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सोशल मीडिया जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम

सोशल मीडिया जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम
Mar 08, 2026, 06:18 AM
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Posted By Anurag Sachan

लोहता,वाराणसी 8अप्रैल: उत्तर प्रदेश के काशी क्षेत्र वाराणसी रोहनिया विधानसभा में रामेश्वर मंडल के भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अभियान पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के समापन सत्र में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में अरविंद मिश्रा ने कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया एवं एआई समेत तमाम विषयों पर प्रशिक्षण दिया । मुख्य अतिथि अरविंद मिश्रा ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान का उद्देश्य केवल संगठन को मजबूत करना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को समाज के प्रति अधिक संवेदनशील, जागरूक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना भी है। AI और सोशल मीडिया जैसे आधुनिक साधनों का प्रशिक्षण देकर कार्यकर्ताओं को इस योग्य बनाया जा रहा है कि वे सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी सीधे जन-जन तक पहुंचा सकें। यह प्रशिक्षण अभियान वास्तव में सेवा, संगठन और समर्पण की भावना को मजबूत करने का प्रयास है।


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श्री मिश्र ने कहा भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इस महाभियान के माध्यम से यह संकल्प ले रहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण के इस अभियान को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाएगा। निस्संदेह, जब विचारधारा, संगठन और सेवा का संगम होता है, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन की एक नई धारा प्रवाहित होती है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 इसी परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रहा है, जो भाजपा के कार्यकर्ताओं को जनसेवा के पथ पर और अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है।


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इस महाभियान के अंतर्गत मंडल स्तर पर 24 घंटे की कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक कार्यप्रणाली, आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग तथा केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है।


कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ब्लॉक प्रमुख प्रवेश पटेल ने कहा कि

यह प्रशिक्षण अभियान वास्तव में सेवा, संगठन और समर्पण की भावना को मजबूत करने का प्रयास है। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इस महाभियान के माध्यम से यह संकल्प ले रहा है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण के इस अभियान को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाएगा।



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निस्संदेह, जब विचारधारा, संगठन और सेवा का संगम होता है, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन की एक नई धारा प्रवाहित होती है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान-2026 इसी परिवर्तन का सशक्त माध्यम बन रहा है, जो भाजपा के कार्यकर्ताओं को जनसेवा के पथ पर और अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है। समापन सत्र की अध्यक्षता प्रवेश पटेल ब्लॉक प्रमुख ने की, संचालन आशीष राय ने किया। प्रशिक्षण महाभियान में प्रमुख रूप से मंडल अध्यक्ष आलोक पांडेय,भानु शंकर,विपिन पांडेय,विजय मिश्र, राजेंद्र प्रधान,विजय गुप्ता ,जंग बहादुर पटेल , संकटा राजभर, प्रमन द्विवेदी आदि रहे ।

कुत्ते के काटने से घायल उपजिलाधिकारी ने जिलाधिकारी से मांगी छुट्टी, हस्ताक्षर की जगह लगाना पड़ा अंगूठा..
कुत्ते के काटने से घायल उपजिलाधिकारी ने जिलाधिकारी से मांगी छुट्टी, हस्ताक्षर की जगह लगाना पड़ा अंगूठा..
बलिया:- बलिया में प्रशासन से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को कुत्ते के काटने के बाद इलाज के लिए जिलाधिकारी से छुट्टी मांगनी पड़ी। हाथों में गंभीर चोट लगने के कारण वह आवेदन पर हस्ताक्षर भी नहीं कर सके और मजबूरन अंगूठा लगाकर अवकाश का अनुरोध करना पड़ा। जानकारी के अनुसार उपजिलाधिकारी आलोक प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी को भेजे अपने आवेदन पत्र में बताया कि कुत्ते ने उनके दोनों हाथों में काट लिया है, जिससे गहरे घाव हो गए हैं। उन्होंने प्रारंभिक इलाज स्थानीय डॉक्टर से कराया, लेकिन घाव से खून बहना बंद नहीं हो रहा है और हाथों में काफी दर्द भी है। इसी वजह से वह अपने सरकारी दायित्वों का निर्वहन करने में असमर्थ हैं।यह भी पढ़े: महिला दिवस पर रांची में अनोखी पहल, महिलाओं ने संभाली ट्रेन की पूरी कमान..अपने पत्र में उन्होंने यह भी लिखा कि डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए किसी बड़े अस्पताल या विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी है। ऐसे में उन्होंने 6 मार्च से 13 मार्च तक कुल आठ दिनों का अवकाश देने की मांग की। इस संबंध में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि उपजिलाधिकारी का आवेदन प्राप्त हुआ था। हाथ में गंभीर चोट और प्लास्टर होने की वजह से वह लिखने में असमर्थ थे, इसलिए आवेदन में हस्ताक्षर की जगह अंगूठा लगाया गया है। उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें आठ दिनों की छुट्टी की अनुमति दे दी गई है।बताया जाता है कि आलोक प्रताप सिंह ने 12 फरवरी 2024 को बलिया में डिप्टी कलेक्टर के रूप में कार्यभार संभाला था। इससे पहले भी वह कुछ मामलों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। जनवरी 2026 में एक होमगार्ड ने उन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उसे ड्यूटी से हटाकर घरेलू काम करवाया और दुर्व्यवहार किया। इसके अलावा तहसील परिसर में दलालों की सक्रियता को लेकर भी पूर्व विधायक ने उनके कामकाज पर सवाल उठाए थे, फिलहाल कुत्ते के काटने की घटना के बाद उपजिलाधिकारी इलाज के लिए अवकाश पर हैं और प्रशासनिक स्तर पर उन्हें आराम करने की सलाह दी गई है। वहीं इस घटना के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बन गया है।
महिला दिवस पर रांची में अनोखी पहल, महिलाओं ने संभाली ट्रेन की पूरी कमान..
महिला दिवस पर रांची में अनोखी पहल, महिलाओं ने संभाली ट्रेन की पूरी कमान..
रांची:- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर झारखंड की राजधानी रांची में महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली है, भारतीय रेलवे के रांची रेल मंडल ने इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए एक यात्री ट्रेन का संचालन पूरी तरह महिला कर्मचारियों की टीम को सौंप दिया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की क्षमता, नेतृत्व और कार्यकुशलता को सामने लाना और समाज में सकारात्मक संदेश देना था।रांची से इरगांव के बीच चलने वाली इस ट्रेन के संचालन में कुल 15 महिला कर्मचारियों की टीम तैनात रही है, ट्रेन की जिम्मेदारी से जुड़े लगभग सभी अहम पदों पर महिलाओं को ही नियुक्त किया गया था। लोको पायलट, गार्ड, टिकट परीक्षक यानी टीटीई , ट्रेन मैनेजर से लेकर रेलवे सुरक्षा बल की महिला जवानों तक, हर भूमिका में महिलाओं ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। इस दौरान ट्रेन का संचालन पूरी तरह सुचारु रूप से किया गया और यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई है।स्टेशन परिसर में इस पहल को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने महिला कर्मियों का उत्साहवर्धन किया और उनकी कार्यक्षमता की सराहना की। कई यात्रियों ने कहा कि इस तरह की पहल समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती है और यह संदेश देती है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं।यह भी पढ़े: रूसी तेल विवाद पर भारत का कड़ा रुख, कहा- किसी देश की परमिशन पर निर्भर नहींकार्यक्रम के दौरान रांची रेल मंडल की वरिष्ठ अधिकारी सूची सिंह ने महिला कर्मचारियों को गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया और महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और उनके योगदान को सम्मान देने का दिन है। आज महिलाएं देश के हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और रेलवे भी उन्हें आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि रांची रेल मंडल में महिलाओं को समान अवसर देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यही कारण है कि अब संचालन, प्रबंधन और सुरक्षा जैसे जिम्मेदार पदों पर भी महिलाएं सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं और अपनी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभा रही हैं।इस अवसर पर स्टेशन मास्टर चंद कुमारी कच्छप ने कहा कि महिला दिवस केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। समाज को महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास करना होगा। जब महिलाएं शिक्षित और आत्मनिर्भर होंगी, तब समाज भी मजबूत और विकसित बनेगा।वहीं रेलवे सुरक्षा बल में तैनात महिला कर्मियों ने भी इस पहल को गर्व का क्षण बताया। उनका कहना था कि आज महिलाएं शिक्षा, तकनीक, प्रशासन और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही हैं, लेकिन अभी भी कई महिलाओं को अवसरों की जरूरत है। समाज और संस्थानों को मिलकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल महिला दिवस मनाना नहीं, बल्कि महिलाओं को नेतृत्व के अवसर देना और उनकी क्षमता को पहचान दिलाना है। रांची रेलवे मंडल की यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है, जिसने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर को और भी खास बना दिया।
रूसी तेल विवाद पर भारत का कड़ा रुख, कहा- किसी देश की परमिशन पर निर्भर नहीं
रूसी तेल विवाद पर भारत का कड़ा रुख, कहा- किसी देश की परमिशन पर निर्भर नहीं
रूसी तेल को लेकर अमेरिका की हालिया टिप्पणी के बाद भारत में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस पूरे विवाद के बीच अब सरकार की ओर से साफ और सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत कभी भी किसी देश की अनुमति पर निर्भर होकर तेल नहीं खरीदता और आगे भी अपनी जरूरतों के अनुसार फैसले लेता रहेगा।यह भी पढ़े: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में महिलाओं के लिए विशेष दर्शन ...सूत्रों के मुताबिक अधिकारी ने कहा कि भारत की ऊर्जा नीति पूरी तरह से राष्ट्रीय हितों पर आधारित है। जहां भी कच्चा तेल सस्ता और उपलब्ध होगा, भारत वहां से खरीदारी करेगा। इसमें किसी बाहरी दबाव या अनुमति की जरूरत नहीं है।दरअसल, इससे पहले अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रूसी तेल प्रतिबंधों को लेकर बयान देते हुए कहा था कि भारत ने इस मामले में सही भूमिका निभाई है और वाशिंगटन ने भारत को रूसी तेल खरीद जारी रखने के लिए 30 दिन की छूट दी है। हालांकि भारत सरकार के सूत्रों ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत की नीतियां किसी देश की अनुमति से तय नहीं होतीं। यूक्रेन युद्ध के बाद भी भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रूस से तेल खरीदना जारी रखा है। सरकार का कहना है कि देश की प्राथमिकता अपने नागरिकों के लिए सस्ती ऊर्जा सुनिश्चित करना है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय दबाव से हटकर भारत अपनी आर्थिक और रणनीतिक जरूरतों के अनुसार फैसले लेता रहेगा।