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वित्‍तमंत्री ने की घोषणा, वाराणसी में जमीन चिन्हित, बनेगा अखिल भारतीय आयुर्वेद शोध संस्थान

वित्‍तमंत्री ने की घोषणा, वाराणसी में जमीन चिन्हित, बनेगा अखिल भारतीय आयुर्वेद शोध संस्थान
Feb 04, 2026, 08:30 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : दिल्ली के बाद काशी में देश का दूसरा अखिल भारतीय आयुर्वेद शोध संस्थान बनने की जमीन तैयार हो गई है. वीडीए की ओर से आराजी लाइन विकासखंड के शहंशाहपुर में उत्तर प्रदेश डेयरी विकास विभाग की 35 एकड़ जमीन चिह्नित कर गई है. जल्द ही अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होगी फिर निर्माण शुरू होगा. बता दे कि केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट में देश में तीन नए आयुर्वेद शोध संस्थान बनाने की घोषणा की थी. इसमें से एक काशी में प्रस्तावित है.


पूर्वांचल के छात्रों को मिलेगा लाभ


आयुर्वेद का शोध संस्थान बनने से पूर्वांचल समेत पूरे देश के छात्रों को लाभ मिलेगा. इसे नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. आयुष विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इसका संचालन दिल्ली एम्स के तर्ज पर किया जाएगा. यह संस्थान केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि एक उच्च स्तरीय शैक्षणिक केंद्र होगा. मुख्य रूप से पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) और डॉक्टोरल (पीएचडी) स्तर पर आयुर्वेद की शिक्षा दी जाएगी. आयुर्वेद के विभिन्न विषयों में विशेषज्ञता प्राप्त करने के इच्छुक छात्रों के लिए यह देश का प्रमुख गंतव्य बनेगा.


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प्राचीन पद्धति से एआई तक का दिया जाएगा प्रशिक्षण


यहां प्राचीन आयुर्वेदिक सिद्धांतों को आधुनिक वैज्ञानिक मानकों पर कसने के लिए अत्याधुनिक लैब्स और रिसर्च यूनिट्स स्थापित की जाएंगी. छात्रों को प्राचीन पद्धति से लेकर एआई आधारित शिक्षा सिखाई जाएगी. संस्थान में उच्च गुणवत्ता वाली आयुर्वेदिक चिकित्सा के साथ-साथ चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था होगी. आयुर्वेद संकाय के साथ मिलकर संस्थान वाराणसी को मेडिकल टूरिज्म के नक्शे पर और मजबूती से स्थापित करेगा. वीडीए की ओर से जमीन का सर्वे कर शासन को भेजा जा चुका है. तकनीकी अड़चनों को भी दूर कर लिया गया है.

तालाब में डूबने से महिला की मौत, परिवार में मातम पसरा
तालाब में डूबने से महिला की मौत, परिवार में मातम पसरा
वाराणसी : कपसेठी थाना क्षेत्र के हरिभानपुर गांव में तालाब में डूबने से 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई. घटना सोमवार को उस समय हुई जब मंजू देवी पत्नी करिया शौच के लिए घर से निकली थीं. तालाब के पास अचानक पैर फिसलने से वह गहरे पानी में जा गिरीं. पानी में डूबने से उनकी मौत हो गई. हादसे की जानकारी मिलते ही गांव में शोक व्‍याप्‍त हो गया.घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों ने महिला को तालाब से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. सूचना मिलते ही महिला के परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए. मंजू देवी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.बताया गया कि मंजू देवी के परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है. उनके पति और बेटा बाहर रहते हैं. घटना की सूचना पुलिस को दी गई. सूचना के बाद कपसेठी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई पूरी की. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. सूचना के बाद शहर से बाहर रहने वाले महिला के पति घर के लिए रवाना हो गए.ALSO READ : वाराणसी में 25 अक्‍टूबर को आयोजित होगा एयर शो, प्रदर्शित होगी मध्य वायु कमान की गौरवशाली विरासत
वाराणसी में 25 अक्टूबर को दिखेगा वायुसेना का शौर्य, ‘एरियल डिस्प्ले-2026’ में गरजेंगे लड़ाकू विमान
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वाराणसी : नमो घाट पर 25 अक्टूबर 2026 को ‘इंडियन एयर फोर्स एरियल डिस्प्ले: 2026’ का आयोजन किया जा रहा है. गंगा के प्रतिष्ठित और भव्य तट की पृष्ठभूमि में आयोजित यह हवाई प्रदर्शन नागरिकों एवं आगंतुकों को भारतीय वायु सेना की सटीकता, व्यावसायिक दक्षता और उत्कृष्ट समन्वय का अनुभव करने का अवसर प्रदान करेगा. यह आयोजन मध्य वायु कमान की छह दशकों से अधिक की गौरवशाली यात्रा को भी प्रदर्शित करेगा. अपनी स्थापना के बाद से कमान और इसके अधीनस्थ संगठनों ने विस्तृत एवं परिचालन की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में युद्ध अभियानों, मानवीय सहायता, आपदा राहत तथा नागरिक प्रशासन को सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.रक्षा मंत्रालय के प्रवक्‍ता के अनुसार, मध्य वायु कमान की परिचालन विरासत में वर्ष 1965 एवं 1971 के भारत-पाक युद्धों, मालदीव में ऑपरेशन कैक्टस तथा कारगिल संघर्ष के दौरान ऑपरेशन सफेद सागर में उल्लेखनीय योगदान शामिल है. कमान के वायुयानों और वायु योद्धाओं ने निकासी, बाढ़ राहत, आकस्मिक चिकित्सा निकासी तथा विभिन्न मानवीय सहायता अभियानों को भी सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. इन अभियानों के दौरान उन्होंने कठिन भूभाग और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रभावित समुदायों तक सहायता पहुंचाई है.परिचालन तत्परता बनाए रखते हुए नागरिकों को समयबद्ध सहायता प्रदान करने की कमान की क्षमता राष्ट्र सेवा के प्रति भारतीय वायु सेना की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है. नमो घाट पर आयोजित होने वाला ‘इंडियन एयर फोर्स एरियल डिस्प्ले: 2026’ सांस्कृतिक और राष्ट्रीय महत्व के इस विशिष्ट स्थल पर वाराणसी के नागरिकों को भारतीय वायु सेना से निकटता से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा. यह आयोजन युवाओं को प्रेरित करने के साथ-साथ भारतीय वायु सेना की विविध भूमिकाओं, क्षमताओं और गौरवशाली सेवा परंपराओं के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाएगा.ALSO READ : वाराणसी में अखिलेश यादव के साथ माफियाओं की तस्वीरें, सियासी घमासान को दे रहे हवाहवाई प्रदर्शन के समय, निर्धारित दर्शक क्षेत्रों, यातायात व्यवस्था, पार्किंग तथा दर्शकों की सुरक्षा से संबंधित दिशा-निर्देशों की जानकारी आयोजन की तिथि के निकट अधिकृत माध्यमों से जारी की जाएगी. आम नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से जारी सूचनाओं पर विश्वास करें तथा जिला प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा कर्मियों और आयोजन से जुड़े अधिकारियों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें.
वाराणसी में अखिलेश यादव के साथ माफियाओं की तस्वीरें, सियासी घमासान को दे रहे हवा
वाराणसी में अखिलेश यादव के साथ माफियाओं की तस्वीरें, सियासी घमासान को दे रहे हवा
वाराणसी : शहर के खजुरी और पांडेयपुर में एक बार फिर पोस्टर को लेकर सियासी घमासान को हवा दी जा रही है. पांडेयपुर चौराहे पर बने ओवरब्रिज पर एक बैनर लगा है, जो लोगों में चर्चाओं को ज्‍नम दे रहा है. इस बैनर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, रमाकांत यादव, उमाकांत यादव की तस्वीरें लगी हैं.बैनर पर बड़े अक्षरों में लिखा है, "माफियाराज और अखिलेश, लूट लिया था पूरा प्रदेश." यह पोस्टर शहर में राजनीतिक गलियारों में बहस का मुद्दा बन गया है.पांडेयपुर चौराहे की बात की जाए तो यह शहर के प्रमुख चौराहों में से एक है, जहां रोजाना हजारों की संख्या में लोग आते-जाते हैं. ऐसे में यहां लगे इस राजनीतिक संदेश वाले बैनर पर राहगीरों और आसपास के लोगों की नजर पड़ रही है.ALSO READ : जन्‍मदिन के अगले दिन बुझ गया घर का चिराग, जनरल स्टोर में हुए विस्फोट से घायल मासूम की हुई मौतइस बैनर के जरिए अखिलेश यादव और उनके कार्यकाल को लेकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश हुई है. हालांकि, इसे किस व्यक्ति या संगठन ने लगाया है, इसकी अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. बैनर लगाने के पीछे किसका हाथ है और इसका मकसद क्या है, यह भी साफ नहीं हो पाया है. लखनऊ से पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी तक पोस्टर वार के जरिए राजनीतिक घमासान मचा हुआ है. अखिलेश के खिलाफ इस पोस्‍टर को कई जगह सपाइयों ने फाड़ डाले.