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ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर ट्रेन में पथराव, महिला व बच्चा घायल; आरोपी युवक गिरफ्तार.

ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर ट्रेन में पथराव, महिला व बच्चा घायल; आरोपी युवक गिरफ्तार.
May 22, 2026, 05:19 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने और उतरने को लेकर हुआ विवाद अचानक हिंसक हो गया. दो पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते पथराव में बदल गई, जिसमें एक महिला और एक बच्चा घायल हो गए. घटना में ट्रेन की खिड़की का शीशा भी टूट गया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। मामले में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया.


जानकारी के अनुसार, 20 मई 2026 को ट्रेन संख्या 20962 बनारस–उधना एक्सप्रेस ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर रुकी हुई थी. इसी दौरान यात्रियों के बीच ट्रेन में चढ़ने और उतरने को लेकर विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर एक युवक ने ट्रेन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया.


पथराव की चपेट में ट्रेन के S-1 कोच की सीट संख्या 31 पर बैठी एक महिला और एक बच्चा आ गए, जिन्हें चोटें आईं. वहीं कोच की खिड़की का शीशा टूटने से यात्रियों में दहशत फैल गई.


घटना की सूचना मिलते ही मौके पर गश्त कर रही जीआरपी और आरपीएफ टीम सक्रिय हो गई.जीआरपी इंस्पेक्टर रजोल नागर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए पत्थरबाजी करने वाले युवक को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया.


गिरफ्तार आरोपी की पहचान अवधेश बिंद पुत्र भानु प्रताप बिंद, निवासी नंदपुर, थाना ज्ञानपुर, जनपद भदोही के रूप में हुई है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 152 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है.


वहीं घायल महिला और उनके परिवार से पुलिस ने संपर्क किया। बताया गया कि परिवार राजस्थान की यात्रा पर था. परिजनों ने फिलहाल यात्रा जारी रखने की बात कही है तथा गंतव्य पर पहुंचने के बाद चिकित्सीय और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की जानकारी दी है.


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जीआरपी और आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई से रेलवे स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यात्रियों का भरोसा बढ़ा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई.

वाराणसी की भीषण गर्मी में इंडोर पौधों का बढ़ा चलन, हरियाली से तलाश रहें राहत...
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वाराणसी : प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी और तपती धूप ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है. दोपहर के समय सड़कें सूनी पड़ रही हैं और लोग घरों के अंदर रहने को मजबूर हैं. ऐसे मौसम में घर को ठंडा और सुकूनभरा बनाने के लिए वाराणसी में इंडोर पौधों का चलन बढ़ रहा है.शहर की नर्सरियों में स्नेक प्लांट, मनी प्लांट, एलोवेरा, अरेका पाम और पीस लिली जैसे पौधों की मांग बनी हुई है. लोग इन्हें केवल सजावट के लिए नहीं बल्कि घर के माहौल में ताजगी और गर्मी के बीच राहत महसूस करने के लिए भी खरीद रहे हैं.वाराणसी के नर्सरी संचालकों का कहना है कि इंडोर पौधे एसी या कूलर की तरह तापमान कम नहीं करते, लेकिन घर के अंदर हरियाली और नमी का एहसास बढ़ाकर वातावरण को अधिक आरामदायक बना देते हैं. बंद कमरों और फ्लैटों में पौधे होने से लोगों को प्राकृतिक माहौल और मानसिक सुकून महसूस होता है. खासकर मनी प्लांट और स्नेक प्लांट कम देखभाल में आसानी से बढ़ जाते हैं, जबकि एलोवेरा गर्मी में उपयोगी माना जाता है. अरेका पाम और पीस लिली जैसे पौधे घर की सुंदरता बढ़ाने के कारण भी लोगों की पसंद बने हुए हैं.शहर की नर्सरियों पर हालांकि गर्मी का असर कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है. नर्सरी मालिकों के मुताबिक तेज धूप और लू के कारण ग्राहकों की आवाजाही पहले के मुकाबले कम हुई है, जिससे बिक्री प्रभावित हुई है. उन्होंने बताया कि वाराणसी में बिकने वाले कई इंडोर पौधे कोलकाता से मंगाए जाते हैं। परिवहन खर्च बढ़ने और गर्मी में पौधों को सुरक्षित लाने की चुनौती की वजह से इनके दाम भी बढ़ गए हैं. इसके बावजूद लोग अपने घरों को हराभरा और सुकूनभरा बनाने के लिए इंडोर पौधों की खरीद कर रहे हैं.नर्सरी संचालकों का कहना है कि इंडोर पौधों की देखभाल बहुत मुश्किल नहीं है. इन्हें जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए और सीधे तेज धूप की बजाय हल्की रोशनी या खिड़की के पास रखना बेहतर रहता है. समय-समय पर पत्तियों की सफाई और मिट्टी की नमी का ध्यान रखने से पौधे लंबे समय तक स्वस्थ और हरे-भरे बने रहते हैं. वाराणसी की झुलसा देने वाली गर्मी के बीच इंडोर पौधे अब लोगों के लिए केवल शौक नहीं बल्कि घर में ताजगी और सुकून बनाए रखने का एक आसान विकल्प बनते जा रहे हैं.
पीएम पर अजय राय की अभद्र टिप्‍पणी पर मचा घमासान, आरोप - प्रत्‍यारोप का दौर जारी...
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वाराणसी : उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय द्वारा महोबा दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और महोबा एसपी के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करने की घटना के बाद काशी में सियासी घमासान मचा हुआ है. बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप - प्रत्‍यारोप का दौर जारी है. एक ओर भाजपाई आक्रोशित हैं वहीं कांग्रेसी भी पीछे नहीं हैं.इसी क्रम में भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा, काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष अनूप जायसवाल के नेतृत्व में स्थानीय नागरिक, अधिवक्ता और भाजपा कार्यकर्ता जिला मुख्यालय स्थित पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे. उन्होंने ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर, वाराणसी आलोक प्रियदर्शी से मिलकर अजय राय के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई.अजय राय का पोस्‍टर जलाकर जताया आक्रोशआक्रोशित लोगों ने जेसीपी को बताया कि अजय राय का कृत्य न केवल दुखद है, बल्कि यह समाज में असामाजिकता का प्रतीक भी है. उन्होंने अजय राय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और विधिक कार्रवाई की मांग की. जेसीपी ने शिकायत पत्र का अवलोकन करने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया. कमिश्नर कार्यालय से बाहर आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और सभ्रांत जनों ने नारेबाजी करते हुए अजय राय का पोस्टर जलाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया. इस अवसर पर अनूप जायसवाल ने कहा कि अजय राय की स्थिति अब राजनीति में हास्यास्पद हो चुकी है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति की गई अभद्रता ने कांग्रेस नेता के चरित्र को उजागर किया है.अजय राय द्वारा महोबा में प्रधानमंत्री के प्रति की गई अभद्र टिप्पणी अमर्यादित और असामाजिकता का उदाहरण है. उन्होंने काशी की संस्कृति और जनता की भावनाओं पर कुठाराघात किया है. इस प्रकार के आचरण से अजय राय ने पिछड़े समाज का भी उपहास उड़ाया है, जो अत्यंत निंदनीय है. कार्यक्रम का संचालन विपुल कुमार पाठक ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन धीरेंद्र शर्मा, अधिवक्ता ने किया. इस कार्यक्रम में भाजपा काशी क्षेत्र के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे.कांग्रेसियों ने कहा राजनीतिक साजिशवहीं दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से अजय राय पर मुकदमा दर्ज होने के बाद वाराणसी में इसे साज‍िश करार देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाया गया है. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के खिलाफ महोबा में दर्ज एफआईआर की कड़ी निंदा करते हुए वाराणसी महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध और विपक्ष की आवाज को दबाने की साजिश बताया.उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की उत्तर प्रदेश सरकार अजय राय जैसे निर्भीक नेताओं से भयभीत हैं, जो जनता के मुद्दों को उठाते हैं. इसीलिए, लोकतांत्रिक विरोध की आवाज को मुकदमों और प्रशासनिक दबाव के माध्यम से दबाने का प्रयास किया जा रहा है.ALSO READ:डीएम ने की विकास कार्यों से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा, कार्यदायी संस्थाओं से कही ये बात...अजय राय महोबा में एक छात्रा के साथ हुई दरिंदगी और दुष्कर्म की घटना के बाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे. प्रशासन ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने तमाम बाधाओं के बावजूद परिवार से मुलाकात की और न्याय की मांग की. चौबे ने कहा कि जब सरकार अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटती है, तब विपक्ष का दायित्व बनता है कि वह पीड़ितों की आवाज बने. अजय राय ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाई है. अजय राय ने ऐसे परिवारों के बीच जाकर उनका दुख साझा किया और युवाओं की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का कार्य किया. भाजपा सरकार को यह जनसंवाद पसंद नहीं आ रहा है, इसलिए अजय राय को निशाना बनाया जा रहा है.
डीएम ने की विकास कार्यों से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा, कार्यदायी संस्थाओं से कही ये बात...
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वाराणसी : जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को विकास भवन सभागार में पूर्वांचल विकास निधि राज्यांश/जिलांश, क्रिटिकल गैप्स योजना और त्वरित आर्थिक विकास योजना से जुड़े निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट पर समीक्षा हुई. बैठक में सीएमआईएस पोर्टल और समय सीमा से देरी से चल रही परियोजनाओं की कार्यदायी संस्थावार समीक्षा की गई.जिलाधिकारी ने विलंबित परियोजनाओं की स्वीकृत धनराशि, अवमुक्त धनराशि के अनुसार भौतिक प्रगति रिपोर्ट की जानकारी भी ली.अधिशासी अभियंता पर नाराजगी जताईउन्होंने कार्यदायी संस्थाओं के परियोजना प्रबंधकों से कहा कि विशेष रुचि लेकर देरी से चल रही परियोजनाओं के निर्माण कार्यों को जल्द पूरा कराने के प्रयास किए जाएं. बैठक के दौरान परियोजना के लिए जमीन न मिलने और टेंडर प्रक्रिया में देरी को लेकर जिलाधिकारी ने यूपी सिडको के अधिशासी अभियंता पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना के निर्माण कार्य में यदि कोई बाधा आती है तो उसकी जानकारी तुरंत दी जाए, ताकि समस्या का समाधान कराया जा सके.जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि लंबित मामलों में संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर चर्चा की जाए और जरूरत पड़ने पर अलग से बैठक कर मामले का समाधान निकाला जाए.ALSO READ:वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के सामने अवैध रूप से बेच रहे थे शराब, तीन गिरफ्तार...बैठक में सीडीओ प्रखर कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग (निर्माण और प्रांतीय खंड), सीएंडडीएस, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, यूपी सिडको, यूपीपीसीएल, यूपी एग्रो, बिजली विभाग और नगर निगम सहित निर्माण कार्यों से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं के परियोजना प्रबंधक और अधिकारी मौजूद रहे.