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सफलता की कहानी: ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर ममता ने हासिल किया मुकाम, लक्ष्मी बनकर उभरी

सफलता की कहानी: ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर ममता ने हासिल किया मुकाम, लक्ष्मी बनकर उभरी
Jun 01, 2026, 12:45 PM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: उत्तर-प्रदेश के वाराणसी जिला बहोरिपुर विकासखण्ड हरहुआ जनपद की निवासी ममता गुप्ता पत्नि मुरारीलाल गुप्ता एक समूह से जुड़कर अपनी जिंदगी को ऊंचाइयों के शिखर तक पहुंचाया है. इस संस्था से जुड़कर ममता ने अपनी जिंदगी में बड़े बदलाव किये हैं जो ग्रामीण क्षेत्र की अन्य महिलाओं हेतु प्रेरणास्रोत के अलावा मिसाल बनकर उभरी है. उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर हजारों महिलाओं ने अपने जीवन में बदलाव लाया है. आज उन्हीं में से एक ममता गुप्ता की कहानी हम साझा कर रहे हैं.


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आत्मविश्वास की मिसाल बनीं ममता


ममता के परिवार में 03 बच्चों सहित कुल 05 लोग हैं, हुनर की धनी ममता इंटर पास हैं. समूह से जुड़ने के पहले ममता घर पर ही रहती थीं एवं घरेलु कार्यों से समय मिलने पर अपने पति का हाथ बटाती थी, इनके पति पहले मूंगफली आदि का ठेला लागते थे, जिससे परिवार की आजीविका चलती थी. समूह से 2019 में जुड़ने के बाद इन्होने अपनी छोटी- छोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए कई बार ऋण लिया. समूह से ऋण लेकर इन्होने ने मकान मरम्मत एवं घर पर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी की है, इनके समूह का नाम माँ लक्ष्मी है और ये समूह भी इनके लिए लक्ष्मी लेकर आया हो इस तरह से इनके जीवन में बदलाव हुआ है.


ममता ने मेहनत और लगन से हासिल की सफलता


समूह से बड़ा ऋण लेकर इन्होने अपने पति की रजामंदी से केक ब्रेकरी की दुकान डाल दी , जिसकी मांग आस पास खूब रहती हैं और इनकी आजीविका बढ़िया से चल रही है. दुकान पर ज्यादातर समय तो इनके पति ही बैठते हैं पर जब भी समय मिलता है ममता भी अपने दुकान को समय देती हैं. दुकान से औसतन प्रति माह लगभग 10 से 12 हजार रुपये की आमदनी हो जाती है. जब ममता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और इनके परिवार का गुजारा किसी तरह से हो रहा था तो ममता ने अपने लिए भी रोजगार अपने संकुल स्तरीय फेडरेशन के माध्यम से ढूढ़ लिया और बैंक सखी के रूप में चयनित होकर प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत अपनी सेवाएँ यूनियन बैंक ऑफ़ इण्डिया के वीरापट्टी शाखा में देने लगी.


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बैंक शाखा में बैंक सखी के रूप में बैंक आने वाले समूहों को खाता खुलवाने, जमा निकासी पेंशन बीमा आदि में सहयोग करती हैं, इससे भी इन्हें प्रति माह 5 से 6 हजार रुपये मासिक आमदनी हो जाती है. ममता अपने गावं एवं आस पास के गावं की ग्रामीण महिलाओं के लिए रोल माडल बनकर उभरी हैं जो गरीबी से बाहर आने एवं मेहनत लगन व ईमानदारी से किये गए प्रयासों से बदलाव की कहानी बयां करने का उदहारण बनी हैं.


ये अपने तथा अन्य गावं की महिलाओं को रोजगार करने तथा बैंक की अन्य उत्पादों की जानकारी भी देती हैं जिससे उनके जीवन में भी बदलाव आये. बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहें हैं, पति के साथ परिवार को आगे बढ़ाने में सहयोग करते हुए ममता कहती हैं कि समूह से उन्हें समृद्धि का रास्ता मिला है, मेरी तरह अन्य बहने भी इसका फायदा उठायें एवं अपने जीवन में परिवर्तन लायें.


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वाराणसी : काशी की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय पहचान से जुड़ी वरुणा नदी के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. वरुणा रिवरफ्रंट विकास परियोजना के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) और ओएनजीसी के बीच 260.61 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए. ओएनजीसी अपनी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) निधि से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का वित्तपोषण करेगी. इससे वरुणा नदी के तटों का सुनियोजित विकास होने के साथ काशी में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं को नया आयाम मिलेगा.वीडीए सभागार में पिछले दिनों आयोजित कार्यक्रम में वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा और ओएनजीसी के सीएसआर प्रमुख नीरज कुमार बंसल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य वरुणा नदी को केवल स्वच्छ और संरक्षित बनाना ही नहीं, बल्कि इसे आधुनिक रिवरफ्रंट के रूप में विकसित करना भी है. इसके तहत नदी तटों को हरित क्षेत्रों, पैदल पथ, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाओं, सार्वजनिक उपयोग के खुले स्थलों और अन्य आधुनिक शहरी सुविधाओं से विकसित किया जाएगा.परियोजना मंडलायुक्त एवं वीडीए अध्यक्ष एस. राजलिंगम के मार्गदर्शन में तैयार की गई है. वहीं, ओएनजीसी के महाप्रबंधक अटल श्रीवास्तव ने इसे अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह परियोजना भारत सरकार के जल निकाय पुनर्जीवन मिशन की अवधारणा के अनुरूप है. इससे जल संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधुनिक सुविधाओं से युक्त काशी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नदी संरक्षण एवं शहरी विकास की प्राथमिकताओं को भी गति देगी.नदी तट का विकासपरियोजना के मुख्य उद्देश्य यह परियोजना काशी के शहरी सुंदरीकरण, पर्यावरण संरक्षण और नदी तट विकास पर केंद्रित है. इसका लक्ष्य पर्यटन संवर्धन और जनसुविधाओं का विस्तार करना भी है. ओएनजीसी सीएसआर से इस परियोजना को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. इसका उद्देश्य वाराणसी को एक आधुनिक, स्वच्छ और हरित नगर के रूप में स्थापित करना है.परियोजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से लेकर निर्माण कार्य तक सभी चरण तय समयबद्ध योजना के अनुसार पूरे किए जाएंगे.ALSO READ:काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...वरुणा नदी काशी की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है. लंबे समय से इसके संरक्षण और विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. यह परियोजना नदी के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए उसके किनारों को व्यवस्थित और आकर्षक बनाएगी. - पुर्ण बोरा, वीडीए उपाध्यक्ष
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वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हॉस्‍टल के कमरों पर अवैध कब्‍जा खाली कराने मामला गरम हो गया है. बुधवार को छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने का विरोध करते हुए कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्‍यागी और अन्य अधिकारियों का घेराव किया. इस दौरान परिसर में काफी गहमागहमी का माहौल बना रहा. हंगामे की स्थिति को देखते हुए परिसर में पुलिस तैनात की गई है.छात्रों का आरोप है कि उन्हें हॉस्टल से जबरन बाहर निकाला गया है. वे इस कार्रवाई को गलत और अन्यायपूर्ण बता रहे हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई. मौके पर पुलिस प्रशासन भी पहुंच गया. पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया. कुलपति ने इस संबंध में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हॉस्टल में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को हटाया जा रहा है. कुलपति ने यह भी स्वीकार किया कि कोई भी काम सौ फीसदी सही नहीं होता है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों को परेशानी आ रही है, उनकी जांच की जाएगी. उचित कार्रवाई करके समस्या का समाधान किया जाएगा.ALSO READ:पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया. उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के बाहर किया गया. छात्रों ने इसे मनमाना और अन्यायपूर्ण कदम बताया. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी. छात्रों ने हॉस्टल में रहने के अपने अधिकार पर जोर दिया. फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर अडे हुए हैं. कुलपति ने हॉस्टल खाली कराने की कार्रवाई को वैध ठहराया. उन्होंने बताया कि केवल उन लोगों को हटाया जा रहा है जो अवैध रूप से रह रहे हैं. कुलपति ने कहा कि यह व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है. उन्होंने प्रभावित छात्रों की शिकायतों की जांच का भरोसा दिया. कुलपति ने कहा कि उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.
पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...
पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...
वाराणसी : लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में सत्यम नगर कॉलोनी में एक महिला से पता पूछने के बहाने सोने का टप्स झपटकर फरार हुए दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने 16 जून को महिला से घर के बाहर पता पूछने के बहाने बातचीत की और मौका पाकर कान से सोने का टप्स झपटकर फरार हो गए थे. घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.फाइनेंस कंपनी में बेच दिया था टप्सपुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आराेपियों ने लूटा गया सोने का टप्स एक फाइनेंस कंपनी को बेच दिया था. बिक्री से मिले पैसों में से बचे हुए 8 हजार रुपये पुलिस ने बरामद किए हैं.पुलिस ने नकद के अलावा आरोपियों के कब्‍जे से दो मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है. लालपुर-पांडेयपुर पुलिस की कार्रवाई से झपटमारी की इस घटना का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.ALSO READ : कांग्रेस ने एसआईटी पर उठाए सवाल, जिला मुख्‍यालय पर गेट बंद करने को लेकर हुआ हंगामा...लूट के मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर कुंदन गौड़ को पुलिस ने लूट के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. आरोपी मुकदमा अपराध संख्या 458/2019 में धारा 392, 411 व 414 आईपीसी के तहत वांछित चल रहा था. पुलिस के अनुसार बुधवार लहरतारा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक प्रवीण सचान ने टीम के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया. आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया.