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सीपी एवं डीएम का बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तूफानी दौरा, शिविरों में सीसी टीवी कैमरा लगाने के निर्देश

सीपी एवं डीएम का बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तूफानी दौरा, शिविरों में सीसी टीवी कैमरा लगाने के निर्देश
Sep 01, 2026, 10:38 AM
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Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी : पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने आज मंगलवार को नमो घाट से एनडीआरएफ की नाव से गंगा एवं वरुणा नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का तूफानी दौरा कर वर्तमान स्थिति का निरीक्षण किया तथा स्थानीय लोगों से वार्ता कर उपलब्ध कराये जा रहे सुविधाओं की जानकारी ली. उन्होंने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि दैवी आपदा के इस घड़ी में प्रशासन हर समय उनके साथ है. निरीक्षण के दौरान पुलिस कमिश्नर एवं जिलाधिकारी गंगा एवं वरुणा नदी के संगम स्थल आदि केशव घाट से आगे बढ़े तथा सलारपुर, सरैया, कोनिया, पुल कोहना, ढेलवरिया, सराय मोहना सहित विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का नाव के माध्यम से निरीक्षण किया.

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इस दौरान दोनों अधिकारियों ने जलस्तर की स्थिति, तटवर्ती क्षेत्रों में जलभराव तथा प्रभावित आबादी की स्थिति का मौके पर जायजा लिया. जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में रहें. प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों एवं नावों की उपलब्धता बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए.


पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने पुलिस एवं एनडीआरएफ की टीमों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से भी सावधानी बरतने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की. तत्पश्चात् पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी ने स्थापित बाढ़ राहत शिविर प्राथमिक विद्यालय सलारपुर विक्षे चिरईगाँव और विद्या विहार इण्टर कॉलेज सलारपुर, रसूलगढ़ का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने शिविर में रह रहे बाढ़ प्रभावित परिवारों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा हर संभव सहयोग का भरोसा दिया.


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मौके पर मौजूद अधिकारी को राहत शिविर में भोजन, पेयजल, बिजली, प्रकाश, शौचालय, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुविधा एवं सुरक्षा व्यवस्था पर सतत् निगरानी रखते हुए सभी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित रखे जाने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने शिविर में सुरक्षा के दृष्टिगत सीसी टीवी कैमरा लगाने के भी निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए. शिविर में रह रहे बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों की बुनियादी आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान रखे जाने के निर्देश दिए. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम को नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा नगर निगम/संबंधित विभाग को शिविर में साफ- सफाई की व्यवस्था लगातार बनाए रखने के निर्देश दिए.


नहाने और नौका संचालन पर रोक

लोगों को सतर्क करने के लिए लाउडस्पीकर के माध्यम से अनाउंसमेंट कर सुरक्षा संबंधी जरूरी निर्देश दिए जा रहे हैं. प्रशासन ने स्पष्ट हिदायत दी है कि जिन घरों में पानी घुस गया है, वहां रहने वाले लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करें और किसी तरह का जोखिम न उठाएं. बढ़ते जलस्तर और खतरे को देखते हुए नदी में नौका संचालन और नहाने पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है. लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी और आसपास के जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें. खासकर बच्चों और युवाओं को नदी के पास जाने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंध के बावजूद कोई नदी में नहाते या जोखिम उठाते पाया गया तो उसके अभिभावकों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा सकती है.

वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसीःमासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ कैंट थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में कैंट थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.परिजनों ने पुलिस को बताया कि 11 साल की बच्ची दूध लेने के लिए घर से बाहर गई थी. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले सेना के हवालदार ने उसे अपने कमरे में बुलाया. कमरे के अंदर उसने बच्ची के साथ गलत हरकत शुरू कर दिया. घटना के बाद बच्ची वहां से अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई. बच्ची की बात सुनकर परिवार के लोग परेशान हो गए.उन्होंने मामले की जानकारी कैंट थाना पुलिस को दी और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया. पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. बच्ची और उसके परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है.ALSO READ:ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रसाथ ही पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए जरूरी साक्ष्य जुटा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस और परिवार की ओर से बच्ची की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है.आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बनारस में नदी में होगी जलयानों की मरम्मत....
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वाराणसीः इनलैंड वाटरवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने रामनगर में बंदरगाह के उत्तरी छोर पर चार बीघा क्षेत्र में बनने वाले शिप रिपेयरिंग सेन्टर की शुरुआत की है. इसके साथ ही वाराणसी देश का पहला शहर होगा जहां नदी में जलयानों की मरम्मयत की जाएगी.कार्यदायी संस्था लार्सन एन्ड टुब्रो जिओ स्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने प्राथमिक कार्य शुरू कर दिया है. यहां जहाजों को रिपेयर करने के लिए उत्त्तरी छोर पर एक वाटर चैनल बनाया जाएगा जहा जहाज नदी की मुख्य धारा से अंदर चैनल में रिपेयर होने के लिए आएंगे.कार्यदायी संस्था फिलहाल रिपेयर फैसिलिटी के प्लेटफार्म को बनाने का काम कर रही है उनके मुख्य अभियंता रमेश जोशी ने बताया कि प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है. बताया कि बारिश खत्म होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन प्रोजेक्ट को जल्दी खत्म करने के लिए जल्दी ही काम शुरू करना पड़ा.ALSO READ: ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रइस बाबत उन्होंने बताया कि देश मे किसी भी नदी पर बनने वाला यह पहला शिप रिपेयरिंग सेंटर है. यहां कुछ जहाजों को क्रेन के माध्यम से ड्राई डाक सूखी सतह पर लाकर रिपेयर करने की सुविधा होगी। इसके साथ ही जहाज में पानी की सतह से ऊपर की खराबी को नदी में ही ठीक कर दिया जाएगा.बताया रि देश मे अभी तक शिप रिपेयरिंग सेन्टर समुद्रों के किनारे ही बनाये जाते है देश मे किसी नदी के ऊपर पहली बार शिप रिपेयरिंग सेन्टर बन रहा है. पहले जहाजों को रिपेयरिंग के लिए कोलकाता जाना होता था जो अब बनारस में भी संभव है.
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
वाराणसी। बालू परिवहन में ओवरलोडिंग और बिना आवश्यक वैध दस्तावेजों के वाहनों के संचालन को लेकर बनारस ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने प्रशासन और खनन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपकर ओवरलोड एवं बिना आवश्यक आईएसटीपी/वैध कागजात के बालू परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल अभियान चलाने की मांग की।एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया और कार्रवाई की गई। अभियान का असर यह रहा कि कुछ समय तक ओवरलोड बालू वाहनों का संचालन काफी हद तक नियंत्रित रहा, लेकिन कार्रवाई की गति धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर ऐसे वाहनों के संचालन की शिकायतें सामने आने लगी हैं।ओवरलोडिंग से वैध ट्रक ऑपरेटरों को नुकसानएसोसिएशन के संरक्षक विजय सिंह ने कहा कि ओवरलोडिंग का सीधा असर निर्धारित क्षमता के अनुसार वाहन चलाने वाले ट्रक मालिकों पर पड़ रहा है। वैध तरीके से क्षमता के अनुरूप बालू परिवहन करने वाले वाहन संचालकों की लागत अधिक आती है, जबकि ओवरलोड वाहन कम लागत में अधिक माल पहुंचाकर अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं। इससे नियमों का पालन करने वाले ट्रक ऑपरेटरों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व की तरह नियमित और प्रभावी अभियान चलाया जाए तथा बालू लदे प्रत्येक वाहन के भार और दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित की जाए।सड़क क्षति और राजस्व नुकसान की भी जताई आशंकाट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने कहा कि ओवरलोडिंग का असर केवल परिवहन कारोबार तक सीमित नहीं है। क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले भारी वाहनों से सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। वहीं, नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों और बालू मंडी से जुड़े व्यापारियों ने ओवरलोडिंग के मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद प्रशासन और खनन विभाग से प्रभावी कार्रवाई के लिए पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया।ALSO READ: BHU में शुरू हुआ रविवासरीय गीता प्रवचन, कुलसचिव बोले- विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ाव जरूरीमिलीभगत के आरोपों की जांच की मांगएसोसिएशन से जुड़े कुछ ऑपरेटरों ने ओवरलोड वाहनों को कथित रूप से पास कराने में बालू माफिया और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एसोसिएशन ने प्रशासन से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरोप गलत पाए जाएं तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह, संरक्षक विजय सिंह, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह, राकेश सिंह, नीतेश सिंह, महामंत्री आनंद भूषण सिंह, उपमहामंत्री शुभांशु सिंह, मंत्री मुकुंद सिंह, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी अजित कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष अनुराग सिंह (गुड्डू सिंह), सचिव दीपू यादव समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।