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किसानों को तीन अतिरिक्त क्रय केंद्रों से भी उपलब्ध होंगे बीज, खाद, कीटनाशक

किसानों को तीन अतिरिक्त क्रय केंद्रों से भी उपलब्ध होंगे बीज, खाद, कीटनाशक
Oct 28, 2025, 10:39 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी- रबी अभियान को सफल बनाए जाने के लिए कृषि विभाग द्वारा किसानों को समय से सरसों, चना, मटर एवं गेहूं का बीज अनुदान पर विगत वर्ष की भांति इस साल भी जनपद के सभी आठ राजकीय कृषि बीज गोदाम से उपलब्ध कराए जा रहे हैं. साथ ही उच्च गुणवत्ता का बीज तथा अनुदान का लाभ अधिक से अधिक किसानो को प्राप्त हो सके इसके लिए इस बार 8 राजकीय कृषि बीज गोदाम के अतिरिक्त अन्य संस्थाओं के तीन केंद्रों क्रमशः उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम-चांदपुर चौराहा (कलेक्ट्रीफार्म), राष्ट्रीय बीज निगम, रामनगर (इंडस्ट्रीयल एरिया) तथा राष्ट्रीय बीज निगम, कैलगढ़ मार्केट जगतगंज (निकट-साहू ब्रदर्स, जगतगंज) से भी गेहूं, चना, मटर एवं सरसों का बीज अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है.



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समय से बीज प्राप्त करके 15 नवंबर तक गेहूं की बुवाई कर ले


जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने उक्त जानकारी देते हुए जनपद के सभी किसानो से अपील की है कि वर्तमान समय सरसों, चना एवं मटर की बुवाई का सबसे उपयुक्त चल रहा है. अधिक उत्पादन प्राप्त किए जाने हेतु किसी भी तरह का विलंब किए बगैर अपने विकास खंड के राजकीय बीज गोदाम से अथवा उक्त तीन केंद्र जो अन्य संस्थाओं के है. उनसे अनुदान पर बीज प्राप्त करके समय से बुवाई सुनिश्चित कर लें. विलंब से बुवाई की दशा सरसों की फसल में रोग, कीट एवं पाले के प्रकोप होने के कारण उत्पादन कम होने की संभावना ज्यादा रहती है. इसी तरह से चना एवम मटर के भी उत्पादन प्रभावित होने की संभावना रहती है. उन्होंने बताया कि गेहूं का बीज भी जनपद के सभी केंद्रों पर अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है और जिन किसान भाइयों को गेहूं की बुवाई करना है उसमें भी विलंब न करें और अपने राजकीय कृषि बीज गोदाम से बीज प्राप्त करके 15 नवंबर तक गेहूं की बुवाई भी कर ले.



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सरसों की खेती करनी है तो करें एनपीएस का प्रयोग


गेहूं की बुवाई में विलंब करने से आगे चलकर तापमान ज्यादा हो जाने के कारण दाने पतले हो जाते हैं और उत्पादन में भारी गिरावट आती है. जिन किसानो को सरसों की खेती करनी है उनको मेरी सलाह हैं कि उर्वरक के रूप में एनपीएस का प्रयोग करें इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस के साथ सल्फर भी पाया जाता है इससे सरसों की फसल का उत्पादन एवं तेल की मात्रा बढ़ जाती है. एनपीएस उर्वरक जनपद के समस्त सहकारी समितियों एवं निजी केदो पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है किसान भाई अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी केंद्र से पास मशीन में अंगूठा लगाकर उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं साथ ही जनपद में पर्याप्त मात्रा में यूरिया एवं डीएपी भी उपलब्ध है किसी भी क्षेत्र में किसी भी उर्वरक की कोई कमी नहीं है.


वाराणसी पुलिस ने हर्षोल्लास के साथ खेली होली, रंगों में सराबोर हुए अधिकारी और कर्मचारी
वाराणसी पुलिस ने हर्षोल्लास के साथ खेली होली, रंगों में सराबोर हुए अधिकारी और कर्मचारी
वाराणसी: रंग भरी एकादशी से शुरू रंगों के पर्व को सकुशल संपन्‍न कराने के बाद कमिश्‍नरेट पुलिस के लिए गुरुवार पांच मार्च का दिन खास रहा. जिले में शांतिपूर्ण एवं सकुशल सम्पन्न कराने के उपरांत आज पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ पारंपरिक रूप से पुलिस लाइन एवं पुलिस आयुक्त आवास पर हर्षोल्लास के साथ होली मनाई गई. इस अवसर पर अधिकारी व कर्मचारी रंग, अबीर एवं गुलाल में सराबोर होकर उत्सव में शामिल हुए तथा एक-दूसरे को रंग लगाकर प्रेम, सौहार्द्र और भाईचारे का संदेश दिया."होली प्रेम और भाईचारे का पर्व"कार्यक्रम के दौरान संगीत, लोकगीत एवं नृत्य का आकर्षक संगम देखने को मिला, जिसमें पुलिसकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर वातावरण को उल्लासपूर्ण बना दिया. पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने इस अवसर पर पुलिसकर्मियों के समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि होली प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का पर्व है, जो समाज में आपसी सद्भाव और एकता को सुदृढ़ करने का संदेश देता है.यह भी पढ़ें: वाराणसी में गौतमबुद्ध इको पार्क के लिए करोड़ों रुपये स्‍वीकृत, 12.49 करोड़ जारीउन्होंने कहा कि कमिश्नरेट वाराणसी के पुलिसकर्मियों ने जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए जनपद में होली पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा सभी पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं. माहौल इतना उल्लासपूर्ण रहा कि कई पुलिसकर्मी रंग से भरे टब में गोते लगाते दिखे और जमकर मस्ती की. होली के इस आयोजन में अनुशासन और उत्सव का अनूठा संगम देखने को मिला. जहां एक ओर वर्दीधारी जवान सालभर कानून-व्यवस्था संभालते नजर आते हैं, वहीं इस अवसर पर वे भी रंगों में सराबोर होकर खुशी साझा करते दिखाई दिए.
वाराणसी में गौतमबुद्ध इको पार्क के लिए करोड़ों रुपये स्‍वीकृत, 12.49 करोड़ जारी
वाराणसी में गौतमबुद्ध इको पार्क के लिए करोड़ों रुपये स्‍वीकृत, 12.49 करोड़ जारी
वाराणसी: हरहुआ स्थित उंदी ताल में प्रस्तावित गौतमबुद्ध इको पार्क (सिटी फारेस्ट) का सुंदरीकरण कराने के लिए शासन ने 24.99 करोड़ रुपये स्वीकृत करते हुए 12.49 करोड़ रुपये वाराणसी विकास प्राधिकरण को जारी कर दिया है. विकास प्राधिकरण के भेजे गए प्रारंभिक डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) का फिर से मूल्यांकन करना शुरू कर दिया है जिससे योजना पूर्ण करने में कोई कमी नहीं रह जाए. इको पार्क की कनेक्टिविटी सारनाथ से बनी रहे, इसको लेकर प्राधिकरण का अधिक फोकस है. उंदी ताल पर वीडीए ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में काम कर रहा है. अपने अवस्थाना निधि से काफी हद तक काम भी करा चुका है. यहां पर्यटकों की सुविधा, हरियाली और जल संचयन पर ज्यादा जोर है.मशक्‍कत के बाद मिला था कब्‍जाउंदी ताल पर आसपास के लोगों का कब्जा था. जिला प्रशासन से उंदी ताल और आसपास की 78.5 एकड़ जमीन लेने के साथ वीडीए ने काफी मशक्कत कर कब्जा लिया था. वीडीए ने 3.20 करोड़ से उंदी ताल का लोहे की जाली से घेराबंदी की है. इसके अलावा अन्य काम भी कराया है. पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने और बजट नहीं होने पर वीडीए प्रशासन ने तत्कालीन मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल के समक्ष समस्या रखी थी. उन्होंने पर्यटन विभाग से उंदी ताल का सुंदरीकरण कराने का निर्णय लिया. वीडीए ने दिल्ली की एजेंसी आधार शिला से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनवाकर शासन को भेजा. पर्यटन विभाग ने सहमति जताते हुए 24.95 करोड़ रुपये पर मुहर लगा दी.सारनाथ से जोडने की तैयारीवीडीए बजट आने का इंतजार करी रहा था कि पर्यटन विभाग ने यूपीपीसीएल को काम दे दिया है. इस पर वीडीए ने काम कराने से साफ मना कर दिया था. अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल सारनाथ से उंदी ताल को जोड़ने की तैयारी है. यदि कोई पर्यटक सारनाथ आता है तो उंदी ताल जाए, वहां कोई पर्यटक आता है तो सारनाथ आए. इसको लेकर भी डीपीआर बनाया गया है. उंदी ताल पर्यटन हब होने के साथ लोगों को रोजगार मिलेगा.यह भी पढ़ें: होली ऑफर ने कईयों को बनाया कंगाल, बैंक खाते से गायब हुए रकमयह होगी सुविधाएंमुख्य प्रवेश द्वार पर गार्ड हाऊस, शौचालय, दो व चार पहिया और बस पार्किंग, टिकट घर, रेंटल साइकिल क्षेत्र तथा गोल्फ काेर्ट क्षेत्र विकसित होगा.बोटिंग क्षेत्र के अंतर्गत बोटिंग लेक व क्लब हाऊस (टिकट घर एवं पब्लिक यूटिलिटि के साथ). ईको पार्क में साइकिल व पेडेसट्रीयन ट्रैक, चिल्ड्रेन प्ले एरिया, ओपेन जिम.बुद्धा थीम पार्क में 4.37 एकड़ भूमि पर बाैद्ध दर्शन पर आधारित लैंडस्केप के साथ औषधीय पौधे युक्त बोटेनिकल गार्डन, ध्यान स्थल एवं तालाब आदि.वेलनेस सेंटर एवं केंपिंग जोन में भूमि पर वेलनेस सेंटर एवं कैंपिंग जोन.ईको-जोन में जलाशयों एवं वेट लैंड के संरक्षण, जैव विविधता, जोन में साइकिल व पैदल ट्रैक (पथ), प्राकृतिक अपशिष्ट जल शुद्धिकरण प्रणाली, ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण प्रणाली, सौर ऊर्जा आधारित विद्युत उत्पादन, बर्ड सेंचुरी, वाच टावर, जेट्टी, वनीकरण आदि.पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बांस के पुल और रास्ते बनाए जाएंगे.उंदी ताल में गौतमबुद्ध इको पार्क के लिए भेजे गए 24.99 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर शासन ने 12.49 करोड़ रुपये विकास प्राधिकरण को जारी कर दिया है. टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के साथ जल्द काम शुरू कराया जाएगा.-पुर्ण बोरा, उपाध्यक्ष, वीडीए
होली की रात चाट विक्रेता ने फांसी लगाकर दे दी जान, परिजनों में पसरा मातम
होली की रात चाट विक्रेता ने फांसी लगाकर दे दी जान, परिजनों में पसरा मातम
वाराणसी: मिर्जामुराद थाना क्षेत्र में कछवां रोड चौराहे के पास होली के त्योहार पर बुधवार की रात चाट विक्रेता संदीप मोदनवाल (36) ने फांसी के फंदे पर लटक कर जान दे दी. सूचना के बाद थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय, कछवांरोड़ चौकी प्रभारी रामचन्द्र यादव और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ पुलिस अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है. आत्‍महत्‍या का कारण स्पष्ट नही हो सका है. हालांकि चर्चा है कि दुकानदार कई दिनों से तनाव में था. मृतक को एक पुत्र यश (13) और एक पुत्री परी (8) है.मिर्जामुराद थानांतर्गत कछवांरोड (ठटरा) गांव निवासी श्यामलाल मोदनवाल का इकलौता पुत्र रहा संदीप मोदनवाल ठेले पर चाट-गोलगप्पा की दुकान लगाता रहा. ससुराल से पत्नी को साथ लेकर वापस लौटने के बाद मित्रो से मिलकर रात में वह घर आया. पत्नी और बच्चों संग कमरे में सोया. इसके बाद रात में वह किसी कारण वश कमरे से सटे किचन में जाकर कुर्सी पर खड़ा होकर पंखे की कुंडी के सहारे गमछा से गले में फांसी का फंदा लगाकर लटक गया.यह भी पढ़ें: ई हौ रजा बनारस- काशी की होली में झूमे विदेशी मेहमान, महादेव के जयकारों से गूंजा शहरपीड़ित परिजनों ने बयां की अपनी आपबीतीपत्नी अंजली सुबह उठी और किचन में गई तो पति के शव को फांसी के फंदे पर लटकता देख सन्न रह गयी. स्वजन आनन-फानन में उसे नीचे उतारे किन्तु तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. परिवार में कोहराम मच गया।स्वजन रोते-विलखते रहे।दुकानदारों की भीड़ जुट गई थी.पुल से कूदकर युवक ने दी जानवाराणसी के लंका थाना क्षेत्र के विश्वसुंदरी पुल से देवड़ी जमानियां गाजीपुर निवासी शिवम सिंह (21) गंगा में कूद गया. राहगीरों की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जल पुलिस और एनडीआरएफ की मदद से खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला. इस बीच मंगलवार को खोजबीन के दौरान जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीम ने शव बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया. थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि परिजनों से घटना के बारे में जानकारी ली गई.