तिरंगा बर्फी, बनारसी पान, लौंगलता और ठंडाई ने बढ़ाया काशी का मान, ODOC सूची में मिली जगह

Tricolor Barfi, Banarasi Paan, Launglata and Thandai have enhanced the prestige of Kashi, earning it a place in the ODOC list.
वाराणसी: उत्तर प्रदेश सरकार की नई पहल ODOC यानी ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुज़ीन’ योजना में अब काशी के पारंपरिक स्वाद को खास पहचान मिली है. वर्ष 2026 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के सभी 75 जिलों के पारंपरिक स्थानीय खाद्य पदार्थों की पहचान कर उन्हें ब्रांडिंग और बढ़ावा देना है, ताकि स्थानीय कारोबार को मजबूती मिले और क्षेत्रीय पाक कला विरासत को वैश्विक मंच तक पहुंचाया जा सके.

तिरंगा बर्फी, बनारसी पान,
इसी कड़ी में वाराणसी के पांच प्रसिद्ध व्यंजनों—तिरंगा बर्फी, बनारसी पान, लौंगलता, ठंडाई और कचौड़ी को सूची में शामिल किया गया है. सरकार के इस फैसले से मिठाई कारोबारियों और दुकानदारों में खुशी का माहौल है. उनका कहना है कि इससे काशी के पारंपरिक स्वाद को देश और दुनिया में नई पहचान मिलेगी.

तिरंगा बर्फी को सिर्फ मिठाई नहीं बल्कि आजादी के आंदोलन से जुड़े एक प्रतीक के तौर पर भी देखा जाता है. बताया जाता है कि अंग्रेजों के शासनकाल में जब तिरंगा फहराने पर रोक थी, तब तिरंगा बर्फी के जरिए लोगों तक देशभक्ति और स्वतंत्रता का संदेश पहुंचाया जाता था. यही वजह है कि आज भी 15 अगस्त और 26 जनवरी के मौके पर इसकी मांग काफी बढ़ जाती है.

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वहीं बनारसी पान, लौंगलता, ठंडाई और कचौड़ी भी देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं. बनारस की सुबह, यहां की मेहमाननवाजी और खानपान में इन व्यंजनों की खास पहचान है. दुकानदारों का कहना है कि ODOC सूची में शामिल होने के बाद इन उत्पादों की ब्रांडिंग बेहतर होगी, जिससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा. सरकार के इस फैसले को लेकर काशी के व्यापारियों में उत्साह देखने को मिल रहा है.




