Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

काशी में 'निर्वासित क्रांतिकारी' पुस्तक का हुआ विमोचन...

काशी में 'निर्वासित क्रांतिकारी' पुस्तक का हुआ विमोचन...
Jul 13, 2026, 03:02 AM
|
Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: स्वतंत्रता संग्राम के अल्पज्ञात सेनानी स्वर्गीय पंडित नारायण मूर्ति के संघर्षपूर्ण जीवन पर आधारित पुस्तक 'निर्वासित क्रांतिकारी: पंडित नारायण मूर्ति के संघर्ष, स्वाभिमान और अधूरे सम्मान की गाथा' का रविवार को पराड़कर स्मृति भवन में विमोचन किया गया. लेखक डॉ. रवि शर्मा की इस पुस्तक के लोकार्पण समारोह में साहित्य, शिक्षा, राजनीति और पत्रकारिता जगत की कई प्रमुख हस्तियों के साथ बड़ी संख्या में इतिहास प्रेमी और नागरिक शामिल हुए.


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व दक्षिण विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी रहे, जबकि अध्यक्षता काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के धर्मशास्त्र एवं मीमांसा विभाग के प्रो. माधव जनार्दन राटाटे ने की. विशिष्ट अतिथि के रूप में नगर निगम के उपसभापति नरसिंह दास मौजूद रहे. समारोह में स्वतंत्रता सेनानी पंडित नारायण मूर्ति के परिजन भी उपस्थित रहे.


नीलकंठ तिवारी ने कहा कि देश की आजादी अनगिनत गुमनाम और त्यागमयी स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का परिणाम है. उन्होंने कहा कि पंडित नारायण मूर्ति जैसे क्रांतिकारियों का इतिहास नई पीढ़ी तक पहुंचना चाहिए, ताकि युवा अपने गौरवशाली अतीत से परिचित हो सकें.


अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. माधव जनार्दन राटाटे ने कहा कि यह पुस्तक केवल एक व्यक्ति की जीवनी नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन उपेक्षित अध्यायों को सामने लाने का महत्वपूर्ण प्रयास है, जिन्हें इतिहास में अपेक्षित स्थान नहीं मिल सका.


नरसिंह दास सहित अन्य वक्ताओं ने पंडित नारायण मूर्ति के राष्ट्रप्रेम, संघर्ष और सामाजिक योगदान को याद करते हुए पुस्तक को ऐतिहासिक धरोहर बताया.


लेखक डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि इस पुस्तक को तैयार करने में वर्षों का शोध, दुर्लभ दस्तावेजों का अध्ययन और पारिवारिक साक्ष्यों का संकलन किया गया है. उन्होंने कहा कि इस कृति का उद्देश्य केवल पंडित नारायण मूर्ति के जीवन को सामने लाना नहीं, बल्कि उन हजारों गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान दिलाना है, जिनका योगदान इतिहास के पन्नों में पर्याप्त रूप से दर्ज नहीं हो सका.


ALSO READ:मलदहिया के होटल में पुलिस का छापा, कथित देह व्यापार का खुलासा; पांच युवतियां और दो आरोपी गिरफ्तार...


कार्यक्रम का संचालन नलिन नयन मिश्रा ने किया. समारोह के अंत में अतिथियों और उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया. कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पुस्तक का स्वागत करते हुए इसे स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और काशी की गौरवशाली विरासत को समझने वाली महत्वपूर्ण कृति बताया.


इस अवसर पर प्रकाश कुमार, संतोष सोलापुरकर, सुनील तिवारी, कनकलता मिश्रा, निशा, बबलू सेठ, तारकेश्वर गुप्ता, संतोष पाटील, बनवारी गुप्ता, विनोद अवस्थी, विभूति मिश्रा, आर्यन पंड्या, रोशन गुजराती, ज्ञानेश्वर तोलेदार समेत अन्य उपस्थित रहे.

रामनगर पुलिस ने साइबर ठगों के चंगुल से वापस कराए 97 हजार रुपये
रामनगर पुलिस ने साइबर ठगों के चंगुल से वापस कराए 97 हजार रुपये
वाराणसी: रामनगर पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क की सक्रियता के चलते साइबर ठगी के शिकार एक युवक को उसके 97,250 रुपये वापस मिल गए हैं. पुलिस के अनुसार, रामनगर थाना क्षेत्र निवासी विकास यादव से साइबर ठगों ने बीते एक जुलाई को साइबर जालसाजों का शिकार हो गए थे. ठगों ने उनके बैंक खाते से 97,250 रुपये उड़ा लिए. जैसे ही विकास को पैसे कटने का पता चला, उन्होंने बिना कोई देरी किए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई. ALSO READ : बरेका में अखिल भारतीय ऑन-द-स्पॉट निबंध प्रतियोगिता का आयोजन, 267 बच्चों ने लिया हिस्सा.ठगी गई पूरी रकम बैंक स्तर पर ही होल्ड हो गई. पैसे होल्ड होने के बाद विकास यादव ने रामनगर थाने पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक संजय मिश्रा से मुलाकात की और अपनी पूरी समस्या बताई. मामले की गंभीरता को समझते हुए एसएचओ संजय मिश्रा ने त्वरित संज्ञान लेकर रामनगर थाने की साइबर हेल्प डेस्क टीम को मामले में लगाया जिसपर पुलिस टीम ने पीड़ित की सहायता करते हुए कानूनी प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया. रामनगर पुलिस की इस कुशल और त्वरित पैरवी के परिणामस्वरूप, पीड़ित के खाते से कटे पूरे 97,250 रुपये सफलतापूर्वक उनके बैंक खाते में वापस आ गए. ठगी गई रकम वापस पाकर विकास यादव का चेहरा खुशी से खिल उठा. उन्होंने इस सराहनीय कार्य और त्वरित मदद के लिए प्रभारी निरीक्षक संजय मिश्रा, साइबर हेल्प डेस्क टीम और पूरी वाराणसी पुलिस को धन्यवाद दिया है. प्रभारी निरीक्षक रामनगर संजय मिश्रा ने अपील किया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल 1930 पर कॉल करें. समय से की गई शिकायत से रुपये वापस मिलने की संभावना काफी अधिक होती है, जैसा कि विकास यादव के मामले में साबित हुआ.
बरेका में अखिल भारतीय ऑन-द-स्पॉट निबंध प्रतियोगिता का आयोजन, 267 बच्चों ने लिया हिस्सा.
बरेका में अखिल भारतीय ऑन-द-स्पॉट निबंध प्रतियोगिता का आयोजन, 267 बच्चों ने लिया हिस्सा.
वाराणसी: केंद्रीय रेलवे महिला कल्याण संगठन (CRWWCO), नई दिल्ली के निर्देशन में रविवार को रेलवे कर्मचारियों के बच्चों के लिए अखिल भारतीय ऑन-द-स्पॉट निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसी क्रम में बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) महिला कल्याण संगठन की ओर से बाल निकेतन विद्यालय में प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें बरेका कर्मचारियों के करीब 267 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।प्रतियोगिता की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निबंध के विषय केंद्रीय रेलवे महिला कल्याण संगठन, नई दिल्ली की ओर से सीलबंद लिफाफे में भेजे गए थे। प्रतियोगिता स्थल पर सुबह 10:30 बजे निर्धारित समय पर बरेका महिला कल्याण संगठन की सचिव एवं वरिष्ठ कार्यकारी सदस्या पूजा मौर्या और सुनीता ने सीलबंद लिफाफा खोला और प्रतिभागियों के लिए विषयों की घोषणा की।प्रतियोगिता में बच्चों को आयु के आधार पर तीन समूहों में बांटा गया था। ग्रुप-1 (6 से 9 वर्ष) के लिए ‘स्वस्थ भोजन/पौष्टिक आहार’ और ‘मेरे कक्षाध्यापक/मेरी कक्षा अध्यापिका’ विषय निर्धारित किए गए। ग्रुप-2 (10 से 12 वर्ष) के बच्चों ने ‘मनोरंजन गतिविधियों का महत्व’ तथा ‘संयुक्त परिवार या एकल परिवार’ विषय पर निबंध लिखा। वहीं ग्रुप-3 (13 से 15 वर्ष) के प्रतिभागियों के लिए ‘देश की बढ़ती जनसंख्या: वरदान या अभिशाप’ और ‘जेन जी’ विषय रखे गए।ALSO READ : अन्विति में ‘रंगों की उड़ान’ ने भरी कल्पनाओं में उड़ान, हिंदी दिवस कार्यक्रम के अतिथि होंगे संजय मिश्रा...बच्चों को निबंध लिखने के लिए दो घंटे का समय दिया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने अपने विचारों को रचनात्मक और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता को लेकर बच्चों में खासा उत्साह और उमंग देखने को मिली।बरेका महिला कल्याण संगठन की सचिव राखी गुप्ता ने कहा कि आरडब्ल्यूडब्ल्यूसीओ के निर्देशन में देशभर में एक ही दिन आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता रेलवे कर्मचारियों के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देती है। ऐसे आयोजन बच्चों में रचनात्मकता, लेखन क्षमता, आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।इस अवसर पर बरेका महिला कल्याण संगठन की सदस्या प्रियंका प्रसाद, मीनाक्षी सिंह, बाल निकेतन की इंचार्ज स्वाति चौधरी एवं पूनम जायसवाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
अन्विति में ‘रंगों की उड़ान’ ने भरी कल्पनाओं में उड़ान, हिंदी दिवस कार्यक्रम के अतिथि होंगे संजय मिश्रा...
अन्विति में ‘रंगों की उड़ान’ ने भरी कल्पनाओं में उड़ान, हिंदी दिवस कार्यक्रम के अतिथि होंगे संजय मिश्रा...
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय में आयोजित ‘अन्विति हिंदी सप्ताह’ के पांचवें दिन शनिवार को ‘रंगों की उड़ान’ चित्रकला प्रतियोगिता के साथ कार्यक्रमों की श्रृंखला आगे बढ़ी. जंतु विज्ञान विभाग के एसपीआरसी हाल में आयोजित प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने शब्दों के बजाय रंगों और रेखाओं के माध्यम से विज्ञान, तकनीक, पर्यावरण और भविष्य की अपनी कल्पनाओं को कैनवास पर उकेरा.हिंदी प्रकाशन समिति की ओर से आयोजित ‘अन्विति’ के तहत यह पांचवां और अंतिम कार्यक्रम रहा. प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों की कलाकृतियों में वर्ष 2200 का मंगल, ऑक्सीजन सिलेंडरों वाले शहर, हरित गुंबदनुमा आवास, भारतीय ध्वज फहराते अंतरिक्ष यात्री, रोबोट, उड़न तश्तरी, डीएनए की सर्पिल संरचना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और पौधों से भरे बल्ब जैसे विषय देखने को मिले.विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक अवधारणाओं को कला के माध्यम से सहज और रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया. स्वीकृति कुमारी, श्रुति पाठक, अंकिता बिंद, प्राची तिवारी, सत्य राव और वैष्णवी बजाज सहित अनेक विद्यार्थियों की कृतियों में विज्ञान और कल्पना का अनूठा मेल दिखाई दिया.कुछ चित्रों में मंगल ग्रह पर कृषि और मानव बस्तियों की कल्पना की गई तो कुछ में पृथ्वी से दूर भविष्य की काल्पनिक नगरी दिखाई दी. कई चित्रों में तकनीक और प्रकृति के बीच संतुलन का संदेश दिया गया, जबकि कुछ विद्यार्थियों ने भविष्य की प्रयोगशालाओं और अंतरिक्ष अभियानों को अपनी कला का विषय बनाया.प्रतियोगिता में एक ओर धुएं से घिरे शहर और ऑक्सीजन सिलेंडर नजर आए तो दूसरी ओर हरित आवास और अंतरिक्ष में तैरते यान दिखाई दिए. प्रदूषण और पर्यावरण संकट के बीच हरित भविष्य की कल्पना का यह विरोधाभास प्रतियोगिता की प्रमुख विशेषता रहा.7 सितंबर से शुरू हुआ था ‘अन्विति’ का सफर‘अन्विति हिंदी सप्ताह’ की शुरुआत 7 सितंबर को ‘काव्य सरिता’ से हुई थी। इसके बाद 8 सितंबर को ‘कथा सृजन’, 9 सितंबर को वाद-विवाद प्रतियोगिता और 10 सितंबर को ‘ज्ञान प्रभा’ प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदी में कविता, कहानी, तर्क-वितर्क और वैज्ञानिक विषयों को अभिव्यक्त करने का मंच मिला।ALSO READ : बनारस की हवा फिर बिगड़ी, 11वें से खिसककर 34वें पायदान पर पहुंची रैंकिंग, विशेषज्ञ ने गिनाए प्रदूषण के कारण...15 सितंबर को संजय मिश्रा के साथ हिंदी दिवस समारोह‘अन्विति’ हिंदी सप्ताह का समापन अब 15 सितंबर को हिंदी दिवस समारोह के साथ होगा। समारोह का आयोजन महामना हॉल, सेमिनार कॉम्प्लेक्स, विज्ञान संकाय में दोपहर 2:45 बजे किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रख्यात अभिनेता संजय मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।इस अवसर पर ‘अचिंत्य’ पत्रिका की नई कड़ी ‘क्षितिज से परे’ का विमोचन भी प्रस्तावित है। समारोह के साथ ही ‘अन्विति’ के तहत आयोजित विभिन्न साहित्यिक, बौद्धिक और रचनात्मक गतिविधियों का समापन होगा।