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सुपरबग्स पर बड़ी कामयाबी: वैज्ञानिकों ने खोजा दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया को खत्म करने वाला वायरस

सुपरबग्स पर बड़ी कामयाबी: वैज्ञानिकों ने खोजा दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया को खत्म करने वाला वायरस
May 04, 2026, 11:11 AM
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Posted By Preeti Kumari

Major breakthrough against superbugs: Scientists discover virus that can eliminate drug-resistant bacteria


वाराणसी: अस्पतालों में पनपने वाले खतरनाक और 'दवा-प्रतिरोधी' (ड्रग-रेसिस्टेंट) बैक्टीरिया के खिलाफ जंग में भारत के दो युवा शोधकर्ताओं ने एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है. बीएचयू के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे के मार्गदर्शन में, शोधकर्ताओं ने एक ऐसे 'बैक्टीरियोफेज' (बैक्टीरिया को संक्रमित करने वाले वायरस) की खोज की है, जो एंटीबायोटिक दवाओं को बेअसर कर देने वाले खतरनाक बैक्टीरिया को खत्म करने में सक्षम है. यह महत्वपूर्ण शोध हाल ही में स्प्रिंगर के प्रतिष्ठित जर्नल 'अप्लाइड माइक्रोबायोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है.


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कोलकाता के 32 वर्षीय सोवन आचार्य और उत्तर प्रदेश के कन्नौज के 30 वर्षीय परमानंद कुशवाहा ने मिलकर एक नए वायरस की पहचान की है. यह वायरस विशेष रूप से प्रोटीयस मिराबिलिस नामक उस खतरनाक बैक्टीरिया को निशाना बनाता है, जो गंभीर यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) का कारण बनता है. यह खतरनाक बैक्टीरिया अपने चारो ओर एक 'बायोफिल्म' (सुरक्षात्मक परत) बना लेता है, जिससे इस पर दवाओं का असर नहीं होता. प्रयोगशाला में हुए परीक्षणों में पाया गया कि इस नए खोजे गए वायरस ने बैक्टीरिया के बायोफिल्म को लगभग 55% तक कम कर दिया है.


इस बड़ी वैज्ञानिक सफलता की पृष्ठभूमि में भारत के दो युवा वैज्ञानिकों का अप्रतिम संघर्ष जुड़ा हुआ है. खोजे गए इस नए बैक्टीरियोफेज को प्रोटीयस फेज़ राम_आरती 1324 नाम दिया गया है. यह नाम शोधकर्ता परमानंद की दिवंगत मां 'राम आरती' को समर्पित है. वर्ष 2024 में जब ये दोनों वैज्ञानिक भुवनेश्वर में इस विषय पर काम कर रहे थे, तब परमानंद की मां को एक गंभीर संक्रमण के कारण आईसीयू में भर्ती कराया गया था. उन पर किसी भी एंटीबायोटिक दवा का असर नहीं हुआ और मल्टी-ऑर्गन फेलियर के चलते उनका निधन हो गया. इस भारी व्यक्तिगत क्षति ने दोनों शोधकर्ताओं के विज्ञान के प्रति संकल्प को और अधिक मजबूत कर दिया.


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इन वैज्ञानिकों का यहां तक पहुंचने का सफर भी गहरे संघर्षों से भरा रहा है. पश्चिम बंगाल के मिदनापुर के एक गांव से आने वाले सोवन जीवन के शुरुवाती दौर मे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा. उन्होंने शुरुआत में कोलकाता के एक निजी अस्पताल में 4500 रुपये महिना पर काम किया और बाद में टाटा मेडिकल सेंटर में टेलीफोन ऑपरेटर रहे. तकनीकी योग्यता न होने के कारण उन्हें कई संस्थानों ने रिजेक्ट किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. 2013 में उन्हें कानपुर विश्वविद्यालय में बीएससी मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी में दाखिला मिला, जहां उनकी मुलाकात परमानंद कुशवाहा से हुई और दोनों की यह वैज्ञानिक साझेदारी शुरू हुई.


उनके इस प्रोजेक्ट को तब असली उड़ान मिली जब वे बीएचयू के जूलॉजी विभाग के प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे और मणिपाल यूनिवर्सिटी, जयपुर के प्रोफेसर प्रशांत सुरवझला के संपर्क में आए. इन वरिष्ठ विशेषज्ञों ने न सिर्फ उनका मार्गदर्शन किया, बल्कि शोध को आगे बढ़ाने में मदद भी की. शोधकर्ता सोवन आचार्य ने बताया कि यह नया बैक्टीरियोफेज विशेष रूप से उन लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है जिनका इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) बेहद कमजोर होता है. इनमें कीमोथेरेपी ले रहे कैंसर के मरीज, बोन मैरो ट्रांसप्लांट करवाने वाले व्यक्ति या इम्यूनोसप्रेसिव दवाएं लेने वाले मरीज शामिल हैं.


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वर्तमान में, सोवन तिरुवनंतपुरम स्थित राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी में सीनियर रिसर्च फेलो (SRF) के पद पर कार्यरत हैं, जबकि परमानंद करनाल स्थित राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के एनिमल बायोटेक्नोलॉजी सेंटर में बतौर सीनियर रिसर्च फेलो अपनी सेवाएं दे रहे हैं. गरीबी, अस्वीकृति और व्यक्तिगत दुखों को पार कर विज्ञान के क्षेत्र में इन दोनों की यह उपलब्धि चिकित्सा जगत में एक नई उम्मीद की किरण बनकर उभरी है.


वरुणा नदी के कायाकल्प का रोडमैप तैयार, रिवरफ्रंट संवारने को VDA-ONGC में समझौता...
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वाराणसी : काशी की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय पहचान से जुड़ी वरुणा नदी के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. वरुणा रिवरफ्रंट विकास परियोजना के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) और ओएनजीसी के बीच 260.61 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए. ओएनजीसी अपनी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) निधि से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का वित्तपोषण करेगी. इससे वरुणा नदी के तटों का सुनियोजित विकास होने के साथ काशी में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं को नया आयाम मिलेगा.वीडीए सभागार में पिछले दिनों आयोजित कार्यक्रम में वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा और ओएनजीसी के सीएसआर प्रमुख नीरज कुमार बंसल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य वरुणा नदी को केवल स्वच्छ और संरक्षित बनाना ही नहीं, बल्कि इसे आधुनिक रिवरफ्रंट के रूप में विकसित करना भी है. इसके तहत नदी तटों को हरित क्षेत्रों, पैदल पथ, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाओं, सार्वजनिक उपयोग के खुले स्थलों और अन्य आधुनिक शहरी सुविधाओं से विकसित किया जाएगा.परियोजना मंडलायुक्त एवं वीडीए अध्यक्ष एस. राजलिंगम के मार्गदर्शन में तैयार की गई है. वहीं, ओएनजीसी के महाप्रबंधक अटल श्रीवास्तव ने इसे अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह परियोजना भारत सरकार के जल निकाय पुनर्जीवन मिशन की अवधारणा के अनुरूप है. इससे जल संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधुनिक सुविधाओं से युक्त काशी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नदी संरक्षण एवं शहरी विकास की प्राथमिकताओं को भी गति देगी.नदी तट का विकासपरियोजना के मुख्य उद्देश्य यह परियोजना काशी के शहरी सुंदरीकरण, पर्यावरण संरक्षण और नदी तट विकास पर केंद्रित है. इसका लक्ष्य पर्यटन संवर्धन और जनसुविधाओं का विस्तार करना भी है. ओएनजीसी सीएसआर से इस परियोजना को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. इसका उद्देश्य वाराणसी को एक आधुनिक, स्वच्छ और हरित नगर के रूप में स्थापित करना है.परियोजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से लेकर निर्माण कार्य तक सभी चरण तय समयबद्ध योजना के अनुसार पूरे किए जाएंगे.ALSO READ:काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...वरुणा नदी काशी की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है. लंबे समय से इसके संरक्षण और विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. यह परियोजना नदी के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए उसके किनारों को व्यवस्थित और आकर्षक बनाएगी. - पुर्ण बोरा, वीडीए उपाध्यक्ष
काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...
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वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हॉस्‍टल के कमरों पर अवैध कब्‍जा खाली कराने मामला गरम हो गया है. बुधवार को छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने का विरोध करते हुए कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्‍यागी और अन्य अधिकारियों का घेराव किया. इस दौरान परिसर में काफी गहमागहमी का माहौल बना रहा. हंगामे की स्थिति को देखते हुए परिसर में पुलिस तैनात की गई है.छात्रों का आरोप है कि उन्हें हॉस्टल से जबरन बाहर निकाला गया है. वे इस कार्रवाई को गलत और अन्यायपूर्ण बता रहे हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई. मौके पर पुलिस प्रशासन भी पहुंच गया. पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया. कुलपति ने इस संबंध में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हॉस्टल में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को हटाया जा रहा है. कुलपति ने यह भी स्वीकार किया कि कोई भी काम सौ फीसदी सही नहीं होता है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों को परेशानी आ रही है, उनकी जांच की जाएगी. उचित कार्रवाई करके समस्या का समाधान किया जाएगा.ALSO READ:पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया. उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के बाहर किया गया. छात्रों ने इसे मनमाना और अन्यायपूर्ण कदम बताया. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी. छात्रों ने हॉस्टल में रहने के अपने अधिकार पर जोर दिया. फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर अडे हुए हैं. कुलपति ने हॉस्टल खाली कराने की कार्रवाई को वैध ठहराया. उन्होंने बताया कि केवल उन लोगों को हटाया जा रहा है जो अवैध रूप से रह रहे हैं. कुलपति ने कहा कि यह व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है. उन्होंने प्रभावित छात्रों की शिकायतों की जांच का भरोसा दिया. कुलपति ने कहा कि उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.
पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...
पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...
वाराणसी : लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में सत्यम नगर कॉलोनी में एक महिला से पता पूछने के बहाने सोने का टप्स झपटकर फरार हुए दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने 16 जून को महिला से घर के बाहर पता पूछने के बहाने बातचीत की और मौका पाकर कान से सोने का टप्स झपटकर फरार हो गए थे. घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.फाइनेंस कंपनी में बेच दिया था टप्सपुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आराेपियों ने लूटा गया सोने का टप्स एक फाइनेंस कंपनी को बेच दिया था. बिक्री से मिले पैसों में से बचे हुए 8 हजार रुपये पुलिस ने बरामद किए हैं.पुलिस ने नकद के अलावा आरोपियों के कब्‍जे से दो मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है. लालपुर-पांडेयपुर पुलिस की कार्रवाई से झपटमारी की इस घटना का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.ALSO READ : कांग्रेस ने एसआईटी पर उठाए सवाल, जिला मुख्‍यालय पर गेट बंद करने को लेकर हुआ हंगामा...लूट के मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर कुंदन गौड़ को पुलिस ने लूट के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. आरोपी मुकदमा अपराध संख्या 458/2019 में धारा 392, 411 व 414 आईपीसी के तहत वांछित चल रहा था. पुलिस के अनुसार बुधवार लहरतारा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक प्रवीण सचान ने टीम के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया. आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया.