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Teddy Day 2026: टेडी डे को ऐसे करें सेलिब्रेट, जाने इसके पीछे की छिपी कहानी

Teddy Day 2026: टेडी डे को ऐसे करें सेलिब्रेट, जाने इसके पीछे की छिपी कहानी
Feb 10, 2026, 05:56 AM
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Posted By Preeti Kumari

Teddy Day 2026: वैलेंटाइन वीक आते ही माहौल में अपने-आप एक अलग ही मिठास घुल जाती है. चारों तरफ प्यार, अपनापन और रिश्तों की गर्माहट महसूस होने लगती है. यह हफ्ता सिर्फ रोमांटिक रिश्तों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उन भावनाओं को भी जगह देता है, जिन्हें हम रोजमर्रा की जिंदगी में शब्दों में बयां नहीं कर पाते. छोटे-छोटे इशारों, तोहफों और एहसासों के जरिए प्यार जताने का यह सिलसिला 7 फरवरी को रोज डे से शुरू होकर 14 फरवरी के प्यार के इजहार होने तक चलता है.


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इसी वैलेंटाइन वीक का एक बेहद खास और सबसे क्यूट दिन होता है टेडी डे. यह दिन सिर्फ एक सॉफ्ट टॉय गिफ्ट करने का नहीं, बल्कि उस सुकून, सुरक्षा और भावनात्मक सहारे का प्रतीक है, जो हम अपने किसी खास इंसान को देना चाहते हैं. टेडी डे हमें याद दिलाता है कि प्यार हमेशा बड़े शब्दों या महंगे तोहफों का मोहताज नहीं, कभी-कभी एक मुलायम सा टेडी भी अपने प्यार के दिल की बात कह जाता है.


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जाने टेडी डे


हर साल टेडी डे 10 फरवरी को मनाया जाता है. 2026 का टेडी डे आज मंगलवार को हर प्रेमी जोड़ा सेलिब्रेट कर रहा है. यह वैलेंटाइन वीक का चौथा दिन होता है, जो चॉकलेट डे के बाद और प्रॉमिस डे से ठीक पहले आता है. यही वजह है कि इसे भावनात्मक नजदीकियों को जताने का सबसे सही मौका माना जाता है.


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टेडी डे का इतिहास


टेडी डे की जड़ें असल में टेडी बियर के इतिहास से जुड़ी होती हैं. टेडी बियर का नाम अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट से जुड़ा है, जिन्हें प्यार से टेडी कहा जाता था. साल 1902 में राष्ट्रपति रूजवेल्ट एक शिकार यात्रा पर गए थे. इस दौरान एक घायल भालू को पकड़कर उनके सामने लाया गया, लेकिन उन्होंने उसे मारने से इनकार कर दिया और कहा कि यह खेल भावना के खिलाफ है. उनकी इस करुणा भरी घटना को एक राजनीतिक कार्टूनिस्ट क्लिफोर्ड बेरीमैन ने चित्र के रूप में दिखाया, जो काफी लोकप्रिय हुआ. इस कार्टून से प्रेरित होकर खिलौना निर्माता मॉरिस मिचटॉम ने एक मुलायम भालू का खिलौना बनाया और उसे टेडी बियर नाम दिया. धीरे-धीरे यह टेडी बियर प्यार, सुरक्षा और भावनात्मक सुकून का प्रतीक बन गया. बाद में जब वैलेंटाइन वीक की परंपरा शुरू हुई, तो टेडी बियर को समर्पित एक खास दिन टेडी डे भी इसमें शामिल हो गया.


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टेडी डे एक एहसास


टेडी डे सिर्फ सॉफ्ट टॉय गिफ्ट करने का दिन नहीं होता है. टेडी बियर उन भावनाओं का प्रतीक है, जो रिश्तों की नींव मजबूत करती हैं, जैसे अपनापन, भरोसा, मासूमियत और बिना शर्त साथ. जब कोई अपने पार्टनर को टेडी गिफ्ट करता है, तो वह यह जताता है कि मैं तुम्हारे साथ हूं, तुम सुरक्षित हो, तुम्हें अकेला महसूस नहीं होने दूंगा. टेडी बियर ठीक वैसे ही सुकून देता है, जैसे किसी मुश्किल वक्त में किसी अपने का साथ होना महसूस कराता है. टेडी डे हमें यह याद दिलाता है कि प्यार हमेशा दिखावे का नहीं होता. कभी-कभी सबसे गहरा एहसास सबसे नरम और शांत इशारों में छुपा होता है. एक टेडी बियर की तरह जो बिना कुछ कहे भी बहुत कुछ कर जाता है.


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ऐसे बनाए टेडी डे को खास


टेडी के साथ एक हाथ से लिखा नोट जोड़ें.

घर पर कोज़ी डिनर डेट प्लान करें.

टेडी थीम पर छोटा-सा सरप्राइज़ दें.

लॉन्ग-डिस्टेंस रिलेशनशिप में वीडियो कॉल पर टेडी भेजें.

छोटी-छोटी चीजें इस दिन को यादगार बना देती हैं.

राष्ट्रीय ध्वज  के प्रति सम्मान, राष्ट्र प्रेम  एवं देशभक्ति की बुनियाद को मजबूत करें युवा : प्रो. बिहारी लाल शर्मा
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वाराणसी : संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में बुधवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई. जिसका उदेश्य समाज में देशभक्ति की बुनियाद मजबूत होगी, यह भाव लेकर सभी लोग एक साथ जागरूकता के साथ इस पहल में भाग लिए, कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के नेतृत्व में आज अपराह्न 1:00बजे ऐतिहासिक मुख्य भवन से एक बड़े जुलूस के साथ प्रत्येक हाथ में तिरंगा झंडा लेकर "हर घर तिरंगा" यात्रा अभियान लहुराबीर चौराहे पर स्थापित महान क्रांतिकारी अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भारत माता की जय उद्घोष के साथ विश्वविद्यालय परिसर मुख्य भवन के समक्ष सम्पन्न हो गयी.प्रो. शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता का 79 वां वर्ष पूर्ण होने तथा 80 वां वर्ष प्रारम्भ होने पर (स्वतंत्रता दिवस) राष्ट्रीय पर्व अत्यन्त गौरव के साथ मनाये जाने का अवसर है. राष्ट्र गौरव के प्रतीक तिरंगा को लगाकर बहुत धूमधाम से इस महापर्व का अभिनंदन करें. "हर घर तिरंगा" अभियान की अपील आज से प्रारम्भ है, सभी आवासों, इमारतों एवं देवालयों पर भी राष्ट्र के गौरव के प्रतीक तिरंगा को लगाकर बहुत धूमधाम से इस महापर्व का स्वागत करें.नवीन पीढ़ी के अन्दर त्याग, समर्पण और श्रद्धा का अलख जगाएं और आने वाली पीढ़ियों को तिरंगे के महत्व और प्रभाव के बारे में विस्तार से बताएं, इससे उनमें आत्मविश्वास, त्याग, समर्पण और श्रद्धा की भावना जागृत होगी। राष्ट्र भाव और आदर का प्रस्फुटन होगा. आगे वही बच्चे राष्ट्र के भविष्य हैं.राष्ट्रीय ध्वज गौरव और समृद्धि एवं सम्पूर्ण प्रभुसत्ता सम्पन्न राष्ट्र होने का सन्देश देता है. हम विश्वविद्यालय परिवार, संस्कृत समाज एवं देश के सभी जिम्मेदार नागरिकों से अपील करते हैं कि आज से हम "हर घर तिरंगा" अभियान चलाकर आत्मिक भाव से अपने- अपने घरों में तिरंगा फहराकर, अपने देश के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण व राष्ट्रवाद का भाव जागृत करें.ALSO READ : शिकागो में तैयार होगा भारत काे एआई लीडर बनाने का रोडमैप, आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र एक मंच पर होंगेउक्त यात्रा के दौरान विश्वविद्यालय परिवार के सभी सम्मानित प्रो जितेन्द्र कुमार,प्रो सुधाकर मिश्र,प्रो हीरक कान्ति चक्रवर्ती, प्रो विधु द्विवेदी, प्रो शैलेष कुमार मिश्र, प्रो महेन्द्र पाण्डेय, ,प्रो अमित कुमार शुक्ल, प्रो दिनेश कुमार गर्ग, प्रो विजय कुमार पाण्डेय समेत छात्र एवं कर्मचारी उपस्थित थे.
वाराणसी में चलती बाइक में लगी आग, सड़क पर लगा लंबा जाम
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वाराणसी : कैंट थाना क्षेत्र के अर्दली बाजार इलाके में बुधवार दोपहर एक चलती बाइक में अचानक आग लगने से अफरा तफरी मच गई. देखते ही देखते पूरी बाइक जलकर राख हो गई. इस घटना के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई. फायर संयंत्र की सहायता से आग पर काबू पाया गया. आग बुझने तक बाइक पूरी तरह जल चुकी थी. इसके बाद पुलिस ने जाम खुलवाकर यातायात सुचारू कराया.नारायणपुर पुराना भट्ठा सिंधोरा रोड, शिवपुर के निवासी रवि प्रजापति ने बताया कि वे मकानों में खिड़की-दरवाजे लगाने का काम करते हैं. बुधवार को वे काम के सिलसिले में महावीर मंदिर की ओर जा रहे थे. इसी बीच दोपहर लगभग 1 बजे उनकी बाइक अचानक गर्म होकर बंद हो गई.रवि प्रजापति ने जब बाइक को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश की, तो उसमें अचानक आग लग गई. आग तेजी से फैली और पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया. उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और आसपास के लोगों से मदद मांगी. इलाकाई लोगों ने बाल्टी के पानी, बालू और दुकान में रखे फायर संयंत्र की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग और भयावह होती गई.ALSO READ : शिकागो में तैयार होगा भारत काे एआई लीडर बनाने का रोडमैप, आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र एक मंच पर होंगेबीच सड़क पर बाइक में आग लगने से दोनों तरफ लंबा जाम लग गया. सूचना के बाद कैंट थाने की महिला सब इंस्पेक्टर आरती गौड़ मौके पर पहुंचीं. उन्होंने तत्काल फायर सर्विस टीम को सूचित किया और इलाकाई लोगों के साथ मिलकर फायर संयंत्र की सहायता से आग पर काबू पाया. इसके बाद पुलिस ने जाम खुलवाकर यातायात सामान्य कराया. इस दौरान मौके पर अफरा तफरी की स्थिति बनी रही.
शिकागो में तैयार होगा भारत काे एआई लीडर बनाने का रोडमैप, आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र एक मंच पर होंगे
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वाराणसी : आईआईटी बीएचयू से बीते 40 साल में निकलीं 200 से ज्यादा तकनीकी प्रतिभाएं अब करोड़पति और अरबपति हैं. ये सभी अगले महीने अमेरिका की विंड सिटी शिकागो में एक साथ होंगे. वहां भारत को एआई लीडर बनाने का रोडमैप तैयार किया जाएगा. शिकागो सम्मेलन में एआई, रक्षा, तकनीक, कारोबार और उद्योगों का भी संगम होगा. शिकागो के द वेस्टइन शिकागो लोंबार्ड में पांच और छह सितंबर को ग्लोबल एलुमनी मीट-2026 होना है. करीब 900 अरब डॉलर के मालिक जीस्केलर के संस्थापक जय चौधरी के साथ 40 साल पुराने बैच के 200 से ज्यादा पूर्व छात्र एक मंच पर मंथन करेंगे.जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा मुख्य अतिथि होंगे. वे पहले दिन पांच सितंबर को चाय पर चर्चा करेंगे. इन्होंने आईआईटी बीएचयू से 1979 बैच में सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक किया था. 12,500 करोड़ संपत्ति वाले पालो ऑल्टो नेटवर्क्स के सीईओ निकेश अरोड़ा और टेस्ला के सीएफओ दीपक आहूजा भी इस सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं. सम्मेलन का पूरा फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युग में नेतृत्व और कुछ नया निर्माण करने को लेकर है. इसके अलावा मशीन लर्निंग, डिजिटल रिसर्च और बदलती तकनीक पर भी सम्मेलन में कई एकेडमिक और व्यवसायिक प्रस्ताव तैयार होंगे.एआई युग में कंपनियों का उदय, कटिंग एज एआई पैनल, एआई और मानव क्षमता के सत्र होंगे. स्टैंप अप कॉमेडी भी होगी. आईआईटी बीएचयू में डीन (पुरा छात्र एवं संसाधन) प्रो. हीरालाल प्रामाणिक ने बताया कि देश एआई के मामले में अग्रणी रहे, इस पर मंथन किया जाएगा. व्यवसायियों और वैज्ञानिक मेहमानों की सूची लगातार अपडेट हो रही है. हिस्सेदारी करने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. आईआईटी से निकलकर दुनिया भर में अपने कारोबार और तकनीक जगत में कुछ नया मुकाम पा चुके दिग्गजों को आमंत्रित किया गया है. जीस्केलर के संस्थापक और चेयरमैन जय चौधरी 1980 बैच के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के छात्र रहे. उन्होंने एयर डिफेंस, सिफर ट्रस्ट, कोर हार्बर और सिक्योर आई जैसी कंपनियों का नेटवर्क तैयार किया है. पूर्व छात्रों का नेटवर्क उभरती तकनीक से संस्थान के वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों को रूबरू कराएगा. क्लाउड, माइक्रोसर्विसेज और साइबर सिक्योरिटी जैसे विषयों पर कार्यक्रम आयोजित करता रहा है. तकनीकी बदलावों के साथ उद्योग और कारोबार पर उसके प्रभाव को लेकर भी मंथन होगा.ALSO READ: बरेका में भव्य तिरंगा यात्रा, राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंजा पूरा परिसरइन पुरा छात्रों की सूची तैयारमाई कर्मा के फाउंडर उज्ज नाथ, पोर्टवॉक्स के सीईओ मुरली थिरुमाले, शिकागो यूनिवर्सिटी के प्रो. प्रदीप चिंतागुता, सिलिकॉन वैली क्वाड के फाउंडर मैनेजिंग पार्टनर बीवी जगदीश, अफर्मा कैपिटल के सीईओ नयनेश जयसिंह, डिजिटल इंडिया फाउंडेशन के अरविंद गुप्ता, मोबाइल फोर्स के सीईओ जगदीश भंडोल और रोबोटिक्स के फाउंडर सौरभ चंद्रा आदि शामिल होंगे.