Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

सामने घाट पर क्रूज टर्मिनल के निर्माण का रास्ता साफ, नगर निगम ने दी सशर्त मंजूरी..

सामने घाट पर क्रूज टर्मिनल के निर्माण का रास्ता साफ, नगर निगम ने दी सशर्त मंजूरी..
May 06, 2026, 04:14 AM
|
Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: काशी को अंतरराष्ट्रीय जल परिवहन और पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है, लंबे समय से प्रस्तावित सामने घाट क्रूज टर्मिनल परियोजना को अब गति मिलने जा रही है, नगर निगम की कार्यकारिणी समिति ने सामने घाट स्थित करीब दो एकड़ भूमि भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) को देने के लिए सैद्धांतिक रूप से सशर्त मंजूरी दे दी है.

नगर निगम की ओर से रखी गई शर्त के अनुसार, प्राधिकरण को भूमि का किराया डीएम सर्किल रेट के आधार पर देना होगा. यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो बनने वाले क्रूज टर्मिनल भवन का एक फ्लोर नगर निगम को आवंटित करना होगा. निगम का मानना है कि इससे राजस्व में बढ़ोतरी होगी और सरकारी संपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा.


बताया जा रहा है कि आराजी संख्या 316/25 की लगभग दो एकड़ भूमि पर यह अत्याधुनिक क्रूज टर्मिनल बनाया जाएगा. इसके निर्माण से गंगा के जरिए पर्यटन गतिविधियों को नया विस्तार मिलेगा और बनारस को ग्लोबल टूरिस्ट हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी.

अभी तक अधिकतर क्रूज और नाव संचालन मुख्य घाटों तक सीमित रहने के कारण वहां अत्यधिक दबाव बना रहता है. सामने घाट पर टर्मिनल बनने से गंगा के उस पार और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी. इससे स्थानीय व्यापारियों, हस्तशिल्प कारोबारियों, होटल व्यवसायियों और नाव संचालकों को नए अवसर मिलने की उम्मीद है.

इसके अलावा टर्मिनल संचालन, गाइड सेवा, परिवहन और पर्यटन से जुड़े अन्य क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। भविष्य में यह टर्मिनल वॉटर टैक्सी और अन्य जल परिवहन सेवाओं का प्रमुख केंद्र बन सकता है, जिससे शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी.


सेवा बस्तियों के विकास पर भी जोर

नगर निगम ने शहर की सेवा बस्तियों और मलीन बस्तियों के विकास को लेकर भी बड़ा कदम उठाया है. निगम की ओर से विभिन्न बस्तियों का सर्वे शुरू कर दिया गया है, जिसमें शिवपुर स्थित कांशीराम आवास भी शामिल है, इन क्षेत्रों में सितंबर-अक्टूबर तक सड़क, नाली, बिजली और शुद्ध पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है.

वहीं ऐढ़े स्थित गौशाला के पीछे खाली पड़ी जमीन पर करीब 67 लाख रुपये की लागत से नई चहारदीवारी और गौशाला निर्माण की योजना को भी मंजूरी दी गई है. इससे निराश्रित गोवंश के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी.


also read:हाइटेक सिटी आंदोलन के जुझारू नेता डॉ. पारसनाथ का निधन...



परेड कोठी में बनेगा नया पार्किंग स्थल

कार्यकारिणी बैठक में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अन्य परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई. इसमें परेड कोठी क्षेत्र में करीब 1.52 करोड़ रुपये की लागत से पार्किंग स्थल, ऑफिस कक्ष और वर्कशॉप शेड निर्माण शामिल है.

इसके अलावा नदेसर क्षेत्र में दैनिक जागरण कार्यालय के पास रेलवे लाइन किनारे नाला निर्माण, चौकीदार कक्ष, शौचालय और इंटरलॉकिंग कार्य के लिए करीब 98.59 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. वहीं कैंटोमेंट क्षेत्र में भी चौकीदार कक्ष, शौचालय, सबमर्सिबल और नाली निर्माण की परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है.

रेल मदद हेल्पलाइन की तत्परता से महिला यात्री की बची जान, समय पर मिला उपचार.
रेल मदद हेल्पलाइन की तत्परता से महिला यात्री की बची जान, समय पर मिला उपचार.
वाराणसी : पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा और त्वरित सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। 139 रेल मदद हेल्पलाइन पर मिली सूचना के आधार पर रेलवे की वाणिज्यिक और चिकित्सा टीम ने कृषक एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक गंभीर महिला यात्री को समय रहते उपचार उपलब्ध कराया।जानकारी के अनुसार 25 जुलाई को 15007 कृषक एक्सप्रेस से यात्रा कर रही लगभग 30 वर्षीय महिला यात्री गोलू, निवासी बधुआ गोदाम, की मऊ स्टेशन के समीप अचानक तबीयत बिगड़ गई। ऑक्सीजन स्तर अत्यधिक कम होने और हृदय संबंधी समस्या के कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई। परिजनों ने तत्काल 139 रेल मदद हेल्पलाइन पर सहायता मांगी।सूचना मिलते ही मुख्य टिकट निरीक्षक राम प्रभाव यादव ने रेलवे चिकित्सा टीम को सतर्क किया। कृषक एक्सप्रेस के मऊ स्टेशन पहुंचते ही मंडल रेलवे चिकित्सक डॉ. पुनीत राव अपनी टीम के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों सहित मौके पर पहुंचे। चिकित्सकों ने महिला को तत्काल ऑक्सीजन सहायता और प्राथमिक उपचार प्रदान किया, जिससे उनकी स्थिति में सुधार हुआ।ALSO READ : शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का योगी सरकार पर हमला, गौ-सेवा विज्ञापन के दावों पर उठाए सवाल...इसके बाद बेहतर इलाज के लिए महिला यात्री को एम्बुलेंस से जिला चिकित्सालय, मऊ भेजा गया। रेलवे की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता की महिला के परिजनों एवं अन्य यात्रियों ने सराहना करते हुए रेलवे प्रशासन का आभार व्यक्त किया।मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति श्रीवास्तव के नेतृत्व में वाराणसी मंडल ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी आपात स्थिति में 139 रेल मदद हेल्पलाइन के माध्यम से तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का योगी सरकार पर हमला, गौ-सेवा विज्ञापन के दावों पर उठाए सवाल...
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का योगी सरकार पर हमला, गौ-सेवा विज्ञापन के दावों पर उठाए सवाल...
वाराणसी : ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रविवार को वाराणसी में आयोजित प्रेसवार्ता में उत्तर प्रदेश सरकार के गौ-संरक्षण, संवर्धन और सेवा संबंधी विज्ञापन को भ्रामक और वास्तविक स्थिति से परे बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का 'नीति, नीयत और नतीजे' का दावा धरातल पर दिखाई नहीं देता। यदि प्रदेश में गौ-संरक्षण की स्थिति इतनी बेहतर होती तो गौवंश सड़कों और खेतों में भटकने को मजबूर नहीं होता।शंकराचार्य ने कहा कि सरकार के विज्ञापन में प्रदेश की आदर्श सरकारी गौशाला के बजाय निजी गौशाला की तस्वीर प्रकाशित की गई है। साथ ही उत्तर प्रदेश की पहचान गंगातीरी नस्ल के स्थान पर गीर गाय की तस्वीर का उपयोग किया गया है।उन्होंने कहा कि 7,500 से अधिक गौ-आश्रय स्थलों, 12 लाख से अधिक गौवंश के संरक्षण, नंदनी कृषक समृद्धि योजना, नंद बाबा योजना, गोबर से ग्रीन एनर्जी और गौ-उत्पाद आधारित उद्योगों के दावे जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं देते।उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई गौ-आश्रय केंद्रों में देशी गायों के साथ जर्सी सांड रखे जा रहे हैं, जिससे देशी नस्लों पर संकट खड़ा हो रहा है। साथ ही उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि दुग्ध उत्पादन में देशी गायों का वास्तविक योगदान कितना है और सरकार गाय को केवल पशु मानती है या माता।शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में स्थित सरकारी गौशालाओं की जमीनी स्थिति का वीडियो तैयार कर जनता के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय सांसदों और विधायकों से भी इस संबंध में जवाब मांगा जाएगा। सरकार को अहंकार छोड़कर शंकराचार्यों और संतों के सुझावों को स्वीकार करना चाहिए तथा गाय को 'पशु' की सूची से हटाकर 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देना चाहिए।उन्होंने बताया कि 81 दिवसीय गविष्ठि यात्रा के दौरान प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण किया गया। इस यात्रा में 14 हजार किलोमीटर से अधिक की दूरी तय की गई, लगभग 1,500 जनसभाओं को संबोधित किया गया और करीब 18 लाख लोगों से संवाद स्थापित हुआ।ALSO READ : कारगिल विजय दिवस पर बीएचयू में रक्तदान का महाअभियान, 61 यूनिट रक्त संग्रहित...प्रेसवार्ता में उन्होंने आगामी कार्यक्रमों की भी घोषणा की। इसके तहत प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में 'एक नोट अभियान' चलाकर अभिनव आशीर्वाद गोधाम की स्थापना की जाएगी। शारदीय नवरात्रि में काशी में विशाल गो-प्रतिष्ठा यज्ञ का आयोजन होगा। वहीं दीपावली के बाद प्रदेश के लाखों गांवों से लाखों गौवंश के साथ लखनऊ कूच किया जाएगा।अंत में शंकराचार्य ने गविष्ठि यात्रा में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया।
कारगिल विजय दिवस पर बीएचयू में रक्तदान का महाअभियान, 61 यूनिट रक्त संग्रहित...
कारगिल विजय दिवस पर बीएचयू में रक्तदान का महाअभियान, 61 यूनिट रक्त संग्रहित...
वाराणसी. कारगिल विजय दिवस के अवसर पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कृषि विज्ञान संस्थान स्थित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास में शनिवार को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। विवेकानंद डिवाइन लाइफ मिशन (वीडीएलएम) ने वाराणसी हेल्प ग्रुप के सहयोग से आयोजित इस शिविर में कुल 61 यूनिट रक्त संग्रहित किया, जिसे उपचाराधीन जरूरतमंद कैंसर मरीजों के लिए महामना कैंसर सेंटर, वाराणसी को उपलब्ध कराया जाएगा।शिविर के मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. विनोद कुमार मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथि कृषि विज्ञान संकाय के डीन प्रो. सतीश कुमार सिंह रहे। उन्होंने रक्तदान को मानवता की सबसे बड़ी सेवा बताते हुए युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस पर रक्तदान करना देश के वीर सैनिकों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।रक्तदान शिविर में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास, बाल गंगाधर तिलक छात्रावास तथा अन्य संकायों के विद्यार्थियों के साथ रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास की छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। युवाओं के सहयोग से 61 यूनिट रक्त संग्रहित कर कारगिल के शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।कार्यक्रम में छात्रावास के प्रशासनिक वार्डन डॉ. विनोद कुमार त्रिपाठी, वार्डन डॉ. सुधीर कुमार राजपूत, डॉ. निखिल कुमार सिंह, डॉ. अफजल अहमद, डॉ. सैकत माजी, आभा गेस्ट हाउस के वार्डन डॉ. तरुण वर्मा, छात्र सलाहकार प्रो. मनोज कुमार सिंह तथा वाराणसी हेल्प ग्रुप के हिमांशु गुप्ता सहित अनेक शिक्षक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।ALSO READ : वाराणसी में साइबर ठगों के बैंक खाता गैंग का भंडाफोड़, महिला सरगना और पोस्टमैन समेत 6 गिरफ्तार...शिविर के दौरान रक्तदाताओं और स्वयंसेवकों के लिए फल, हल्का नाश्ता, स्वच्छ पेयजल और रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था की गई। समापन पर सभी रक्तदाताओं को वाराणसी हेल्प ग्रुप एवं छात्रावास की ओर से प्रमाण-पत्र, स्टील की बोतल और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया। साथ ही युवाओं को देशभक्ति, महामना मालवीय के आदर्शों और समाजसेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया.