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BHU में 40 साल बाद लौटा ‘आसमान का क्लासरूम, अब एक महीने में समझ सकेंगे खगोलीय विज्ञान...

BHU में 40 साल बाद लौटा ‘आसमान का क्लासरूम, अब एक महीने में समझ सकेंगे खगोलीय विज्ञान...
May 07, 2026, 04:52 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी:काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में करीब 40 साल बाद अत्याधुनिक डिजिटल तारामंडल (प्लैनेटेरियम) की स्थापना की गई है, BHU का ज्योतिष विभाग अब आधुनिक और वैदिक खगोल विज्ञान के समन्वय का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है. नई तकनीक की मदद से छात्र अब ग्रहों की चाल, सूर्य की स्थिति, ग्रहण और अन्य आकाशीय घटनाओं को वास्तविक अनुभव के साथ समझ सकेंगे.

परियोजना निदेशक प्रोफेसर शत्रुघ्न त्रिपाठी ने बताया कि जनवरी 2026 में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना की शुरुआत हुई थी. इसके तहत तीन प्रकार के यंत्र लगाए जाने हैं. फिलहाल डिजिटल तारामंडल स्थापित हो चुका है, जबकि अगले सप्ताह तक अत्याधुनिक टेलीस्कोप भी स्थापित कर दिया जाएगा..इसके बाद पारंपरिक खगोलीय यंत्रों का निर्माण किया जाएगा.


6 महीने का पाठ अब 1 महीने में

प्रो. त्रिपाठी के अनुसार, पहले “गोल परिभाषा” जैसे जटिल खगोलीय अध्याय को पढ़ाने में करीब छह महीने लग जाते थे, लेकिन अब डिजिटल तकनीक की मदद से छात्र इसे सिर्फ एक महीने में आसानी से समझ पा रहे हैं. तारामंडल में ग्रहों की स्थिति और आकाशीय घटनाओं को लाइव विजुअल के जरिए दिखाया जाएगा.


त्योहारों की तिथियों का भ्रम होगा खत्म

BHU के ज्योतिष विभाग ने देशभर के ज्योतिषाचार्यों के साथ मिलकर त्योहारों की अलग-अलग तिथियों को लेकर होने वाले विवाद को खत्म करने की दिशा में भी पहल शुरू की है. विभाग का कहना है कि आधुनिक उपकरणों की मदद से तैयार पंचांग अधिक सटीक और वैज्ञानिक होंगे.


आधुनिक तकनीक से मिलेगा वास्तविक अनुभव

डिजिटल तारामंडल में विशेष सॉफ्टवेयर और ऑप्टिकल प्रोजेक्टर का उपयोग किया जा रहा है. इसके जरिए दुनिया के किसी भी स्थान और किसी भी समय की आकाशीय स्थिति को डोम स्क्रीन पर प्रदर्शित किया जा सकता है. “स्टार बॉल” तकनीक छात्रों को वास्तविक रात के आकाश जैसा अनुभव देगी.


विज्ञान और संस्कृति दोनों संकायों को मिलेगा लाभ

यह सुविधा केवल ज्योतिष विभाग तक सीमित नहीं रहेगी. संस्कृति और विज्ञान दोनों संकायों के छात्र इसका लाभ उठा सकेंगे. भौतिकी विभाग के प्रोफेसर अमित कुमार पाठक भी छात्रों के साथ इस परियोजना से जुड़े हुए हैं. विभाग जल्द ही खगोलीय विज्ञान से जुड़ा डिप्लोमा कोर्स शुरू करने की तैयारी कर रहा है.


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1918 से जुड़ा है विभाग का गौरवशाली इतिहास

गौरतलब है कि BHU के ज्योतिष विभाग की स्थापना 1918 में Madan Mohan Malaviya ने प्राचीन और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान के समन्वय के उद्देश्य से की थी. 1982 से 1985 के बीच विभाग में एक लघु तारामंडल स्थापित किया गया था, लेकिन समय के साथ वह तकनीकी रूप से अप्रासंगिक हो गया. अब नई वेधशाला और आधुनिक तारामंडल के जरिए BHU अंतरिक्ष विज्ञान और वैदिक ज्योतिष के शोध को नई दिशा देने जा रहा है.

काशी रेलवे स्टेशन अब होने जा रहा स्मार्ट, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होगी मौजूद...
काशी रेलवे स्टेशन अब होने जा रहा स्मार्ट, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होगी मौजूद...
वाराणसी : काशी स्टेशन की होगा कायाकल्प एयरपोर्ट की तरह अपडेट होगा. रेल प्रशासन ने इसके लिये काशी स्टेशन पर 100दिनों का मेगा ब्लाक ( 6 जून से 13 सितंबर तक ) लिया है इस फ़ैसले के बाद सिर्फ दो प्लेटफॉर्म से ही ट्रेन का आवा गवन चालू है प्लेटफॉर्म एक और दो गुजारी जाने लगी हैं, जबकि तीन और चार की रेल लाइनों तोड़ी जा रही हैं. वहीं कई ट्रेनो को रद्द कर दिया गया है और कई रेल को पंडित दीनदयाल जंक्शन से किया जा रहा है.काशी रेलवे स्टेशन बनेगा कैंट का सैटेलाइट स्टेशनकाशी जहां विश्व में अपनी एक पहचान बना रहा है. वहीं काशी स्टेशन विदेश की तरह बनाने की योजना 2023 में तैयार की गई थी. इसे एयर पोर्ट की तरह विकसित किया जाएगा और सार्वजानिक भवन बनाया जाना है. इसका पहला और दूसरा एंड्री गेट को भवन के छतों को एक दूसरे से जोड़ा जाएगा.इसके साथ ट्रेनों का इंतजार यात्री प्रथम तल पर करेंगे. जहां सारी सुविधा मौजूद होगी. इस समय दोनों प्रवेश द्वारों पर तीन मंजिल का भवन तैयार है जिसके लिए मेगा ब्लाक लिया गया है.भविष्य को देखते हुए बन रहा है स्टेशन 2050 के दृष्टिगत और भविष्य को देखते हुए काशी रेलवे स्टेशन को बनाया जा रहा है.यात्री की पहुंच बढ़ाने के लिये राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जाएगा. आगे जा के यह कैंट रेलवे स्टेशन का सैटलाइट स्टेशन होगा. यहां ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी तो लोग यही से ट्रेन पकड़ेंगे .ALSO READ : मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की परखी हकीकत, सीएचसी में गर्भवतियों से सीएमओ हुए रूबरू...स्टेशन के पास ही नामो घाट मौजूद है जिसे पर्यटक के दृष्टि से बनाया गया है इसके लिए काशी स्टेशन टूरिस्ट व टूरिज्म के बहुत महत्वपूर्ण होगा यह कि स्टेशन शहर के बाहरी राजमार्ग से जुड़ा हुआ है.स्टेशन को मालवीय पुल से आपस में जोड़ा जाएगाकाशी रेलवे स्टेशन के पुन निर्माण के बाद कुल 10 ट्रैक होगे.सभी रेल ट्रैक राजघाट पुल से जुड़े होगे. 1200 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे राजघाट का निर्माण 2029 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है वहीं वर्ष 2027 में स्टेशन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की परखी हकीकत, सीएचसी में गर्भवतियों से सीएमओ हुए रूबरू...
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की परखी हकीकत, सीएचसी में गर्भवतियों से सीएमओ हुए रूबरू...
वाराणसी: प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस के अवसर पर मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शिवपुर का निरीक्षण कर गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने गर्भवतियों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल जाना तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की विशेष निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने प्रसव पूर्व जांच, प्रयोगशाला सेवाओं, दवा वितरण व्यवस्था और अन्य चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया. उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद लाभार्थियों से बातचीत कर उपचार, जांच और परामर्श संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की. साथ ही चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक गर्भवती महिला को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं.ALSO READ:वाराणसी में पेंटिंग ठेकेदार ने खुद को गोली मारकर दी जान, जांच में जुटी पुलिस...डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की समय पर पहचान और नियमित फॉलोअप बेहद आवश्यक है. उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को ऐसे मामलों की लगातार निगरानी रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. अभियान के तहत बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई. उन्हें संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संस्थागत प्रसव और टीकाकरण के प्रति जागरूक भी किया गया.स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुरक्षित मातृत्व से जुड़ी विभिन्न जानकारियां साझा कर महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी. इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज दुबे, स्टाफ नर्स, एएनएम तथा आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं. सीएमओ ने अभियान के सफल संचालन में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका की सराहना करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया.
वाराणसी में पेंटिंग ठेकेदार ने खुद को गोली मारकर दी जान, जांच में जुटी पुलिस...
वाराणसी में पेंटिंग ठेकेदार ने खुद को गोली मारकर दी जान, जांच में जुटी पुलिस...
वाराणसी : शहर के लंका थानांतर्गत नगवा क्षेत्र में एक खौफनाक घटना सामने आई, जिसमें पेंटिंग के ठेकेदार सोनू यादव ने खुद को गोली मारकर अपनी जान दे दी. घटना उस जगह हुई जहां पेंटिंग का काम चल रहा था. युवक का शव उसके हाथ में पिस्‍तौल के साथ पाया गया. गोली चलने की आवाज सुनकर लोगों का ध्यान इस ओर गया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी.घटना की जानकारी मिलते ही एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस आत्महत्या के कारणों की गुत्थी को सुलझाने में जुटी है.स्थानीय लोगों के अनुसार, डाफी क्षेत्र निवासी सोनू यादव एक सामान्य युवक था और उसके व्यवहार में कोई असामान्य परिवर्तन नहीं देखा गया था. उसकी आत्महत्या ने सभी को चौंका दिया है. पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है.ALSO READ:मनीष सिंह हत्‍याकांड के चार आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज, वकीलों ने की मुफ्त पैरवी...पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं पर जांच की जा रही है. उसके पास असलहा कहां से आया इसकी भी जांच की जा रही है. घटना की सूचना सोनू के परिजनों को दी गई. परिजनों ने बताया है कि सोनू ने यह कदम क्यों उठाया इस बात की उन्हें जानकारी नहीं है. पुलिस ने असलहे को कब्‍जे में ले लिया है.