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वाराणसी में न्‍यूनतम तापमान सात के करीब, सूरज ने कोहरे को भेदा तो खिली धूप

वाराणसी में न्‍यूनतम तापमान सात के करीब, सूरज ने कोहरे को भेदा तो खिली धूप
Dec 26, 2025, 07:25 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - पूर्वांचल सहि‍त वाराणसी में देर रात से शुक्रवार सुबह तक घने कोहरे की चादर फैली रही. सुबह नौ बजे के बाद हवा से कोहरा छंटना शुरू हुआ तो सूरज की‍ किरणें धरती तक पहुंची. धूप के असर से गलन से राहत भी मिली. सुबह के भीषण गलन भरे माहौल के बीच वातावरण में नमी का स्‍तर भी कुछ उतार चढ़ाव भरा रहा. बादलों की सक्र‍ियता पश्‍च‍िम में तो रही लेक‍िन पूरब की ओर नहीं आ सकी. इसकी वजह से पछुआ का जोर पूरब तक पर्याप्‍त असर नहीं कर सका.

पछुआ हवाओं का रुख बदलने की वजह से कोहरा भी समय से छंट गया और धूप ने पर्याप्‍त तेजी द‍िखाई. हालांक‍ि उसके पूर्व ही न्‍यूनतम तापमान ने सात ड‍िग्री के करीब जाकर गलन का अहसास कराया और लोग ठंड में कांपते नजर आए.


मौसम व‍िभाग ने घने कोहरे की चेतावनी दी थी. ल‍िहाजा देर रात से ही कोहरा घना होता चला गया और कोहरे की फैली चादर ने सुबह तक गलन का अनवरत अहसास कराया. लोगों ने गर्मी की तलाश में अलाव और ब‍िस्‍तर का सहारा ल‍िया. हालांक‍ि सुबह ख‍िली धूप सेंकने भी लोग पहुंचे और धूप में राहत तलाशते नजर आए. मौसम व‍िभाग ने धूप ख‍िलने के बाद दोबारा गलन और कोहरे का अनुमान जताया है. माना जा रहा है क‍ि आसमान साफ होने के बाद अब कोहरा और असरकारक होगा. इसकी वजह से सड़कों पर वाहनों का संचालन प्रभाव‍ित होना तय है. माैसम व‍िभाग ने अगले दो द‍िनों तक घने कोहरे का संकेत द‍िया है. माना जा रहा है क‍ि नया साल आने तक मौसम का यही तल्‍ख रुख बना रहेगा.


बीते चौबीस घंटों में अध‍िकतम तापमान 16.0°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 6.6 ड‍िग्री कम रहा. न्‍यूनतम तापमान 7.2°C रहा जो सामान्‍य से 2.0 ड‍िग्री कम दर्ज क‍िया गया. मौसम में गलन का असर तापमान के सामान्‍य से न्‍यूनतम होने की वजह से था.


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मौसम की तल्‍खी से उड़ानें प्रभावित


घने कोहरे के कारण विमानों का परिचालन प्रभावित होने के साथ ही शुक्रवार को भी उड़ानें रद करनी पड़ीं. शुक्रवार को लगातार ग्यारहवें दिन भी घने कोहरे के कारण विमानों का परिचालन प्रभावित हुआ. सुबह और शाम की उड़ानों को निरस्त करना पड़ा, जिससे यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. कई विमान अपने निर्धारित समय से घंटों विलंबित हो गए हैं.

आने वाली उड़ानों के निरस्त होने के कारण जाने वाली उड़ानें भी रद्द रहेंगी, जिससे हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों में चिंता का माहौल है. विमानन अधिकारियों ने बताया कि कोहरे की स्थिति में सुधार होने की कोई संभावना नहीं है, जिससे यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ानों की स्थिति की जानकारी पहले से प्राप्त करें.

टी20 फाइनल: भारतीय टीम के वर्ल्‍डकप फतह के लिए गंगा पूजन, जीत के लिए की कामना
टी20 फाइनल: भारतीय टीम के वर्ल्‍डकप फतह के लिए गंगा पूजन, जीत के लिए की कामना
वाराणसी: टी-20 क्रिकेट वर्ल्‍ड कप का खुमार पूरे देश में देखने को मिल रहा है. महादेव की नगरी काशी में इसको लेकर विशेष उत्‍साह देखा जा रहा है. होली के बाद उत्सव का रंग केवल क्रिकेट के इर्द-गिर्द घूम रहा है. इसी परिप्रेक्ष्‍य में काशी में विभिन्न आयोजनों का सिलसिला जारी है, जिसमें भारत की जीत की कामना की जा रही है. अहमदाबाद में रविवार को होने वाले टी-20 विश्वकप के फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की जीत की कामना के लिए अहिल्याबाई घाट पर लोगों ने बटुकों के संग मां गंगा का विधिपूर्वक पूजन और दुग्‍धाभिषेक किया. बटुकों ने गंगा किनारे बैट, पोस्टर और शंख के साथ भारत की जीत की कामना की. इस अवसर पर सभी भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी गईं.काशी के इस आयोजन में बटुकों ने एकजुट होकर क्रिकेट के प्रति अपने प्रेम और समर्थन का प्रदर्शन किया. गंगा के तट पर बटुकों ने अपने हाथों में बैट और पोस्टर लेकर भारत की जीत के लिए प्रार्थना की, जिससे यह संदेश गया कि काशी के लोग अपने देश के खिलाड़ियों के प्रति कितने समर्पित हैं.यह भी पढ़ें: वाराणसी के संकट मोचन मंदिर में कवरेज को लेकर हंगामा, गार्ड और मीडिया कर्मियों के बीच झड़पइस आयोजन में शामिल बटुकों ने गंगा में स्नान करने के बाद पूजा की और सभी ने मिलकर भारत की विजय की कामना की. इस प्रकार के आयोजनों से न केवल खेल के प्रति लोगों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि भारत में माहौल भी बनाता है. काशी में क्रिकेट के प्रति यह जुनून दर्शाता है कि कैसे खेल ने लोगों को एकजुट किया है और उन्हें एक साझा लक्ष्य की ओर प्रेरित किया है.टी-20 विश्वकप का फाइनल मुकाबलाटी-20 विश्वकप का यह फाइनल मुकाबला भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण होगा. काशी के लोग इस मैच को लेकर बेहद उत्साहित हैं और सभी की यही कामना है कि भारत इस मुकाबले में विजय प्राप्त करे. बटुकों की यह पूजा और अभिषेक इस बात का प्रमाण है कि काशी के लोग अपने देश के खिलाड़ियों के प्रति कितने समर्पित हैं और वे उनकी सफलता के लिए प्रार्थना कर रहे हैं.
वाराणसी के संकट मोचन मंदिर में कवरेज को लेकर हंगामा, गार्ड और मीडिया कर्मियों के बीच झड़प
वाराणसी के संकट मोचन मंदिर में कवरेज को लेकर हंगामा, गार्ड और मीडिया कर्मियों के बीच झड़प
वाराणसी: दर्जनों वाहनों में सवार होकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके अनुयायी 11 मार्च को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विद्या मठ से रवाना हुए. लखनऊ प्रस्थान करने से पहले उन्होंने वाराणसी के प्राचीन संकट मोचन हनुमान मंदिर पहुंचकर प्रभु श्रीराम और संकट मोचन बाबा का दर्शन-पूजन किया. शंकराचार्य के मंदिर पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी कवरेज के लिए मंदिर परिसर में पहुंच गए. भीड होने के कारण गहमागहमी के बीच कवरेज को लेकर मीडिया कर्मियों और मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा गार्ड के बीच कहासुनी शुरू हो गई. मीडिया कर्मी कवरेज की अनुमति और व्यवस्था को लेकर बात कर रहे थे, तभी विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ समय के लिए अफरा तफरी जैसी स्थिति बन गई.मामला गाली गलौच तक पहुंच गया. मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार तीखी बहस के दौरान एक गार्ड ने एक वरिष्ठ पत्रकार की ओर हाथ उठाकर हमाला करने की कोशिश भी की. घटना के दौरान कुछ तीखे शब्द भी बोले गए. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.यह भी पढ़ें: पूर्वांचल समेत वाराणसी में मौसम का रुख बदला, गर्मी का दिखने लगा असरVVIP लोगों को मोबाइल फोन के संग मंदिर परिसर में एंट्रीबताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में कई बार वीवीआईपी लोगों को मोबाइल फोन और कैमरे के साथ अंदर जाने की अनुमति दी जाती है, लेकिन इस बार मीडिया कर्मियों को कवरेज से रोके जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं. पत्रकारों का कहना है कि जब भी मंदिर के महंत जी से जुड़ी कोई खबर होती है तो मीडिया को अंदर बुलाकर सम्मानपूर्वक कवरेज कराया जाता है, लेकिन इस बार मीडिया के साथ हुआ व्यवहार समझ से परे है. घटना के बाद पत्रकारों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि यदि वीवीआईपी लोगों को अंदर मोबाइल और कैमरे की अनुमति मिल जाती है, तो फिर मीडिया कर्मियों को कवरेज से रोकने और इस तरह का व्यवहार करने की क्या वजह थी.इस पूरे मामले के बाद पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. हालांकि बाद में स्थिति को शांत करा दिया गया और शंकराचार्य ने दर्शन-पूजन के बाद लखनऊ के लिए प्रस्थान कर दिया. मंदिर प्रशासन की ओर से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. इस संबंध में पूछे जाने पर मंदिर प्रशासन मुंह खोलने से कतराता रहा.
पूर्वांचल समेत वाराणसी में मौसम का रुख बदला, गर्मी का दिखने लगा असर
पूर्वांचल समेत वाराणसी में मौसम का रुख बदला, गर्मी का दिखने लगा असर
वाराणसी: पूर्वांचल सह‍ित वाराणसी में मौसम का रुख अब तल्‍ख होने लगा है. इसके चलते अब धीरे धीरे वातावरण में गर्मी का रुख प्रभावी होता जा रहा है. मौसम व‍िभाग के अनुमानों के अनुसार अब ठंडक का असर बीत चुका है. मौसम का रुख बदलेगा और वातावरण में गर्मी का रुख धीरे धीरे प्रभावी होने लगा है वह अब सप्‍ताह भर के बाद प्रभावी हो जाएगा. मौसम व‍िभाग ने हालांक‍ि इस पूरे सप्‍ताह मौसम के रुख में कुछ खास बदलाव होने का अनुमान नहीं है. मौसम व‍िभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्‍वीरों में बादलों की सक्र‍ियता भी अब नहीं है.वातावरण में गर्मी का घुलने लगा असर शन‍िवार की सुबह वातावरण में हल्‍की ठंंडक और कुछ बदली की सूरत बनी हुई थी लेक‍िन सूरज का ताप सात बजे के बाद से प्रभावी होना शुरू होने के बाद वातावरण में गर्मी का असर घुलने लगा. मौसम व‍िभाग के अनुमानों के अनुरूप ही हवाओं का रुख भी कुछ सुस्‍त रहा. हालांक‍ि दि‍न में सतही हवाओं के चलने का अनुमान है. फगुआ हवाओं का रुख दोपहर में ही प्रभावी हो रहा है. माना जा रहा है क‍ि आने वाले सप्‍ताह के बाद पछुआ का जोर भी पूरी तरह से थमने के साथ पुरवा का जोर नजर आने लगेगा.यह भी पढ़ें: अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस पर वाराणसी की महिलाएं दे रहीं आत्‍मर्निरता की नई मिसालबीते चौबीस घंटों में अध‍िकतम तापमान 32.3°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 1.7 ड‍िग्री सेल्‍स‍ियस अध‍िक रहा. न्‍यूनतम तापमान 17.8°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 3.0 ड‍िग्री अध‍िक रहा. आर्द्रता इस दौरान न्‍यूनतम 49% और अध‍िकतम 74% दर्ज क‍िया गया. मौसम व‍िभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्‍वीरों के अनुसार पूर्वांचल में आसमान साफ है और वातावरण का रुख शुष्‍क हो चला है. वातावरण में आर्द्रता और तापमान में इजाफा होने पर बादलों की सक्र‍ियता का रुख दोबारा हो सकता है. माना जा रहा है क‍ि आने वाले द‍िनों में मौसम का रुख बदल भी सकता है.