सस्पेंस के घेरे में प्रतीक यादव की मौत की वजह, अपर्णा के भाई ने कही ये बात

Suspense surrounds Prateek Yadav's death, Aparna's brother reveals this
समाजवादी पार्टी पर इस वक्त दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का आज बुधवार की सुबह निधन हो गया है. जिसके चलते सपा परिवार में मातम पसरा हुआ है. 38 साल की उम्र में प्रतीक यादव ने लखनऊ के सिविल अस्पताल में अपने जीवन की आखिरी सांसे ली है. जहां सिविल अस्पताल के सीएमएस देवेश चंद्र पांडेय ने कहा, "प्रतीक यादव मृत अवस्था में सुबह 5:55 बजे लाए गए थे", मामले की भनक लगते ही पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए लखनऊ के KGMU मुर्दाघर भेज दिया है. इसी के साथ ही पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. बड़ी बात तो यह है कि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि, उनकी मौत किन कारणों से हुई है.

प्रतीक की मौत से शोक में डूबी सपा
वहीं प्रतीक यादव के निधन की खबर मिलते ही यादव परिवार और समाजवादी पार्टी के समर्थकों में शोक की लहर उमड़ पड़ी है. इस घटना से आहत सौतेले भाई अखिलेश यादव ने मीडिया से बात-चीत में बताया कि, प्रतीक से मेरी दो महीने पहले मुलाकात हुई थी, वो काफी जुझारू किस्म का इंसान था, जो अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी सजग था. जीवन में आगे बढ़ने के लिए वो हर दिन काफी मेहनत करता था, हैरानी इस बात की है कि उसके अचानक से इस तरह चले जाना हर किसी के लिए सदमे से कम नहीं है. खैर इस मामले में सख्ती के साथ जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए. ताकि, ये पता चल सकें कि इस घटना के पीछे किसका हाथ है, जिसे लेकर पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है. मामले की जांच कर रही पुलिस ने प्रतीक के बेडरूम को सील करते हुए उनके मोबाइल फोन और लैपटॉप को बरामद कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है.

फेफड़े की बीमारी से ग्रसित थे प्रतीक
बताया जा रहा है कि, प्रतीक यादव कुछ समय से फेफड़े की बीमारी से ग्रसित थे. उनके हाथ और सीने पर नीले निशान मिले हैं, हालांकि, ये स्थिति तब होती है जब तुरंत चोट लगने पर शरीर पर लाल निशान होता है, पांच से छह घंटे में नीला और उसके बाद काला हो जाता है. प्रतीक यादव के शव को उनकी पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन बिष्ट को सौंपा गया है. बताया जा रहा है कि जब अपर्णा यादव पहुंचेंगी तब वहां से उनके शव को घर ले जाने की इजाजत होगी. प्रतीक की मौत की सूचना पर महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान श्रद्धांजलि देने पहुंचीं. प्रतीक यादव का निधन लखनऊ के सिविल अस्पताल में हुआ. उनका शव पोस्टमॉर्टम के लिए लखनऊ स्थित KGMU मुर्दाघर लाया गया है.

प्रतीक यादव ने ब्रिटेन की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से पढ़ाई की थी, पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने राजनीति में आने के बजाय बिजनेस और फिटनेस सेक्टर में अपना करियर बनाने का फोकस करने लगे थे. उनकी पत्नी अपर्णा यादव भाजपा नेता होने के साथ-साथ यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी हैं. वे उत्तराखंड की रहने वाली हैं. प्रतीक यादव सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले और छोटे भाई थे, वे मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता की संतान थे. मुलायम सिंह ने सार्वजनिक रूप से प्रतीक को अपना बेटा बताया था.
प्रतीक यादव की मौत पर गहराया शक
बता दें, पत्नी अपर्णा यादव के चचेरे भाई मुकेश बहादुर सिंह ने कहा कि अपर्णा जी किसी काम के सिलसिले में बाहर गई हुई थी, इसीलिए अभी हमने बॉडी को यहां पर होल्ड पर रखा है. जैसे ही अपर्णा आएंगी, हम यहां से बॉडी को लेकर जाएंगे. देखिए प्रतीक जी लंबे समय से बीमार थे. इलाज चल रहा था. वह अचेत अवस्था में मिले हैं. अब क्या था वह जानकारी नहीं है. कार्डियक था या क्या था. उसके बाद से लगातार आप सबको मालूम है ही की किस तरीके से उनका इलाज चल रहा था. डेथ हो गई है. पोस्टमार्टम हो गया है. यह सच्चाई है कि प्रतीक यादव की बॉडी नीली पड़ गई है. क्या हुआ है इस बारे में अभी नहीं कुछ बता पाऊंगा. आप ही मुझे यहां मार दें हाथ में तो मेरी बॉडी नीली पड़ जाएगी. इसलिए अभी कुछ कह पाना ठीक नहीं है. मीडिया को भी स्पैकुलेट नहीं करना चाहिए और शाम के 5 बजने का इंतजार करना चाहिए. क्योंकि शाम को 5:00 बजे मेरे हाथों में फाइनल रिपोर्ट पोस्टमार्टम का होगा.

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अपर्णा के चचेरे भाई के इस बयान ये तो साफ जाहिर होता है कि दाल में कुछ तो जरूर काला है. जिसके चलते प्रतीक यादव की मौत पर हर किसी का शक गहराता ही जा रहा है. दूसरी ये कि पती की मौत की खबर मिलने के बाद भी अभी तक उनकी पत्नी अपर्णा यादव का कुछ अता-पता नहीं है. यही वजह है कि सपा कार्यकर्ताओं ने उनकी मौत को लेकर सीबीआई जांच की मांग भी करनी शुरू कर दी है. इटावा के सैफई स्थित मुलामय सिंह यादव परिवार के पैतृक आवास के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है. परिवार के अधिकांश लोग लखनऊ के रवाना हो गए हैं. फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है.



