शुभेंदु अधिकारी से तृणमूल ने छीना उनका साथी, PA की हत्या मामले में उठी CBI जांच की मांग

Trinamool Congress snatches Suvendu Adhikari's associate, demands CBI probe into PA's murder
पश्चिम बंगाल में बीजेपी के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक पीए चंद्रनाथ रथ की बीते बुधवार की रात को हत्या कर दी गई है. हत्या की वारदात को कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में कुछ अज्ञात हमलावरों ने पीए चंद्रनाथ पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई, जिसके चलते पीए की मौके पर ही मौत हो गई. इस हत्याकांड से राजनीतिक गलियारों में हंगामा मचा हुआ है. जहां बीजेपी नेताओं ने इस हत्या का जिम्मेदार तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को ठहराया है. क्योंकि हत्या की इस वारदात को ऐसे समय में अंजाम दिया गया है जब, बंगाल में बीजेपी की बड़ी जीत हुई है और ममता बनर्जी के करारी हार मिली है.

ऐसे में माना ये जा रहा है कि, बीते 4 मई को आए बंगाल के चुनावी नतीजों में भाजपा की प्रचंड जीत होने से बौखलाई तृणमूल ने दुश्मनी निभाई है. उसी ने शुभेंदु के पीए का मर्डर करवाया है, इस वारदात से आगबबुला हुए बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि मैं शोक में हूं. शुभेन्दु अधिकारी के भाई दिव्युेंदु अधिकारी ने इस घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है.

जाने पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में हुई निर्मम हत्या से हर कोई ये सोचकर काफी हैरान है कि, आखिरकार ये हत्या कैसे और किसने करवाई है. बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने इस हत्या के लिए सीधे टीएमसी सांसद और महासचिव अभिषेक बनर्जी पर एक बड़ा आरोप लगाया है. क्योंकि उनका मानना है कि चंद्रनाथ रथ शुभेंदु के सबसे नजदीक थे, जो उनकी तमाम गतिविधियों पर ध्यान रखते थे, ऐसे पीए की हत्या कोई मामूली नहीं हो सकती है, जरूर टीएमसी ने एक बड़ी साजिशों के साथ इस घटना को अंजाम दिया गया है.

शुभेंदु से टीएमसी ने छिन लिया उनका साथी
आपको बता दें कि, 41 साल के पीए चंद्रनाथ रंथ बंगाल की राजनीति में पब्लिक चेहरे से काफी दूर थे, इसलिए बीजेपी ने उन्हें शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक माना जाता था. जिसे आज तृणमूल पार्टी ने छीन लिया. रथ सिर्फ पीए ही नहीं बल्कि, इससे पहले वो भारतीय वायुसेना में अधिकारी के पद पर रहते हुए दो दशकों तक अपने देश की सेवा की थी. वह पूर्व मेदिनीपुर के चांदीपुर के रहने वाले थे, रथ को नजदीक से जानने वालों का ये कहना है कि वह काफी नरम दिल, अनुशासित और रामकृष्ण मिशन से बहुत प्रभावित व्यक्ति थे. ऐसे व्यक्ति के चले जाने पर सबसे ज्यादा दुख है तो इस बात का कि जब शुभेंदु अधिकारी सीएम की रेस में सबसे आगे हैं, जब उन्हें रथ की सबसे ज्यादा जरूरत है तब उनकी निर्मम हत्या होने से उनका एक बड़ा सपना चकनाचूर होता नजर आ रहा है. वो अपने नेता को शीर्ष पद की शपथ लेते नहीं देख पाए. अब देखने वाली बात यह होगी की इस मामले की जांच में जुटी सीबीआई टीम की रिपोर्ट में किस बात का खुलासा होता है. जिस पर हर किसी की नजरें टिकी हुई है.

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टीएमसी ने की घटना की निंदा
वहीं, देर रात हुई इस हत्या के बाद बंगाल की राजनीति इस कदर गरमाई हुई है कि बीजेपी जिसे राजनीतिक हत्या बता रही है, तो टीएमसी ने खुद पर लगे हत्या मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रही है. ताकि, दूध का दूध और पानी का पानी हो सकें. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. लेकिन इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा कासिम अली के उस बयान की हो रही है, जिसमें उन्होंने चंद्रनाथ रथ के साथ हुई आखिरी बातचीत का जिक्र किया. शुभेंदु अधिकारी ने एक बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, "ये एक सुनियोजित हत्या थी. डीजीपी ने भी यही बताया है. 2-3 दिन पहले रेकी की गई थी." वहीं तृणमूल कांग्रेस ने एक बयान जारी कर कहा, "हम मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की क्रूर हत्या और साथ ही चुनाव के बाद हुई हिंसा में बीजेपी के लोगों के हाथों मारे गए तीन टीएमसी कार्यकर्ताओं की हत्या की निंदा करते हैं.




