चार धाम यात्रा से पहले बर्फबारी ने दी दस्तक, टेंशन में श्रद्धालु

उत्तराखंड के मार्च के महीने में बारिश और बर्फबारी ने श्रद्धालुओं की मुसीबत बढ़ा दी है. लेकिन एक ओर बर्फबारी पर्यटकों के चेहरे खिले हुए हैं. बर्फ देखकर खुश हैं और जमकर मौज-मस्ती कर रहे हैं. मगर बहुत से श्रद्धालु टेंशन ये सोचकर टेंशन में है कि कि चार धाम यानी कि गंगोत्री, यमुनोत्री, बद्रीनाथ, केदारनाथ, हेमकुंड साहिब की यात्रा की तैयारी कर रहे हैं. दरअसल, 19 अप्रैल से उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शुरू होने जा रही है.

श्रद्धालुओं को काफी परेशानी उठानी पड़ सकती
इन जगहों पर सड़क, बिजली, पानी, हॉस्पिटल और होटल-रेस्टोरेंट, ढाबे में मरम्मत का काम होना है, लेकिन भारी बर्फबारी के चलते यह सब काम रुका हुआ है. ऐसे में अगर सही समय पर सड़क, बिजली से लेकर पानी का काम-काज पूरा नहीं हुआ तो श्रद्धालुओं को काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है. हालांकि, चार धाम यात्रा को ध्यान में रखकर प्रशासन जल्द से जल्द कार्यों को पूरा करने में लगे हुए है.

वहीं बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण का काम चल रहा है. उसके काम पर भी बर्फबारी का सीधा असर पड़ा है. वहां पर पिछले एक हफ्ते से काम रुका हुआ है, इसकी वजह भारी बर्फबारी है. बता दें कि 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे. वहीं 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे. इसके साथ ही 23 को हेमकुंड साहिब के भी कपाट खोले जाएंगे.

हेमकुंड साहिब में लाखों यात्री दर्शन को पहुंचते
चारों धामों और हेमकुंड साहिब में हर साल लाखों यात्री दर्शन करने पहुंचते हैं, उत्तराखंड की चार धाम यात्रा राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार भी है. साथ ही स्थानीय लोगों के लिए यह उनकी आर्थिकी से सीधे जुड़ा हुआ है, क्योंकि 6 महीने ही चार धाम के कपाट खुलते हैं और 6 महीने शीतकाल के लिए बंद हो जाते हैं. इसलिए जब भी 6 महीने के लिए कपाट खुलने होते हैं तो व्यापारी और स्थानीय लोग इसका बेसब्री से इंतजार करते हैं. लेकिन मार्च के महीने में दो बार जबरदस्त बर्फबारी हुई है, जिसकी वजह से न सिर्फ स्थानीय व्यापारियों बल्कि आम लोगों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. क्योंकि चार धाम यात्रा शुरू होने से पहले तमाम स्थानीय व्यापारी अपनी दुकानों, होटल ,ढाबों और रिसॉर्ट के लिए सामान लेकर जाते हैं. लेकिन लगातार बर्फबारी के चलते रास्ते बंद है. जिसकी वजह से वह अपना सामान नहीं ला पा रहे हैं.

बर्फबारी ने केदारनाथ में रोका पुनर्निर्माण का काम
दूसरी तरफ केदारनाथ धाम में भी जबरदस्त बर्फबारी हुई है. केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण का काम चल रहा है. ऐसे में वहां पर मार्च के महीने में दो बार जबरदस्त बर्फबारी होने की वजह से काम बिल्कुल रुका हुआ है. कई तस्वीरों में मौजूद पुलिसकर्मी वहां पर बर्फ हटाते हुए साफ देखे जा सकते हैं. बर्फ इतनी ज्यादा है कि फिलहाल वहां पर काम करना बहुत मुश्किल है. केदारनाथ धाम में 2013 में आई आपदा के बाद वहां लगातार पुनर्निर्माण का काम चल रहा है और काफी हद तक फेज वन का काम पूरा हो चुका है. लेकिन लगातार हो रही बर्फबारी ने फिलहाल वहां काम में बाधा पैदा की हुई है.



