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वाराणसी में सिक्‍योरिटी गार्ड के इकलौते पुत्र की गोली मारकर हत्‍या, एक अन्‍य जख्‍मी

वाराणसी में सिक्‍योरिटी गार्ड के इकलौते पुत्र की गोली मारकर हत्‍या, एक अन्‍य जख्‍मी
Dec 26, 2025, 06:55 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - बड़ागांव थाना क्षेत्र के दयालपुर (रसूलपुर) गांव में गुरुवार शाम करीब छह बजे मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. बाइक से आपस में धक्का लगने के बाद शुरू हुई कहासुनी के दौरान अचानक एक पक्ष ने फायरिंग कर दी. इसमें दो लोग गोली लगने से घायल हो गये. इलाज के दौरान एक 14 वर्षीय किशोर की मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति घायल है. वहीं हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पाँच टीमें जुटीं है.

गोली लगने से समीर सिंह पुत्र बनारसी सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था. परिजन उसे तत्काल शिवपुर स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई, वहीं, रामू यादव (35 वर्ष) निवासी इंदरपुर को कमर में गोली लगी है, उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है, जिसके चलते डॉक्टरों ने उसे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया. समीर के पिता सिक्‍योरिटी गार्ड हैं. वह उनका इकलौता पुत्र था.


कृष्णापुर (बड़ागांव) निवासी 35 वर्षीय रामू यादव और अभिषेक यादव बाइक से दोस्त के घर जा रहे थे. पड़ोस के गांव दयालपुर के सीवान में सड़क पर छह युवक खड़े थे. कोहरे के कारण बाइक से युवकों को टक्कर लग गई. इसके बाद सभी लोग ने मिलकर मारपीट शुरू कर दी. रामू और अभिषेक भी उनसे भिड़ गए, तभी एक ने पिस्टल निकाली और रामू के कमर में गोली मार दी. रामू के गोली लगने के बाद दोस्त अभिषेक भाग निकला. उधर मनबढ़ चार युवक दो बाइक से भाग निकले, उसी दौरान रसूलपुर निवासी बनारसी सिंह का बेटा समीर बाइक से जा रहा था, तभी मनबढ़ो ने गोली मारकर बाइक छीन ली. करीब आधा किमी दूर सड़क किनारे बाइक फेंकी मिली.


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घटना की सूचना मिलते ही बड़ागांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया, पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, स्थानीय लोगों से पूछताछ की और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है.

पुलिस के अनुसार, घटना के कारणों, प्रयुक्त हथियार और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर गहन जांच की जा रही है, जल्द ही पूरे मामले का अनावरण किए जाने का दावा किया गया है,

क्या था रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड, जिसमें 24 साल बाद बरी हुए राम रहीम...
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रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने आज डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम को 24 साल पुराने हत्याकांड में बरी कर दिया है. हाईकोर्ट ने सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले में बदलाव करते हुए राम रहीम को इस मामले में बरी कर दिया. हालांकि हाईकोर्ट ने इस केस में दोषी ठहराए गए तीन अन्य आरोपियों कुलदीप, निर्मल और किशन लाल की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है.अक्टूबर 2002 में हुई थी हत्या...बता दें कि, सिरसा में एक स्थानीय समाचार पत्र चलाने वाले रामचंद्र छत्रपति की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड ने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा क्यूंकि, पत्रकार ने डेरा सच्चा सौदा के खिलाफ सम्बंधित आरोपों के खिलाफ रिपोर्ट प्रकाशित की थी. इन रिपोर्ट में पत्रकार ने डेरा प्रमुख के खिलाफ यौन संबंध के मामले में आरोप लगाए थे. मामले में जांच शुरू हुई और मामले को CBI को दे दिया गया.यह भी पढ़ें: UP को वन ट्रिलियन डालर की आर्थिक शक्ति बनाने में कृषि की होगी बड़ी भूमिकाहाईकोर्ट ने राम रहीम को किया बरीबता दें कि आरोपियों ने सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ दायर की थीं. हाई कोर्ट ने मामले से जुड़े सबूतों और दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान से सुनने के बाद यह निर्णय दिया. हाईकोर्ट ने कहा कि राम रहीम के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले. इसलिए उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी किया जाता है. वहीं बाकी तीन आरोपियों के खिलाफ मौजूद साक्ष्यों को अदालत ने पर्याप्त माना. कोर्ट ने इन दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा.
UP को वन ट्रिलियन डालर की आर्थिक शक्ति बनाने में कृषि की होगी बड़ी भूमिका
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वाराणसी: उत्तर प्रदेश तेजी से आर्थिक विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है. सरकार अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तदनुरूप नीतियों का अनुगमन कर रही है. प्रदेश को वन ट्रिलियन डालर की आर्थिक शक्ति बनाने मेें कृषि क्षेत्र की बड़ी भूमिका होगी. आइसार्क में आरंभ धान नीतियों पर उच्च स्तरीय नीति संवाद के निष्कर्षों को प्रदेश सरकार कृषि व किसान हित में लागू करेगी.ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आर्थििक सलाहकार केवी राजू ने कही. वह शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान, दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क व भारतीय अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद के सहयोग से, आइसार्क में आरंभ दो दिवसीय उच्च स्तरीय नीति संवाद के दो दिवसीय आयोजन में प्रथम दिवस उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे.यह भी पढ़े: संपूर्ण समाधान दिवस: राजातालाब तहसील में 160 प्रार्थना पत्र, सिर्फ 8 का निस्‍तारणकार्यक्रम का मुख्य विषय “भारत में टिकाऊ एवं सुदृढ़ धान प्रणाली के लिए नीतियों का पुनर्गठन : सीख एवं प्राथमिकताएं’ है. इस दो दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंंध भारतीय अनुसंधान परिषद के डिस्टिंग्विश्ड प्रोफेसर डा. अशोक गुलाटी, विश्व बैंक की कृषि विशेषज्ञ डा. सौम्या श्रीवास्तव, फेडरेशन आफ सीड इंडस्ट्री आफ इंडिया के महानिदेशक डा. परेश वर्मा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक कृषि प्रसार डा. राजबीर सिंह आदि ने अपने विचार रखे. आयोजन में विभिन्न सरकारी संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, नीति निर्माता, शोधकर्ता, विकास सहयोगी संस्थाएं, निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि तथा किसान भाग ले रहे हैं.इसमें भारत की वर्तमान धान नीति की समीक्षा की जाएगी और भविष्य के लिए आवश्यक सुधारों पर विचार-विमर्श किया जाएगा. इस संवाद में उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी भाग ले रहे हैं, जिनमें मुख्यमंत्री के सलाहकार, कृषि उत्पादन आयुक्त तथा प्रमुख सचिव प्रमुख हैं. इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों, विकास संगठनों तथा निजी क्षेत्र की कंपनियों, जिनमें बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी शामिल हैं व उनके प्रतिनिधि भी इस संवाद में सहभागिता करेंगे.
संपूर्ण समाधान दिवस: राजातालाब तहसील में 160 प्रार्थना पत्र, सिर्फ 8 का निस्‍तारण
संपूर्ण समाधान दिवस: राजातालाब तहसील में 160 प्रार्थना पत्र, सिर्फ 8 का निस्‍तारण
वाराणसी: जिले की राजातालाब तहसील में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया. गहमागहमी के बीच कई विभागों से संबंधित कुल 160 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए, जिनमें से मौके पर केवल 8 शिकायतों का ही निस्तारण हो सका. शेष प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागों को जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया है. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर नगर मजिस्ट्रेट तृतीय देवेंद्र कुमार ने की.समाधान दिवस में पहुंची शिकायतकर्ताओं में शंभवी सिंह भी शामिल थीं. उन्होंने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद उनकी और उनकी बहन कियाका का नाम पैतृक संपत्ति में दर्ज नहीं हो पाया है. शंभवी के अनुसार, वह करीब एक वर्ष से तहसील के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उसके बाद भी नामांतरण की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है. वर्तमान में संपत्ति में केवल उनकी मां का नाम दर्ज है, जिससे दोनों बहनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.यह भी पढ़ें: वाराणसी में पर्यटकों की सुविधा के लिए समिति का गठन, बेड एंड होमस्टे का करेंगे निरीक्षणएक अन्य शिकायतकर्ता संतोष कुमार ने अपने पिता की वृद्धा पेंशन पिछले छह महीनों से बंद होने की शिकायत की. उन्होंने बताया कि पेंशन बंद होने के कारण परिवार को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. संतोष कुमार ने प्रशासन से पेंशन दोबारा शुरू कराने की मांग की. समाधान दिवस के दौरान पुलिस से संबंधित मामले भी सामने आए. कुछ फरियादियों ने मारपीट और पैसे के लेनदेन से जुड़े विवादों की शिकायत की, जिस पर अधिकारियों ने संबंधित थाना अध्यक्षों को इन मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए. इसके अतिरिक्त, खाद्य आपूर्ति, बिजली, पेंशन, जल निगम सहित अन्य विभागों से जुड़ी समस्याएं भी प्रस्तुत की गईं, जिन्हें संबंधित विभागीय अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश के साथ भेजा गया.इस अवसर पर तहसील प्रशासन के अधिकारी, राजस्व कर्मी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे. अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जिन शिकायतों का मौके पर निस्तारण नहीं हो पाया है, उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके.