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नमो ब्रिज के नाम से जाना जाएगा काशी में बनने वाला सिग्नेचर ब्रिज, रेल मंत्री ने किया एलान

नमो ब्रिज के नाम से जाना जाएगा काशी में बनने वाला सिग्नेचर ब्रिज, रेल मंत्री ने किया एलान
Oct 31, 2026, 09:48 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : देश की दूसरी और उत्तर प्रदेश की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन की सौगात देने शनिवार को वाराणसी पहुंचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ी बात कही है. यहां उन्होंने मॉडल रेलवे स्टेशन के रूप में तैयार किए जा रहे काशी रेलवे स्टेशन और सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण कार्य का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने एलान किया कि सिग्नेचर ब्रिज का नाम नमो ब्रिज रखा जाएगा. रेल मंत्री ने कहा कि पास में ही नमो घाट है और उसके नजदीक से ही यह ब्रिज गुजरने वाला है, इसीलिए इसका नाम नमो ब्रिज रखना उचित होगा.

उन्होंने बताया कि इस ब्रिज के बनने के बाद पूर्वांचल की कनेक्टिविटी और भी मजबूत हो जाएगी. इससे धर्म की नगरी काशी में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर परिवहन की सुविधा मिल पाएगी.


फुटबॉल मैदान की तर्ज पर विकसित होगा काशी स्टेशन


निर्माणाधीन काशी रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के बाद रेल मंत्री ने बताया कि यह रेलवे स्टेशन काशी के महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां कुल 6 प्लेटफार्म बनाए जाएंगे. इसे विकसित करने के साथ ही काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी ध्यान में रखा जा रहा है. उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी. प्लेटफार्म का निर्माण फुटबॉल मैदान की तर्ज पर होगा और इसमें एक साथ 50 हजार लोग खड़े हो पाएंगे. इससे बड़े धार्मिक आयोजनों और पर्वों के दौरान यात्रियों की भीड़ को सुव्यवस्थित ढंग से नियंत्रित करने में काफी मदद मिलेगी.


अश्विनी वैष्णव ने बताया कि काशी रेलवे स्टेशन के दक्षिणी छोर से बाबा विश्वनाथ धाम की दूरी लगभग 2 किलोमीटर की है. ज्यादातर श्रद्धालु घाटों के सहारे पैदल ही विश्वनाथ धाम निकल पड़ते हैं. काशी में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन पूजन के लिए आते हैं. ऐसे में स्टेशन के विकसित होने से उन्हें आवागमन में सुविधा मिलेगी. उन्होंने बताया कि नमो ब्रिज और काशी रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य पूरा होने के बाद वाराणसी के साथ पूरे पूर्वांचल में परिवहन की व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगी. ये दोनों परियोजनाएं काशी और काशी के आसपास के जिलों के विकास में अहम भूमिका निभाएंगी.


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वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात


रेल मंत्री ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को भी काशी के लिए एक बड़ी सौगात बताया है. उन्होंने बताया कि इस ट्रेन को वाराणसी और दिल्ली के बीच रात में चलाया जाएगा और इसी को ध्यान में रखते हुए इसमें अत्याधुनिक सुविधाएं दी गई हैं. यह मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भी सुविधाजनक होगी. उन्होंने बताया कि रात के सफर में यात्री परेशान ना हो, इसलिए उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह ट्रेन विशेष रूप से वाराणसी से नई दिल्ली और नई दिल्ली से वाराणसी के बीच चलाई जा रही है. त्यौहार व अन्य अवसरों पर वाराणसी आने और जाने वाले लोगों के लिए यह ट्रेन माइल स्‍टोन साबित होगी.


यूपी में भी जल्द बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट


यूपी में भी जल्द बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट शुरू होगा. दिल्ली-वाराणसी-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पीएम मोदी ने इसके नॉर्दर्न कॉरिडोर को मंजूरी दी है. यह ट्रेन दिल्ली से चलकर आगरा, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या होते हुए वाराणसी पहुंचेगी. इसके बाद पटना होते हुए गुवाहाटी तक जाएगी. रेल मंत्री के मुताबिक, कॉरिडोर के बनने के बाद दिल्ली से आगरा का सफर 59 मिनट, कानपुर का 1 घंटे 45 मिनट और लखनऊ का 2 घंटे 12 मिनट में पूरा होगा. दिल्ली से वाराणसी का सफर 3 घंटे 33 मिनट में पूरा होगा.

हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जताया शोक, धाम की मर्यादा रक्षा के लिए कड़े कदमों की मांग
हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जताया शोक, धाम की मर्यादा रक्षा के लिए कड़े कदमों की मांग
वाराणसी: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बदरीनाथ धाम के दर्शन कर लौट रहे कर्नाटक के छह श्रद्धालुओं की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में हुई मृत्यु पर दुःख और संवेदना व्यक्त की है. मौसम की खराबी अथवा तकनीकी खामी के कारण हुए इस भीषण हादसे से उनका मन अत्यंत व्यथित और विचलित है. उन्‍होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों को इस अपार दुःख को सहने के लिए संबल प्रदान करने की कामना की है.तीर्थक्षेत्र की पवित्रता और सांस्कृतिक मर्यादा पर जोरबदरीनाथ धाम की प्राचीन परंपरा, उसकी पवित्रता और आध्यात्मिक मर्यादा को हर हाल में बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि धाम परिसर एवं पवित्र यात्रा मार्ग पर अनधिकृत मानवीय गतिविधियां, जैसे डीजे बजाना, नाच-गाना और अन्य मनोरंजन या कमर्शियल कार्यक्रमों का आयोजन करना इस महान तीर्थ स्थल की गरिमा के सर्वथा विपरीत है. सनातन धर्मशास्त्रों और लोक आस्था के अनुसार, देवभूमि में धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन करने से दैवीय शक्तियों का असंतोष और प्रकोप उत्पन्न होता है. इसलिए, यह अत्यंत आवश्यक है कि चारधाम की मौलिक, पवित्र और आध्यात्मिक प्रकृति को सुरक्षित रखा जाए ताकि इसकी गरिमा पर कोई आंच न आए.उत्तराखंड सरकार और प्रशासन के समक्ष रखी प्रमुख मांगेंइस दुखद घटना और धाम की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए, उन्‍होंने उत्तराखंड सरकार और मुख्यमंत्री से तत्काल प्रभाव से निम्नलिखित गंभीर बिंदुओं पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है:उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच: बदरीनाथ क्षेत्र में हुई इस हेलीकॉप्टर दुर्घटना के पीछे की वास्तविक वजहों—चाहे वह कोई तकनीकी खामी रही हो, मौसम की अनदेखी हो या फिर व्यावसायिक आपाधापी—की गहन और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके.सख्त उड्डयन नीतियां: भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए विमानन और उड्डयन सुरक्षा मानकों को बेहद कड़ा किया जाए ताकि श्रद्धालुओं की जान सुरक्षित रह सके.अमर्यादित गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध: धाम क्षेत्र और यात्रा मार्ग पर धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रकार के डीजे, संगीत, नाच-गाना या व्यावसायिक आयोजनों पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए स्पष्ट और कठोर नीतियां बनाई जाएं.ALSO READ : वाराणसी में प्रेक्षक के खिलाफ प्रदर्शन से भाजपा ने झाड़ा पल्ला, मतगणना पर जताया संतोषइस पूरे घटनाक्रम और शंकराचार्य जी के संदेश की जानकारी देते हुए उनके मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि देवभूमि की पवित्रता की रक्षा और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है.
वाराणसी में प्रेक्षक के खिलाफ प्रदर्शन से भाजपा ने झाड़ा पल्ला, मतगणना पर जताया संतोष
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वाराणसी : विधान परिषद की वाराणसी खंड स्नातक सीट की मतगणना के दौरान चुनाव आयोग के प्रेक्षक प्रांजल यादव के खिलाफ हुए हंगामे से भाजपा ने असहमति जताई है. पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने कहा कि विरोध प्रदर्शन पार्टी की गाइडलाइन के अनुरूप नहीं था. भाजपा मतगणना की पूरी प्रक्रिया से संतुष्ट है.काशी क्षेत्र अध्‍यक्ष अशोक चौरसिया ने कहा कि मौके पर कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन क्यों किया, इसकी जानकारी नहीं है. पार्टी इस प्रदर्शन से सहमत नहीं है. उन्होंने कहा कि आयोग ने सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना कराई. ऐसे में गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं थी.ALSO READ :नमो ब्रिज के नाम से जाना जाएगा काशी में बनने वाला सिग्नेचर ब्रिज, रेल मंत्री ने किया एलानबतादें कि वाराणसी खंड स्नातक सीट की मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह और उनके समर्थकों ने मंडी समिति परिसर में हंगामा किया था. उन्होंने प्रेक्षक प्रांजल यादव पर मतगणना में धांधली कराने का आरोप लगाया था. जबकि प्रांजल यादव शिक्षक सीट के पर्यवेक्षक थे.
नमो ब्रिज के नाम से जाना जाएगा काशी में बनने वाला सिग्नेचर ब्रिज, रेल मंत्री ने किया एलान
नमो ब्रिज के नाम से जाना जाएगा काशी में बनने वाला सिग्नेचर ब्रिज, रेल मंत्री ने किया एलान
वाराणसी : देश की दूसरी और उत्तर प्रदेश की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन की सौगात देने शनिवार को वाराणसी पहुंचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ी बात कही है. यहां उन्होंने मॉडल रेलवे स्टेशन के रूप में तैयार किए जा रहे काशी रेलवे स्टेशन और सिग्नेचर ब्रिज के निर्माण कार्य का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने एलान किया कि सिग्नेचर ब्रिज का नाम नमो ब्रिज रखा जाएगा. रेल मंत्री ने कहा कि पास में ही नमो घाट है और उसके नजदीक से ही यह ब्रिज गुजरने वाला है, इसीलिए इसका नाम नमो ब्रिज रखना उचित होगा.उन्होंने बताया कि इस ब्रिज के बनने के बाद पूर्वांचल की कनेक्टिविटी और भी मजबूत हो जाएगी. इससे धर्म की नगरी काशी में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर परिवहन की सुविधा मिल पाएगी.फुटबॉल मैदान की तर्ज पर विकसित होगा काशी स्टेशननिर्माणाधीन काशी रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के बाद रेल मंत्री ने बताया कि यह रेलवे स्टेशन काशी के महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां कुल 6 प्लेटफार्म बनाए जाएंगे. इसे विकसित करने के साथ ही काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी ध्यान में रखा जा रहा है. उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी. प्लेटफार्म का निर्माण फुटबॉल मैदान की तर्ज पर होगा और इसमें एक साथ 50 हजार लोग खड़े हो पाएंगे. इससे बड़े धार्मिक आयोजनों और पर्वों के दौरान यात्रियों की भीड़ को सुव्यवस्थित ढंग से नियंत्रित करने में काफी मदद मिलेगी.अश्विनी वैष्णव ने बताया कि काशी रेलवे स्टेशन के दक्षिणी छोर से बाबा विश्वनाथ धाम की दूरी लगभग 2 किलोमीटर की है. ज्यादातर श्रद्धालु घाटों के सहारे पैदल ही विश्वनाथ धाम निकल पड़ते हैं. काशी में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन पूजन के लिए आते हैं. ऐसे में स्टेशन के विकसित होने से उन्हें आवागमन में सुविधा मिलेगी. उन्होंने बताया कि नमो ब्रिज और काशी रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य पूरा होने के बाद वाराणसी के साथ पूरे पूर्वांचल में परिवहन की व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगी. ये दोनों परियोजनाएं काशी और काशी के आसपास के जिलों के विकास में अहम भूमिका निभाएंगी.ALSO READ : सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर पुलिसकर्मियों ने राष्ट्रीय एकता की शपथ लीवंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगातरेल मंत्री ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को भी काशी के लिए एक बड़ी सौगात बताया है. उन्होंने बताया कि इस ट्रेन को वाराणसी और दिल्ली के बीच रात में चलाया जाएगा और इसी को ध्यान में रखते हुए इसमें अत्याधुनिक सुविधाएं दी गई हैं. यह मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भी सुविधाजनक होगी. उन्होंने बताया कि रात के सफर में यात्री परेशान ना हो, इसलिए उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह ट्रेन विशेष रूप से वाराणसी से नई दिल्ली और नई दिल्ली से वाराणसी के बीच चलाई जा रही है. त्यौहार व अन्य अवसरों पर वाराणसी आने और जाने वाले लोगों के लिए यह ट्रेन माइल स्‍टोन साबित होगी.यूपी में भी जल्द बुलेट ट्रेन प्रोजेक्टयूपी में भी जल्द बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट शुरू होगा. दिल्ली-वाराणसी-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी मिल गई है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पीएम मोदी ने इसके नॉर्दर्न कॉरिडोर को मंजूरी दी है. यह ट्रेन दिल्ली से चलकर आगरा, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या होते हुए वाराणसी पहुंचेगी. इसके बाद पटना होते हुए गुवाहाटी तक जाएगी. रेल मंत्री के मुताबिक, कॉरिडोर के बनने के बाद दिल्ली से आगरा का सफर 59 मिनट, कानपुर का 1 घंटे 45 मिनट और लखनऊ का 2 घंटे 12 मिनट में पूरा होगा. दिल्ली से वाराणसी का सफर 3 घंटे 33 मिनट में पूरा होगा.