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श्रमिकों के प्रदर्शन को लेकर मंत्री ने विपक्ष को घेरा, बोले- साजिश का है हिस्‍सा

श्रमिकों के प्रदर्शन को लेकर मंत्री ने विपक्ष को घेरा, बोले- साजिश का है हिस्‍सा
Apr 14, 2026, 12:43 PM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: दिल्ली-एनसीआर व नोएडा में श्रमिकों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने विपक्ष के ऊपर सवाल उठाए हैं. राजभर ने कहा है कि यह समाजवादी पार्टी और विपक्ष की सोची समझी साजिश का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में पिछले 9 सालों से बीजेपी की सरकार है, लेकिन आज तक श्रमिकों ने प्रदर्शन नहीं किया, अब चुनाव नजदीक आ रहा है तो प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. इसके साथ ही उन्होंने इसका पाकिस्तानी कनेक्शन भी होने की आशंका जताई है.


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विपक्ष आपदा में अवसर ढूंढता रहता है: राजभर


मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि यह घटना एक बड़े साजिश का हिस्सा है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैली प्रस्तावित है, उसे खराब करने की कोशिश की जा रही है. इसके साथ ही यूपी के औद्योगिक विकास को बाधित करने के उद्देश्य से और सरकार की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि प्रतिपक्ष में बैठे लोग हमेशा आपदा में अवसर की तलाश में रहते हैं. इसीलिए वह इस आंदोलन को जानबूझकर हवा दे रहे हैं.


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उन्होंने बताया कि जिस तरह से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चार आतंकवादी पकड़े गए और विपक्ष जिस तरह से रवैया कर रहा है, उससे यह स्पष्ट होता है कि यह घटना कोई मामूली घटना नहीं है. उन्होंने कहा कि अचानक ही भीड़ सड़क पर नहीं उतर जाती, इसके लिए सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को भड़काया गया, जिसका परिणाम श्रमिकों के प्रदर्शन में दिख रहा है.


पीएम मोदी के दौरे से पहले जगमगाई काशी, रंग-बिरंगी रोशनी से सजे शहर के प्रमुख स्थल
पीएम मोदी के दौरे से पहले जगमगाई काशी, रंग-बिरंगी रोशनी से सजे शहर के प्रमुख स्थल
वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 अक्टूबर को प्रस्तावित वाराणसी दौरे से पहले काशी को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। शहर के प्रमुख भवनों और ऐतिहासिक स्थलों पर आकर्षक लाइटिंग की गई है, जिससे काशी की खूबसूरती और भी निखर उठी है। रात के समय रोशनी से जगमगाते भवन लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अक्टूबर को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचेंगे। उनके दौरे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हैं। इसी क्रम में शहर के विभिन्न हिस्सों को सजाया जा रहा है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर की गई सजावट शहर की सुंदरता में चार चांद लगा रही है।प्रधानमंत्री के इस दौरे के दौरान वाराणसी में भारतीय वायु सेना का भव्य एयर शो भी आयोजित किया जाएगा। नमो घाट पर होने वाले इस एयर शो को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। आसमान में वायु सेना के विमानों के रोमांचक करतब देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।एयर शो और प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ अन्य तैयारियों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शहर में यातायात प्रबंधन और लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग अपनी तैयारियों में जुटे हैं।ALSO READ : एयर शो का दूसरा दिन, कड़ी धूप में भी नहीं डिगा उत्‍साह, ‘शौर्य की उड़ान’ देखने पहुंचे लोगकुल मिलाकर, प्रधानमंत्री के दौरे और वायु सेना के एयर शो को लेकर काशी में उत्साह का माहौल है। रोशनी से सजी काशी अब अपने खास मेहमानों के स्वागत के लिए तैयार नजर आ रही है।
एयर शो का दूसरा दिन, कड़ी धूप में भी नहीं डिगा उत्‍साह, ‘शौर्य की उड़ान’ देखने पहुंचे लोग
एयर शो का दूसरा दिन, कड़ी धूप में भी नहीं डिगा उत्‍साह, ‘शौर्य की उड़ान’ देखने पहुंचे लोग
वाराणसी : एयरफोर्स द्वारा प्रस्तावित एयर शो के दूसरे दिन शनिवार को बड़ी संख्या में लोग घाटों और गंगा पार पहुंचे. कड़ी धूप होने के बावजूद भी लोगों काउत्‍साह कम नहीं हुआ. बडी संख्‍या में लोगों ने वायु सेना के शौर्य प्रदर्शन का लुत्‍फ उठाया. आलम यह है कि गंगा के उस पार भी लोग बैठकर इस शो का आनंद ले रहे हैं. वहीं, सोशल मीडिया पर इस एयर शो में शामिल सारंग टीम के हेलीकॉप्टर छाए हुए हैं और लोग जमकर उस दृश्य को रील के रूप में बदल रहे हैं. तीन दिवसीय इस एयर शो के अंतिम दिन 25 अक्टूबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होने वाले हैं. उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई वीवीआईपी भी शामिल होंगे.वाराणसी में भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ पर एयर शो का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी थीम 'विंग्स ओवर गंगेज' है. 22, 24 और 25 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस एयर शो को देखने के लिए सिर्फ वाराणसी ही नहीं बल्कि आसपास के कई जिलों से लोग पहुंच रहे हैं. काशी में वायु सेना के एयर शो के दूसरे द‍िन शन‍िवार को सुबह से ही गंगा घाटों पर एयर शो देखने वालों का हुजूम उमड़ने लगा था. 11 बजे के पूर्व ही सभी अपने स्‍थान सीढ‍़ि‍यों पर कब्‍जा ल‍िए और सभी की नजरें आसमान पर होने वाले व‍िमानों के करतब पर ट‍िक गईं. आलम यह है कि भीड़ को ध्यान में रखते हुए शहर में कई स्थानों पर रूट डायवर्जन किया गया है. वहीं, इस एयर शो में सबसे खास सारंग हेलीकॉप्टर टीम का प्रदर्शन देखने को मिल रहा है.क्या बोलीं महिला पायलटइस सारंग टीम में शामिल स्क्वाडन लीडर अंकिता सिंह ने गांडीव डिजिटल को बताया कि इस एयर शो की तैयारी के लिए महीनों से अभ्यास किया जा रहा है. सभी पायलट और क्रू मेंबर एक दूसरे के साथ तालमेल बिठाते हुए इस आयोजन को सफल बनाने में लगे हुए हैं. उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर में एक टीम की तरह फॉर्मेशन करना अपने आप में एक कठिनाई का विषय है. उन्होंने बताया कि सारंग हेलीकॉप्टर किस तरह से करतब दिखा रहा है उसके पीछे कई महीनो नहीं बल्कि कई सालों की ट्रेनिंग का एक बड़ा हाथ है. इस शो में शामिल 5 हेलीकाप्टर में से 2 में पायलट्स और क्रू मेंबर्स महिलाएं ही हैं, जिनकी जमकर तारीफ हो रही है.अंकिता ने बताया कि हेलीकॉप्टर में बैठने से पहले इसकी तैयारी ग्राउंड पर की जाती है. एक रणनीति तैयार होती है, उसके बारे में ब्रीफिंग दी जाती है और प्रेक्टिस करने के बाद लोगों के समक्ष इसका प्रदर्शन किया जाता है. उन्होंने बताया कि एलएच ध्रुव हेलीकॉप्टर को उनकी टीम उड़ती है और ट्रेनिंग के दौरान कड़ी मेहनत होती है और यह ट्रेनिंग एक बार नहीं बल्कि हमेशा चलती रहती है. उन्होंने बताया कि जब भी देश को पायलेट्स की और हेलीकॉप्टर की जरूरत होती है, उस दौरान वह देश की सेवा में लग जाते हैं. इन हेलीकॉप्टर के माध्यम से ट्रूप्स को एक जगह से दूसरी जगह लेकर जाया जाता है, आपदा के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में भी यह अहम रोल निभाता है.ALSO READ : एयर शो से प्रेरित होकर काशी के शिल्पकार ने बनाया चांदी का राफेल, विदेशों से मिले 100 ऑर्डरयुवाओं का झुकाव एविएशन सेक्टर की तरफ हो अंकिता ने बताया कि आज के समय में वायुसेना में महिलाओं का लगाव काफी ज्यादा देखने को मिल रहा है. उन्होंने बताया कि आज के समय में हर ब्रांच और हर फील्ड में महिलाओं की भागीदारी सर्वाधिक देखने को मिल रही है और वे महिलाएं कहीं ज्यादा बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं. उन्होंने बताया कि एविएशन सेक्टर में हार्ड वर्किंग मायने रखता है और इसका महिला या पुरुष से कोई लेना-देना नहीं होता, जो कैपेबल होता है, वह इस सेक्टर में चुनकर आता है. आज के समय में महिलाओं को एयरफोर्स जॉइन करने के कई रास्ते हैं. वे एनडीए के थ्रू आ सकती हैं, इसके साथ ही अग्नि वीर स्कीम के माध्यम से भी महिलाएं एयरफोर्स जॉइन कर सकती हैं. उन्होंने बताया कि इस एयर शो के प्रदर्शन से यह कोशिश की जा रही है कि युवाओं का झुकाव एविएशन सेक्टर की तरफ हो और लोग इससे प्रेरित हों.
एयर शो से प्रेरित होकर काशी के शिल्पकार ने बनाया चांदी का राफेल, विदेशों से मिले 100 ऑर्डर
एयर शो से प्रेरित होकर काशी के शिल्पकार ने बनाया चांदी का राफेल, विदेशों से मिले 100 ऑर्डर
वाराणसी: काशी में चल रहे भव्य एयर शो का असर अब यहां की पारंपरिक कला पर भी दिखाई दे रहा है। एयर शो से प्रेरित होकर गुलाबी मीनाकारी के नेशनल अवार्डी शिल्पकार कुंज बिहारी सिंह ने 400 ग्राम चांदी से राफेल लड़ाकू विमान का आकर्षक मॉडल तैयार किया है। इस पर बनारस की प्रसिद्ध गुलाबी मीनाकारी की बारीक कारीगरी की गई है। इसकी कीमत करीब एक लाख रुपये बताई जा रही है।कुंज बिहारी सिंह के मुताबिक, वाराणसी में एयर शो की तैयारियां शुरू होने के बाद उन्होंने कुछ अलग और खास बनाने का विचार किया। इसके बाद राफेल लड़ाकू विमान की प्रतिकृति तैयार करने का फैसला लिया। इस मॉडल को बनाने में करीब एक महीने का समय लगा। शिल्पकार ने बताया कि इसकी तस्वीर ग्राहकों के साथ साझा करने के बाद अब तक करीब 100 पीस के ऑर्डर मिल चुके हैं। इनमें कैलिफोर्निया और ऑस्ट्रेलिया से मिली मांग भी शामिल है।एयर शो के समापन समारोह में इस मॉडल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री को भेंट किए जाने की भी योजना है। इसके जरिए काशी की पारंपरिक कला और देश के सैन्य शौर्य को एक साथ प्रदर्शित करने का प्रयास किया जा रहा है।इससे पहले कुंज बिहारी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल का मॉडल भी तैयार किया था, जिसे काफी सराहना मिली थी। अब राफेल के मॉडल के जरिए वह गुलाबी मीनाकारी को देश की उपलब्धियों और राष्ट्रीय गौरव से जोड़ रहे हैं।ALSO READ : शिक्षिका शव फंदे से लटका मिला, आत्‍महत्‍या की आशंकागुलाबी मीनाकारी बनारस की विशिष्ट कला है, जिसमें चांदी पर गुलाबी रंग की बारीक नक्काशी और रंगकारी की जाती है। शिल्पकार के अनुसार, बाजार में उचित कीमत और ऑर्डर नहीं मिलने के कारण यह कला एक समय संकट में थी। अब नए प्रयोगों और देश-विदेश से मिल रही मांग ने कारीगरों के लिए उम्मीद जगाई है।यह कलाकृति उत्तर प्रदेश की ओडीओपी योजना के तहत बनारस की पारंपरिक शिल्पकला को नई पहचान देने की संभावनाओं को भी दर्शाती है।