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वाराणसी में श्रद्धा, सेवा और भक्ति के साथ मनाई जा रही संत रविदास जी की 649वीं जयंती

वाराणसी में श्रद्धा, सेवा और भक्ति के साथ मनाई जा रही संत रविदास जी की 649वीं जयंती
Jan 30, 2026, 01:22 PM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती उनकी जन्मभूमि वाराणसी में पूरे श्रद्धा, आस्था और भव्यता के साथ मनाई जा रही है. देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु गुरु रविदास जी को नमन करने वाराणसी पहुंचे हैं.पंजाब, हरियाणा, समेत कई राज्यों से आए श्रद्धालु हर साल गुरु रविदास जी की जयंती पर काशी आते हैं. श्रद्धालुओं का कहना है कि यह स्थान उनके लिए सिर्फ एक तीर्थ नहीं, बल्कि आस्था और आत्मिक शांति का केंद्र है. कई लोगों ने बताया कि वे वर्षों से लगातार यहां आ रहे हैं और हर बार उन्हें विशेष सुकून और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है.


जयंती के मौके पर वाराणसी में भव्य मेला लगाया गया है, जहां श्रद्धालुओं के लिए दिन-रात लंगर सेवा चल रही है। लंगर में सभी वर्गों के लोग बिना किसी भेदभाव के प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। दूर-दूर से आए श्रद्धालु स्वेच्छा से सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं—कोई भोजन परोस रहा है, कोई साफ-सफाई कर रहा है तो कोई व्यवस्था संभालने में सहयोग दे रहा है.

सेवा भाव ही इस आयोजन की सबसे बड़ी पहचान बनकर उभरा है. श्रद्धालुओं का कहना है कि सेवा करना ही गुरु रविदास जी की शिक्षाओं का सच्चा पालन है.

श्रद्धालुओं और संत समाज का मानना है कि गुरु रविदास जी ने समाज को समानता, प्रेम, भाईचारा और मानवता का संदेश दिया। उनका यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना सदियों पहले था। जयंती के माध्यम से उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.


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पूरे आयोजन स्थल पर भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों का सिलसिला चल रहा है। हर तरफ गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और संदेशों की चर्चा हो रही है.

वाराणसी में मनाई जा रही गुरु रविदास जी की यह 649वीं जयंती न सिर्फ एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह समाज में एकता, सेवा और सद्भावना का संदेश भी दे रही है.

साइबर ठगी का पर्दाफाश: देशभर के 143 लोगों से करोड़ों की ठगी, सरगना समेत चार गिरफ्तार
साइबर ठगी का पर्दाफाश: देशभर के 143 लोगों से करोड़ों की ठगी, सरगना समेत चार गिरफ्तार
वाराणसी : कमिश्‍नरेट की साइबर क्राइम सेल और चेतगंज पुलिस की संयुक्‍त टीम ने अंतरराज्‍यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस संबंध में गिरोह के सरगना नीतीश कुमार पांडेय समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इस मामले में फर्जी फर्म, गेमिंग और बेटिंग एप के जरिये खाते खुलवाकर और कमीशन का लालच देकर देश भर के 143 लोगों से 116.86 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को उजागर किया गया है.आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 40 डेबिट कार्ड, दो क्रेडिट कार्ड, चार शॉपिंग कार्ड, एक ग्रीन रेमिट कार्ड, एक गेमिंग कार्ड, 19 चेकबुक, छह पासबुक और 48 क्यूआर कोड स्कैनर बरामद हुए हैं. एक बुलेट और एक स्कोडा रैपिड कार भी जब्त की गई है.एसीपी साइबर क्राइम विनय द्विवेदी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का सरगना मूलरूप से बिहार के रोहतास निवासी नीतीश कुमार पांडेय है, जो वर्तमान में चितईपुर थाना क्षेत्र के करौंदी स्थित विवेकानंदपुरम कॉलोनी के आदित्य रेजिडेंसी में रहता है. अन्य आरोपियों में दुर्गाकुंड के कबीर नगर निवासी दुष्यंत सिंह, सिगरा थाना क्षेत्र के शिवपुरवा-छित्तूपुर निवासी हिमांशु झा और भेलूपुर थाना क्षेत्र के शिवाला निवासी मो. रेहान शामिल हैं. दो अन्य वांछित आरोपियों में सामनेघाट निवासी प्रतीक तिवारी उर्फ बंटी और रोमिल वर्मा की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं.पुलिस की छानबीन में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों के 41 बैंक खातों से संबंधित कुल 143 शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज हैं. इन शिकायतों में 116 करोड़ 86 लाख 58 हजार 321 रुपये की धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है. गिरोह के सदस्य लोगों को कमीशन का लालच देते थे. इसके बाद उनके नाम से फर्जी फर्म, चालू और बचत खाते खुलवाते थे. बैंक किट, इंटरनेट बैंकिंग विवरण और मोबाइल नंबर भी प्राप्त कर लेते थे.साइबर क्राइम सेल प्रभारी मनोज तिवारी ने बताया कि इस गिरोह में शामिल प्रतीक तिवारी उर्फ बंटी, रोमिल वर्मा समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. गिरफ्तार आरोपियों में दुर्गाकुंड निवासी दुष्यंत सिंह के खिलाफ हरियाणा और वाराणसी के भेलूपुर थाने में साइबर ठगी के मामले में प्राथमिकी दर्ज है. सरगना नीतीश पांडेय समेत अन्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है.बीसीए, एमसीए कर चुके हैं आरोपी, 2021 से साइबर ठगी को दे रहे अंजामगिरफ्तार आरोपियों में नीतीश पांडेय, दुष्यंत, हिमांशु समेत अन्य आरोपी कंप्यूटर कोर्स कर चुके हैं. कुछ ने बीसीए और एमसीए की डिग्री भी ली है. चितईपुर से ही आरोपी पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे. छानबीन में सामने आया कि वे 2021-22 से ही साइबर ठगी को अंजाम दे रहे हैं. आरोपियों के वाट्सएप चैट, लैपटॉप और मोबाइल की सीडीआर भी खंगाली जा रही है. आशंका है कि इस नेटवर्क के तार दुबई से जुड़े हुए हैं. देश भर में साइबर ठगी करने वाले इस गिरोह के संपर्क निजी बैंकों के कर्मियों से भी होने की आशंका है. जानबूझकर साइबर ठगी को बढ़ावा देने वाले बैंक कर्मियों की भूमिका का भी सत्यापन किया जा रहा है.ALSO READ: बाबा के दर्शन को उमड़ा सैलाब, सावन के अंतिम सोमवार पर शिवमय हुई काशीविदेश से गिरोह के संचालन की आशंकासाइबर क्राइम सेल के अनुसार, साइबर ठग कमीशन का लालच देकर लोगों के नाम पर फर्जी फर्म बनवाते थे. इसके बाद वे इन फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे. इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी (बेटिंग) और गेमिंग एप के जरिये अवैध धन के लेन-देन और ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए किया जाता था. साइबर ठग बेरोजगार या लालच में फंसे लोगों को कम समय में ज्यादा मुनाफा और कमीशन का झांसा देते थे. इन खातों को चीन, कंबोडिया, दुबई समेत अन्य देशों से संचालित होने वाले सट्टेबाजी और ऑनलाइन गेमिंग एप से जोड़ दिया जाता था. ठगी गई रकम को इन खातों में मंगाया जाता था और तुरंत अलग-अलग चैनलों के माध्यम से निकाल लिया जाता था.शिकायत कहां और कैसे करेंसाइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें. अपनी शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराएं. ठगी के शुरुआती एक-दो घंटे के भीतर शिकायत करने पर पैसे वापस मिलने की संभावना सबसे अधिक होती है.
बाबा के दर्शन को उमड़ा सैलाब, सावन के अंतिम सोमवार पर शिवमय हुई काशी
बाबा के दर्शन को उमड़ा सैलाब, सावन के अंतिम सोमवार पर शिवमय हुई काशी
वाराणसी: सावन के अंतिम सोमवार पर काशी पूरी तरह शिवभक्ति में डूबी नजर आई, बाबा विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़, काशी विश्वनाथ धाम से लेकर आसपास की गलियों तक हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे गूंजते रहे. बड़ी संख्या में कांवड़िए भी गंगा जल लेकर बाबा के दरबार में पहुंचे,विश्वनाथ धाम को इस विशेष अवसर के लिए फूलों और रुद्राक्ष से सजाया गया है.भक्तों ने कतार में लगकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन किया और विधि-विधान से जलाभिषेक व पूजन-अर्चन किया, मंदिर परिसर में सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया, अंतिम सोमवार होने के कारण मंदिर और आसपास के क्षेत्र में भक्तों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रही.भोर से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी, भक्तों ने गंगा स्नान के बाद हाथों में जल लेकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए रुख किया, कई श्रद्धालु परिवार के साथ पहुंचे, तो कांवड़ियों के जत्थे पूरे उत्साह के साथ बाबा के दरबार में पहुंचे.भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए, प्रमुख मार्गों और मंदिर परिसर के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती रही, श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए बैरिकेडिंग और यातायात व्यवस्था पर भी नजर रखी गई.सावन के अंतिम सोमवार पर काशी का माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक नजर आया, मंदिर के आसपास फूल-माला और पूजन सामग्री की दुकानों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही, देर तक बाबा विश्वनाथ के जयकारों से काशी की गलियां गूंजती रहीं,तीन घंटे में एक लाख भक्तों ने किया दर्शनALSO READ:नशा मुक्ति अभियान में काव्य पाठ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्पसोमवार को बाबा के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आए हैं, काशी पुराधिपति के जलाभिषेक की लालसा में श्रद्धालु रविवार को रात्रि ही गंगा स्नान कर कतार में लग गए थे. वहीं, बाबा की भक्ति में मगन कांवरिए अटूट बोल बम बोल बम करते मंदिर की ओर बढ़े चले जा रहे हैं.
बेस किचन और अमृत भारत एक्सप्रेस की पैंट्री कार का औचक निरीक्षण, खराब मशीनें तत्काल ठीक कराने के निर्देश
बेस किचन और अमृत भारत एक्सप्रेस की पैंट्री कार का औचक निरीक्षण, खराब मशीनें तत्काल ठीक कराने के निर्देश
वाराणसी : यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने रविवार को सिगरा स्थित आईआरसीटीसी बेस किचन और बनारस स्टेशन पर अमृत भारत एक्सप्रेस की पैंट्री कार का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बेस किचन में तीन मशीनें अकार्यशील मिलने पर उन्हें तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।मंडल रेल प्रबंधक ने वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव के साथ अम्बुज होटल एंड रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित आईआरसीटीसी बेस किचन का निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन तैयार करने की प्रक्रिया, खाद्य सामग्री के भंडारण, पैकेजिंग, साफ-सफाई, स्वच्छता और भोजन बनाने में इस्तेमाल होने वाले पानी की गुणवत्ता की जांच की।निरीक्षण के दौरान पीएलएम मशीन, डो नीडिंग मशीन और एग्जॉस्ट मशीन अकार्यशील मिलीं। इस पर मंडल रेल प्रबंधक ने संबंधित अधिकारियों को मशीनों की खराबी तत्काल दूर कर उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने पेयजल की नियमित जांच, जल भंडारण टैंकों और पाइपलाइनों की नियमित सफाई तथा भोजन और पेयजल में निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ पानी के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया। साथ ही भोजन तैयार करने से लेकर पैकिंग तक प्रत्येक स्तर पर खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।ALSO READ : नशा मुक्ति अभियान में काव्य पाठ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्पइसके बाद मंडल रेल प्रबंधक ने बनारस स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या सात पर खड़ी 22589 बनारस–हडपसर अमृत भारत एक्सप्रेस की पैंट्री कार का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के सुरक्षित रख-रखाव और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। पैंट्री मैनेजर को रेलवे द्वारा अनुमोदित ब्रांड की गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।प्लेटफॉर्म संख्या आठ पर आरती एंटरप्राइजेज द्वारा संचालित भोजनालय का भी निरीक्षण किया गया। मंडल रेल प्रबंधक ने किचन की सफाई बनाए रखने और खाद्य सामग्री को सुरक्षित व व्यवस्थित तरीके से रखने के निर्देश दिए।मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने कहा कि यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है। भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और इनकी नियमित निगरानी जारी रहेगी।