Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

शुभेंदु अधिकारी से तृणमूल ने छीना उनका साथी, PA की हत्या मामले में उठी CBI जांच की मांग

शुभेंदु अधिकारी से तृणमूल ने छीना उनका साथी, PA की हत्या मामले में उठी CBI जांच की मांग
May 07, 2026, 08:20 AM
|
Posted By Preeti Kumari

Trinamool Congress snatches Suvendu Adhikari's associate, demands CBI probe into PA's murder


पश्चिम बंगाल में बीजेपी के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक पीए चंद्रनाथ रथ की बीते बुधवार की रात को हत्या कर दी गई है. हत्या की वारदात को कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में कुछ अज्ञात हमलावरों ने पीए चंद्रनाथ पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई, जिसके चलते पीए की मौके पर ही मौत हो गई. इस हत्याकांड से राजनीतिक गलियारों में हंगामा मचा हुआ है. जहां बीजेपी नेताओं ने इस हत्या का जिम्मेदार तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को ठहराया है. क्योंकि हत्या की इस वारदात को ऐसे समय में अंजाम दिया गया है जब, बंगाल में बीजेपी की बड़ी जीत हुई है और ममता बनर्जी के करारी हार मिली है.


प


ऐसे में माना ये जा रहा है कि, बीते 4 मई को आए बंगाल के चुनावी नतीजों में भाजपा की प्रचंड जीत होने से बौखलाई तृणमूल ने दुश्मनी निभाई है. उसी ने शुभेंदु के पीए का मर्डर करवाया है, इस वारदात से आगबबुला हुए बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि मैं शोक में हूं. शुभेन्दु अधिकारी के भाई दिव्युेंदु अधिकारी ने इस घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है.


ु


जाने पूरा मामला


जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में हुई निर्मम हत्या से हर कोई ये सोचकर काफी हैरान है कि, आखिरकार ये हत्या कैसे और किसने करवाई है. बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने इस हत्या के लिए सीधे टीएमसी सांसद और महासचिव अभिषेक बनर्जी पर एक बड़ा आरोप लगाया है. क्योंकि उनका मानना है कि चंद्रनाथ रथ शुभेंदु के सबसे नजदीक थे, जो उनकी तमाम गतिविधियों पर ध्यान रखते थे, ऐसे पीए की हत्या कोई मामूली नहीं हो सकती है, जरूर टीएमसी ने एक बड़ी साजिशों के साथ इस घटना को अंजाम दिया गया है.


h


शुभेंदु से टीएमसी ने छिन लिया उनका साथी


आपको बता दें कि, 41 साल के पीए चंद्रनाथ रंथ बंगाल की राजनीति में पब्लिक चेहरे से काफी दूर थे, इसलिए बीजेपी ने उन्हें शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक माना जाता था. जिसे आज तृणमूल पार्टी ने छीन लिया. रथ सिर्फ पीए ही नहीं बल्कि, इससे पहले वो भारतीय वायुसेना में अधिकारी के पद पर रहते हुए दो दशकों तक अपने देश की सेवा की थी. वह पूर्व मेदिनीपुर के चांदीपुर के रहने वाले थे, रथ को नजदीक से जानने वालों का ये कहना है कि वह काफी नरम दिल, अनुशासित और रामकृष्ण मिशन से बहुत प्रभावित व्यक्ति थे. ऐसे व्यक्ति के चले जाने पर सबसे ज्यादा दुख है तो इस बात का कि जब शुभेंदु अधिकारी सीएम की रेस में सबसे आगे हैं, जब उन्हें रथ की सबसे ज्यादा जरूरत है तब उनकी निर्मम हत्या होने से उनका एक बड़ा सपना चकनाचूर होता नजर आ रहा है. वो अपने नेता को शीर्ष पद की शपथ लेते नहीं देख पाए. अब देखने वाली बात यह होगी की इस मामले की जांच में जुटी सीबीआई टीम की रिपोर्ट में किस बात का खुलासा होता है. जिस पर हर किसी की नजरें टिकी हुई है.


ु


Also Read: विशेषज्ञों ने खोजा मूत्राशय कैंसर का बायोमार्कर, BHU में शोध


टीएमसी ने की घटना की निंदा


वहीं, देर रात हुई इस हत्या के बाद बंगाल की राजनीति इस कदर गरमाई हुई है कि बीजेपी जिसे राजनीतिक हत्या बता रही है, तो टीएमसी ने खुद पर लगे हत्या मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रही है. ताकि, दूध का दूध और पानी का पानी हो सकें. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. लेकिन इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा कासिम अली के उस बयान की हो रही है, जिसमें उन्होंने चंद्रनाथ रथ के साथ हुई आखिरी बातचीत का जिक्र किया. शुभेंदु अधिकारी ने एक बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, "ये एक सुनियोजित हत्या थी. डीजीपी ने भी यही बताया है. 2-3 दिन पहले रेकी की गई थी." वहीं तृणमूल कांग्रेस ने एक बयान जारी कर कहा, "हम मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की क्रूर हत्या और साथ ही चुनाव के बाद हुई हिंसा में बीजेपी के लोगों के हाथों मारे गए तीन टीएमसी कार्यकर्ताओं की हत्या की निंदा करते हैं.


l


नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, नगर आयुक्त ने परखी तैयारियां
नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, नगर आयुक्त ने परखी तैयारियां
वाराणसी : नागपंचमी पर्व को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जैतपुरा स्थित ऐतिहासिक नागकुआं क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर मेला क्षेत्र में सफाई, प्रकाश, जल निकासी और पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए नागरिक सुविधाओं में किसी भी तरह की कमी न रहे।नगर आयुक्त ने पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए निर्बाध स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के निर्देश दिए। उन्होंने जलकल और सिविल विभाग के जेई को व्यवस्थाओं को समय से दुरुस्त करने को कहा।ALSO READ: कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथनागकुआं के निरीक्षण के बाद नगर आयुक्त ने औसानगंज वार्ड का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में सफाई समेत अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागपंचमी के मेला क्षेत्र और आसपास के वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद, जलकल विभाग के जेई, सिविल विभाग के जेई, सफाई निरीक्षक अवनीश दुबे समेत नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथ
कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथ
वाराणसीः बीएचयू में पालतू कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल 11 साल के अभिनव से चार दिन बाद रविवार को मिलने प्रो. श्रद्धा सिंह अपने पति के साथ ट्रामा सेंटर पहुंचीं. उन्होंने बच्चे के माता-पिता से हाथ जोड़कर माफी मांगी और भविष्य में कुत्ता नहीं रखने की बात कही. हालांकि बच्चे के माता-पिता ने उनसे नाराजगी जताई. मां ने तो सीधे सवाल कर दिया कि अब क्यों आईं हैं. पिता ने शिकायत किया कि बच्चा अब भी बोल नहीं पा रहा है.ALSO READ: BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकालाप्रोफेसर और उनके पति ने कुत्ते के टीकाकरण का कार्ड दिखाया. साथ ही कहा कि भविष्य में कुत्ता घर में नहीं रखने की बात भी कही। बता दें कि बीते 13 अगस्त की सुबह बीएचयू ट्रामा सेंटर में सीनियर नर्सिंग आफिसर प्रेमाराम दोनों बेटों 11 वर्षीय अभिनव और 13 वर्षीय हर्ष के साथ बीएचयू परिसर में मार्निंग वाक पर निकले थे. वापस लौटने के दौरान कुछ दूर निकल चुके बड़े बेटे को लेने के लिए आगे बढ़ गए. वहीं छोटा बेटा परिसर की ही जोधपुर कालोनी स्थित घर की ओर अकेला जाने लगा. इसी दौरान हिंदी विभाग की प्रो. श्रद्धा सिंह के पालतू कुत्ते ने अभिनव पर हमला कर दिया. वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह से बच्चे को कुत्ते से बचाया. गंभीर हालत में उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया. बच्चे को कुत्ते ने इतनी बुरी तरह से काटा था कि उसके सिर व चेहरे पर 50 टांके लगाने पड़े. वहीं आरोप है कि प्रो. श्रद्धा सिंह बच्चे की मदद करने की बजाय वहां से चली गईं. उन्होंने बच्चे पर कुत्ते द्वारा हमले से भी इनकार किया था. वहीं बीएचयू प्रशासन ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था.
BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकाला
BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकाला
वाराणसी : बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के नवनियुक्त प्रभारी पर 11 साल से तैनात केयरटेकर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। केयर टेकर का आरोप है कि मुझ पर कुछ कर्मचारियों के खिलाफ गलत रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाया गया।केयर टेकर ने दावा किया कि दबाव में काम करने से इनकार कर दिया। इसके बाद 28 जुलाई को कुलपति से शिकायत की। इसके अगले ही दिन मुझे ट्रॉमा सेंटर आने से रोक दिया गया। उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी शोकॉज नोटिस के काम से हटा दिया गया।मामले में केयर टेकर ने कुलपति को ई-मेल के जरिए शिकायत करने के साथ सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में भी शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर प्रभारी बदलाव के लिए आए थे, लेकिन उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है।ट्रामा सेंटर प्रभारी पर कर्मचारी ने लगाए आरोप।ट्रामा सेंटर प्रभारी पर कर्मचारी ने लगाए आरोप।गलत रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाने का आरोपBHU ट्रॉमा सेंटर में 2014 से केयरटेकर के पद पर तैनात सुनील यादव ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है। कहा- 20 जुलाई को नए प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. अजीत कुमार के आने के बाद से मुझे परेशान किया जा रहा था।सुनील ने कहा- कुछ कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखने के लिए मुझ पर दबाव बनाया जा रहा था। लिखना था कि वे समय पर ड्यूटी नहीं आते और काम नहीं करते, जबकि कर्मचारी नियमित रूप से काम कर रहे थे।ALSO READ: बीएचयू शिक्षा संकाय का 109वां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया गयासुनील यादव BHU ट्रामा सेंटर में साल 2014 से तैनात हैं।सुनील यादव BHU ट्रामा सेंटर में साल 2014 से तैनात हैं।मना किया तो ट्रामा में प्रवेश पर रोक लगा दीसुनील ने बताया कि उन्होंने ऐसा लिखने से इनकार किया तो उन पर दबाव बनाया गया और कहा गया कि वह सौरभ सिंह के आदमी हैं। इसके बाद उन्होंने 28 जुलाई को पत्र के माध्यम से कुलपति से शिकायत की। उनका आरोप है कि 29 जुलाई को जब वह ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और बताया कि उनके प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।सुनील का कहना है कि उन्हें काम से हटाने से पहले कोई शो-कॉज नोटिस नहीं दिया गया। उन्हें सीधे कहा गया कि वह अगले दिन से काम पर न आएं। उन्होंने इस कार्रवाई को नियमों के खिलाफ बताते हुए मामले में शिकायत की है।सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में शिकायतसुनील यादव ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर ई-मेल के जरिए कुलपति से शिकायत की। इसके बाद जनसुनवाई, सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में भी शिकायत दर्ज कराई है।उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर में वर्चस्व की लड़ाई के चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। सुनील के मुताबिक, वह 11 साल से काम कर रहे हैं और उन्हें बदले की भावना से हटाया गया है, जिससे उन पर मानसिक दबाव बना हुआ है।सुनील ने दावा किया कि जब उन्होंने कार्रवाई का कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि वीसी ने निर्देश दिया है कि जो भी गलत दिखाई दे, उसे हटा दिया जाए।