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सस्पेंस के घेरे में प्रतीक यादव की मौत की वजह, अपर्णा के भाई ने कही ये बात

सस्पेंस के घेरे में प्रतीक यादव की मौत की वजह, अपर्णा के भाई ने कही ये बात
May 13, 2026, 07:38 AM
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Posted By Preeti Kumari

Suspense surrounds Prateek Yadav's death, Aparna's brother reveals this


समाजवादी पार्टी पर इस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का आज बुधवार की सुबह निधन हो गया है. जिसके चलते सपा परिवार में मातम पसरा हुआ है. 38 साल की उम्र में प्रतीक यादव ने लखनऊ के सिविल अस्पताल में अपने जीवन की आखिरी सांसे ली है. जहां सिविल अस्पताल के सीएमएस देवेश चंद्र पांडेय ने कहा, "प्रतीक यादव मृत अवस्था में सुबह 5:55 बजे लाए गए थे", मामले की भनक लगते ही पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए लखनऊ के KGMU मुर्दाघर भेज दिया है. इसी के साथ ही पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. बड़ी बात तो यह है कि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि, उनकी मौत किन कारणों से हुई है.


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प्रतीक की मौत से शोक में डूबी सपा


वहीं प्रतीक यादव के निधन की खबर मिलते ही यादव परिवार और समाजवादी पार्टी के समर्थकों में शोक की लहर उमड़ पड़ी है. इस घटना से आहत सौतेले भाई अखिलेश यादव ने मीडिया से बात-चीत में बताया कि, प्रतीक से मेरी दो महीने पहले मुलाकात हुई थी, वो काफी जुझारू किस्म का इंसान था, जो अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी सजग था. जीवन में आगे बढ़ने के लिए वो हर दिन काफी मेहनत करता था, हैरानी इस बात की है कि उसके अचानक से इस तरह चले जाना हर किसी के लिए सदमे से कम नहीं है. खैर इस मामले में सख्ती के साथ जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए. ताकि, ये पता चल सकें कि इस घटना के पीछे किसका हाथ है, जिसे लेकर पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है. मामले की जांच कर रही पुलिस ने प्रतीक के बेडरूम को सील करते हुए उनके मोबाइल फोन और लैपटॉप को बरामद कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.


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फेफड़े की बीमारी से ग्रसित थे प्रतीक


बताया जा रहा है कि, प्रतीक यादव कुछ समय से फेफड़े की बीमारी से ग्रसित थे. उनके हाथ और सीने पर नीले निशान मिले हैं, हालांकि, ये स्थिति तब होती है जब तुरंत चोट लगने पर शरीर पर लाल निशान होता है, पांच से छह घंटे में नीला और उसके बाद काला हो जाता है. प्रतीक यादव के शव को उनकी पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन बिष्ट को सौंपा गया है. बताया जा रहा है कि जब अपर्णा यादव पहुंचेंगी तब वहां से उनके शव को घर ले जाने की इजाजत होगी. प्रतीक की मौत की सूचना पर महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान श्रद्धांजलि देने पहुंचीं. प्रतीक यादव का निधन लखनऊ के सिविल अस्पताल में हुआ. उनका शव पोस्टमॉर्टम के लिए लखनऊ स्थित KGMU मुर्दाघर लाया गया है.


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प्रतीक यादव ने ब्रिटेन की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से पढ़ाई की थी, पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने राजनीति में आने के बजाय बिजनेस और फिटनेस सेक्टर में अपना करियर बनाने का फोकस करने लगे थे. उनकी पत्नी अपर्णा यादव भाजपा नेता होने के साथ-साथ यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी हैं. वे उत्तराखंड की रहने वाली हैं. प्रतीक यादव सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले और छोटे भाई थे, वे मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता की संतान थे. मुलायम सिंह ने सार्वजनिक रूप से प्रतीक को अपना बेटा बताया था.


प्रतीक यादव की मौत पर गहराया शक


बता दें, पत्नी अपर्णा यादव के चचेरे भाई मुकेश बहादुर सिंह ने कहा कि अपर्णा जी किसी काम के सिलसिले में बाहर गई हुई थी, इसीलिए अभी हमने बॉडी को यहां पर होल्ड पर रखा है. जैसे ही अपर्णा आएंगी, हम यहां से बॉडी को लेकर जाएंगे. देखिए प्रतीक जी लंबे समय से बीमार थे. इलाज चल रहा था. वह अचेत अवस्था में मिले हैं. अब क्या था वह जानकारी नहीं है. कार्डियक था या क्या था. उसके बाद से लगातार आप सबको मालूम है ही की किस तरीके से उनका इलाज चल रहा था. डेथ हो गई है. पोस्टमार्टम हो गया है. यह सच्चाई है कि प्रतीक यादव की बॉडी नीली पड़ गई है. क्या हुआ है इस बारे में अभी नहीं कुछ बता पाऊंगा. आप ही मुझे यहां मार दें हाथ में तो मेरी बॉडी नीली पड़ जाएगी. इसलिए अभी कुछ कह पाना ठीक नहीं है. मीडिया को भी स्पैकुलेट नहीं करना चाहिए और शाम के 5 बजने का इंतजार करना चाहिए. क्योंकि शाम को 5:00 बजे मेरे हाथों में फाइनल रिपोर्ट पोस्टमार्टम का होगा.


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अपर्णा के चचेरे भाई के इस बयान ये तो साफ जाहिर होता है कि दाल में कुछ तो जरूर काला है. जिसके चलते प्रतीक यादव की मौत पर हर किसी का शक गहराता ही जा रहा है. दूसरी ये कि पती की मौत की खबर मिलने के बाद भी अभी तक उनकी पत्नी अपर्णा यादव का कुछ अता-पता नहीं है. यही वजह है कि सपा कार्यकर्ताओं ने उनकी मौत को लेकर सीबीआई जांच की मांग भी करनी शुरू कर दी है. इटावा के सैफई स्थित मुलामय सिंह यादव परिवार के पैतृक आवास के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है. परिवार के अधिकांश लोग लखनऊ के रवाना हो गए हैं. फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है.

बीएचयू की डॉ. नेहा पाण्डेय ने मद्रास विश्वविद्यालय में एआई आधारित संचार पर दिया विशेष व्याख्यान.
बीएचयू की डॉ. नेहा पाण्डेय ने मद्रास विश्वविद्यालय में एआई आधारित संचार पर दिया विशेष व्याख्यान.
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के पत्रकारिता एवं जनसम्प्रेषण विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नेहा पाण्डेय ने मद्रास विश्वविद्यालय, चेन्नई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित संचार तकनीकों पर विशेष व्याख्यान दिया। 23 अक्टूबर को आयोजित इस व्याख्यान का विषय ‘ट्रांसफॉर्मिंग कम्युनिकेशन थ्रू एआई: चैटबॉट्स, ऑटोमेशन एंड इमर्जिंग ऑपर्च्युनिटीज’ रहा। इसमें आधुनिक संचार व्यवस्था में एआई चैटबॉट्स की बढ़ती भूमिका, उनके उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. नेहा पाण्डेय ने बताया कि एआई आधारित चैटबॉट्स पत्रकारिता, व्यावसायिक संचार, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने चैटबॉट्स के विभिन्न प्रकार, उनके काम करने के तरीके और संचार प्रक्रियाओं को अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने में उनकी उपयोगिता को समझाया। साथ ही, एआई तकनीक के विस्तार से पैदा हो रहे नए अवसरों और संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।पत्रकारिता में बदल रही है एआई की भूमिकाव्याख्यान के दौरान डॉ. पाण्डेय ने पत्रकारिता के क्षेत्र में एआई आधारित टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इनकी मदद से ब्रेकिंग न्यूज उपलब्ध कराने, पाठकों के सवालों का जवाब देने, समाचार लेखों का सारांश तैयार करने, फैक्ट-चेकिंग में सहायता करने और पत्रकारों को शोध एवं डेटा विश्लेषण में सहयोग देने जैसे कार्य किए जा सकते हैं। उन्होंने ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ के एआई टूल ‘हेलियोग्राफ’ और ‘रॉयटर्स’ के ‘न्यूज ट्रेसर’ का उदाहरण देते हुए बताया कि तकनीक किस तरह समाचारों के संकलन, विश्लेषण और प्रस्तुतीकरण की प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि एआई का उपयोग पत्रकारिता में सहायक हो सकता है, लेकिन सूचनाओं की सत्यता की जांच और जिम्मेदार पत्रकारिता का महत्व बना रहता है।स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा में भी उपयोगी एआई चैटबॉट्सडॉ. नेहा पाण्डेय ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एआई चैटबॉट्स की उपयोगिता पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि इनकी मदद से स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जानकारी देने, बीमारियों के लक्षणों के बारे में मार्गदर्शन करने, वर्चुअल परामर्श में सहायता और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित शुरुआती सहयोग उपलब्ध कराने जैसे कार्य किए जा सकते हैं।इसके अलावा मरीजों का डेटा एकत्र करने, अस्पताल में अपॉइंटमेंट निर्धारित करने और रिमाइंडर भेजने जैसी नियमित प्रक्रियाओं को स्वचालित बनाने में भी इनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। इससे स्वास्थ्यकर्मियों के कामकाज को व्यवस्थित करने और कार्यभार कम करने में सहायता मिल सकती है। शिक्षा के क्षेत्र में भी एआई आधारित उपकरणों के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराने और सीखने की प्रक्रिया को सहयोग देने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।ALSO READ : बरेका में स्पेशल कैंपेन 6.0 के तहत चला स्वच्छता अभियान, पुराने रिकॉर्ड और अनुपयोगी सामान हटाए गएएआई के इस्तेमाल में नैतिकता और सत्यता जरूरीव्याख्यान में एआई से जुड़ी चुनौतियों और नैतिक सवालों को भी प्रमुखता से उठाया गया। डॉ. पाण्डेय ने गलत या भ्रामक जानकारी, एआई द्वारा मनगढ़ंत तथ्य प्रस्तुत करने, तकनीकी पूर्वाग्रह, भेदभाव और डेटा की गोपनीयता जैसे मुद्दों पर चर्चा की। इसके साथ ही शैक्षणिक ईमानदारी, तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता, डिजिटल विभाजन, सहमति, कॉपीराइट और जवाबदेही से जुड़ी चुनौतियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने एआई से तैयार सामग्री के सत्यापन की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि तकनीक का उपयोग करते समय तथ्यों की जांच, गोपनीयता की सुरक्षा और नैतिक मानकों का पालन आवश्यक है। व्याख्यान के बाद आयोजित प्रश्न-उत्तर सत्र में डॉ. नेहा पाण्डेय ने प्रतिभागियों के सवालों के जवाब दिए। इस दौरान चैटबॉट्स के नैतिक उपयोग और एआई से तैयार सामग्री की सत्यता जांचने से जुड़े प्रश्नों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में मद्रास विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं संचार विभाग की प्रमुख डॉ. बेउलाह राहेल ने डॉ. नेहा पाण्डेय का स्वागत किया, जबकि विभाग की पूर्व अध्यक्ष डॉ. टी. आर. गोपालकृष्णन ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विभाग के संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
बरेका में स्पेशल कैंपेन 6.0 के तहत चला स्वच्छता अभियान, पुराने रिकॉर्ड और अनुपयोगी सामान हटाए गए
बरेका में स्पेशल कैंपेन 6.0 के तहत चला स्वच्छता अभियान, पुराने रिकॉर्ड और अनुपयोगी सामान हटाए गए
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में स्पेशल कैंपेन 6.0 के तहत शुक्रवार को विभिन्न कार्यालयों और परिसरों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। रेल मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में महाप्रबंधक आशुतोष पंत के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य कार्यालयों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और अनावश्यक सामग्री से मुक्त बनाना है। अभियान के तहत बरेका के जनसंपर्क कार्यालय और स्टोर में साफ-सफाई की गई। इस दौरान पुराने अभिलेखों और अनुपयोगी सामान को हटाकर कार्यालय परिसर को व्यवस्थित बनाया गया। साथ ही कर्मचारियों को कार्यस्थल पर नियमित साफ-सफाई बनाए रखने और स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया। इसी क्रम में लेखा विभाग के जनरल फाइनेंस, डब्ल्यूएमएस अनुभाग, स्टोर फाइनेंस और स्थापना अनुभाग में भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। यहां कार्यालयों की सफाई के साथ पुराने रिकॉर्ड और बेकार सामान को हटाया गया। अभियान के माध्यम से कर्मचारियों को स्वच्छ एवं बेहतर कार्य वातावरण बनाए रखने के प्रति जागरूक किया गया।ALSO READ : काशी विश्वनाथ मंदिर के पास महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी, शाहजहांपुर का युवक गिरफ्तारवहीं, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के आईपीएफ चैंबर, पोस्ट क्षेत्र के आसपास, बैरक संख्या एक और तीन के सामने तथा फायर टेंडर रूम में भी साफ-सफाई कराई गई। इन स्थानों पर जमा अनावश्यक सामग्री को हटाकर परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की पहल की गई। बरेका प्रशासन के अनुसार, स्पेशल कैंपेन 6.0 के अंतर्गत स्वच्छता के साथ कार्यालयों के बेहतर रखरखाव और कार्यस्थलों को व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य कर्मचारियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और कार्यालयों में स्वच्छ, स्वस्थ एवं सकारात्मक वातावरण सुनिश्चित करना है। बरेका प्रशासन ने स्वच्छता और सुव्यवस्थित कार्यस्थल को प्राथमिकता देते हुए इस तरह के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया। अभियान की जानकारी जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने दी।
काशी विश्वनाथ मंदिर के पास महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी, शाहजहांपुर का युवक गिरफ्तार
काशी विश्वनाथ मंदिर के पास महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी, शाहजहांपुर का युवक गिरफ्तार
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर तीन के पास महिलाओं और लड़कियों पर अश्लील टिप्पणी करने और अशोभनीय इशारे करने के आरोप में चौक पुलिस ने शाहजहांपुर निवासी अमन गुप्ता (22) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 22 अक्टूबर को मिशन शक्ति अभियान के तहत कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, मंदिर के गेट नंबर तीन के पास गश्त के दौरान महिलाओं और लड़कियों ने एक युवक की हरकतों की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि युवक गली से गुजरने वाली महिलाओं को देखकर अश्लील शब्दों का इस्तेमाल कर रहा था और अशोभनीय इशारे कर रहा था। इससे महिलाओं को असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा था।ALSO READ : वाराणसी में बालिकाओं ने निकाली रैली, भ्रूण हत्या बाल विवाह के खिलाफ बुलंद की आवाजशिकायत मिलने पर महिला उपनिरीक्षक मानसी वर्मा पुलिसकर्मियों संजू देवी और खुशबू के साथ मौके पर पहुंचीं। टीम ने गली में निगरानी शुरू की। कुछ देर बाद शिकायत में बताए गए हुलिए का युवक वहां दिखाई दिया। पुलिस के अनुसार, महिलाओं को देखकर अश्लील हरकत करने पर टीम ने उसे पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी अमन गुप्ता शाहजहांपुर जिले के कोतवाली क्षेत्र स्थित चौकसी मुन्नूगंज फाटक, राजन कुआं का निवासी है। पुलिस ने उसके खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई करने वाली टीम में चौक थाना प्रभारी विजय कुमार शुक्ला, महिला उपनिरीक्षक मानसी वर्मा, उपनिरीक्षक सुमित, आरक्षी संजू देवी, खुशबू और आरक्षी अजीत कुमार यादव शामिल रहे।