ब्लॉक किए गए हैं तथा 509 IMEI नंबर डिएक्टिवेट किए गए हैं. पुलिस आयुक्त ने प्रतिबिंब एवं समन्वय पोर्टल की प्रभावी मॉनिटरिंग, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा व्यापक साइबर जागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए. वर्ष 2026 में अब तक साइबर अपराधों में संलिप्त 3198 मोबाइल नंबर ब्लॉक तथा 509 मोबाइल फोन (IMEI) डिएक्टिवेट कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की गई.1 उनि विजय कुमार यादव कोतवाली पुलिस लाइन2 उनि सौरभ कुमार आदमपुर पुलिस लाइन3 उनि पवन जायसवाल शिवपुर पुलिस लाइन4 उनि तबीज खान जंसा पुलिस लाइन5 उनि रोहित कुमार सिंधौरा निलम्बित6 उनि ऋतुराज मिश्रा लोहता निलम्बितकाशी, वरुणा एवं गोमती जोन के थानों की कार्यप्रगति का मूल्यांकन करते हुए साइबर अपराध नियंत्रण, तकनीकी जांच एवं शिकायत निस्तारण को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए गए. साइबर अपराधों में प्रयुक्त बैंक खातों, म्यूल अकाउंट एवं संदिग्ध खाताधारकों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई कर साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने हेतु निर्देशित किया गया. साइबर शिकायतों के 76 प्रतिशत डिस्पोजल रेट पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की गई तथा इसे और बेहतर करने के निर्देश दिए गए.ALSO READ : वाराणसी में अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्‍त, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, पुलिस तैनात...पूर्व में दिए गए निर्देशों के प्रभावी अनुपालन से शिकायतों का Lien Time घटकर मात्र 14 मिनट रह गया है, जिसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए निरंतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए.
वाराणसी में अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्‍त, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, पुलिस तैनात...
वाराणसी में अंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्‍त, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी, पुलिस तैनात...
वाराणसी : कपसेठी थाना क्षेत्र के कुरु गांव में स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा गुरुवार सुबह खंडित मिलने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई. प्रतिमा के हाथ और मध्य भाग क्षतिग्रस्त मिला. ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी. ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार देर शाम तक प्रतिमा सुरक्षित थी. सुबह क्षतिग्रस्त अवस्था में मिलने पर ग्रामीणों ने किसी असामाजिक तत्व द्वारा इसे नुकसान पहुंचाने की आशंका जताई. इस घटना से इलाके हडकंप मच गया. ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.सूचना के बाद कपसेठी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी राजातालाब भी घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली और शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया. पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से क्षतिग्रस्त प्रतिमा को सम्मानपूर्वक हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया है. नई प्रतिमा स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. आज ही नए चबूतरे के साथ नई प्रतिमा स्थापित की जाएगी.कपसेठी थाना प्रभारी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी. क्षतिग्रस्त प्रतिमा को सम्मानपूर्वक सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और नई मूर्ति मंगाई गई है ,जिसका विधिवत स्थापना किया जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि प्रतिमा की सुरक्षा के लिए उसके चारों ओर पिलर लगाने और अन्य आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने की योजना है.ALSO READ : आकाश गंगा कॉलोनी में 7.55 लाख रुपये की लागत से बनेगी नई सड़क...थाना प्रभारी ने बताया कि प्रतिमा कैसे क्षतिग्रस्त हुई. इसकी विस्तृत जांच की जा रही है और पुलिस सभी पहलुओं पर नजर रख रही है. घटना के बाद गांव में पुलिस बल की तैनाती की गई है. पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य है, लेकिन प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने की घटना को लेकर ग्रामीणों में चर्चा जारी है.