30 जुलाई को मनाया जायेगा सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह, 32 मेधावियों को मिलेंगे 53 स्वर्ण पदक...

वाराणसी : सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय का 44वां दीक्षांत समारोह आगामी 30 जुलाई को शताब्दी भवन में आयोजित किया जाएगा. समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन इसे भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने में जुटा है. इस बार 32 मेधावी छात्र-छात्राओं को कुल 53 स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया जाएगा. साथ ही पहली बार मेधावियों के साथ उनके अभिभावकों और शिक्षकों का भी विशेष सम्मान किया जाएगा.
दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता आनंदीबेन पटेल करेंगी, जो विश्वविद्यालय की कुलाधिपति भी हैं. वहीं मुख्य अतिथि के रूप में आशुतोष शर्मा उपस्थित रहेंगे और दीक्षांत भाषण देंगे. समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा सहित शिक्षाविद, गणमान्य नागरिक, छात्र-छात्राएं और उनके परिजन शामिल होंगे.

विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क अधिकारी शशीन्द्र मिश्र ने बताया कि दीक्षांत समारोह को लेकर सभी तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं. मेधावी विद्यार्थियों और पदक विजेताओं की अंतिम सूची जल्द जारी कर दी जाएगी। विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न समितियां अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन कर रही हैं ताकि समारोह सुव्यवस्थित और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हो सके.
उन्होंने बताया कि इस बार दीक्षांत समारोह को समाज से जोड़ने की विशेष पहल की गई है. राज्यपाल की मंशा के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है, ताकि शिक्षा के महत्व का संदेश गांव-गांव तक पहुंचे. उनका मानना है कि जब ग्रामीण परिवेश के लोग ऐसे शैक्षणिक आयोजनों का हिस्सा बनेंगे तो शिक्षा के प्रति जागरूकता और समर्पण की भावना को और बल मिलेगा.
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विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस वर्ष का दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृत शिक्षा और शैक्षणिक उत्कृष्टता के उत्सव के रूप में आयोजित किया जाएगा. समारोह को लेकर परिसर में तैयारियां लगातार जारी हैं और विभिन्न व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है.



